दमोह जिले के मड़ियादो वनपरिक्षेत्र में वन विभाग ने अवैध अतिक्रमण के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। वनपरिक्षेत्र अधिकारी जे.पी. मिश्रा के नेतृत्व में जुनवानी के भौंरा क्षेत्र में लगभग 13 हेक्टेयर वन भूमि से अतिक्रमण हटाया गया। इस कार्रवाई के दौरान, वन विभाग की टीम ने भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के बाद उस पर सीड बॉल के माध्यम से बुवाई भी की, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में पुनः हरियाली विकसित करना और वन संरक्षण को बढ़ावा देना है। कार्रवाई के दौरान, कुछ अतिक्रमणकारियों ने मौके पर विवाद की स्थिति पैदा करने का प्रयास किया, लेकिन वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उन्हें समझाइश देकर स्थिति को शांतिपूर्ण ढंग से नियंत्रित कर लिया। यह पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा, और वन संपदा की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक तथा सख्त कदम उठाए जाएंगे।
दमोह जिले के मड़ियादो वनपरिक्षेत्र में वन विभाग ने अवैध अतिक्रमण के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। वनपरिक्षेत्र अधिकारी जे.पी. मिश्रा के नेतृत्व में जुनवानी के भौंरा क्षेत्र में लगभग 13 हेक्टेयर वन भूमि से अतिक्रमण हटाया गया। इस कार्रवाई के दौरान, वन विभाग की टीम ने भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के बाद उस पर सीड बॉल के माध्यम से बुवाई भी की, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में पुनः हरियाली विकसित करना और वन संरक्षण को बढ़ावा देना है। कार्रवाई के दौरान, कुछ अतिक्रमणकारियों ने मौके पर विवाद की स्थिति पैदा करने का प्रयास किया, लेकिन वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उन्हें समझाइश देकर स्थिति को शांतिपूर्ण ढंग से नियंत्रित कर लिया। यह पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा, और वन संपदा की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक तथा सख्त कदम उठाए जाएंगे।
- Post by RAHUL YADAV1
- कटनी नगर में नेशनल मीडिया प्रेस क्लब (NMPC) द्वारा पत्रकारों के लिए एक निःशुल्क कानूनी पाठशाला संचालित की जा रही है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य डिजिटल युग में पत्रकारिता के गिरते मानकों की रक्षा करना और मीडियाकर्मियों को उनके वैधानिक अधिकारों, सुरक्षा और पत्रकारिता के नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूक करना है। यह कार्यशाला पत्रकारों को कानूनी चुनौतियों से बचाने और उन्हें एक सशक्त व जिम्मेदार प्रहरी के रूप में कार्य करने के लिए तैयार करती है। इस पाठशाला के तहत कानूनी सुरक्षा और अधिकार सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि मीडियाकर्मी कार्यस्थल पर होने वाले गैर-संवैधानिक हमलों, उत्पीड़न या झूठे मुकदमों के खिलाफ कानूनी रूप से लड़ सकें। इसके अतिरिक्त, पत्रकारों को प्रेस की स्वतंत्रता के दायरे में रहकर निष्पक्ष, सटीक और जवाबदेह रिपोर्टिंग करने का प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाता है। कार्यशाला का एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू यह है कि यह भारतीय प्रेस परिषद और मीडिया कानूनों, जैसे मानहानि और सूचना का अधिकार, की सटीक व स्पष्ट जानकारी देकर पत्रकारों को बिना किसी भय के कार्य करने हेतु दबाव से मुक्ति दिलाती है। नेशनल मीडिया प्रेस क्लब इस मुहिम में शामिल होने के लिए पत्रकारों को आमंत्रित कर रहा है, जहाँ संगठित होकर अपने अधिकारों व कर्तव्यों की आवाज उठाने पर जोर दिया जा रहा है। ‘संघे शक्ति कलयुगे’ के सिद्धांत को रेखांकित करते हुए, यह बताया गया है कि इस कलयुग में संगठन व संगठित रहना ही शक्ति है। क्लब की ओर से स्पष्ट किया गया है कि केवल नैतिक व संवैधानिक रूप से सही दिशा पर कार्य कर रहे पत्रकार ही इससे जुड़ें। पत्रकारों को संवैधानिक अधिकार मिलने चाहिए, इसी उद्देश्य के साथ यह कानूनी पाठशाला अपने अधिकारों व कर्तव्यों को विस्तार से समझने, संगठित होकर बुलंद आवाज के साथ ‘पत्रकार एकता जिंदाबाद’ का उद्घोष करने और पत्रकारों के हितों की लड़ाई में सहभागिता निभाने का आह्वान करती है।1
- एक बेहद गंभीर मामले में, एक लड़के को 13 साल की उम्र में जेल भेज दिया गया था और अब, 25 साल की उम्र में, वह आखिरकार रिहा हो गया है, जिसने अपनी ज़िंदगी के महत्वपूर्ण 12 साल जेल में बिताए हैं। इस पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं कि एक मासूम 13 साल का लड़का पार्टी पॉलिटिक्स के बारे में क्या जान सकता था। आरोप है कि अभिषेक बनर्जी ने एक दिन लड़के के हाथ में बीजेपी का झंडा देखा, जिसके बाद उन्होंने तुरंत पुलिस को बुलाया और लड़के को ऐसे आरोपों में जेल भेजने का आदेश दिया जिससे उसे ज़िंदगी भर कभी जमानत न मिल सके। इस घटना की तुलना अंग्रेजों के अत्याचार से करते हुए कहा गया है कि अंग्रेज भी इतने बेरहम नहीं थे, फिर भी एक लड़के की पूरी ज़िंदगी बर्बाद कर दी गई। सवाल उठाया गया है कि अब उसके उन सालों के नुकसान की भरपाई कौन करेगा जिनसे उसका भविष्य बनना चाहिए था, और क्या हमारे संविधान में इसका कोई प्रावधान है। यह मांग की गई है कि अभिषेक बनर्जी को लड़के की ज़िंदगी बर्बाद करने के लिए ज़िम्मेदार ठहराया जाना चाहिए और उसे तथा उसके परिवार को तुरंत कम से कम पांच करोड़ रुपये का मुआवज़ा दिया जाना चाहिए। इसके अलावा, एफआईआर दर्ज होने के समय थाने में मौजूद पूरे पुलिस स्टाफ को नौकरी से निकाल देना चाहिए और उनसे जुर्माना भी वसूला जाना चाहिए।1
- अंतरराष्ट्रीय विश्व योग दिवस के अवसर पर कटनी शहर के प्रसिद्ध जागृति पार्क (12 पीपल) में एक भव्य योग एवं ध्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सुबह से ही पार्क में योग प्रेमियों, समाजसेवियों और गणमान्य नागरिकों की बड़ी उपस्थिति रही, जिससे कार्यक्रम को विशेष पहचान मिली। भजनों की मधुर स्वर लहरियों और आध्यात्मिक वातावरण के बीच सभी प्रतिभागियों ने सामूहिक योगाभ्यास किया, और इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य, अनुशासन तथा सकारात्मक जीवनशैली का महत्वपूर्ण संदेश दिया। कार्यक्रम में "करें योग, रहें निरोग" के संदेश के साथ स्वस्थ भारत के निर्माण का संकल्प लिया गया। इस दौरान विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान की क्रियाएं कराई गईं। योग विशेषज्ञों ने बताया कि नियमित योग केवल शरीर को ही स्वस्थ नहीं रखता, बल्कि मानसिक तनाव को भी दूर कर व्यक्ति को ऊर्जावान और आत्मविश्वासी बनाता है। उपस्थित लोगों ने योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने का संकल्प भी लिया। कार्यक्रम में डॉ. उमा निगम, निरंजन पंजवानी, आनंद सुहाने, प्रमोद जायसवाल, लकी गुप्ता, संजय सोनी, संजय खंडेलवाल, अतुल जैन, शिवहरी जी, लक्ष्मीकांत भारद्वाज, पाठक जी, रमेश गुप्ता, कपूर सोनी, अनिल नेमा, सत्येंद्र सिंह चौहान (राजस्थान), अशोक वर्मा, मनीष दुबे, बी.डी. तिवारी जी, पारीक जी, गोयल जी सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे और योगाभ्यास में सक्रिय रूप से सहभागिता की। वक्ताओं ने इस अवसर पर कहा कि योग भारत की हजारों वर्षों पुरानी अमूल्य धरोहर है, जिसे आज पूरा विश्व अपना रहा है। योग शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करके जीवन को एक नई दिशा प्रदान करता है। विश्व योग दिवस का मुख्य उद्देश्य भी लोगों को स्वस्थ, तनावमुक्त और जागरूक जीवन की ओर प्रेरित करना है। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने नियमित योग करने और समाज में योग के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। पूरे आयोजन में उत्साह, अनुशासन और सकारात्मक ऊर्जा का एक अद्भुत संगम देखने को मिला, जिससे जागृति पार्क से एक बार फिर "योग है जीवन का आधार, स्वस्थ शरीर और सशक्त विचार" का सशक्त संदेश दिया गया।1
- जी डी मेमोरियल हॉस्पिटल में एक निशुल्क चिकित्सा शिविर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस शिविर में जबलपुर और नागपुर से आए वरिष्ठ डॉक्टरों ने मरीजों को परामर्श प्रदान किया।1
- कटनी जिले के छोटे से ग्राम पिपरौध की प्रतिभाशाली छात्रा काजल जैन ने अपनी उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धि से पूरे जिले का नाम रोशन करते हुए इतिहास रच दिया है। उन्हें रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में भारत की राष्ट्रपति Droupadi Murmu के कर-कमलों से तीन स्वर्ण पदक प्राप्त हुए। काजल, वीरेंद्र जैन (बिल्ला) और अरविंद जैन की नातिन तथा संजय जैन (संजू) की सुपुत्री हैं। काजल जैन को यह गौरवपूर्ण उपलब्धि बीएससी (फिजिक्स, मैथ्स एवं केमिस्ट्री) विषयों में शानदार प्रदर्शन के लिए मिली। उनकी यह सफलता विशेष इसलिए है क्योंकि उन्होंने बिना किसी कोचिंग के, केवल स्व-अध्ययन और अथक परिश्रम के दम पर यह मुकाम हासिल किया। समारोह में कुल लगभग 64 मेधावी विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल प्रदान किए गए, जिनमें कटनी जिले की एकमात्र छात्रा के रूप में काजल जैन शामिल थीं। राष्ट्रपति के हाथों तीन स्वर्ण पदक प्राप्त करना काजल और उनके परिवार के साथ-साथ पूरे कटनी जिले के लिए अत्यंत गौरव और सम्मान का विषय है। उनकी यह ऐतिहासिक उपलब्धि जिले के सभी विद्यार्थियों के लिए एक बड़ी प्रेरणा है, जो दर्शाती है कि दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत से किसी भी लक्ष्य को पाया जा सकता है। कटनी जिले के नागरिकों, शिक्षकों, समाजसेवियों और विभिन्न संगठनों ने काजल जैन की इस शानदार सफलता पर उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।1
- सागर के मकरोनिया थाना क्षेत्र की गौर नगर कॉलोनी में एक कार और बाइक की टक्कर के बाद दो पक्षों के बीच जोरदार विवाद हो गया। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कथित तौर पर एक लड़की द्वारा थप्पड़ मारे जाने का दृश्य है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वाहन भिड़ंत के तुरंत बाद दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई, जो जल्द ही एक बड़े विवाद में बदल गई। मौके पर मौजूद कई लोगों ने स्थिति को शांत करने और बीच-बचाव का प्रयास किया। यह वायरल वीडियो सामने आने के बाद यह पूरा मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है, हालांकि, वायरल वीडियो की सत्यता की पुष्टि स्वतंत्र रूप से नहीं की जा सकी है। पुलिस को घटना की सूचना मिलने के बाद, आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल, विवाद के पीछे के असल कारणों और किसी भी पक्ष द्वारा पुलिस में शिकायत दर्ज कराने से संबंधित कोई जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।1