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कडोदरा चार रास्ता पर दो भाइयों के बीच हुआ विवाद, मस्जिद में आपसी समझाइश से हुआ सुलह ब्रेकिंग न्यूज़: कडोदरा चार रास्ता पर दो भाइयों के बीच हुआ विवाद, मस्जिद में आपसी समझाइश से हुआ सुलह कडोदरा, सूरत सूरत के कडोदरा चार रास्ता क्षेत्र में आज दो भाइयों के बीच किसी निजी बात को लेकर अचानक विवाद उत्पन्न हो गया। देखते ही देखते बहस इतनी बढ़ गई कि दोनों के बीच जमकर धक्का-मुक्की और हाथापाई शुरू हो गई। इस घटना के दौरान मार्ग पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
Dileep Kumar yadav
कडोदरा चार रास्ता पर दो भाइयों के बीच हुआ विवाद, मस्जिद में आपसी समझाइश से हुआ सुलह ब्रेकिंग न्यूज़: कडोदरा चार रास्ता पर दो भाइयों के बीच हुआ विवाद, मस्जिद में आपसी समझाइश से हुआ सुलह कडोदरा, सूरत सूरत के कडोदरा चार रास्ता क्षेत्र में आज दो भाइयों के बीच किसी निजी बात को लेकर अचानक विवाद उत्पन्न हो गया। देखते ही देखते बहस इतनी बढ़ गई कि दोनों के बीच जमकर धक्का-मुक्की और हाथापाई शुरू हो गई। इस घटना के दौरान मार्ग पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
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- सूरत जिला के बगुमरा गांव के जोलवा पाटिया पर आने वाले विनायक रेसिडेंसी बिल्डिंग में अचानक शाम को बूमा-बूम हल्ला हो गया लोगों से बातचीत करने पर पता चला कि बिल्डर द्वारा बड़ी मात्रा में मेंटेनेंस तो वसूला जा रहा है पर लोगों को कोई सुविधा नहीं दिया जा रहा है जिसमें 24 घंटे में खाली 2 घंटे पानी की सप्लाई चालू रहती है जिसको लेकर लोगों ने बिल्डर के बिचोलिया को असूल रहे मेंटेनेंस के खिलाफ काफी लोगों ने हल्ला बोल चालू कर दिये ! इसके बाद 112 नंबर पर फोन करके पुलिस बुला लिया गया जिसमें पुलिस ने आश्वासन दिया कि स्थानीय पुलिस स्टेशन में जाकर रिपोर्ट दर्ज करावो तो पुलिस एक्शन लेगी ऐसे में दूर दराज से आए हुए मजदूर वर्ग के लोगों को पानी के किलतों के कारण काफी दिखतों का सामना करना पड़ता है क्या प्रशासन इस पर बिल्डर के खिलाफ ठोस कदम उठाएंगी? और जनता को न्याय मिलेगा ! यह तो मामला पुलिस स्टेशन में दर्ज होने के बाद ही सामने आएगा ! ऐसे में बिल्डर बड़ी-बड़ी इमारत तो खड़ी कर देते हैं पर लोगों को सुविधा देने में पीछे क्यों हट जाते हैं क्या जानता ऐसे ही हैरान परेशान होती रहेगी यह एक गंभीर चर्चा का विषय है सूरत के पलसाना विस्तार से नरेंद्र पटेल की रिपोर्ट1
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- खेड़ा में सरकारी दफ्तर में ही 'समानांतर' चुनाव का पाप!_ खेड़ा | नियम कहता है 'गुप्त मतदान', लेकिन खेड़ा होमगार्ड दफ्तर में चल रहा था 'जबरन मतदान'। एक तरफ चुनाव आयोग निष्पक्षता के दावे करता है, तो दूसरी तरफ सरकारी दफ्तर की चार दीवारी के बीच गत्ते के डिब्बे रखकर लोकतंत्र के चीरहरण की बात सामने आई है। *होमगार्ड दफ्तर या किसी पार्टी का कार्यालय?* आम तौर पर डाक मतपत्र (Ballot Paper) मतदाता को खुद पोस्ट करना होता है, लेकिन खेड़ा जिला होमगार्ड कमांडेंट प्रणव सागर के दफ्तर में कुछ अलग ही खेल चल रहा था: - *जुगाड़ू पोलिंग बूथ:* दफ्तर में गत्ते की मदद से नकली मतदान केंद्र और नकली मतपेटी तैयार की गई। * जवानों को व्यक्तिगत रूप से वोट देने के बजाय वहीं मौजूद रहकर सामूहिक रूप से मतदान करने पर मजबूर किया गया। - - *हुक्म का पालन या दबाव?:* - - आरोप है कि जवानों को किसी खास पार्टी का बटन दबाने का आदेश दिया गया था। क्या यह खाकी पर खाकी का ही जुल्म है? *मैदान में विपक्ष: चिराग परीख ने पोल खोली* वार्ड नं. 6 के कांग्रेस उम्मीदवार चिरागभाई परीख और छायाबेन प्रजापति ने इस 'नकली केंद्र' पर रेड मारकर पूरा मामला मीडिया और चुनाव अधिकारी के सामने लाया है। _"क्या यह प्रशासन की आपराधिक लापरवाही है या किसी बड़े आकाओं के इशारे पर हो रहा घोटाला?"_ – इस सवाल के साथ चिराग परीख ने चुनाव आयोग से जांच की मांग की है। - क्या जिला चुनाव अधिकारी की जानकारी के बिना यह नकली केंद्र बनाया गया? - - गत्ते की मतपेटी में डाले गए वोटों का अब क्या होगा? - - जवानों को धमकाने वाला 'मास्टरमाइंड' कौन है?1
- ભરૂચ બ્રેકિંગ: ઝઘડિયા GIDCની કંપનીમાં ભીષણ આગ, 8 કર્મચારીઓ દાઝ્યા ભરૂચ જિલ્લાના ઔદ્યોગિક હબ ગણાતા ઝઘડિયા GIDCમાં આજે એક મોટી દુર્ઘટના સર્જાઈ છે. અહીં આવેલી **મેટ્રોપોલિટન એક્ઝિમકેમ* કંપનીમાં અચાનક ભીષણ આગ ફાટી નીકળતા સમગ્ર પંથકમાં દોડધામ મચી ગઈ છે. પ્રાથમિક અહેવાલ મુજબ, આ આગની ચપેટમાં આવતા અંદાજે **8 જેટલા કર્મચારીઓ** દાઝ્યા હોવાની માહિતી મળી રહી છે. તમામ ઈજાગ્રસ્ત કર્મચારીઓને તાત્કાલિક અસરથી અંકલેશ્વરની ખાનગી હોસ્પિટલ ખાતે સારવાર માટે ખસેડવામાં આવ્યા છે. આગની તીવ્રતા જોતા GIDCના અનેક ફાયર ટેન્ડરો ઘટનાસ્થળે પહોંચી ગયા છે અને આગ પર કાબૂ મેળવવા માટે યુદ્ધના ધોરણે કામગીરી ચાલી રહી છે. ઘટનાની ગંભીરતાને ધ્યાને રાખી સ્થાનિક વહીવટી તંત્ર અને પોલીસ કાફલો ઘટનાસ્થળે પહોંચી ગયો છે અને બચાવ કામગીરીનું નિરીક્ષણ કરી રહ્યો છે. આગને પગલે કંપનીના પ્લાન્ટમાંથી આકાશમાં ધુમાડાના કાળા ગોટેગોટા ઉડતા જોવા મળ્યા હતા. ભયાનક આગ અને ધુમાડાના દ્રશ્યો જોઈ GIDC વિસ્તારમાં આવેલી અન્ય કંપનીઓના શ્રમિકો અને સ્થાનિક રહીશોમાં ભારે ગભરાટ અને અફરાતફરીનો માહોલ સર્જાયો હતો. હાલ પ્રથમ પ્રાથમિકતા આગને સંપૂર્ણપણે ઓલવવાની અને ઈજાગ્રસ્તોને શ્રેષ્ઠ સારવાર મળે તે જોવાની છે. આગ લાગવાનું ચોક્કસ કારણ હજુ જાણી શકાયું નથી, પરંતુ શોર્ટ સર્કિટ કે કેમિકલ રિએક્શન હોવાની આશંકા સેવાઈ રહી છે. વહીવટી તંત્ર દ્વારા પ્રાથમિક તપાસ બાદ જ સાચું કારણ બહાર આવશે.1
- सूरत के कडोदरा-चलथान कस्बे में लोकल सेल्फ गवर्नमेंट इलेक्शन का माहौल गरमा गया है। BJP कडोदरा म्युनिसिपैलिटी में जीत के लिए कमर कस रही है। डिस्ट्रिक्ट जनरल सेक्रेटरी अंकुर देसाई ने सभी 28 सीटें जीतने का दावा किया है। जानिए क्या है इलेक्शन का लेटेस्ट माहौल। कडोदरा चलथान म्युनिसिपैलिटी में होने वाले इलेक्शन को लेकर BJP ऑर्गनाइजेशन काफी एक्टिव हो गया है। सूरत डिस्ट्रिक्ट BJP जनरल सेक्रेटरी अंकुरभाई देसाई की चेयरमैनशिप में वार्ड नंबर 1 और 2 में एक ज़रूरी मीटिंग हुई। चूंकि चलथान गांव के कडोदरा म्युनिसिपैलिटी में मर्ज होने के बाद यह पहला इलेक्शन है, इसलिए BJP इस एरिया में अपनी पकड़ मजबूत करने की पूरी कोशिश कर रही है और वर्कर्स में काफी जोश है। बाइट: अंकुरभाई देसाई, सूरत डिस्ट्रिक्ट जनरल सेक्रेटरी। एक तरफ वार्ड 6 और 7 में निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत का दावा किया है, तो दूसरी तरफ बीजेपी में जबरदस्त ताकत देखने को मिल रही है। खासकर वार्ड नंबर 6 में बीजेपी 200 से 300 कार्यकर्ताओं के साथ प्रचार कर रही है। विकास के मुद्दों और मजबूत संगठन के साथ बीजेपी इस चुनाव में एकतरफा जीत की ओर बढ़ रही है।1
- खेड़ा | नियम 'सीक्रेट वोटिंग' कहते हैं, लेकिन खेड़ा होम गार्ड ऑफिस में 'जबरन वोटिंग' चल रही थी। एक तरफ चुनाव आयोग निष्पक्षता का दावा करता है, वहीं दूसरी तरफ, यह जानकारी सामने आई है कि सरकारी ऑफिस की चारदीवारी के अंदर कार्डबोर्ड बॉक्स रखकर लोकतंत्र की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। *होम गार्ड ऑफिस या पार्टी ऑफिस?* आमतौर पर वोटर को खुद पोस्टल बैलेट पेपर डालना होता है, लेकिन खेड़ा डिस्ट्रिक्ट होम गार्ड कमांडेंट प्रणव सागर के ऑफिस में कुछ अलग ही खेल चल रहा था: जुगाड़ू पोलिंग बूथ: ऑफिस में कार्डबोर्ड की मदद से नकली पोलिंग स्टेशन और नकली बैलेट बॉक्स तैयार किए गए थे। सामूहिक 'सरेंडर': अकेले वोट देने के बजाय, जवानों को वहां मौजूद रहकर सामूहिक रूप से वोट देने के लिए मजबूर किया गया। आदेश मानना या दबाव?: आरोप है कि जवानों को एक खास पार्टी का बटन दबाने का आदेश दिया गया था। क्या यह खाकी पर खाकी का केस है? *विपक्ष मैदान में: चिराग पारिख ने खोली पोल* वार्ड नंबर 6 के कांग्रेस उम्मीदवार चिरागभाई पारिख और छायाबेन प्रजापति ने इस 'फेक बूथ' पर रेड मारी है और पूरा मामला मीडिया और इलेक्शन ऑफिसर के सामने लाया है। "क्या यह एडमिनिस्ट्रेशन की क्रिमिनल लापरवाही है या कुछ बड़े बॉस के इशारे पर स्कैम?" – इस सवाल के साथ चिराग पारिख ने इलेक्शन कमीशन से जांच की मांग की है। *जांच के सेंटर में मुख्य मुद्दे:* क्या यह फेक बूथ डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन ऑफिसर की जानकारी के बिना बनाया गया था? बैलेट बॉक्स में डाले गए वोटों का क्या होगा? सैनिकों को धमकाने वाला 'मास्टरमाइंड' कौन है? सूरत से नरेंद्र पटेल की रिपोर्ट1