उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले की ग्राम पंचायत ठूठीबारी में स्वच्छ भारत मिशन के तहत लाखों रुपये की लागत से खरीदे गए कूड़ा उठाने वाले ई-रिक्शा अब खुद कूड़े में तब्दील हो गए हैं। ये वाहन घर-घर से कूड़ा एकत्र कर उसे निस्तारण केंद्र तक पहुंचाने के उद्देश्य से खरीदे गए थे, लेकिन कई महीनों से अनुपयोगी पड़े हैं और अब जंग खाकर अपनी बदहाली बयां कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत निधि से लाखों रुपये खर्च कर कई ई-रिक्शा खरीदे गए थे, जिनमें से प्रत्येक की कीमत करीब 1 लाख 70 हजार रुपये बताई जाती है। इन वाहनों को गांव में नियमित कूड़ा संग्रहण कर स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए खरीदा गया था, लेकिन यह योजना धरातल पर दम तोड़ चुकी है। वर्तमान में अधिकांश ई-रिक्शा तत्कालीन ग्राम प्रधान के आवास के पास खड़े-खड़े जर्जर हो चुके हैं; उनके टायर पिचक गए हैं, आगे के शीशे टूटे हुए हैं और कई हिस्सों में जंग लग चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इन वाहनों का समय-समय पर उचित रखरखाव और संचालन किया जाता, तो स्वच्छता व्यवस्था मजबूत होती और सरकारी धन का सदुपयोग होता। उनकी राय में, लापरवाही के कारण लाखों रुपये की सार्वजनिक संपत्ति बर्बाद हो गई है। इस पूरे मामले में कई सवाल उठ रहे हैं कि आखिर लाखों रुपये खर्च कर खरीदे गए ये ई-रिक्शा कब और क्यों बंद हुए, इनके रखरखाव और संचालन की जिम्मेदारी किसकी थी, और इनके संरक्षण के लिए अब तक कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठाया गया। इस संबंध में, एडीओ पंचायत विनय कुमार पाण्डेय ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है और संबंधित जिम्मेदारों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं, साथ ही प्रकरण की जांच भी कराई जाएगी।
उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले की ग्राम पंचायत ठूठीबारी में स्वच्छ भारत मिशन के तहत लाखों रुपये की लागत से खरीदे गए कूड़ा उठाने वाले ई-रिक्शा अब खुद कूड़े में तब्दील हो गए हैं। ये वाहन घर-घर से कूड़ा एकत्र कर उसे निस्तारण केंद्र तक पहुंचाने के उद्देश्य से खरीदे गए थे, लेकिन कई महीनों से अनुपयोगी पड़े हैं और अब जंग खाकर अपनी बदहाली बयां कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत निधि से लाखों रुपये खर्च कर कई ई-रिक्शा खरीदे गए थे, जिनमें से प्रत्येक की कीमत करीब 1 लाख 70 हजार रुपये बताई जाती है। इन वाहनों को गांव में नियमित कूड़ा संग्रहण कर स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए खरीदा गया था, लेकिन यह योजना धरातल पर दम तोड़ चुकी है। वर्तमान में अधिकांश ई-रिक्शा तत्कालीन ग्राम प्रधान के आवास के पास खड़े-खड़े जर्जर हो चुके हैं; उनके टायर पिचक गए हैं, आगे के शीशे टूटे हुए हैं और कई हिस्सों में जंग लग चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इन वाहनों का समय-समय पर उचित रखरखाव और संचालन किया जाता, तो स्वच्छता व्यवस्था मजबूत होती और सरकारी धन का सदुपयोग होता। उनकी राय में, लापरवाही के कारण लाखों रुपये की सार्वजनिक संपत्ति बर्बाद हो गई है। इस पूरे मामले में कई सवाल उठ रहे हैं कि आखिर लाखों रुपये खर्च कर खरीदे गए ये ई-रिक्शा कब और क्यों बंद हुए, इनके रखरखाव और संचालन की जिम्मेदारी किसकी थी, और इनके संरक्षण के लिए अब तक कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठाया गया। इस संबंध में, एडीओ पंचायत विनय कुमार पाण्डेय ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है और संबंधित जिम्मेदारों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं, साथ ही प्रकरण की जांच भी कराई जाएगी।
- महाराजगंज के कोल्हुई थाना परिसर में आगामी धार्मिक और सार्वजनिक आयोजनों के संबंध में डीजे संचालकों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पुलिस ने सभी डीजे संचालकों से शासन और हाईकोर्ट के निर्देशों का सख्ती से पालन करने की अपील की है। पुलिस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि ध्वनि सीमा का उल्लंघन करने वाले डीजे संचालकों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिससे तेज आवाज़ में डीजे बजाना उन्हें भारी पड़ सकता है।1
- महराजगंज के बृजमनगंज में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। बुधवार को नायब तहसीलदार सुधांशु कुमार आदर्श नगर पंचायत बृजमनगंज कार्यालय पहुँचे और स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि सरकारी भूमि से अतिक्रमण तुरंत हटाया जाए, क्योंकि अवैध कब्जा किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नायब तहसीलदार ने यह भी साफ किया कि यदि किसी ने दोबारा सरकारी जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किया, तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी और FIR भी दर्ज कराई जाएगी। उन्होंने नगर पंचायत अधिकारियों को सभी सरकारी जमीनों की सूची तैयार रखने के भी निर्देश दिए। प्रशासन ने जिले भर में सरकारी भूमि को चिन्हित कर एक व्यापक 'अतिक्रमण हटाओ अभियान' चलाने का ऐलान किया है। इस अभियान के तहत तालाब, नाली, खलिहान, चारागाह और रास्ते की जमीन पर हुए कब्जों को प्राथमिकता के आधार पर हटाया जाएगा। नगर अध्यक्ष राकेश जायसवाल ने बताया कि एक शासनादेश आया है, जिसके तहत नगर पंचायत में खाली पड़ी सरकारी जमीनों की राजस्व टीम और लेखपाल द्वारा पैमाइश कराकर बाउंड्री वॉल का निर्माण किया जाएगा और नगर पंचायत वहाँ अपने सरकारी बोर्ड भी लगाएगी। फरेंदा तहसील की इस कड़ी कार्रवाई के बाद अवैध कब्जेदारों में हड़कंप मच गया है। प्रशासन के सख्त तेवर को देखते हुए कई लोगों ने खुद ही अपनी कब्जे वाली जमीनें खाली करना शुरू कर दिया है। राजस्व विभाग की टीम लगातार जमीनों की पैमाइश कर सरकारी संपत्तियों की पहचान कर रही है। नायब तहसीलदार ने इस कार्रवाई को जनहित में आवश्यक बताया, क्योंकि सरकारी जमीनें आम जनता के लिए होती हैं और इन पर कब्जों से विकास कार्य बाधित होते हैं तथा लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। उन्होंने पुष्टि की कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा।2
- मुहर्रम के पावन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम आपसी भाईचारे, प्रेम, शांति और सामाजिक एकता का प्रतीक है, जो हमें त्याग, बलिदान और इंसानियत की राह पर चलने की प्रेरणा देता है। यह पवित्र पर्व 26 जून को मनाया जाएगा। इस अवसर पर, सभी से मिलकर मुहर्रम की इस पवित्र परंपरा का सम्मान करने और समाज में प्रेम, सद्भाव तथा एकता का संदेश फैलाने का आह्वान किया गया है। हुसैन की याद में सिर झुकाने और इंसानियत की राह पर कदम बढ़ाने की प्रेरणा देते हुए, मुहर्रम हमें सत्य, त्याग और सब्र का धर्म सिखाता है। सभी मुस्लिम भाइयों और क्षेत्रवासियों को मुहर्रम की हार्दिक शुभकामनाएं दी गई हैं।1
- जनपद कुशीनगर के थाना हाटा क्षेत्रान्तर्गत ग्राम गीदहा धनहा में दिनांक 24.06.2026 को ग्रामीणों ने साधु शाही भट्टे के सामने सड़क किनारे सरपट में एक शव पड़ा होने की सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की तो पता चला कि यह शव गीदहा धनहा निवासी योगेश कुमार पुत्र राम प्यारे का है। शव केवल नरकंकाल (हड्डियों) के रूप में था। मृतक के परिजनों ने उसके चप्पल और गमछे के आधार पर नरकंकाल की पहचान योगेश कुमार के रूप में की। पुलिस ने सभी हड्डी अवशेषों को पीएम किट में रखकर पंचनामा और पोस्टमॉर्टम की कार्यवाही के लिए मोर्चरी हाउस रविंद्र नगर भिजवा दिया है। गौरतलब है कि मृतक के पिता, श्री राम प्यारे पुत्र राम स्वरूप ने दिनांक 22.06.2026 को एक लिखित तहरीर दी थी कि उनका पुत्र योगेश कुमार दिनांक 17.06.2026 से घर से लापता है। काफी खोजबीन के बाद भी उसका कोई पता नहीं चला था। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने गुमशुदगी का प्रकरण दर्ज कर आवश्यक कार्यवाही कर रही थी। इस पूरे प्रकरण में सभी तथ्यों की गहराई से जांच की जा रही है। मौके पर शांति व्यवस्था कायम है, और इस संबंध में क्षेत्राधिकारी कसया श्री कुन्दन कुमार सिंह ने भी बयान दिया है।1
- आज 24 जून 2026 को कुशीनगर के हाटा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गीदहा धनहा में साधु शाही भट्टे के सामने सड़क किनारे सरपट (झंकार) में एक नर कंकाल मिलने से हड़कंप मच गया। ग्रामवासियों द्वारा दी गई सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की, तो पता चला कि यह शव गीदहा धनहा निवासी राम प्यारे के पुत्र योगेश कुमार का है। मृतक की पहचान उसके चप्पल और गमछे के आधार पर परिजनों द्वारा की गई, क्योंकि शव केवल हड्डियों के अवशेष के रूप में था। इस घटना से पहले, योगेश कुमार के पिता श्री राम प्यारे पुत्र राम स्वरूप ने 22 जून 2026 को हाटा थाने में एक लिखित तहरीर दी थी। उसमें बताया गया था कि उनका पुत्र योगेश कुमार 17 जून 2026 से घर से लापता था और काफी खोजबीन के बावजूद उसका कोई पता नहीं चला। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने गुमशुदगी का प्रकरण दर्ज कर आवश्यक कार्यवाही शुरू कर दी थी। पुलिस ने सभी हड्डी अवशेषों को पीएम किट में सुरक्षित रखवाकर पंचनामे की कार्यवाही पूरी की और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए रविंद्र नगर स्थित मोर्चरी हाउस भिजवाया। पुलिस इस पूरे प्रकरण में सभी तथ्यों की गहनता से जांच कर रही है और मौके पर शांति व्यवस्था कायम है। क्षेत्राधिकारी कसया श्री कुन्दन कुमार सिंह ने भी इस संबंध में जानकारी दी है।1
- कुशीनगर के हाटा कोतवाली क्षेत्र में 17 जून से लापता गोरखपुर नगर निगम के सफाईकर्मी योगेश का शव झाड़ियों में मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। मृतक का शव अत्यंत क्षत-विक्षत अवस्था में पाया गया, जिसके बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। परिजनों ने इस मामले में हत्या की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। योगेश के निधन से उनके पांच छोटे बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। मामले की जांच अभी जारी है।1
- कुशीनगर के हाटा क्षेत्र में एक बेहद दर्दनाक और रहस्यमय घटना सामने आई है, जहाँ गोरखपुर नगर निगम में सफाई कर्मी के रूप में कार्यरत 34 वर्षीय योगेश का शव लापता होने के सात दिन बाद झाड़ियों में बरामद हुआ है। योगेश 17 जून को लकड़ी काटने के लिए घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे, जिसके बाद परिजनों ने कई दिनों तक उनकी तलाश की और पुलिस को भी सूचना दी थी। बुधवार सुबह झाड़ियों में उनकी चप्पल मिलने के बाद खोजबीन तेज हुई, जिसके कुछ दूरी पर उनका शव बरामद हुआ। योगेश अपने चार बेटियों और एक बेटे के इकलौते सहारा थे और पत्नी की मौत के बाद अकेले ही बच्चों की परवरिश कर रहे थे। इस घटना से 5 बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है। परिजनों ने घटना को संदिग्ध बताते हुए इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की है, और पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।1
- उत्तर प्रदेश के फरेंदा में विप्र समाज ने बिहार में हुए कथित इनकाउंटर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। इस मांग को विप्र समाज के अध्यक्ष भरत भूषण तिवारी ने पुरजोर तरीके से उठाया। उन्होंने बिहार में हुए इस कथित पुलिस इनकाउंटर की गहन और पारदर्शी जांच की आवश्यकता पर बल दिया।1
- महाराजगंज जिले के परसा खुर्द गांव में मंगलवार शाम एक युवक शराब के नशे में 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन के बिजली के पोल पर चढ़ गया। युवक को बिजली के तारों के पास लटका देख पूरे गांव में हड़कंप मच गया और अफरातफरी फैल गई। ग्रामीणों द्वारा सूचना दिए जाने पर भिटौली पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और बिजली सप्लाई बंद कराकर एक बड़े हादसे को टाल दिया। काफी मशक्कत के बाद युवक को सुरक्षित पोल से नीचे उतारा गया और उसके परिजनों को सौंप दिया गया।1