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नगर पंचायत लंभुआ कस्बे के ब्लॉक रोड और ईदगाह में प्रातः 7:00 बजे बकरीद की नमाज अदा की गई। इस दौरान हजारों की संख्या में लोग नमाज में शामिल हुए, जो पूरी तरह से शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। नमाज के दौरान शासन-प्रशासन की ओर से उत्कृष्ट व्यवस्था की गई थी। मौके पर उपजिलाधिकारी लंभुआ, क्षेत्राधिकार लंभुआ और थाना अध्यक्ष लंभुआ सहित भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। सुरक्षा व्यवस्था के बीच लोगों ने एक-दूसरे को गले मिलकर बधाई दी।
Vimlesh kumar
नगर पंचायत लंभुआ कस्बे के ब्लॉक रोड और ईदगाह में प्रातः 7:00 बजे बकरीद की नमाज अदा की गई। इस दौरान हजारों की संख्या में लोग नमाज में शामिल हुए, जो पूरी तरह से शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। नमाज के दौरान शासन-प्रशासन की ओर से उत्कृष्ट व्यवस्था की गई थी। मौके पर उपजिलाधिकारी लंभुआ, क्षेत्राधिकार लंभुआ और थाना अध्यक्ष लंभुआ सहित भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। सुरक्षा व्यवस्था के बीच लोगों ने एक-दूसरे को गले मिलकर बधाई दी।
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- उत्तर प्रदेश के लखीमपुर से एक अनोखी खबर सामने आई है, जिसमें दो बाघों के बीच हुई लड़ाई कैमरे में रिकॉर्ड हो गई।1
- सुलतानपुर/कादीपुर से मिली जानकारी के अनुसार, महंत हूंकार दास ने सरकारी गौशालाओं की दयनीय स्थिति पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि कई स्थानों पर गौशालाओं में गोवंशों को न तो पर्याप्त चारा मिल रहा है और न ही पीने के पानी की उचित व्यवस्था है, जिसके कारण उनकी हालत बेहद खराब है। महंत हूंकार दास ने आरोप लगाया कि सरकार ने गौ सेवा का दायित्व ऐसे व्यक्तियों को सौंप दिया है, जिन्हें गौ माता की पीड़ा और सेवा के भाव से कोई सरोकार नहीं है। उन्होंने आगे बताया कि अनेक गौशालाओं में निर्माण कार्य घटिया स्तर का हुआ है, जिससे बारिश और धूप से बचाव की समुचित व्यवस्था नहीं है। पानी के नाम पर केवल गड्ढे और नालियां ही बनाई गई हैं, जिनमें अक्सर पानी उपलब्ध नहीं होता। उन्होंने भावनात्मक रूप से कहा कि गौ माता चारे और पानी के अभाव में तड़प रही हैं, और कई जगहों पर गोवंशों की मौत होने पर उन्हें जेसीबी से दफना दिया जाता है, जो गौ माता के प्रति क्रूरता है। महंत ने अपनी बात रखते हुए कहा कि जहां एक ओर देशभर के धार्मिक और गौसेवा संगठन दिन-रात गौ संरक्षण में जुटे हैं, वहीं सरकारी व्यवस्थाओं ने उनकी आशाओं को तोड़ दिया है। उन्होंने मांग की कि गौशालाओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए और इस बदहाली के लिए जिम्मेदार दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही, उन्होंने सामाजिक सौहार्द पर भी बल दिया और कहा कि रहीम और रसखान जैसी परंपराएं हमारी साझा संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि समाज को जाति और धर्म के आधार पर बांटने का प्रयास नहीं होना चाहिए, बल्कि सभी समुदायों को एकजुट होकर गौ संरक्षण और देशहित के कार्यों में योगदान देना चाहिए। अंत में, महंत हूंकार दास ने सरकार से गोवंश संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने और गौ माता को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की अपील की। उन्होंने लोगों से भी गौ सेवा और संरक्षण के लिए आगे आने का आह्वान करते हुए 'जय गौ माता, जय हिंद, जय भारत, वंदे मातरम्' का संदेश दिया।2
- सुल्तानपुर जिले में गुरुवार देर रात अचानक मौसम ने करवट ली, जहाँ तेज आंधी और तूफान के साथ हुई बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत पहुँचाई। पिछले कई दिनों से जिले का तापमान लगभग 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच रहा था, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया था और लोग दिनभर चल रही गर्म हवाओं व उमस भरी तपिश से बेहाल थे। गुरुवार रात तेज हवाओं के साथ शुरू हुई इस बारिश से मौसम सुहाना हो गया। कई इलाकों में देर रात तक बूंदाबांदी होती रही, जबकि शुक्रवार सुबह भी आसमान में बादल छाए रहे और हल्की बारिश दर्ज की गई, जिससे लोगों ने मौसम में आई इस अचानक नरमी पर राहत की साँस ली। हालांकि, इस तेज आंधी के कारण कुछ स्थानों पर पेड़ों की डालियां टूटने और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की भी जानकारी सामने आई है। मौसम विभाग ने पहले ही 28, 29 और 30 मई के लिए आंधी, तेज हवाओं और बारिश का अलर्ट जारी किया था, जो अब सही साबित होता दिखाई दे रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक मौसम में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।1
- अब मुसलमान भी इस बात को समझ चुके हैं कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करना अत्यंत आवश्यक है। यह कदम इसलिए उठाया जाना चाहिए ताकि अपराधों को रोका जा सके और मुस्लिम समुदाय अपनी बदनामी से बच सके। इसके साथ ही, यह भी स्पष्ट किया गया है कि पूरे भारत के सभी बूचड़खानों को बंद किया जाए, जिससे देश से बाहर होने वाला बीफ का निर्यात पूरी तरह से रुक जाए।1
- राष्ट्रीय राजमार्ग 731 पर स्थित लम्भुआ बाईपास के समीप डकाही गेट के पास एक बीएमडब्ल्यू कार अचानक नीलगाय के सामने आने के कारण दुर्घटनाग्रस्त हो गई। यह हादसा तब हुआ जब कार में सवार एक दांपत्य लखनऊ से वाराणसी की ओर जा रहा था। टक्कर इतनी तेज़ थी कि गाड़ी का बोनट बुरी तरह मुड़ गया। गनीमत यह रही कि इस दुर्घटना में किसी भी तरह की जान हानि नहीं हुई। कार में लगे सभी छह एयरबैग समय पर खुल गए, जिसकी वजह से कार सवार दंपत्ति को खरोंच तक नहीं आई और वे पूरी तरह सुरक्षित बच गए।3