Shuru
Apke Nagar Ki App…
श्री हनुमान जन्मोत्सव पर श्री बड़े हनुमान मंदिर चाकघाट में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन, कार्यक्रम में सभी को किया गया आमंत्रित
Ishu kesharwani
श्री हनुमान जन्मोत्सव पर श्री बड़े हनुमान मंदिर चाकघाट में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन, कार्यक्रम में सभी को किया गया आमंत्रित
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- Post by चंदन भइया1
- मऊगंज में बहू बनी कातिल! मामूली विवाद ने लिया खूनी मोड़—26 साल की बहू ने 75 वर्षीय ससुर को बेरहमी से पीट-पीटकर उतारा मौत के घाट, लात-घूंसों की बरसात में बुझ गई जिंदगी, गांव में सनसनी!1
- *विनय कुमार रिपोर्टर इंडियन नेशनल न्यूज सच कि खोज 8174801662* जनपद कौशाम्बी जिले के थाना कोखराज क्षेत्र अन्तर्गत चौकी शहजादपुर टेढ़ीपुर मोड़ के पास आज दिनांक 31 03 2026 को दिन में करीब 12:30 बजे तक ट्रेलर और ट्रैक्टर के आमने सामने के टक्कर मे ट्रैक्टर में सवार एक व्यक्ति की मौके पर हुई मौत और कई लोग गम्भीर रूप से घायल हो गए है स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और एम्बुलेंस 108 को व पुलिस को मामले कि जानकारी दिए सूचना पर पहुंचे चौकी प्रभारी व थाना प्रभारी कोखराज ने मामले कि जानकारी लेते हुए शव को अपने कब्जे में लेकर मर्चुरी हाउस पोस्मार्टम के लिए भेज दिया गया है घटना स्थल पर परिवार के लोग भी रोते बिलखते पहुंच गए है और घर के लोगो का रो रो कर बुरा हाल हो गया है1
- Post by Shudhakar Mishra1
- Post by Kumar Vikas1
- उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में एक निजी स्कूल के बाथरूम में 6 वर्षीय KG छात्रा के साथ लगभग 12 वर्षीय (कक्षा 7) छात्र द्वारा दुष्कर्म का प्रयास करने का मामला सामने आया है। घटना सोमवार (30 मार्च 2026) दोपहर करीब 2 बजे राधानगर थाना क्षेत्र के खम्बापुर (पीएसी रोड) स्थित स्कूल में हुई। पुलिस ने पीड़िता की मां की तहरीर पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ POCSO एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।पीड़िता की मां ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि उनकी बेटी स्कूल से घर लौटने के बाद प्राइवेट पार्ट में दर्द की शिकायत कर रही थी। पूछताछ पर बच्ची ने बताया कि स्कूल का 7वीं कक्षा का एक "भैया" उसे बहाने से बाथरूम ले गया और उंगली डालने की कोशिश की। बच्ची ने कहा कि वह आरोपी को देखकर पहचान लेगी। मां स्कूल पहुंची तो प्रबंधन ने मामला दबाने की कोशिश की, जिसके बाद उन्होंने थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस की कार्रवाई: राधानगर थाना प्रभारी विनोद कुमार मौर्य ने बताया कि मां की शिकायत पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ POCSO एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। बच्ची का मेडिकल परीक्षण कराया गया है। पुलिस टीम मंगलवार को स्कूल पहुंची और जांच शुरू कर दी है। आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।सबसे गंभीर बात यह है कि पूरे स्कूल परिसर में एक भी CCTV कैमरा नहीं लगा था, जो बच्चों की सुरक्षा में बड़ी लापरवाही दर्शाता है। पुलिस स्कूल प्रबंधन से भी पूछताछ कर रही है।स्कूल प्रबंधन पर आरोप: मां का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने घटना को छिपाने की कोशिश की। घटना स्कूल समय के दौरान हुई, लेकिन शिक्षकों की निगरानी की कमी साफ दिख रही है।समाज में आक्रोश: यह घटना फतेहपुर समेत पूरे उत्तर प्रदेश में शिक्षा संस्थानों में बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़ा कर रही है। पुलिस अपील: पुलिस ने कहा कि दोषी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और जांच निष्पक्ष रूप से की जा रही है। जिला प्रशासन भी मामले पर नजर रखे हुए है। अपील:- बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है। अभिभावक अपने बच्चों से स्कूल में हुई किसी भी अनुचित घटना के बारे में खुलकर बात करें। स्कूल प्रबंधन को जवाबदेह बनाएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस को सूचना दें।यह मामला शिक्षा व्यवस्था में सुरक्षा की खामियों को उजागर करता है। आगे की जांच से और तथ्य सामने आने की उम्मीद है।1
- Post by गुरु ज्ञान1
- प्रयागराज। उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित पांच दिवसीय भरत नाट्य समारोह का भव्य समापन मंगलवार को केंद्र प्रेक्षागृह में हुआ। अंतिम दिन महाकवि भवभूति रचित प्राचीन संस्कृत नाटक महावीरचरितम् का डॉ. हिमांशु द्विवेदी के निर्देशन और संगीत परिकल्पना में मंचन दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर गया। इस नाटक ने रामायण की अमर कथा को नाटकीय बिंबों, फ्लैशबैक और आधुनिक दृष्टिकोण से प्रस्तुत कर सबको तालियों के पुल बांधने पर मजबूर कर दिया। कार्यक्रम का आगाज मुख्य अतिथि प्रो. कीर्ति सिंह (इलाहाबाद विश्वविद्यालय), विशिष्ट अतिथि घनश्याम शाही (क्षेत्रीय संगठन मंत्री अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, पूर्वी उत्तर प्रदेश ), अभिलाष मिश्रा (काशी प्रांत संगठन मंत्री) एवं केंद्र निदेशक सुदेश शर्मा, उपनिदेशक (कार्यक्रम) डॉ. मुकेश उपाध्याय और उपनिदेशक (प्रशासन) डॉ. आदित्य कुमार श्रीवास्तव व कार्यक्रम सलाहकार कल्पना सहाय ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। मंच पर पारंपरिक संगीत और नृत्य ने वातावरण को पवित्र बना दिया। नाटक विश्वामित्र के यज्ञ महोत्सव से प्रारंभ होता है। जनक के छोटे भाई कुशध्वज उर्मिला व सीता संग पधारते हैं। राम-लक्ष्मण की उनसे भेंट में प्रेम का बीज अंकुरित होता है। तभी सर्वमाय नामक राक्षस माल्यवान के इशारे पर रावण का पत्र पढ़ता है, जिसमें सीता से विवाह का अहंकारी प्रस्ताव है। "यह अन्याय है!"—सर्वमाय क्रोधित होकर चीखता है। बीच में राम द्वारा अहल्या उद्धार, ताड़का-मारीच-सुबाहु वध के वृतांत रोमांचित करते हैं। विश्वामित्र राम को दिव्यास्त्र प्रदान करते हैं। शिवधनुष मंगवाकर राम उसे चूर-चूर कर देते हैं—रामायण की मूल कथा से हटकर यहां विवाह शर्त नहीं, विश्वामित्र की आज्ञा है। राम-सीता, लक्ष्मण-उर्मिला का विवाह धूमधाम से होता है। क्रोधित सर्वमाय माल्यवान को सूचना दे भागता है। षड्यंत्रों का नाटकीय मोड़ आता है। माल्यवान-सुरपनखा परशुराम को भड़काते हैं, लेकिन राम की सौम्यता से वे पिघल जाते हैं: "हे राम, यह धनुष लो, विजयी हो!" फ्लैशबैक में सुरपनखा मंथरा बनी कैकेयी को दो वर दिलवाती—राम का 14 वर्ष वनवास, भरत का राज्याभिषेक। राम प्रसन्नता से स्वीकारते हैं। जंगल में सीता हरण, जटायु वध, शबरी मिलन, बाली का राम-भक्त बनकर मृत्यु—सब चित्रित। रावण बाली भेजता है, लेकिन वह भक्त हो जाता है। मंदोदरी बार-बार समझाती है, "यह अधर्म है रावण!", पर वही अड़िग। युद्ध में राम विजयी, विभीषण को लंका सौंप अयोध्या लौटते हैं। कलाकारों ने अपने अभिनय से नाटक में जान डाल दी। अमिताभ आचार्य ने राम की भूमिका में गंभीरता दिखाई, वहीं अमन व्यास लक्ष्मण के रूप में जोश से भरे नजर आए। खुशी बघेल ने सीता के किरदार को बहुत ही सहजता से निभाया। शुभराज शुक्ला ने रावण और परशुराम दोनों किरदारों में दम दिखाया। सबसे ज्यादा ध्यान खींचा ऋतुराज चौहान ने, जिन्होंने मंथरा का किरदार निभाया। उनकी एक्टिंग इतनी प्रभावशाली रही कि दर्शक उनसे नजर नहीं हटा पाए। इस अवसर पर मुख्य अतिथि एवं नाट्य निर्देशक को केंद्र निदेशक द्वारा पौधा एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन सुधांशु शुक्ला ने किया।1