बाल श्रम उन्मूलन को लेकर जिला प्रशासन सख्त पुनर्वास पर विशेष जोर टास्क फोर्स की आम बैठक संपन्न हर विमुक्त बाल श्रमिक तक पहुंचे* *योजनाओं का* *लाभ- जिलाधिकारी* *जागरूकता अभियान से* *बाल श्रम पर लगेगी* *प्रभावी रोक: जिलाधिकारी* *मधुबनी, दिनांक —13* *अप्रैल2026* जिला पदाधिकारी आनंद शर्मा की अध्यक्षता में कार्यालय कक्ष में बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 के अंतर्गत विमुक्त कराए गए बाल एवं किशोर श्रमिकों के आर्थिक एवं सामाजिक पुनर्वास के उद्देश्य से गठित जिला स्तरीय टास्क फोर्स की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य कार्य योजना 2017 के अंतर्गत निर्धारित प्रावधानों की विस्तृत समीक्षा की गई तथा यह सुनिश्चित करने पर बल दिया गया कि प्रत्येक विमुक्त बाल श्रमिक को समुचित संरक्षण एवं पुनर्वास के अवसर उपलब्ध हों। श्रम अधीक्षक ने बताया कि वर्ष 2025/26में कुल 39 बच्चों को विमुक्त करवाया गया जिनमें 31बच्चे विभिन्न स्कूलों में नामांकित है,4बच्चे अपने माता पिता के साथ दूसरे राज्य में चले गए है,4बच्चे जिले के बाहर के है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष 31 दोषी नियोजकों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है। *धावादल के कार्यों की* *सराहना, सुदूर क्षेत्रों में* *अभियान तेज करने का* *निर्देश* जिलाधिकारी ने श्रम संसाधन विभाग के नेतृत्व में संचालित धावादल के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि बाल श्रम उन्मूलन के लिए यह अभियान अत्यंत प्रभावी साबित हो रहा है। उन्होंने निर्देश दिया कि धावादल की गतिविधियों को सुदूरवर्ती एवं ग्रामीण क्षेत्रों में और अधिक सघनता के साथ संचालित किया जाए, ताकि किसी भी स्तर पर बाल श्रम की घटनाएं छिप न सकें। साथ ही, अपर समाहर्ता को निर्देशित किया गया कि श्रम विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई विमुक्त बाल श्रमिकों की सूची का सत्यापन शीघ्र कराया जाए तथा भूमिहीन परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर वास योग्य भूमि उपलब्ध कराई जाए, जिससे उनके जीवन स्तर में स्थायी सुधार हो सके। सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश बैठक में जिलाधिकारी ने जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, सिविल सर्जन, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (मनरेगा) तथा निदेशक, DRDA को स्पष्ट निर्देश दिया कि विमुक्त बाल श्रमिकों के अभिभावकों को प्राथमिकता के आधार पर संबंधित विभागीय योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार एवं खाद्य सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं का समुचित लाभ मिलने पर ही बाल श्रम की पुनरावृत्ति को रोका जा सकता है। बाल श्रम उन्मूलन के लिए जागरूकता अभियान पर विशेष जोर बैठक में यह निर्णय लिया गया कि बाल श्रम को जड़ से समाप्त करने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसके अंतर्गत ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में प्रचार-प्रसार, जनसंवाद कार्यक्रम तथा स्वयंसेवी संस्थाओं (NGO) के सहयोग से समाज के अंतिम व्यक्ति तक जागरूकता संदेश पहुँचाया जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि बाल श्रम केवल कानूनी नहीं, बल्कि सामाजिक समस्या भी है, जिसके समाधान के लिए समाज के सभी वर्गों की सहभागिता आवश्यक है। समग्र विकास के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने दोहराया कि जिला प्रशासन बाल एवं किशोर श्रमिकों के पुनर्वास के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है तथा इस दिशा में सभी संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे को शिक्षा, सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन का अधिकार है, और इसे सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उक्त बैठक में श्रम अधीक्षक,सहायक निर्देशक सामाजिक सुरक्षा,पुलिस उपाधीक्षक सहित डीएलएसए के प्रतिनिधि,चाइल्ड हेल्पलाइन के सदस्य आदि उपस्थित थे।
बाल श्रम उन्मूलन को लेकर जिला प्रशासन सख्त पुनर्वास पर विशेष जोर टास्क फोर्स की आम बैठक संपन्न हर विमुक्त बाल श्रमिक तक पहुंचे* *योजनाओं का* *लाभ- जिलाधिकारी* *जागरूकता अभियान से* *बाल श्रम पर लगेगी* *प्रभावी रोक: जिलाधिकारी* *मधुबनी, दिनांक —13* *अप्रैल2026* जिला पदाधिकारी आनंद शर्मा की अध्यक्षता में कार्यालय कक्ष में बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 के अंतर्गत विमुक्त कराए गए बाल एवं किशोर श्रमिकों के आर्थिक एवं सामाजिक पुनर्वास के उद्देश्य से गठित जिला स्तरीय टास्क फोर्स की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य कार्य योजना 2017 के अंतर्गत निर्धारित प्रावधानों की विस्तृत समीक्षा की गई तथा यह सुनिश्चित करने पर बल दिया गया कि प्रत्येक विमुक्त बाल श्रमिक को समुचित संरक्षण एवं पुनर्वास के अवसर उपलब्ध हों। श्रम अधीक्षक ने बताया कि वर्ष 2025/26में कुल 39 बच्चों
को विमुक्त करवाया गया जिनमें 31बच्चे विभिन्न स्कूलों में नामांकित है,4बच्चे अपने माता पिता के साथ दूसरे राज्य में चले गए है,4बच्चे जिले के बाहर के है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष 31 दोषी नियोजकों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है। *धावादल के कार्यों की* *सराहना, सुदूर क्षेत्रों में* *अभियान तेज करने का* *निर्देश* जिलाधिकारी ने श्रम संसाधन विभाग के नेतृत्व में संचालित धावादल के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि बाल श्रम उन्मूलन के लिए यह अभियान अत्यंत प्रभावी साबित हो रहा है। उन्होंने निर्देश दिया कि धावादल की गतिविधियों को सुदूरवर्ती एवं ग्रामीण क्षेत्रों में और अधिक सघनता के साथ संचालित किया जाए, ताकि किसी भी स्तर पर बाल श्रम की घटनाएं छिप न सकें। साथ ही, अपर समाहर्ता को निर्देशित किया गया कि श्रम विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई विमुक्त बाल श्रमिकों
की सूची का सत्यापन शीघ्र कराया जाए तथा भूमिहीन परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर वास योग्य भूमि उपलब्ध कराई जाए, जिससे उनके जीवन स्तर में स्थायी सुधार हो सके। सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश बैठक में जिलाधिकारी ने जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, सिविल सर्जन, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (मनरेगा) तथा निदेशक, DRDA को स्पष्ट निर्देश दिया कि विमुक्त बाल श्रमिकों के अभिभावकों को प्राथमिकता के आधार पर संबंधित विभागीय योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार एवं खाद्य सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं का समुचित लाभ मिलने पर ही बाल श्रम की पुनरावृत्ति को रोका जा सकता है। बाल श्रम उन्मूलन के लिए जागरूकता अभियान पर विशेष जोर बैठक में यह निर्णय लिया गया कि बाल श्रम को जड़ से समाप्त करने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
इसके अंतर्गत ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में प्रचार-प्रसार, जनसंवाद कार्यक्रम तथा स्वयंसेवी संस्थाओं (NGO) के सहयोग से समाज के अंतिम व्यक्ति तक जागरूकता संदेश पहुँचाया जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि बाल श्रम केवल कानूनी नहीं, बल्कि सामाजिक समस्या भी है, जिसके समाधान के लिए समाज के सभी वर्गों की सहभागिता आवश्यक है। समग्र विकास के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने दोहराया कि जिला प्रशासन बाल एवं किशोर श्रमिकों के पुनर्वास के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है तथा इस दिशा में सभी संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे को शिक्षा, सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन का अधिकार है, और इसे सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उक्त बैठक में श्रम अधीक्षक,सहायक निर्देशक सामाजिक सुरक्षा,पुलिस उपाधीक्षक सहित डीएलएसए के प्रतिनिधि,चाइल्ड हेल्पलाइन के सदस्य आदि उपस्थित थे।
- मधुबनी में नशा मुक्ति को लेकर जिला प्रशासन ने व्यापक अभियान की शुरुआत कर दी है। सोमवार को समाहरणालय से जुड़े इस अभियान के तहत शहर के शंकर चौक से समाहरणालय परिसर तक एक विशाल जागरूकता रैली निकाली गई। 📢 अपील बिहार में शराब का व्यापार और सेवन पूर्णतः अवैध है। इससे संबंधित जानकारी टोल फ्री नंबर 15545, 18003456268 या जिला नियंत्रण कक्ष 06276-222576 पर दें। आपकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी।1
- Post by LAXMI SAH RADHA KRISHNA JEWELLERS1
- जिला प्रशासन, मधुबनी एवं मधुबनी केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को मधुबनी शहर के शंकर चौक से समाहरणालय परिसर तक नशा मुक्ति विशेषकर सूखा नशा मुक्ति अभियान के तहत जागरूकता रैली निकाली गई।* *जिसमें सूखा नशा के उन्मूलन हेतु बैनर-पोस्टर एवं हाथों में तख्ती लिए हुए सैकड़ो की संख्या में मधुबनी केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के सदस्यों एवं औषधि नियंत्रक तथा अन्य बुद्धिजीवियों के द्वारा रैली में भाग लिया गया।* *तत्पश्चात जिलाधिकारी, आनंद शर्मा समाहरणालय परिसर में नशा मुक्ति अभियान में शामिल होकर मधुबनी जिले को नशा मुक्त बनाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त किए।* *इस अवसर पर जिलाधिकारी, आनंद शर्मा ने कहा कि सभी के सहयोग से मधुबनी जिला नशा मुक्त विशेषकर सूखा नशा मुक्त जिला बनकर रहेगा। इसको लेकर जहां एक तरफ सभी आवश्यक प्रशासनिक कारवाई की जा रही है, वही मधुबनी केमिस्ट एन्ड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के सदस्यों, युवाओं, मीडिया प्रतिनिधियों एवं बुद्धिजीवियों के सहयोग से मधुबनी जिला को नशा मुक्त विशेषकर सूखा नशा मुक्त जिला बनाने को लेकर व्यापक जन अभियान चलाया जायेगा। उन्होंने कहा कि सूखा नशा से होनेवाली समस्या एक गंभीर मुद्दा है। जिसमे सभी व्यवसायी, सिविल सोसाइटी, पुलिस, मद्य निषेध विभाग, स्वास्थ्य विभाग, युवा, अभिभावकों, मीडिया कर्मियों आदि के संयुक्त प्रयास एवं टीम भावना से सभी कड़ियों को जोड़कर नशा मुक्त जागरूकता अभियान चलाया जायेगा।* *उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य दवा दुकानों पर छापा मारना नही अपितु सभी को एकत्रित होकर अपनी-अपनी जिम्मेदारी समझते हुए समाज एवं आनेवाली पीढ़ी के लिए अच्छा वातावरण निर्माण नशामुक्त विशेषकर सूखा नशा मुक्त जिला बनाना होगा।* *जिलाधिकारी ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष निगरानी बरतने के लिए ए.आई. कैमरों की तकनीकों का सहारा लेते हुए और अधिक चौकसी बढ़ायी जायेगी। उन्होंने कहा सूखा नशा के अवैध कारोबार से जुड़े गलत लोगों को चिन्हित करते हुए उन्हें जेल भेजा जायेगा।* *जागरूकता रैली में काफी संख्या में मधुबनी केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के सदस्य सहित सैकड़ों की संख्या में युवाओं ने भाग लिया।* *उक्त अवसर पर अपर समाहर्ता आपदा, संतोष कुमार, डीपीआरओ, परिमल कुमार, पुलिस उपाधीक्षक, रश्मि, वरीय उप समाहर्ता, सिम्पा ठाकुर, सहायक निदेशक, सामाजिक सुरक्षा, नितेश पाठक सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।3
- किसी के प्यारे-प्यारे बाल, किसी के न्यारे-न्यारे चाल… दिल तो बस मुस्कुरा ही देता है। ✨😊 Hashtags: #pyare_bal #nyari_chal #cute_style #dilkibaat #lovelylook #smile #reels #shortvideo #facebookreels #trendingreels1
- दरभंगा :- सिंहवारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मे सरेआम गुंडागर्दी जनता का शोषण कौन जिम्मेदार1
- Post by Santu Kumar SAH1
- दरभंगा:_मिर्जापुर-देकुली स्थित जानकी पोखर मैदान में अंबेडकर जयंती के अवसर पर आयोजित होगा “संविधान बचाओ, लोकतंत्र बचाओ सम्मेलन” कार्यक्रम की मुख्य वक्ता के रूप में दलित शोषण मुक्ति मंच की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व सांसद सुभाषिनी अली उपस्थित होंगी1
- बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती पर डीएम एसपी ने दी श्रधांजलि।1