धार जिले की गंधवानी पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए अवैध हथियारों की एक गोपनीय ‘फैक्ट्री’ का भंडाफोड़ किया है। 29 मई 2026 की शाम करीब 06:30 बजे की गई इस दबिश में एक अंतर्राज्यीय अपराधी रोहित को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया, जिसके घर के पीछे बड़े पैमाने पर देसी पिस्टल और अन्य हथियार बनाए जा रहे थे। पुलिस को धार एसपी सचिन शर्मा से मिली पुख्ता सूचना के आधार पर एसडीओपी ब्रजेश मालवीय के निर्देशन में गंधवानी टीआई प्रदीप खन्ना ने एक विशेष टीम गठित कर ग्राम बारिया की ब्लॉक कॉलोनी में छापेमारी की। दबिश के दौरान 25 वर्षीय रोहित, पिता भजनसिंह बरनाला (जाति सिकलीगर) को पकड़ा गया। मौके से भारी मात्रा में अर्ध-निर्मित पिस्टल, तीन जिंदा कारतूस, 23 बैरल नली, 21 बैरल कवर, 11 पिस्टल सांचे, चार मैगजीन सांचे, तीन स्प्रिंग, पिस्टल स्क्रू व छोटी स्प्रिंग सहित हथियार बनाने की अन्य सामग्री जब्त की गई। इसके अतिरिक्त, दो ग्लाइडर मशीन, 22 ग्लाइडर पत्तियां, एक पंखा, तीन हथौड़ी, दो संडासी, छह रेती, दो छेनी, तीन छोटे सुवे, एक आरी, एक बोर नापने का माप और एक लोहे का सांचा (ठिया) भी बरामद हुआ, जो बड़े पैमाने पर हथियार निर्माण का सबूत है। काम करते वक्त आँखों की सुरक्षा के लिए रखे गए दो चश्मे भी मिले। उप-निरीक्षक नीरज कोचले ने बताया कि गिरफ्तार रोहित बरनाला एक शातिर अंतर्राज्यीय अपराधी है, जो सिर्फ हथियार बनाता ही नहीं था, बल्कि उत्तर प्रदेश के जालौन में भी एक बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम दे चुका था और वहाँ वांछित था। गंधवानी थाने में आरोपी रोहित बरनाला के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25(1), 25(1-AA) और 27 के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अब उससे यह जानने के लिए गहन पूछताछ कर रही है कि वह ये हथियार किन-किन राज्यों में और किन गैंग्स को सप्लाई करने वाला था, तथा इस अवैध रैकेट में कौन-कौन लोग शामिल हैं।
धार जिले की गंधवानी पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए अवैध हथियारों की एक गोपनीय ‘फैक्ट्री’ का भंडाफोड़ किया है। 29 मई 2026 की शाम करीब 06:30 बजे की गई इस दबिश में एक अंतर्राज्यीय अपराधी रोहित को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया, जिसके घर के पीछे बड़े पैमाने पर देसी पिस्टल और अन्य हथियार बनाए जा रहे थे। पुलिस को धार एसपी सचिन शर्मा से मिली पुख्ता सूचना के आधार पर एसडीओपी ब्रजेश मालवीय के निर्देशन में गंधवानी टीआई प्रदीप खन्ना ने एक विशेष टीम गठित कर ग्राम बारिया की ब्लॉक कॉलोनी में छापेमारी की। दबिश के दौरान 25 वर्षीय रोहित, पिता भजनसिंह बरनाला (जाति सिकलीगर) को पकड़ा गया। मौके से भारी मात्रा में अर्ध-निर्मित पिस्टल, तीन जिंदा कारतूस, 23 बैरल नली, 21 बैरल कवर, 11 पिस्टल सांचे, चार मैगजीन सांचे, तीन स्प्रिंग, पिस्टल स्क्रू व छोटी स्प्रिंग सहित हथियार बनाने की अन्य सामग्री जब्त की गई। इसके अतिरिक्त, दो ग्लाइडर मशीन, 22 ग्लाइडर पत्तियां, एक पंखा, तीन हथौड़ी, दो संडासी, छह रेती, दो छेनी, तीन छोटे सुवे, एक आरी, एक बोर नापने का माप और एक लोहे का सांचा (ठिया) भी बरामद हुआ, जो बड़े पैमाने पर हथियार निर्माण का सबूत है। काम करते वक्त आँखों की सुरक्षा के लिए रखे गए दो चश्मे भी मिले। उप-निरीक्षक नीरज कोचले ने बताया कि गिरफ्तार रोहित बरनाला एक शातिर अंतर्राज्यीय अपराधी है, जो सिर्फ हथियार बनाता ही नहीं था, बल्कि उत्तर प्रदेश के जालौन में भी एक बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम दे चुका था और वहाँ वांछित था। गंधवानी थाने में आरोपी रोहित बरनाला के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25(1), 25(1-AA) और 27 के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अब उससे यह जानने के लिए गहन पूछताछ कर रही है कि वह ये हथियार किन-किन राज्यों में और किन गैंग्स को सप्लाई करने वाला था, तथा इस अवैध रैकेट में कौन-कौन लोग शामिल हैं।
- धार भोज अस्पताल से सरकारी 108 एम्बुलेंस के कर्मचारियों को मरीजों को उनके घर छोड़ने के लिए रिश्वत लेते हुए कैमरे में कैद किया गया है। यह घटना सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में कथित भ्रष्टाचार को उजागर करती है, जहाँ निःशुल्क सेवा प्रदान करने वाले कर्मचारी खुलेआम मरीजों से पैसों की मांग कर रहे हैं। इस घटना ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या इन कर्मचारियों को शासन द्वारा रिश्वत लेने की छूट दी गई है, या फिर यह पूरी तरह से अस्पताल प्रशासन की मिलीभगत का परिणाम है। लोगों द्वारा इस बात पर भी जोर दिया जा रहा है कि सरकार को ऐसे कृत्यों में शामिल दोषियों के खिलाफ तत्काल और सख्त कार्यवाही करनी चाहिए।2
- महू तहसील के ग्राम भिचोली में जोरदार बारिश दर्ज की गई है। इसके साथ ही, आस-पास के अन्य ग्रामीण क्षेत्रों से भी बारिश होने के समाचार प्राप्त हुए हैं।1
- लोन दिलाने के बहाने 4 लाख रुपये की कथित ठगी का एक मामला सामने आया है, जिसमें पीड़ित ने न्याय की गुहार लगाई है। इस घटना को हुए 18 महीने से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन मामले की जांच अभी भी जारी है। पीड़ित ने पुलिस की कार्रवाई और पूरी जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं।1
- इंदौर के छावनी क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण के लिए हाल ही में हुई तोड़फोड़ की कार्रवाई के विरोध में शनिवार को जनहित पार्टी और प्रभावित रहवासियों ने एक ‘न्याय रैली’ निकालकर प्रदर्शन किया। इस रैली में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, व्यापारी और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए, जिन्होंने नगर निगम और प्रशासन पर आरोप लगाया कि यह कार्रवाई बिना पर्याप्त मुआवजा, सहमति और उचित नोटिस दिए की गई है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण के दौरान कई मकानों और दुकानों को नुकसान पहुंचा है। स्थानीय रहवासियों को अपना सामान व्यवस्थित रूप से हटाने का पर्याप्त समय नहीं मिला, और कुछ लोगों ने यह भी दावा किया कि निर्धारित सीमा से अधिक हिस्से में तोड़फोड़ की गई, जिससे उनका आर्थिक नुकसान बढ़ गया। जनहित पार्टी के नेताओं ने आरोप लगाया कि विकास कार्यों के नाम पर लोगों के घर और रोजगार प्रभावित किए जा रहे हैं, जबकि उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं सुना जा रहा। रैली में प्रभावित परिवारों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर विरोध दर्ज कराया, वहीं क्षेत्र में लगे व्यंग्यात्मक पोस्टरों पर भी चर्चा हुई, जो प्रशासन की कार्रवाई पर टिप्पणी कर रहे थे। लोगों की शिकायत है कि तोड़फोड़ के बाद भी कई स्थानों पर मलबा पड़ा है, जिससे परेशानी बनी हुई है। जनहित पार्टी ने मांग की है कि प्रभावित मकान मालिकों और दुकानदारों को बाजार मूल्य के अनुसार उचित मुआवजा दिया जाए और एक स्पष्ट पुनर्वास नीति बनाई जाए। पार्टी ने यह भी सुनिश्चित करने की मांग की कि भविष्य में किसी भी विकास परियोजना को लागू करने से पहले स्थानीय लोगों की सहमति ली जाए। दूसरी ओर, प्रशासन ने कहा है कि सड़क चौड़ीकरण की यह कार्रवाई जनहित और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से की जा रही है। इस पूरे मामले को लेकर शहर में राजनीतिक और सामाजिक बहस लगातार तेज हो रही है।2
- इंदौर के थाना राजेंद्र नगर क्षेत्र स्थित चोईथराम मंडी परिसर में आज पुलिस और व्यापारियों के बीच एक जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और मंडी क्षेत्र में असामाजिक तत्वों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना था। इसमें पुलिस उपायुक्त जोन-1 नगरीय इंदौर श्री नरेंद्र सिंह रावत, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त जोन-1 श्री समित केरकेट्टा और थाना प्रभारी यशवंत बडोले सहित राजेंद्र नगर मंडी सचिव ओ पी खेड़े उपस्थित रहे। बैठक में मंडी व्यापारी वर्ग, सुरक्षा गार्ड, मंडी समिति सदस्य और हम्माल संघ के पदाधिकारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। जनसंवाद के दौरान, मंडी क्षेत्र में होने वाली घटनाओं की रोकथाम, सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने तथा असामाजिक तत्वों पर प्रभावी नियंत्रण को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। पुलिस उपायुक्त महोदय ने मंडी सचिव ओ पी खेड़े और सुरक्षा गार्डों को निर्देश दिए कि मंडी परिसर में संचालित दुकानों और होटलों को रात में निर्धारित समय पर बंद कराना सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, मंडी परिसर को संवेदनशील क्षेत्र मानते हुए नियमित और सघन चेकिंग तथा निगरानी करने के निर्देश भी दिए गए। यह भी निर्देशित किया गया कि मंडी परिसर में काम करने वाले हर व्यक्ति का सत्यापन और पहचान सुनिश्चित करने के बाद ही उन्हें कार्य पर रखा जाए, जिससे किसी भी संदिग्ध गतिविधि या आपराधिक घटना को नियंत्रित किया जा सके। पुलिस अधिकारियों ने व्यापारियों और मंडी से जुड़े सभी लोगों से बेहतर समन्वय, पारदर्शिता और आपसी सहयोग के साथ काम करने की अपील की। इसके अतिरिक्त, किसी भी संदिग्ध गतिविधि या घटना की सूचना तत्काल थाना राजेंद्र नगर पुलिस को देने का आग्रह किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित व्यापारियों और अन्य सदस्यों ने पुलिस प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।1
- इंदौर के बाणगंगा थाना क्षेत्र में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक युवती फर्जी 'क्रेडिट लीफ' नाम का लोन ऐप डाउनलोड करने के बाद लाखों की ठगी का शिकार हुई। मात्र 40 हजार रुपये के 7 दिन के लोन के बदले में, ठगों ने ब्लैकमेलिंग के जरिए उससे चार से साढ़े चार लाख रुपये तक वसूल लिए। दरअसल, ऐप की छिपी हुई शर्तों और परमिशंस का दुरुपयोग कर ठगों ने युवती का पूरा मोबाइल डेटा हैक कर लिया। इसके बाद उन्होंने उसके निजी फोटो, वीडियो और फोन कॉन्टेक्ट्स पर कब्जा जमा लिया। युवती को लगातार धमकियां और गालियां दी गईं, और उसके रिश्तेदारों को अश्लील तस्वीरें बनाकर भेजी गईं। सामाजिक बदनामी का डर दिखाकर लगातार पैसों की मांग की जाती रही, जिससे पीड़िता मानसिक रूप से टूट गई। शर्म और भय के कारण वह शुरू में चुप रही, लेकिन जब वसूली की रकम लाखों में पहुँच गई और मानसिक उत्पीड़न असहनीय हो गया, तब उसने हिम्मत जुटाकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी डिजिटल एविडेंस इकट्ठा करना शुरू कर दिया है और आरोपियों की तलाश जारी है। जांच में यह भी सामने आया है कि फर्जी ऑनलाइन लोन ऐप्स का यह गिरोह पहले मोबाइल का डेटा चुराता है और फिर उसी के आधार पर दबाव बनाकर भारी-भरकम रकम वसूलता है। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि आसान लोन के लालच में लोग किस तरह साइबर अपराधियों के निशाने पर आ जाते हैं।1
- इंदौर अभिभाषक संघ के आगामी चुनाव में उपाध्यक्ष पद के लिए अधिवक्ता संतोष सिंह ठाकुर ने अपनी दावेदारी की घोषणा कर दी है। उन्होंने 'आपका विश्वास, हमारा संकल्प' के ध्येय वाक्य के साथ चुनावी मैदान में कदम रखा है।1
- बदनावर में स्थित काश्यप स्वीटनर्स कंपनी में आग लग गई, जिसके चलते एक ट्राला जलकर खाक हो गया। बताया जा रहा है कि यह कंपनी सरकार में मंत्री चैतन्य काश्यप की है। घटना की सूचना मिलने के बाद, चार दमकलों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आग पर पूरी तरह से नियंत्रण पा लिया।1