महिला अधिकारिता विभाग ने बुधवार को सीमलवाड़ा पंचायत समिति परिसर में नारी चौपाल कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं में नेतृत्व क्षमता और निर्णय लेने की योग्यता का विकास करना, उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं से जोड़ना तथा उनके सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देना रहा। कार्यक्रम में महिला अधिकारों, स्वास्थ्य, शिक्षा और आत्मनिर्भरता पर विशेष चर्चा की गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मंडल अध्यक्ष परेश पाटीदार रहे, जिन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने जोर दिया कि महिला सशक्तिकरण के लिए संचालित अनेक योजनाओं का लाभ उठाकर महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत बन रही हैं और आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। नायब तहसीलदार भूमल चौहान ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महिलाओं को शिक्षा के महत्व और आत्मनिर्भर बनने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षित महिलाएँ न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं, इसलिए उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहकर सरकारी योजनाओं का लाभ उठाना चाहिए और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना चाहिए। नारी चौपाल में मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्गम प्रोत्साहन योजना, उड़ान योजना, और लाडो प्रोत्साहन योजना सहित महिला अधिकारिता विभाग की विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त, 181 महिला हेल्पलाइन, 112 आपातकालीन सेवा, और 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं की उपयोगिता के बारे में भी बताया गया। राजीविका के माध्यम से संचालित लखपति दीदी, कृषि सखी, और ड्रोन दीदी जैसी योजनाओं की जानकारी देकर महिलाओं को स्वरोजगार एवं आत्मनिर्भरता की ओर प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में एनीमिया की रोकथाम, महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण, और साइबर क्राइम से बचाव जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी जागरूकता फैलाई गई। इस कार्यक्रम में महिला पर्यवेक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, साथिनों और स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी लगभग 80 महिलाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन महिला अधिकारिता विभाग के ब्लॉक सुपरवाइजर सुरेश चंद्र पटेल ने किया। अंत में, उपस्थित महिलाओं से आह्वान किया गया कि वे सरकारी योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाएं और अन्य महिलाओं को भी इन योजनाओं के प्रति जागरूक करें।
महिला अधिकारिता विभाग ने बुधवार को सीमलवाड़ा पंचायत समिति परिसर में नारी चौपाल कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं में नेतृत्व क्षमता और निर्णय लेने की योग्यता का विकास करना, उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं से जोड़ना तथा उनके सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देना रहा। कार्यक्रम में महिला अधिकारों, स्वास्थ्य, शिक्षा और आत्मनिर्भरता पर विशेष चर्चा की गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मंडल अध्यक्ष परेश पाटीदार रहे, जिन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने जोर दिया कि महिला सशक्तिकरण के लिए संचालित अनेक योजनाओं का लाभ उठाकर महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत बन रही हैं और आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। नायब तहसीलदार भूमल चौहान ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महिलाओं को शिक्षा के महत्व और आत्मनिर्भर बनने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षित महिलाएँ न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं, इसलिए उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहकर सरकारी योजनाओं का लाभ उठाना चाहिए और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना चाहिए। नारी चौपाल में मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्गम प्रोत्साहन योजना, उड़ान योजना, और लाडो प्रोत्साहन योजना सहित महिला अधिकारिता विभाग की विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त, 181 महिला हेल्पलाइन, 112 आपातकालीन सेवा, और 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं की उपयोगिता के बारे में भी बताया गया। राजीविका के माध्यम से संचालित लखपति दीदी, कृषि सखी, और ड्रोन दीदी जैसी योजनाओं की जानकारी देकर महिलाओं को स्वरोजगार एवं आत्मनिर्भरता की ओर प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में एनीमिया की रोकथाम, महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण, और साइबर क्राइम से बचाव जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी जागरूकता फैलाई गई। इस कार्यक्रम में महिला पर्यवेक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, साथिनों और स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी लगभग 80 महिलाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन महिला अधिकारिता विभाग के ब्लॉक सुपरवाइजर सुरेश चंद्र पटेल ने किया। अंत में, उपस्थित महिलाओं से आह्वान किया गया कि वे सरकारी योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाएं और अन्य महिलाओं को भी इन योजनाओं के प्रति जागरूक करें।
- डूंगरपुर जिले के सीमलवाड़ा क्षेत्र में, अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान 'ऑपरेशन त्रिनेत्र व एरिया डोमिनेशन' के तहत वरदा थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने वरदा थाना क्षेत्र के गांव हिराता फला धरतीमाता निवासी 70 वर्षीय मंगला पुत्र भेमजी रोत को गिरफ्तार कर उसके घर से 51 हरे गांजे के पौधे जब्त किए हैं। इन पौधों का कुल वजन 5 किलो 292 ग्राम पाया गया, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 80 हजार रुपये बताई जा रही है। यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार (आईपीएस) के निर्देशन में हुई, जिसमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खींवसिंह का मार्गदर्शन और वृत्ताधिकारी रूपसिंह का नेतृत्व शामिल था। थानाधिकारी रिजवान खान को मुखबिर के जरिए सूचना मिली थी कि आरोपी मंगला रोत ने अपने घर में गांजे के पौधे छिपाए हुए हैं। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस टीम ने मंगला रोत के घर की तलाशी ली, जहाँ प्लास्टिक के कट्टों में सुखाने के लिए रखे गए गांजे के हरे पौधे बरामद हुए। आरोपी ने पूछताछ में इन पौधों का अपना होना स्वीकार कर लिया। पुलिस ने गांजे के पौधों को जब्त कर मंगला रोत को गिरफ्तार कर लिया है और उसके विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब गहन पूछताछ कर रही है ताकि यह पता चल सके कि आरोपी ने किन-किन लोगों को गांजा बेचा है, जिससे मामले में अन्य नामों का खुलासा होने और आगे और गिरफ्तारियों की संभावना है। इस कार्रवाई में थानाधिकारी रिजवान खान के नेतृत्व में पुलिस चौकी आंतरी के सुरेश कुमार, हेड कांस्टेबल यशपालसिंह, धर्मेन्द्र कुमार, घनेश्वर तथा कांस्टेबल लोकेन्द्रसिंह, पवन पाटीदार, श्रवण कुमार और अनिल कुमार सहित पूरी पुलिस टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस अधीक्षक ने इस टीम की सराहना करते हुए अवैध मादक पदार्थों के कारोबार के खिलाफ अभियान को लगातार जारी रखने का निर्देश दिया है।3
- अधिक जेठ माह के पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर पुष्टि संप्रदाय के अंतर्गत सिमलवाडा स्थित द्वारकाधीश हवेली में ठाकुरजी का पालना उत्सव अत्यंत श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ मनाया गया। इस भक्तिमय आयोजन में वैष्णव भक्तों ने नंदालय के भाव से ठाकुरजी के दर्शन कर धर्मलाभ लिया। न्यास मंडल अध्यक्ष नवीन मेहता ने जानकारी देते हुए बताया कि उत्सव के दौरान ठाकुरजी को मोरपिच मुकुट, पाठचंद्रिका की जोड़ एवं गैरदार वागा धारण कराकर आकर्षक श्रृंगार किया गया। इसके बाद अष्टसखा भाव से सुंदर कीर्तन प्रस्तुत किए गए, जहाँ कीर्तनकारों ने “प्रिय नवनीत पाल ने झूले श्री विट्ठलनाथ जुलावे हो” और “चिरंजीव गोपाल रानी केरो” जैसे विभिन्न मधुर पदों का गायन कर ठाकुरजी को रिझाया। उत्सव में सरोज शाह, रेखा शाह, इंदिरा पंड्या, विभा पंड्या और गायत्री शाह सहित महिला वैष्णवों ने भक्ति रस से सराबोर कीर्तन प्रस्तुत किए, वहीं हेमंत शाह, दत्तेश मेहता, पराग सोनी, राकेश शाह और महेश सोनी ने हवेली को नंदालय के भाव से आकर्षक सजावट कर आयोजन को भव्य स्वरूप प्रदान किया। मुखियाजी ने यशोदा माता के वात्सल्य भाव से ठाकुरजी को पालने में झुलाया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। प्रातः 10 बजे दर्शन खुलते ही बड़ी संख्या में वैष्णव भक्तों ने ठाकुरजी के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस पालना उत्सव में प्रवीण कोठारी, नवीन मेहता, जयेश कोठारी, अनिल कोठारी और सुरेंद्र शाह सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे, जिन्होंने पालने में झूले द्वारकाधीश के दर्शन कर अष्टसखा कीर्तन के साथ हवेली को भक्तिमय होते देखा।2
- डूंगरपुर जिले में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ 'ऑपरेशन त्रिनेत्र' और 'एरिया डॉमिनेशन' अभियान के तहत जिला पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। जिला अधीक्षक महोदय श्री आईपीएस मनीष कुमार के निर्देशन में, वरदा पुलिस थाना ने अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ यह लगातार तीसरी कार्रवाई की है। पुलिस ने गांव हिराता फला धरतीमाता में मंगला रोत के घर के अंदर से काट कर छुपाए गए गांजे के 51 हरे पौधे बरामद किए, जिनका कुल वजन 5 किलो 292 ग्राम है। जब्त किए गए गांजे की अनुमानित कीमत लगभग 80 हजार रुपए बताई गई है। इस कार्रवाई के दौरान आरोपी मंगला रोत को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस आरोपी से यह पता लगाने के लिए पूछताछ कर रही है कि उसने अब तक किस-किस को गांजा बेचा है, जिससे और भी नामों का खुलासा होने की संभावना है। इस सराहनीय कार्य में वरदा थानाधिकारी रिजवान खान के नेतृत्व में संपूर्ण वरदा पुलिस थाना का महत्वपूर्ण योगदान रहा।2
- डूंगरपुर की वागड़ धर्म नगरी में स्थित पीठाधीश्वर ब्रह्मलीन गुरुदेव महंत गौतमदास महाराज की तपोभूमि श्री कल्लाजी शिव अन्नपूर्णा पंच धाम राजपुर में आगामी 13 जून (शनिवार) से दो दिवसीय भव्य 'श्री विष्णु महायाग' का ऐतिहासिक शुभारंभ होने जा रहा है। अखिल भारतीय कल्लाजी सम्प्रदाय के राष्ट्रीय महासचिव गुरुदेव महंत गोपालदास महाराज के पावन सानिध्य में आयोजित इस महाधार्मिक अनुष्ठान को लेकर क्षेत्र में भारी उत्साह व्याप्त है। इस धार्मिक महोत्सव में वागड़, मेवाड़ और मारवाड़ सहित विभिन्न क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालुओं के जुटने की उम्मीद जताई गई है। महोत्सव के पहले दिन शनिवार प्रातः 10 बजे एक विशाल कलश यात्रा निकाली जाएगी, जिसमें मातृशक्ति मंगल कलश धारण कर सहभागिता करेंगी। इसके उपरांत, वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पवित्र पीपल वृक्ष के नीचे श्रद्धालुओं द्वारा प्रायश्चित संकल्प लिया जाएगा। धार्मिक विधि-विधान के अंतर्गत स्थापित देवताओं का पूजन, रुद्राभिषेक और यज्ञवेदी में होमात्मक आहुतियां भी दी जाएंगी। इसी कड़ी में, एक भव्य संत सम्मेलन का आयोजन भी होगा, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के प्रख्यात संत-महात्मा और गादीपति शिरकत कर भक्तों को सनातन धर्म की महिमा से अवगत कराएंगे। इस कार्यक्रम में बेणेश्वर धाम के पीठाधीश्वर गुरुदेव महंत अच्यूतानंद जी महाराज मुख्य अतिथि के रूप में अपना पावन सानिध्य प्रदान कर श्रद्धालुओं को दिव्य आशीर्वाद देंगे। संध्याकाल में ठाकुर जी की दिव्य महाआरती के बाद एक विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। इस भव्य आयोजन को सफल बनाने के लिए राजपुर गांव और पूरे डूंगरपुर शहर में तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है। धाम के गादीपति महंत गोपालदास वैष्णव, महंत वैष्णव परिवार और राजपुर के समस्त ग्रामवासियों ने क्षेत्र के सभी सनातन प्रेमियों से इस पावन आयोजन में सपरिवार पधारकर धर्म लाभ लेने और ठाकुर जी का आशीर्वाद प्राप्त करने की भावभीनी अपील की है।1
- बांसवाड़ा जिले के आनंदपुरी क्षेत्र की सेरानगला ग्राम पंचायत में एक ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें जिला कलेक्टर डॉ. इंद्रजीत यादव पहुँचे। कलेक्टर ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया और वहाँ मौजूद ग्रामीणों की समस्याओं को सुना। शिविर के दौरान नामांतरण, शुद्धिकरण, पेंशन, बिजली और अन्य सरकारी योजनाओं से संबंधित मामलों पर सुनवाई की गई, जिनमें से कई प्रकरणों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया। इस अवसर पर कलेक्टर ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए कि जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुँचे। इसके अतिरिक्त, कलेक्टर डॉ. यादव ने पाटनवधरा में बन रहे उप स्वास्थ्य केंद्र का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कार्य को गुणवत्ता के साथ और निर्धारित समय पर पूरा किया जाए।1
- राजस्थान के बांसवाड़ा ज़िले में चल रही भागवत कथा के कार्यक्रम की कुछ झलकियाँ सामने आई हैं।1
- राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ में, मोहकमपुरा से श्रद्धालुओं को नानी बाईं रो मायरो भरने के लिए जाते हुए देखा गया। इस दौरान, वे सनातनी नृत्य करते हुए निकले, जिसकी लाईव झलकियाँ देखने को मिलीं।2
- सीमलवाड़ा के गेंजी क्षेत्र में भीषण गर्मी और लगातार गहराते पेयजल संकट के बीच, गेंजी गांव के समाजसेवी अनिल जैन ने जरूरतमंद परिवारों तक टैंकरों के माध्यम से पेयजल पहुंचाकर बड़ी राहत प्रदान की है। ग्रामवासियों ने उनके इस जनसेवा कार्य की खुले दिल से सराहना करते हुए इसे मानवता की मिसाल बताया। जानकारी के अनुसार, गर्मी के मौसम में गांव के कई मोहल्लों और बस्तियों में गंभीर पेयजल समस्या उत्पन्न हो गई थी। इस स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, समाजसेवी अनिल जैन ने तुरंत पहल की और गांव की विभिन्न गलियों तथा जरूरतमंद परिवारों तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था की। उन्होंने स्वयं मौके पर मौजूद रहकर पानी वितरण का संचालन किया और यह सुनिश्चित किया कि कोई भी परिवार पेयजल से वंचित न रहे। इस सेवा कार्य में उनकी धर्मपत्नी मेनका जैन ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिन्होंने महिलाओं और परिवारों की आवश्यकताओं को समझते हुए सक्रिय सहयोग किया। दोनों ने मिलकर घर-घर पहुंचकर जरूरतमंद लोगों तक पानी उपलब्ध कराया, जिससे ग्रामीणों को अत्यधिक राहत मिली। ग्रामीणों ने बताया कि अनिल जैन हमेशा सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यों में अग्रणी रहते हैं, चाहे वह किसी जरूरतमंद परिवार की सहायता हो, धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों में सहयोग हो या आपदा में लोगों के साथ खड़ा होना। इस बार उन्होंने पेयजल संकट से जूझ रहे ग्रामीणों की सहायता कर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी का परिचय दिया। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि भीषण गर्मी में जब लोगों को पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है, ऐसे में अनिल जैन और मेनका जैन द्वारा किया गया यह कार्य न केवल राहत देने वाला है बल्कि समाज के लिए प्रेरणादायक भी है, जिससे सहयोग, संवेदना और मानवता की भावना को बल मिला है। गांव के लोगों ने दोनों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि 'नर सेवा ही नारायण सेवा है' की भावना से किया गया यह कार्य समाज में सकारात्मक संदेश देने वाला है। ग्रामवासियों ने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी इसी प्रकार सामाजिक सहयोग और जनसेवा के कार्य निरंतर जारी रहेंगे।1