गुरुग्राम के फरुखनगर नगर पालिका क्षेत्र में पुरातत्व विभाग की गोल बावड़ी के पास 30 से 40 अवैध दुकानें और बड़ी-बड़ी बिल्डिंगें बिना किसी NOC, नक्शा पास कराए और बिना डेवलपमेंट चार्ज चुकाए बना दी गई हैं। पहले इन अवैध निर्माणों में से 15 से 20 दुकानों को नगर पालिका के अधिकारियों ने सील किया था, लेकिन आरोप है कि प्रॉपर्टी डीलर के साथ मिलकर अधिकारियों ने ही इन सील को हटा दिया। इसकी शिकायत नगर पालिका अध्यक्ष और सचिव को भी दी गई थी, मगर उनके द्वारा भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद, आठ महीने पहले मुख्यमंत्री समाधान सेवा गुरुग्राम में शिकायत दर्ज कराई गई, जिसकी जांच एसडीएम पटौदी को सौंपी गई। शिकायतकर्ता द्वारा मौका निरीक्षण कराए जाने और बड़ी बिल्डिंगें दिखाने के बाद, एसडीएम पटौदी ने सचिव को अवैध निर्माणों को सील करने का आदेश दिया। हालांकि, आरोप है कि सचिव, म्यूनिसिपल इंजीनियर, जूनियर इंजीनियर, बिल्डिंग इंस्पेक्टर और पटवारी ने एसडीएम पटौदी के इन आदेशों का पालन नहीं किया। फिर डीसी गुरुग्राम ने जीएमडीए के नोडल अधिकारी आर. एस. भट्ट को एक पत्र क्रमांक 309/06.05.2026 भेजकर अवैध तरीके से बनी दुकानें, पीजी, OYO होटल, अवैध रूप से चल रही वाटिकाएं, प्राइवेट अस्पताल की बिल्डिंगें, मिनी वेयरहाउस और पेट्रोल पंपों को तोड़ने व सील करने की जिम्मेदारी सौंपी। हालांकि, इस आदेश को एक महीना बीत चुका है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। जानकारी के अनुसार, इन अवैध दुकानों, पीजी, OYO होटल, वाटिका, मिनी वेयरहाउस और पेट्रोल पंप का संबंध बादशाहपुर विधानसभा के एक बड़े नेता के निजी व्यक्ति से है, जिसकी वजह से इन अवैध निर्माणों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। फरुखनगर नगर पालिका के अधिकारी, एसडीएम पटौदी और डीसी गुरुग्राम तथा एमजी कमिश्नर गुरुग्राम के आदेशों की धज्जियां उड़ा रहे हैं।
गुरुग्राम के फरुखनगर नगर पालिका क्षेत्र में पुरातत्व विभाग की गोल बावड़ी के पास 30 से 40 अवैध दुकानें और बड़ी-बड़ी बिल्डिंगें बिना किसी NOC, नक्शा पास कराए और बिना डेवलपमेंट चार्ज चुकाए बना दी गई हैं। पहले इन अवैध निर्माणों में से 15 से 20 दुकानों को नगर पालिका के अधिकारियों ने सील किया था, लेकिन आरोप है कि प्रॉपर्टी डीलर के साथ मिलकर अधिकारियों ने ही इन सील को हटा दिया। इसकी शिकायत नगर पालिका अध्यक्ष और सचिव को भी दी गई थी, मगर उनके द्वारा भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद, आठ महीने पहले मुख्यमंत्री समाधान सेवा गुरुग्राम में शिकायत दर्ज कराई गई, जिसकी जांच एसडीएम पटौदी को सौंपी गई। शिकायतकर्ता द्वारा मौका निरीक्षण कराए जाने और बड़ी बिल्डिंगें दिखाने के बाद, एसडीएम पटौदी ने सचिव को अवैध निर्माणों को सील करने का आदेश दिया। हालांकि, आरोप है कि सचिव,
म्यूनिसिपल इंजीनियर, जूनियर इंजीनियर, बिल्डिंग इंस्पेक्टर और पटवारी ने एसडीएम पटौदी के इन आदेशों का पालन नहीं किया। फिर डीसी गुरुग्राम ने जीएमडीए के नोडल अधिकारी आर. एस. भट्ट को एक पत्र क्रमांक 309/06.05.2026 भेजकर अवैध तरीके से बनी दुकानें, पीजी, OYO होटल, अवैध रूप से चल रही वाटिकाएं, प्राइवेट अस्पताल की बिल्डिंगें, मिनी वेयरहाउस और पेट्रोल पंपों को तोड़ने व सील करने की जिम्मेदारी सौंपी। हालांकि, इस आदेश को एक महीना बीत चुका है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। जानकारी के अनुसार, इन अवैध दुकानों, पीजी, OYO होटल, वाटिका, मिनी वेयरहाउस और पेट्रोल पंप का संबंध बादशाहपुर विधानसभा के एक बड़े नेता के निजी व्यक्ति से है, जिसकी वजह से इन अवैध निर्माणों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। फरुखनगर नगर पालिका के अधिकारी, एसडीएम पटौदी और डीसी गुरुग्राम तथा एमजी कमिश्नर गुरुग्राम के आदेशों की धज्जियां उड़ा रहे हैं।
- एक बेहद क्रूर और चौंकाने वाली वारदात में, एक व्यक्ति को "बकरा हलाल होते हुए देखा है?" कहकर बुलाया गया और फिर चाकू से गोदकर उसकी हत्या कर दी गई। यह घटना ऐसे समय में हुई जब ईद-उल-अजहा यानी बकरीद का जिक्र सामने आ रहा है, जिससे इस हत्या के तरीके में एक भयावह संकेत जुड़ जाता है।1
- आज एक दुर्घटना हुई।1
- उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में बकरीद के दिन 17 वर्षीय छात्र सूर्या की हत्या के बाद फरार चल रहे आरोपी असद को पुलिस ने एक मुठभेड़ में मार गिराया है। यह घटना रविवार तड़के इंदिरापुरम के अभय खंड में हुई, जहाँ खोड़ा और इंदिरापुरम पुलिस ने मिलकर इस संयुक्त अभियान को अंजाम दिया। इस कार्रवाई के दौरान एक कांस्टेबल भी घायल हो गया।1
- अब बिजली के बिलों पर भी लोगों को भारी मार का सामना करना पड़ रहा है। यह स्थिति आम जनता के लिए एक नई परेशानी बनकर सामने आई है।1
- एक बच्ची को उसके परिवार से मिलाने के लिए एक वीडियो को अधिक से अधिक साझा करने की अपील की जा रही है। लोगों से अनुरोध किया गया है कि वे इस लड़की को उसके माता-पिता तक पहुंचाने में सहयोग करें।1
- गुजरात के बनासकांठा जिले के पालनपुर में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी को ₹50,000 में बेचने के बाद उसकी गुमशुदगी की झूठी शिकायत दर्ज करवाई। आरोपी निकेश पटेल ने अपने दोस्तों की मदद से अपनी पत्नी को अन्य लोगों को बेच दिया था। इस वारदात को अंजाम देने के बाद उसने पालनपुर पश्चिम पुलिस थाने में पत्नी के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस की गहन जाँच के दौरान युवती को बरामद किया गया और पूछताछ में पूरे मामले का पर्दाफाश हुआ। जाँच में खुलासा हुआ कि निकेश पटेल अपनी पत्नी को पसंद नहीं करता था, जिसके चलते उसने अपने साथी संजय ठाकोर, अशोक ठाकोर और सचिन दरबार के साथ मिलकर उसे ₹50,000 में बेच दिया। आरोप है कि बेचने से पहले उन्होंने महिला के गहने छीनकर बेच दिए और उसे बंधक बनाकर दुष्कर्म भी किया था। पालनपुर पश्चिम पुलिस के पीआई आर. के. पटेल और उनकी टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी निकेश पटेल समेत कुल 7 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी निकेश पटेल पहले भी कई आपराधिक मामलों में संलिप्त रहा है। इस मामले में मानव तस्करी, धोखाधड़ी और अन्य संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की गहन जाँच कर रही है, जिसमें तकनीकी और मानवीय जाँच के आधार पर महिला को खोज निकाला गया और आरोपियों को दबोचा गया।1
- मिली जानकारी के अनुसार, अब किसी को भी मोदी की सरकार नहीं चाहिए।1
- दिल्ली के नॉर्थ वेस्ट स्थित शालीमार बाग इलाके में रविवार सुबह-सुबह लगभग 150 घरों को गिराने की एक बड़ी डिमोलिशन कार्रवाई शुरू की गई है। इस कार्रवाई को अंजाम देने के लिए बड़ी संख्या में पैरामीलट्री फोर्सेस और दिल्ली पुलिस के जवानों को शनिवार रात से ही तैनात कर दिया गया था। यह डिमोलिशन सड़क चौड़ी करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। यह सड़क आउटर रिंग रोड से आजादपुर मंडी की ओर आती है और इसे संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर से आजादपुर मंडी तक सीधा जोड़ा जा रहा है। इन 150 मकानों के मालिकों को पहले ही नोटिस जारी कर 30 मई तक अपने घरों को खाली करने का निर्देश दिया गया था। मकान मालिकों ने इस संबंध में दिल्ली हाईकोर्ट और सर्वोच्च न्यायालय तक भी गुहार लगाई थी, लेकिन उन्हें कोई राहत नहीं मिली। दी गई समय-सीमा के अनुसार, कुछ लोगों ने अपने घरों को खाली कर दिया था और अपना सामान भी हटा लिया था, जबकि कुछ लोगों का सामान अभी भी उनके घरों के अंदर मौजूद है। आज सुबह से ही इन पुराने और बहुमंजिला मकानों पर डिमोलिशन की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।1