Suresh Chandra Agrawal: प्रेम से बोलो बाँके बिहारी लाल की जय 🌹🙏 सदा जपिये हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे I हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे और हमेशा खुश रहिये Ii हमेशा प्रसन्न रहो 🌹🙏🏾 *।।श्रीकृष्ण।।* *श्रीकृष्ण गोविन्द हरे मुरारी,* *हे नाथ नारायण वासुदेवाय!!!* सभी कृष्ण भक्तों को सादर दंडवत प्रणाम 🙏🌹 *🦚🌺 जय श्रीकृष्ण 🌺🦚* > ॥ ॐ कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने। > प्रणतः क्लेशनाशाय गोविंदाय नमो नमः॥ *🙏 अर्थ:* *_"हे वासुदेव के पुत्र श्रीकृष्ण! हे समस्त जगत के पालनहार, परमात्मा और गोविंद! आपको बार-बार प्रणाम है। आपकी शरण में आने वाले भक्तों के सभी दुःख, कष्ट और क्लेश दूर हो जाते हैं।"_* *🌿 संदेश:* *_जो श्रद्धा और विश्वास से श्रीकृष्ण का स्मरण करता है, उसके जीवन में शांति, साहस और सही मार्ग का प्रकाश अवश्य होता है।_* *🦚 राधे-राधे! जय श्रीकृष्ण! 🙏💙* 🌸 जब भगवान् की, गुरु की कृपा होती है, तब, ऐसा विवेक उदय होता है कि जिसको हम बुरा समझते हैं, उसको छोड़ सकते हैं। यदि एक बार भी थोड़ा-बहुत भगवद्-रस मिल जाये तो विवेक सार्थक हो ही जाये। फिर तो भगवान् ही भगवान् अच्छे लगेंगे, भगवान् के सिवाय दूसरा कुछ भी अच्छा नहीं लगेगा - जौ मोहि राम लागते मीठे ! तो षटरस, नवरस, अनरस, रस होय जाते सब फीके । जय श्री कृष्ण 🙏🌹 ☀️श्रीमद्धभागवत सत्संग-प्रथम स्कंध 🌻‘ईस्वर अंस जीव अबिनासी । चेतन अमल सहज सुख रासी।।’ हमारा आपका यह परिचय है।नहीं तो अधिकतर हम लोग शरीर का ही परिचय देते हैं कि अमुक नाम जाति अमुक परिवार के हैं यह सब शरीर का परिचय है किन्तु असल में हमारा परिचय वह नहीं है। 🔸तुलसीदास जी कहते हैं - जीव ईश्वर का अंश है। हम अविनाशी हैं, जिसका कभी विनाश नहीं हो सकता, कोई मार नहीं सकता। जड़ नहीं चेतन हैं, सारे जड़ हमसे ही चैतन्यता पाते हैं। पाप का बाप भी हमारे पास आ नहीं सकता क्योंकि हम अमल हैं। मल कभी इसमें फटक ही नहीं सकता। दुख के ख़ान नहीं सहज सुख के ख़ज़ाने हैं। हमको छूकर, देखकर, पाकर दूसरे सुखी होते हैं। यह हमारा वास्तविक परिचय है। 🔸आज आप अपनेआप से इतने दूर चले गए हैं कि अपनी पहचान खो दी है। यदि आप आपसे मिलना चाहते हो तो, इसका विवेक बिना सत्संग के संभव नहीं हो सकता। 🌻दुनिया का कोई भी परमात्मा अपनी आत्मा के बग़ैर समझ आएगा नहीं! परमात्मा को भी प्रकाशित आत्मा ही करता है। 🌻जब पुण्य शब्द परमात्मा के श्रवण होंगे या गाये जायेगे तब भगवान शब्दोच्चारण रूपी गरुड़ पर आरूढ़ होकर कान के रास्ते से दिल में घुस जायेंगे। वे हृदय का कचरा साफ़ कर देंगे। 🔸जीव का दुख देखकर भगवान की आँखों में आँसू आ जाते हैं और उसी आँसू से वे जीव के सभी पापों को धो देते हैं। 🌻भगवान की भक्ति से प्रायः अभद्र कामनायें नष्ट हो जाती है, पूरी तरह से नष्ट नहीं होती। भगवान अपनी सेवा से ज्यादा भक्तों की सेवा से रीझते हैं। 🔸जब भक्तों की सेवा करो तब पूरे अभद्र या पाप नष्ट होकर हृदय में ज्ञान को प्रकट कर देंगे, विज्ञान को प्रकट कर देंगे। 🌻इसलिए जीवन में सत्संग पर जोर दिया है।सत्संग ही जीवन में असंगता प्रदान कर देगा, समता प्रदान कर देगा, ममता नष्ट कर देगा, सत्संग में बहुत सामर्थ्य है। ‘बिनु सतसंग बिबेक न होई। राम कृपा बिनु सुलभ न सोई।।’ जय श्री कृष्ण 🙏🌹 *हीरों का हार* एक रानी का हीरों का हार,एक बाज आया और झपटा मारकर ले उड़ा और उसे लेकर एक पेड़ पर जा बैठा और खाने की कोशिश करने लगा हीरे तो कठोर होते हैं. उसने चोंच मारा तो दर्द से कराह उठा. उसे समझ में आ गया कि यह उसके काम की चीज नहीं. वह हार को उसी पेड़ पर लटकता छोड़ उड़ गया. रानी को वह हार बहुत प्यारा था. उसने राजा से कह दिया कि हार का तुरंत पता लगवाएं. राजा ने कहा कि दूसरा हार बनवा देगा लेकिन उसने जिद पकड़ ली कि उसे वही हार चाहिए इसलिए राजा ने सारे सैनिकों को हार खोजने पर लगा दिया और यहां तक कह दिया कि जो भी वह हार खोज निकालेगा उसे वह आधे राज्य का अधिकारी बना देगा. अब तो होड़ लग गई. राजा के अधिकारी और प्रजा सब आधे राज्य के लालच में हार ढूंढने लगे. अचानक वह हार किसी को एक गंदे नाले में दिखा, राज्य के लोभ में एक सिपाही उसे निकालने कूद गया. उसने बहुत हाथ-पांव मारा, पर हार नहीं मिला, कई और सिपाही यहां तक कि सेनापति भी कूदे लेकिन उन्हें भी वह हार नहीं मिला, इस तरह वहां बहुत लोग एकत्रित हो गए और हार निकालने की कोशिश करने लेकिन वह हार किसी को नहीं मिला. इतने में राजा को खबर लगी. राजा को भय हुआ कि आधा राज्य हाथ से निकल जाए, इसलिए क्यों ना मैं ही उसे वहां जाकर स्वयं निकाल लूं इसलिए वह भी वहां पहुंचकर कूद गया परंतु और उसे भी हार नहीं मिला. तभी एक संत उधर से गुजर रहे थे उन्होंने सबको वहां कीचड़ में सना देखा तो चकित हुए. और पूछ बैठे- क्या इस राज्य में नाले में कूदने की कोई परंपरा है ? लोगों ने बताया कि महारानी का हार इस नाले में गिर गया है लेकिन बड़े प्रयास करने के बाद भी वह मिल नहीं रहा है संत हंसने लगे और बोले आप उस हार को गलत जगह ढूंढ रहे हैं क्योंकि वह हार इस नाली में नहीं बल्कि इस नाली के ऊपर पेड़ की टहनी पर लटका है, नीचे नाली में तो केवल उसकी परछाई दिख रही है। इस कहानी में जैसे लोग हार को गलत जगह ढूंढ रहे थे और इसलिए वह उन्हें नहीं मिल रहा था, ठीक वैसे ही संसार के लोग भी अज्ञान के कारण परमात्मा को बाहर ढूंढते घूम रहे हैं, पर प्रभु अभी तक किसी को बाहर मिला ही नहीं है ऐसा इसलिए क्योंकि वह बाहर कहीं नहीं वह तो अपने अंदर ही मौजूद है, जिसे भी प्रभु मिला है, अपने अंदर ही मिला है। *अपने अंदर मौजूद प्रभु तक पहुंचने के लिए हमें समय के पूर्ण संत/ सतगुरु की आवश्यकता पड़ती है! जो ब्रह्मज्ञान की दीक्षा के समय ही नि:शुल्क हमारे अन्तःकरण मे ईश्वर का दर्शन/दीदार करा दे..!!* *🙏🏽🙏🏾🙏🏿जय श्री कृष्ण*🙏🙏🏻🙏🏼 *जुकाम में घरेलु उपाय* पर्याप्त आराम करने से जुकाम में शीघ्र लाभ होता है। तुलसी, अदरक, कालीमिर्च एवं लोंग का काढ़ा नजला ,जुकाम, सर्दी खाँसी में बहुत फायदेमंद है। गरम पानी में विक्स या धारा डालकर भाप लेने से श्वांस मार्ग, गले एवं नासिका में चिपका हुआ कफ ढीला होकर बाहर निकल जाता है जिससे आराम महसूस होता है। जुकाम होने पर पानी, सूप आदि के रूप में पर्याप्त तरल पदार्थ लेते रहें। एक गिलास गरम दूध में चुटकी भर हल्दी एवं सौंठ पावडर डालकर पीने से खाँसी, जुकाम में आराम मिलता है। तुलसी और अदरक का थोड़ा रस निकालकर गरम करके गुनगुना रहने पर थोड़ा शहद मिलाकर लेना फायदेमंद है। जय जय श्री राधे 🙏🌹
Suresh Chandra Agrawal: प्रेम से बोलो बाँके बिहारी लाल की जय 🌹🙏 सदा जपिये हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे I हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे और हमेशा खुश रहिये Ii हमेशा प्रसन्न रहो 🌹🙏🏾 *।।श्रीकृष्ण।।* *श्रीकृष्ण गोविन्द हरे मुरारी,* *हे नाथ नारायण वासुदेवाय!!!* सभी कृष्ण भक्तों को सादर दंडवत प्रणाम 🙏🌹 *🦚🌺 जय श्रीकृष्ण 🌺🦚* > ॥ ॐ कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने। > प्रणतः क्लेशनाशाय गोविंदाय नमो नमः॥ *🙏 अर्थ:* *_"हे वासुदेव के पुत्र श्रीकृष्ण! हे समस्त जगत के पालनहार, परमात्मा और गोविंद! आपको बार-बार प्रणाम है। आपकी शरण में आने वाले भक्तों के सभी दुःख, कष्ट और क्लेश दूर हो जाते हैं।"_* *🌿 संदेश:* *_जो श्रद्धा और विश्वास से श्रीकृष्ण का स्मरण करता है, उसके जीवन में शांति, साहस और सही मार्ग का प्रकाश अवश्य होता है।_* *🦚 राधे-राधे! जय श्रीकृष्ण! 🙏💙* 🌸 जब भगवान् की, गुरु की कृपा होती है, तब, ऐसा विवेक उदय होता है कि जिसको हम बुरा समझते हैं, उसको छोड़ सकते हैं। यदि एक बार भी थोड़ा-बहुत भगवद्-रस मिल जाये तो विवेक सार्थक हो ही जाये। फिर तो भगवान् ही भगवान् अच्छे लगेंगे, भगवान् के सिवाय दूसरा कुछ भी अच्छा नहीं लगेगा - जौ मोहि राम लागते मीठे ! तो षटरस, नवरस, अनरस, रस होय जाते सब फीके । जय श्री कृष्ण 🙏🌹 ☀️श्रीमद्धभागवत सत्संग-प्रथम स्कंध 🌻‘ईस्वर अंस जीव अबिनासी । चेतन अमल सहज सुख रासी।।’ हमारा आपका यह परिचय है।नहीं तो अधिकतर हम लोग शरीर का ही परिचय देते हैं कि अमुक नाम जाति अमुक परिवार के हैं यह सब शरीर का परिचय है किन्तु असल में हमारा परिचय वह नहीं है। 🔸तुलसीदास जी कहते हैं - जीव ईश्वर का अंश है। हम अविनाशी हैं, जिसका कभी विनाश नहीं हो सकता, कोई मार नहीं सकता। जड़ नहीं चेतन हैं, सारे जड़ हमसे ही चैतन्यता पाते हैं। पाप का बाप भी हमारे पास आ नहीं सकता क्योंकि हम अमल हैं। मल कभी इसमें फटक ही नहीं सकता। दुख के ख़ान नहीं सहज सुख के ख़ज़ाने हैं। हमको छूकर, देखकर, पाकर दूसरे सुखी होते हैं। यह हमारा वास्तविक परिचय है। 🔸आज आप अपनेआप से इतने दूर चले गए हैं कि अपनी पहचान खो दी है। यदि आप आपसे मिलना चाहते हो तो, इसका विवेक बिना सत्संग के संभव नहीं हो सकता। 🌻दुनिया का कोई भी परमात्मा अपनी आत्मा के बग़ैर समझ आएगा नहीं! परमात्मा को भी प्रकाशित आत्मा ही करता है। 🌻जब पुण्य शब्द परमात्मा के श्रवण होंगे या गाये जायेगे तब भगवान शब्दोच्चारण रूपी गरुड़ पर आरूढ़ होकर कान के रास्ते से दिल में घुस जायेंगे। वे हृदय का कचरा साफ़ कर देंगे। 🔸जीव का दुख देखकर भगवान की आँखों में आँसू आ जाते हैं और उसी आँसू से वे जीव के सभी पापों को धो देते हैं। 🌻भगवान की भक्ति से प्रायः अभद्र कामनायें नष्ट हो जाती है, पूरी तरह से नष्ट नहीं होती। भगवान अपनी सेवा से ज्यादा भक्तों की सेवा से रीझते हैं। 🔸जब भक्तों की सेवा करो तब पूरे अभद्र या पाप नष्ट होकर हृदय में ज्ञान को प्रकट कर देंगे, विज्ञान को प्रकट कर देंगे। 🌻इसलिए जीवन में सत्संग पर जोर दिया है।सत्संग ही जीवन में असंगता प्रदान कर देगा, समता प्रदान कर देगा, ममता नष्ट कर देगा, सत्संग में बहुत सामर्थ्य है। ‘बिनु सतसंग बिबेक न होई। राम कृपा बिनु सुलभ न सोई।।’ जय श्री कृष्ण 🙏🌹 *हीरों का हार* एक रानी का हीरों का हार,एक बाज आया और झपटा मारकर ले उड़ा और उसे लेकर एक पेड़ पर जा बैठा और खाने की कोशिश करने लगा हीरे तो कठोर होते हैं. उसने चोंच मारा तो दर्द से कराह उठा. उसे समझ में आ गया कि यह उसके काम की चीज नहीं. वह हार को उसी पेड़ पर लटकता छोड़ उड़ गया. रानी को वह हार बहुत प्यारा था. उसने राजा से कह दिया कि हार का तुरंत पता लगवाएं. राजा ने कहा कि दूसरा हार बनवा देगा लेकिन उसने जिद पकड़ ली कि उसे वही हार चाहिए इसलिए राजा ने सारे सैनिकों को हार खोजने पर लगा दिया और यहां तक कह दिया कि जो भी वह हार खोज निकालेगा उसे वह आधे राज्य का अधिकारी बना देगा. अब तो होड़ लग गई. राजा के अधिकारी और प्रजा सब आधे राज्य के लालच में हार ढूंढने लगे. अचानक वह हार किसी को एक गंदे नाले में दिखा, राज्य के लोभ में एक सिपाही उसे निकालने कूद गया. उसने बहुत हाथ-पांव मारा, पर हार नहीं मिला, कई और सिपाही यहां तक कि सेनापति भी कूदे लेकिन उन्हें भी वह हार नहीं मिला, इस तरह वहां बहुत लोग एकत्रित हो गए और हार निकालने की कोशिश करने लेकिन वह हार किसी को नहीं मिला. इतने में राजा को खबर लगी. राजा को भय हुआ कि आधा राज्य हाथ से निकल जाए, इसलिए क्यों ना मैं ही उसे वहां जाकर स्वयं निकाल लूं इसलिए वह भी वहां पहुंचकर कूद गया परंतु और उसे भी हार नहीं मिला. तभी एक संत उधर से गुजर रहे थे उन्होंने सबको वहां कीचड़ में सना देखा तो चकित हुए. और पूछ बैठे- क्या इस राज्य में नाले में कूदने की कोई परंपरा है ? लोगों ने बताया कि महारानी का हार इस नाले में गिर गया है लेकिन बड़े प्रयास करने के बाद भी वह मिल नहीं रहा है संत हंसने लगे और बोले आप उस हार को गलत जगह ढूंढ रहे हैं क्योंकि वह हार इस नाली में नहीं बल्कि इस नाली के ऊपर पेड़ की टहनी पर लटका है, नीचे नाली में तो केवल उसकी परछाई दिख रही है। इस कहानी में जैसे लोग हार को गलत जगह ढूंढ रहे थे और इसलिए वह उन्हें नहीं मिल रहा था, ठीक वैसे ही संसार के लोग भी अज्ञान के कारण परमात्मा को बाहर ढूंढते घूम रहे हैं, पर प्रभु अभी तक किसी को बाहर मिला ही नहीं है ऐसा इसलिए क्योंकि वह बाहर कहीं नहीं वह तो अपने अंदर ही मौजूद है, जिसे भी प्रभु मिला है, अपने अंदर ही मिला है। *अपने अंदर मौजूद प्रभु तक पहुंचने के लिए हमें समय के पूर्ण संत/ सतगुरु की आवश्यकता पड़ती है! जो ब्रह्मज्ञान की दीक्षा के समय ही नि:शुल्क हमारे अन्तःकरण मे ईश्वर का दर्शन/दीदार करा दे..!!* *🙏🏽🙏🏾🙏🏿जय श्री कृष्ण*🙏🙏🏻🙏🏼 *जुकाम में घरेलु उपाय* पर्याप्त आराम करने से जुकाम में शीघ्र लाभ होता है। तुलसी, अदरक, कालीमिर्च एवं लोंग का काढ़ा नजला ,जुकाम, सर्दी खाँसी में बहुत फायदेमंद है। गरम पानी में विक्स या धारा डालकर भाप लेने से श्वांस मार्ग, गले एवं नासिका में चिपका हुआ कफ ढीला होकर बाहर निकल जाता है जिससे आराम महसूस होता है। जुकाम होने पर पानी, सूप आदि के रूप में पर्याप्त तरल पदार्थ लेते रहें। एक गिलास गरम दूध में चुटकी भर हल्दी एवं सौंठ पावडर डालकर पीने से खाँसी, जुकाम में आराम मिलता है। तुलसी और अदरक का थोड़ा रस निकालकर गरम करके गुनगुना रहने पर थोड़ा शहद मिलाकर लेना फायदेमंद है। जय जय श्री राधे 🙏🌹
- टॉवल पार करते हैं 10 15 मिनट के लिए ड्राइवर ने लगाई गाड़ी उसके बाद में पुलिस अधिकारी ने किया परेशान देखिए खास रिपोर्ट और जुड़े रहिए हमारे साथ1
- खादरसा महाराज का मेला व भंडारा में सिंगर लव स्टार एण्ड पार्टी ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुति दी1
- विराटनगरः बिलवाडी महामाया मंदिर के पास मिली नवजात बालिका डॉक्टरों के अनुसार बालिका का जन्म करीब 7 से 8 दिन पूर्व होना बताया गया, सूचना पर विराटनगर थानाधिकारी बाबूलाल मीणा मौके पर पहुंचे, नवजात बालिका को एंबुलेंस की सहायता से विराटनगर के उप जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां से उसे जे के लोन जयपुर के लिए रेफर किया गया, फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही1
- कोटपूतली -बहरोड़ जिले के खादरसा महाराज का वार्षिक मेला व भंडारा में उमड़ा जनसैलाब,जाजैकलां एवं खादरसा महाराज सेवा समिति आसपुरा नीझर द्वारा दोनों कमेटी सदस्यों का निर्णय लिया गया कि इस पंचमी को मेला व भंडारे का आयोजन जाजैकलां मंदिर में किया जा रहा है ,सभी के सहयोग निर्णय अनुसार दोनों भंडारे मेले में एक दूसरे मंदिर में सहयोग व्यवस्था की गई ।1
- किशोरी सशक्तिकरण कार्यक्रम का हुआ आयोजन, स्वच्छता प्रबंधन दी जानकारी *किशोरी सशक्तिकरण कार्यक्रम का आयोजन* लालसोट । शहर की पीएम श्री श्री अशोक शर्मा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय लालसोट में किशोरी सशक्तीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें विद्यालय की समस्त छात्राओं ने विभिन्न प्रतियोगिताओं के द्वारा भागीदारी निभाई निबंध प्रतियोगिता, पोस्टर प्रतियोगिता ,आशु भाषण प्रतियोगिता आदि का आयोजन किया गया। विद्यालय की व्याख्याता सुनीता योगी एवं संतरा मीणा ने छात्राओं को महावारी स्वास्थ्य एवं स्वच्छता प्रबंधन की जानकारी एवं सावधानियाँ के बारे में बताया, साथ ही सेनेटरी नैपकिन ,अतिरिक्त अंतर्वस्त्र सुरक्षित निपटान के लिए डिस्पोजल पेपर बैग एवं साबुन और हैंड सेनीटाइजर आदि सुविधाओं की विद्यालय में उपलब्धता के बारे में बताया। इस अवसर पर व्याख्याता संजू गुप्ता, सपना खंडेलवाल , वनिता देवेश ,मंजू सैनी, ज्योति शर्मा आदि महिला शिक्षिकाए उपस्थिति रही।4
- राष्ट्रीय सेवा योजना का तीन दिवसीय कार्यक्रम शुरू महाविद्यालय के प्राचार्य देशराज वर्मा जी के द्वारा सरस्वती माता का माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलित कर किया राजगढ़। राजकीय महाविद्यालय राजगढ़ में राष्ट्रीय सेवा योजना अभिमुखीकरण कार्यक्रम का तीन दिवसीय कार्यक्रम 15 से 17 सितंबर को आयोजित किया जा रहा है। 15 सितंबर को अभिमुखीकरण कार्यक्रम का उद्घाटन महाविद्यालय के प्राचार्य देशराज वर्मा जी के द्वारा सरस्वती माता का माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलित कर किया गया। विशेष अतिथियों का स्वागत एन एस एस प्रभारी मनीषा मीना द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम के शुभारंभ में एन एस एस लक्ष्य गीत गाया गया। मंच का संचालन डॉ ललित मोहन वर्मा जी द्वारा किया गया। डॉ संजय बमनावत द्वारा राष्ट्रीय सेवा योजना के पिछले वर्ष वार्षिक प्रतिवेदन का विवरण दिया गया एवं गत वर्ष में कराई गई गतिविधियों के बारे में विस्तृत बताया गया। आगामी वर्ष में महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना के द्वारा आयोजित किए जाने वाले गतिविधियों के बारे मे बताया गया। विशेष अतिथि डॉ पीएम मीना द्वारा बच्चों को राष्ट्रीय सेवा योजना के बारे में बताया एवं समाज में व्याप्त कुरीतियों को कैसे कम करे साथ ही साथ लोगो में अपने कार्य के प्रति कर्तव्यनिष्ठ होने का संदेश दिया।। डॉ जगजीत कविया द्वारा भी एन एस एस के विभिन्न कार्यक्रम में विद्यार्थियों को भाग लेने के लिए संदेश दिया।। इसी अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ देशराज वर्मा ने राष्ट्रीय सेवा योजना की गतिविधियों के संचालन में विद्यार्थियों को प्रेरित किया एवं देश के प्रति कर्तव्यनिष्ट एवं राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना को जागृत किया।एन एस एस के मोटो से स्वयं से पहले आप के बारे में बताया। इस कार्यक्रम में सैकड़ों विद्यार्थी एवं सभी संकाय सदस्य उपस्थित रहे. कार्यक्रम के अंत में NSS प्रभारी मनीषा मीना द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रगान करवाया गया।3
- मुख्यमंत्री के जादू का दावा हुआ फेल—विपक्ष का हमला विपक्ष का कहना है कि वोटर ने साफ संदेश दे दिया है कि मुख्यमंत्री की लोकप्रियता का दावा जमीन पर नजर नहीं आ रहा। विपक्ष ने बीजेपी सरकार के कामकाज पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जनता सरकार से खुश नहीं है। इसका उदाहरण अजमेर के चुनाव परिणाम को भी बताया गया। #मुख्यमंत्री_का_जादू_फेल #चुनाव_नतीजे #राजस्थान_राजनीति #विपक्ष_का_हमला #बीजेपी #मुख्यमंत्री_भजनलाल_शर्मा #अजमेर_चुनाव #चुनावी_नतीजे #राजस्थान_न्यूज़ #PoliticalNews #citycqblenewsjaipur1
- जयपुर जिले के शाहपुरा खादरसा महाराज का वार्षिक मेला व भंडारा में उमड़ा जनसैलाब,जाजैकलां एवं खादरसा महाराज सेवा समिति आसपुरा नीझर द्वारा दोनों कमेटी सदस्यों का निर्णय लिया गया कि इस पंचमी को मेला व भंडारे का आयोजन जाजैकलां मंदिर में किया जा रहा है ,सभी के सहयोग निर्णय अनुसार दोनों भंडारे मेले में एक दूसरे मंदिर में सहयोग व्यवस्था की गई ।1
- विराटनगर क्षेत्र के बिलवाड़ी बस स्टैंड के पास लावारिस नवजात शिशु मिला है। स्थानीय ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए बच्चे को संभाला और तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस थाने को दी, जिसके बाद शिशु को सुरक्षित अस्पताल पहुँचाया गया1