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दिल्ली के कालकाजी इलाके में स्थित Wendy's फूड रेस्टोरेंट के अंदर आग लगने की घटना सामने आई है। इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया है।
Ravi Kashyap
दिल्ली के कालकाजी इलाके में स्थित Wendy's फूड रेस्टोरेंट के अंदर आग लगने की घटना सामने आई है। इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया है।
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- केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने एक नया नोटिफिकेशन जारी किया है, जिसके अनुसार खांसी की सिरप सहित सभी प्रकार की सिरप अब बिना डॉक्टर की पर्ची के उपलब्ध नहीं होंगी। अब इन सिरप को खरीदने के लिए डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन की आवश्यकता होगी। सरकार ने 'ड्रग्स रूल्स, 1945' में संशोधन करके कफ सिरप सहित सभी सिरप की बिक्री के नियमों को सख्त बना दिया है, जिसका अर्थ है कि ग्राहकों को फार्मेसी से ऐसी दवाएं खरीदने के लिए डॉक्टर की पर्ची अनिवार्य रूप से दिखानी होगी। यह महत्वपूर्ण कदम मध्य प्रदेश और राजस्थान में दूषित कफ सिरप पीने से बच्चों की मौत की दुखद घटनाओं के कुछ महीनों बाद उठाया गया है। इन घटनाओं ने आमतौर पर उपयोग की जाने वाली लिक्विड दवाओं की सुरक्षा और उनके विनियमन को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी थीं, जिसके बाद सिरप के निर्माण और बिक्री के तरीकों पर कड़ी निगरानी और सख्त जांच की मांग एक बार फिर उठने लगी थी। 9 जून, 2026 की तारीख वाले इस नोटिफिकेशन को पिछले साल दिसंबर में जारी किए गए एक ड्राफ्ट प्रपोजल पर लोगों की राय लेने के बाद जारी किया गया है। इस बदलाव के तहत 'ड्रग्स रूल्स' की 'शेड्यूल K' में शामिल दवाओं की कैटेगरी से 'सिरप' शब्द को हटा दिया गया है। इस संशोधन से बिना डॉक्टर की पर्ची के (ओवर-द-काउंटर) इन दवाओं की बिक्री पूरी तरह से बंद हो जाएगी, और ये सभी दवाएं सख्त नियामक नियंत्रण के दायरे में आ जाएंगी। नोटिफिकेशन के मुताबिक, केंद्र सरकार ने ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 की धारा 12 और 33 के तहत मिली शक्तियों का प्रयोग करते हुए 'ड्रग्स रूल्स, 1945' में संशोधन किया है। इन नियमों को 'ड्रग्स (पांचवां संशोधन) नियम, 2026' कहा जाएगा और ये ऑफिशियल गजट में इनके प्रकाशित होने की तारीख से लागू होंगे। संशोधन में विशेष रूप से यह भी कहा गया है कि ड्रग्स रूल्स, 1945 की अनुसूची K में 'Class of Drugs' शीर्षक के तहत, सातवें आइटम से 'Syrups' शब्द को हटा दिया जाएगा।1
- मिली जानकारी के अनुसार, एक मुस्लिम पुलिस अधिकारी ने एक हिंदू युवक की पिटाई की। इस घटना के दौरान पुलिसकर्मी ने हिंदुओं को गाली भी दी।1
- दिल्ली के शालीमार बाग क्षेत्र में बुलडोजर की कार्रवाई के बाद स्थानीय निवासियों का जीवन बदतर हो गया है। इस कार्रवाई के नकारात्मक परिणाम और गंभीर दुष्प्रभाव अब स्पष्ट रूप से सामने आने लगे हैं, जो क्षेत्र में उत्पन्न हुई समस्याओं को दर्शाते हैं।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के सफल 12 वर्ष पूरे होने पर, सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने सरकार की महत्वपूर्ण उपलब्धियों को जनता के सामने प्रस्तुत किया। उन्होंने इन बीते 12 वर्षों को 'विश्वास, विकास और जनकल्याण' का प्रतीक बताया, जो सरकार के कामकाज का मूल मंत्र रहा है। सांसद बिधूड़ी ने सरकार की विभिन्न क्षेत्रों में हासिल की गई सफलताओं का विस्तार से वर्णन किया। इसमें विशेष रूप से बुनियादी ढांचे के विकास, गरीब कल्याण से संबंधित कार्यक्रमों, डिजिटल इंडिया पहल के विस्तार, महिला सशक्तिकरण की दिशा में उठाए गए कदमों और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने जैसे प्रमुख मुद्दों पर प्रकाश डाला गया।1
- असम कैबिनेट ने अवैध प्रवासियों, विशेष रूप से बांग्लादेशी घुसपैठियों को भारतीय दस्तावेज हासिल करने से रोकने के लिए 18 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के लिए आधार कार्ड जारी करने की प्रक्रिया पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शनिवार को कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता करने के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह घोषणा की। इसी के साथ राज्य में ₹2,000 करोड़ के बजट के साथ एक नया ग्रामीण रोजगार कानून भी लागू होने जा रहा है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य के कुछ जिलों में आधार कार्ड धारकों की संख्या कुल आबादी से भी 100 फीसदी ज्यादा हो चुकी है। ऐसे में सरकार यह पता लगाना चाहती है कि अतिरिक्त आधार कार्ड हासिल करने वाले ये लोग कौन हैं। नए नियम के तहत, अब असम में 18 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों को सामान्य प्रक्रिया के तहत आधार कार्ड जारी नहीं किए जाएंगे। यदि किसी वयस्क को बेहद जरूरी परिस्थिति में आधार कार्ड चाहिए, तो जिला कलेक्टर को इसके लिए राज्य सरकार के पास एक विशेष प्रस्ताव भेजना होगा, जिसके बाद सरकार की अनुमति मिलने पर ही कार्ड जारी हो सकेगा। फिलहाल, चाय बागान समुदाय, अनुसूचित जनजाति (ST), अनुसूचित जाति (SC) और दिव्यांग जनों को इस नियम से छूट दी गई है, क्योंकि इनमें से कई लोगों के पास अब तक आधार नहीं है। इसके अतिरिक्त, 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के आधार कार्ड बनते रहेंगे।1
- जयपुर में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके को एक युवक ने थप्पड़ मार दिया। घटना के तुरंत बाद, मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया, जिसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया है। पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि उसने यह कार्रवाई पेपर लीक के मुद्दे को लेकर नहीं की थी, बल्कि इसलिए क्योंकि उसका आरोप है कि दीपके युवाओं को गुमराह कर रहे थे। आरोपी ने दीपके पर 'जिहादी' होने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए हैं। फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है और घटना से संबंधित सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।1