भोपाल के कमला नगर में बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले करणी सेना के पूर्व जिला अध्यक्ष आशु कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी पर नगर निगम में नौकरी लगाने के नाम पर युवाओं से तीन से पांच लाख रुपये तक वसूलने और फर्जी नियुक्ति पत्र देने का आरोप है। मामले के सामने आने के बाद कई अन्य पीड़ित भी थाने पहुंचे हैं और पुलिस को आशंका है कि आरोपी ने करीब 30 से 40 लोगों को अपना शिकार बनाया है। इस ठगी का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित पवन यादव, जिनकी मुलाकात करणी सेना की एक बैठक के दौरान आशु कुमार से हुई थी, नगर निगम का कथित नियुक्ति पत्र लेकर कमिश्नर कार्यालय जॉइनिंग के लिए पहुंचे। वहां दस्तावेजों की जांच में नियुक्ति पत्र पूरी तरह फर्जी पाया गया, जिसके बाद नगर निगम प्रशासन ने पुलिस को सूचित किया और पीड़ित ने भी शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद कमला नगर थाना पुलिस ने आरोपी आशु कुमार को गिरफ्तार कर लिया। एसीपी अंकिता खातरकर के अनुसार, जांच के बाद मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी का एक कार्यालय भी है जहां वह बेरोजगार युवाओं से मिलकर नौकरी के नाम पर पैसे लेता था। वह चार साल पहले भी पकड़ा जा चुका है और इस मामले में अब तक 12-13 और लोग शिकायत लेकर सामने आए हैं। संदिग्ध गतिविधियों के चलते करणी सेना ने आशु कुमार को कुछ समय पहले ही पद से हटा दिया था। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार करने के तरीके और इस ठगी में शामिल अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
भोपाल के कमला नगर में बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले करणी सेना के पूर्व जिला अध्यक्ष आशु कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी पर नगर निगम में नौकरी लगाने के नाम पर युवाओं से तीन से पांच लाख रुपये तक वसूलने और फर्जी नियुक्ति पत्र देने का आरोप है। मामले के सामने आने के बाद कई अन्य पीड़ित भी थाने पहुंचे हैं और पुलिस को आशंका है कि आरोपी ने करीब 30 से 40 लोगों को अपना शिकार बनाया है। इस ठगी का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित पवन यादव, जिनकी मुलाकात करणी सेना की एक बैठक के दौरान आशु कुमार से हुई थी, नगर निगम का कथित नियुक्ति पत्र लेकर कमिश्नर कार्यालय जॉइनिंग के लिए पहुंचे। वहां दस्तावेजों की जांच में नियुक्ति पत्र पूरी तरह फर्जी पाया गया, जिसके बाद नगर निगम प्रशासन ने पुलिस को सूचित किया और पीड़ित ने भी शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद कमला नगर थाना पुलिस ने आरोपी आशु कुमार को गिरफ्तार कर लिया। एसीपी अंकिता खातरकर के अनुसार, जांच के बाद मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी का एक कार्यालय भी है जहां वह बेरोजगार युवाओं से मिलकर नौकरी के नाम पर पैसे लेता था। वह चार साल पहले भी पकड़ा जा चुका है और इस मामले में अब तक 12-13 और लोग शिकायत लेकर सामने आए हैं। संदिग्ध गतिविधियों के चलते करणी सेना ने आशु कुमार को कुछ समय पहले ही पद से हटा दिया था। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार करने के तरीके और इस ठगी में शामिल अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
- भोपाल के विज्ञान भवन में आगामी 11 और 12 जुलाई 2026 को अंतरराष्ट्रीय ज्योतिष सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम से जुड़ी पूरी खबर को अवश्य देखें।4
- भोपाल जिला अभिभाषक संघ का चुनाव प्रचार अब अपने अंतिम दौर में पहुंच चुका है, जहां चुनावी सरगर्मियों के बीच वकीलों के विभिन्न समूहों से मिलकर समर्थन मांगा जा रहा है।1
- मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भारतीय जनता पार्टी पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर कर लोकतंत्र की हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि राज्यसभा चुनाव से लेकर विजयपुर विधानसभा उपचुनाव और अब दतिया विधानसभा क्षेत्र की परिस्थितियां इस बात का स्पष्ट प्रमाण हैं कि भाजपा का लोकतांत्रिक मूल्यों में कोई विश्वास नहीं है। जीतू पटवारी ने चुनाव आयोग से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है ताकि चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित होने से बचाया जा सके। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्यसभा चुनाव में एक सीट छीनी गई, विजयपुर विधानसभा में न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से जीते हुए जनप्रतिनिधि को हटाकर हारे हुए को लाभ पहुंचाया गया और राजेंद्र भारती को षड्यंत्रपूर्वक पद से मुक्त कराया गया। इन घटनाओं ने लोकतंत्र को गहरा आघात पहुंचाया है और भाजपा पर विधायकों की खरीद-फरोख्त के आरोप भी पूरे देश के सामने उजागर हुए हैं। दतिया उपचुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि पिछले दो दिनों में वहां की कानून-व्यवस्था ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि स्थानीय कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक छोटी-छोटी घटनाओं को भी नियंत्रित नहीं कर पा रहे हैं, तो निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराने की उनकी क्षमता संदिग्ध है। जीतू पटवारी ने भाजपा के आंतरिक विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि टिकट वितरण के बाद भाजपा कार्यालय के घेराव, सड़क जाम और अव्यवस्था के बावजूद प्रशासन ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की, जो इसकी गंभीर विफलता को दर्शाता है। उन्होंने चुनाव आयोग से आग्रह किया कि दतिया उपचुनाव की प्रत्येक गतिविधि पर विशेष निगरानी रखी जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रशासन निष्पक्ष होकर काम करे। उन्होंने भरोसा जताया कि दतिया की जनता लोकतंत्र का सम्मान करते हुए कांग्रेस के पक्ष में मतदान करेगी और पार्टी वहां भारी मजबूती से जीत दर्ज करेगी।1
- मध्य प्रदेश में नरोत्तम मिश्रा ने कार्यकर्ताओं के उपद्रव को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि टिकट न देना पूरी तरह से पार्टी का निर्णय है। गौरतलब है कि हाईकमान तक शिकायत पहुंचने के बाद नरोत्तम मिश्रा पर कार्रवाई होने की बात कही जा रही थी।1
- चाइल्ड पोर्न देखना, शेयर करना या किसी को दिखाना बेहद गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। कानून के तहत इस तरह के अपराधों में लिप्त होने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और अत्यंत सख्त सजा का प्रावधान किया गया है। यदि किसी को भी मोबाइल या इंटरनेट पर ऐसा कोई आपत्तिजनक कंटेंट मिलता है, तो उसे आगे बिल्कुल न भेजें। इसके बजाय, तुरंत संबंधित सोशल मीडिया या ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म पर उसकी रिपोर्ट दर्ज कराएं और पुलिस को इस मामले की सूचना दें, क्योंकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना हम सभी की जिम्मेदारी है।1
- भोपाल रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-6 स्थित ऑटो स्टैंड पर इंसानियत को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। यहाँ एक माह की मासूम बच्ची को ऑटो में अकेला छोड़कर दो महिलाएं और एक पुरुष फरार हो गए। सवारी छोड़कर जब ऑटो चालक वापस लौटा, तो उसने बच्ची को रोते हुए देखा और तुरंत इस बात की सूचना जीआरपी को दी। सूचना मिलते ही पुलिस ने बच्ची को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया और उसकी स्वास्थ्य जांच कराई। इसके बाद आगे की देखरेख के लिए बच्ची को चाइल्ड लाइन को सौंप दिया गया है। फिलहाल, जीआरपी स्टेशन और उसके आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि तीनों संदिग्धों की पहचान कर उनकी तलाश की जा सके। पुलिस का कहना है कि इन आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।1
- गाजियाबाद के नंदग्राम कट के पास शनिवार सुबह एक बड़ा हादसा टल गया, जहाँ डीपीएस स्कूल की एक बस में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते कुछ ही मिनटों के भीतर पूरी बस जलकर पूरी तरह से खाक हो गई। इस हादसे में सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि घटना के समय बस में कोई भी छात्र मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ी जनहानि टल गई। वहीं बस के ड्राइवर ने भी सूझबूझ दिखाई और समय रहते बाहर निकलकर अपनी जान बचा ली। धुआं, लपटें और राख की ढेरी में तब्दील हुई इस घटना ने स्कूल वाहनों की सुरक्षा को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह हादसा सोचने पर मजबूर करता है कि बच्चों को ले जाने वाली ये गाड़ियां वाकई कितनी सुरक्षित हैं और मेंटेनेंस के नाम पर इतनी बड़ी लापरवाही क्यों बरती जा रही है।1