बांका जिले के शंभूगंज प्रखंड अंतर्गत हस्तिनापुर निवासी डॉ. प्रवीण कुमार प्रणव को बेगूसराय में आयोजित 10वें अखिल भारतीय सम्मान समारोह में साहित्य सम्मान से नवाजा गया। एसकेपी विद्या विहार राजपुर प्लस टू आवासीय विद्यालय बांका में जीव विज्ञान शिक्षक, जिला पर्यावरण विशेषज्ञ तथा भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी बांका जिला इकाई प्रबंध समिति सदस्य डॉ. प्रणव को यह सम्मान काव्य हिंदुस्तान अंतर्राष्ट्रीय साहित्य समूह, बिहार द्वारा आयोजित कवि सम्मेलन, पौधा वितरण एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान मिला। इस समारोह में देश के विभिन्न राज्यों से आए साहित्यकारों, कवियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। ईश्वर अस्पताल के निदेशक एवं प्रसिद्ध न्यूरोसर्जन डॉ. संजय कुमार सहित अन्य गणमान्य अतिथियों ने डॉ. प्रणव को अंगवस्त्र, प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह और पौधा भेंट कर सम्मानित किया। सम्मान ग्रहण करने के बाद, डॉ. प्रवीण कुमार प्रणव ने अपनी स्वलिखित पुस्तक 'ब्लड ग्रुप' डॉ. संजय कुमार को भेंट की। उन्होंने इस अवसर पर साहित्य के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि साहित्य केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने और सकारात्मक सोच विकसित करने का एक सशक्त साधन है। उनके अनुसार, साहित्य मनुष्य के जीवन को सरल बनाता है, आपसी दूरियों को कम करता है और समाज में संवेदनशीलता तथा मानवीय मूल्यों को मजबूत करता है। डॉ. प्रणव ने अपने संबोधन में यह भी बताया कि साहित्यिक ध्वनियाँ और रचनाएँ मनुष्य के मस्तिष्क पर सकारात्मक प्रभाव डालती हैं, जिससे मानसिक ऊर्जा का संचार होता है और सकारात्मक विचारों का विकास होता है। उन्होंने कहा कि साहित्य में अदृश्य शक्तियाँ ध्वनि तरंगों के रूप में विद्यमान होती हैं, जो मन और मस्तिष्क को प्रभावित करती हैं। उन्होंने अपने विचार “स्वर ही ईश्वर हैं, इसलिए सर्वेश्वर सर्वत्र हैं” को भी साझा किया, जिसकी वहाँ उपस्थित साहित्यकारों और श्रोताओं ने सराहना की। डॉ. प्रवीण कुमार प्रणव को मिले इस सम्मान पर बांका जिले के शिक्षकों, साहित्य प्रेमियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी और इसे जिले के लिए गौरव की बात बताया।
बांका जिले के शंभूगंज प्रखंड अंतर्गत हस्तिनापुर निवासी डॉ. प्रवीण कुमार प्रणव को बेगूसराय में आयोजित 10वें अखिल भारतीय सम्मान समारोह में साहित्य सम्मान से नवाजा गया। एसकेपी विद्या विहार राजपुर प्लस टू आवासीय विद्यालय बांका में जीव विज्ञान शिक्षक, जिला पर्यावरण विशेषज्ञ तथा भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी बांका जिला इकाई प्रबंध समिति सदस्य डॉ. प्रणव को यह सम्मान काव्य हिंदुस्तान अंतर्राष्ट्रीय साहित्य समूह, बिहार द्वारा आयोजित कवि सम्मेलन, पौधा वितरण एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान मिला। इस समारोह में देश के विभिन्न राज्यों से आए साहित्यकारों, कवियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। ईश्वर अस्पताल के निदेशक एवं प्रसिद्ध न्यूरोसर्जन डॉ. संजय कुमार सहित अन्य गणमान्य अतिथियों ने डॉ. प्रणव को अंगवस्त्र, प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह और पौधा भेंट कर सम्मानित किया। सम्मान ग्रहण करने के बाद, डॉ. प्रवीण कुमार प्रणव ने अपनी स्वलिखित पुस्तक 'ब्लड ग्रुप' डॉ. संजय कुमार को भेंट की। उन्होंने इस अवसर पर साहित्य के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि साहित्य केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने और सकारात्मक सोच विकसित करने का एक सशक्त साधन है। उनके अनुसार, साहित्य मनुष्य के जीवन को सरल बनाता है, आपसी दूरियों को कम करता है और समाज में संवेदनशीलता तथा मानवीय मूल्यों को मजबूत करता है। डॉ. प्रणव ने अपने संबोधन में यह भी बताया कि साहित्यिक ध्वनियाँ और रचनाएँ मनुष्य के मस्तिष्क पर सकारात्मक प्रभाव डालती हैं, जिससे मानसिक ऊर्जा का संचार होता है और सकारात्मक विचारों का विकास होता है। उन्होंने कहा कि साहित्य में अदृश्य शक्तियाँ ध्वनि तरंगों के रूप में विद्यमान होती हैं, जो मन और मस्तिष्क को प्रभावित करती हैं। उन्होंने अपने विचार “स्वर ही ईश्वर हैं, इसलिए सर्वेश्वर सर्वत्र हैं” को भी साझा किया, जिसकी वहाँ उपस्थित साहित्यकारों और श्रोताओं ने सराहना की। डॉ. प्रवीण कुमार प्रणव को मिले इस सम्मान पर बांका जिले के शिक्षकों, साहित्य प्रेमियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी और इसे जिले के लिए गौरव की बात बताया।
- शुक्रवार को बौंसी रेफरल अस्पताल परिसर में बाल श्रम जैसी सामाजिक कुरीति के खिलाफ जन जागरूकता को मजबूत करने के उद्देश्य से एक विशेष शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किया गया।1
- बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश कुमार तिवारी ने बांका जिले के बेलहर प्रखंड कार्यालय सभागार में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक की, जहाँ उन्होंने अधिकारियों की कार्यशैली का जायजा लिया। इस दौरान मंत्री ने जिला शिक्षा पदाधिकारी से विभाग की पाँच प्रमुख उपलब्धियों और पाँच अधूरे कार्यों की विस्तृत जानकारी माँगी, जिससे शिक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति को समझा जा सके और सभागार में गंभीरता का माहौल छा गया। बैठक में शिक्षक-अभिभावक संवाद को सशक्त बनाने, स्कूल भवनों की गुणवत्ता की जाँच करने तथा शिक्षा व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाने पर विशेष बल दिया गया। इसके अतिरिक्त, जल्द ही शुरू होने वाले “समाधान पोर्टल” के बारे में भी जानकारी दी गई, जिसका लक्ष्य शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों की समस्याओं का त्वरित निवारण करना है। इस समीक्षा बैठक में बेलहर विधायक मनोज यादव, भाजपा जिला अध्यक्ष विक्की मिश्रा, समाजसेवी ओमप्रकाश गुप्ता के साथ-साथ शिक्षा विभाग के अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।1
- बांका जिले के आईटीआई कैंपस तेलिया में ग्लोबल वेद फाउंडेशन द्वारा एक दिवसीय रोजगार मेले का आयोजन किया गया, जिसमें जिले के विभिन्न प्रखंडों और ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में युवक-युवतियां रोजगार की उम्मीद लेकर पहुँचे। पूरे दिन कैंपस परिसर में अभ्यर्थियों की भीड़ और उत्साह का माहौल देखा गया। इस मेले का मुख्य उद्देश्य जिले के बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में आगे बढ़ाना था। इस आयोजन में कुल 594 अभ्यर्थियों ने भाग लिया, जो युवाओं के बीच रोजगार के प्रति बढ़ती जागरूकता को दर्शाता है। आयोजकों के अनुसार, भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता स्नातक निर्धारित की गई थी, जिसके कारण बड़ी संख्या में ग्रेजुएट युवा नौकरी पाने की आशा के साथ मेले में पहुँचे। जानकारी के मुताबिक, कुल 44 रिक्त पदों के लिए चयन प्रक्रिया आयोजित की गई, जिसमें 22 लड़कों और 22 लड़कियों का चयन किया जाना है। इस दौरान अभ्यर्थियों के इंटरव्यू, दस्तावेजों की जाँच और अन्य आवश्यक प्रक्रियाएँ पूरी की गईं। रोजगार मेले में शामिल युवाओं ने इसे अपने भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर बताया। उनका कहना था कि ऐसे आयोजन ग्रामीण और दूर-दराज के क्षेत्रों के युवाओं को भी रोजगार पाने का बेहतर मंच प्रदान करते हैं। जिला नियोजन पदाधिकारी ने जानकारी दी कि रोजगार मेलों के माध्यम से युवाओं को रोजगार से जोड़ने और उनकी प्रतिभा को सही दिशा देने का प्रयास किया जा रहा है। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद सफल अभ्यर्थियों की सूची जारी की जाएगी, और बांका में आयोजित इस रोजगार मेले ने सैकड़ों युवाओं को रोजगार की नई उम्मीद दी है। अब सभी की निगाहें चयनित अभ्यर्थियों की सूची पर टिकी हैं।1
- बिहार के भागलपुर जिले में स्थित गोराडीह थाना प्रभारी पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पोस्ट के अनुसार, थाना प्रभारी भूमि माफिया के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं, बल्कि गरीब परिवारों को परेशान कर रहे हैं और उनसे 10 लाख रुपये की मोटी रकम की मांग कर रहे हैं। इस मामले को गरीब परिवार के साथ हुई गंभीर नाइंसाफी बताया गया है और कहा गया है कि उन्हें अभी तक कोई इंसाफ नहीं मिला है। इस संबंध में माननीय सम्राट चौधरी जी से अपील की गई है कि माफिया को कड़ी सजा दी जाए और गरीब को इंसाफ मिले। साथ ही, बिहार पुलिस से भी निवेदन किया गया है कि वे इस पूरे मामले में जागरूक होकर कार्रवाई करें, क्योंकि पीड़ित पक्ष कानून के दायरे में रहते हुए न्याय की उम्मीद कर रहा है।1
- बनौली गांव में एक भैंस की जान बिजली के चपेट में आने से चली गई।1
- हरपुर थाना क्षेत्र के बेलबिहमा गांव में जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच मारपीट हुई। सूचना मिलने पर हरपुर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया, हालांकि इस घटना में किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है। थानाध्यक्ष सत्यम कुमार ने जानकारी दी कि जमीन विवाद के चलते दोनों पक्षों में कहासुनी के बाद यह मारपीट हुई थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार लोगों में पहले पक्ष से रमेश उर्फ सोनू कुमार और पंकज कुमार, जबकि दूसरे पक्ष से अशोक यादव, विनय यादव और अनंत यादव शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि इस घटना के संबंध में किसी भी पक्ष द्वारा लिखित आवेदन नहीं दिया गया है। क्षेत्र में शांति और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से, सभी आरोपितों को बीएनएसएस की धारा 170 के तहत अनुमंडल पदाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है। वहां धारा 126 के तहत बांड भरवाकर उन्हें छोड़ा जाएगा। पुलिस ने भविष्य में ऐसी घटनाओं पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।1
- झारखंड के गोड्डा जिले के महगामा स्थित लोगाय पंचायत में विकास कार्य नहीं होने से ग्रामीणों में भारी नाराज़गी देखी जा रही है। विकास कार्यों की अनदेखी को लेकर स्थानीय लोगों ने अब अपनी आवाज़ उठाई है, जिससे क्षेत्र में गहरा असंतोष व्याप्त है।1
- अमरपुर के निवासियों को एक बड़ी राहत मिली है, जिसके तहत अब वे अपने दूसरे एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग 25 दिनों के बाद ही कर सकेंगे।1