नारनौल की सुप्रसिद्ध समाजसेविका एवं इंद्रप्रस्थ लिटरेचर फैस्टिवल संस्था की राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ कृष्णा कुमारी आर्या को अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर नेपाल की 'शब्द प्रतिभा बहुक्षेत्रीय सम्मान फाउंडेशन नेपाल द्वारा 'स्त्री शक्ति सम्मान 2026' से विभूषित किया गया। संस्था द्वारा समाजसेवा के क्षेत्र मे उल्लेखनीय कार्यों, स्त्री सशक्तिकरण, बालिका सुरक्षा, प्रकृति संरक्षण, राष्ट्रीय चरित्र निर्माण, सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन, साहित्य के माध्यम से वैश्विक सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने, भारत नेपाल मैत्री संबंधों को मजबूत करने, देवनागरी लिपि के संरक्षण एवं वैश्विक प्रचार प्रसार में उल्लेखनीय उपलब्धियों हेतु महिलाओं को सम्मानित किया गया है जिसमें हरियाणा के नारनौल की समाजसेविका एवं लोकगीतकार डॉ कृष्णा कुमारी आर्या को इस अंतर्राष्ट्रीय सम्मान से विभूषित किया गया। श्रीमती आर्या ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अनेक कार्यक्रमों मे हिस्सा लेकर भारत का नाम रौशन किया है और निरंतरकाव्य संगोष्ठीयों व कार्यक्रमों का आयोजन करती रहती हैं और स्वयं भी भाग लेती रहती हैं । इंद्रप्रस्थ लिटरेचर फैस्टिवल भारत राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ कृष्णा आर्या 2010 से लोकगीत लेखन और साहित्य निर्माण के क्षेत्र में कार्य कर रही हैं और अनेक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंचो पर प्रस्तुतियाँ दे चुकी हैं और उनको इससे पूर्व भी साहित्य सेवा हेतु अनेक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। उन्होंने इस अंतर्राष्ट्रीय उपलब्धि हेतु संस्था के अध्यक्ष आनंद गिरी मायलु, डॉ सोनल, डॉ प्रीती प्रसाद, रमेशचंद्र पटेल, और मंजू खरे सहित समस्त आयोजक, संयोजक मण्डल का आभार व्यक्त किया। नारनौल की सुप्रसिद्ध समाजसेविका एवं इंद्रप्रस्थ लिटरेचर फैस्टिवल संस्था की राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ कृष्णा कुमारी आर्या को अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर नेपाल की 'शब्द प्रतिभा बहुक्षेत्रीय सम्मान फाउंडेशन नेपाल द्वारा 'स्त्री शक्ति सम्मान 2026' से विभूषित किया गया। संस्था द्वारा समाजसेवा के क्षेत्र मे उल्लेखनीय कार्यों, स्त्री सशक्तिकरण, बालिका सुरक्षा, प्रकृति संरक्षण, राष्ट्रीय चरित्र निर्माण, सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन, साहित्य के माध्यम से वैश्विक सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने, भारत नेपाल मैत्री संबंधों को मजबूत करने, देवनागरी लिपि के संरक्षण एवं वैश्विक प्रचार प्रसार में उल्लेखनीय उपलब्धियों हेतु महिलाओं को सम्मानित किया गया है जिसमें हरियाणा के नारनौल की समाजसेविका एवं लोकगीतकार डॉ कृष्णा कुमारी आर्या को इस अंतर्राष्ट्रीय सम्मान से विभूषित किया गया। श्रीमती आर्या ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अनेक कार्यक्रमों मे हिस्सा लेकर भारत का नाम रौशन किया है और निरंतरकाव्य संगोष्ठीयों व कार्यक्रमों का आयोजन करती रहती हैं और स्वयं भी भाग लेती रहती हैं । इंद्रप्रस्थ लिटरेचर फैस्टिवल भारत राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ कृष्णा आर्या 2010 से लोकगीत लेखन और साहित्य निर्माण के क्षेत्र में कार्य कर रही हैं और अनेक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंचो पर प्रस्तुतियाँ दे चुकी हैं और उनको इससे पूर्व भी साहित्य सेवा हेतु अनेक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। उन्होंने इस अंतर्राष्ट्रीय उपलब्धि हेतु संस्था के अध्यक्ष आनंद गिरी मायलु, डॉ सोनल, डॉ प्रीती प्रसाद, रमेशचंद्र पटेल, और मंजू खरे सहित समस्त आयोजक, संयोजक मण्डल का आभार व्यक्त किया।
नारनौल की सुप्रसिद्ध समाजसेविका एवं इंद्रप्रस्थ लिटरेचर फैस्टिवल संस्था की राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ कृष्णा कुमारी आर्या को अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर नेपाल की 'शब्द प्रतिभा बहुक्षेत्रीय सम्मान फाउंडेशन नेपाल द्वारा 'स्त्री शक्ति सम्मान 2026' से विभूषित किया गया। संस्था द्वारा समाजसेवा के क्षेत्र मे उल्लेखनीय कार्यों, स्त्री सशक्तिकरण, बालिका सुरक्षा, प्रकृति संरक्षण, राष्ट्रीय चरित्र निर्माण, सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन, साहित्य के माध्यम से वैश्विक सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने, भारत नेपाल मैत्री संबंधों को मजबूत करने, देवनागरी लिपि के संरक्षण एवं वैश्विक प्रचार प्रसार में उल्लेखनीय उपलब्धियों हेतु महिलाओं को सम्मानित किया गया है जिसमें हरियाणा के नारनौल की समाजसेविका एवं लोकगीतकार डॉ कृष्णा कुमारी आर्या को इस अंतर्राष्ट्रीय सम्मान से विभूषित किया गया। श्रीमती आर्या ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अनेक कार्यक्रमों मे हिस्सा लेकर भारत का नाम रौशन किया है और निरंतरकाव्य संगोष्ठीयों व कार्यक्रमों का आयोजन करती रहती हैं और स्वयं भी भाग लेती रहती हैं । इंद्रप्रस्थ लिटरेचर फैस्टिवल भारत राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ कृष्णा आर्या 2010 से लोकगीत लेखन और साहित्य निर्माण के क्षेत्र में कार्य कर रही हैं और अनेक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंचो पर प्रस्तुतियाँ दे चुकी हैं और उनको इससे पूर्व भी साहित्य सेवा हेतु अनेक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। उन्होंने इस अंतर्राष्ट्रीय उपलब्धि हेतु संस्था के अध्यक्ष आनंद गिरी मायलु, डॉ सोनल, डॉ प्रीती प्रसाद, रमेशचंद्र पटेल, और मंजू खरे सहित समस्त आयोजक, संयोजक मण्डल का आभार व्यक्त किया। नारनौल की सुप्रसिद्ध समाजसेविका एवं इंद्रप्रस्थ लिटरेचर फैस्टिवल संस्था की राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ कृष्णा कुमारी आर्या को अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर नेपाल की 'शब्द प्रतिभा बहुक्षेत्रीय सम्मान फाउंडेशन नेपाल द्वारा 'स्त्री शक्ति सम्मान 2026' से विभूषित किया गया। संस्था द्वारा समाजसेवा के क्षेत्र मे उल्लेखनीय कार्यों, स्त्री सशक्तिकरण, बालिका सुरक्षा, प्रकृति संरक्षण, राष्ट्रीय चरित्र निर्माण, सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन, साहित्य के माध्यम से वैश्विक सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने, भारत नेपाल मैत्री संबंधों को मजबूत करने, देवनागरी लिपि के संरक्षण एवं वैश्विक प्रचार प्रसार में उल्लेखनीय उपलब्धियों हेतु महिलाओं को सम्मानित किया गया है जिसमें हरियाणा के नारनौल की समाजसेविका एवं लोकगीतकार डॉ कृष्णा कुमारी आर्या को इस अंतर्राष्ट्रीय सम्मान से विभूषित किया गया। श्रीमती आर्या ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अनेक कार्यक्रमों मे हिस्सा लेकर भारत का नाम रौशन किया है और निरंतरकाव्य संगोष्ठीयों व कार्यक्रमों का आयोजन करती रहती हैं और स्वयं भी भाग लेती रहती हैं । इंद्रप्रस्थ लिटरेचर फैस्टिवल भारत राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ कृष्णा आर्या 2010 से लोकगीत लेखन और साहित्य निर्माण के क्षेत्र में कार्य कर रही हैं और अनेक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंचो पर प्रस्तुतियाँ दे चुकी हैं और उनको इससे पूर्व भी साहित्य सेवा हेतु अनेक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। उन्होंने इस अंतर्राष्ट्रीय उपलब्धि हेतु संस्था के अध्यक्ष आनंद गिरी मायलु, डॉ सोनल, डॉ प्रीती प्रसाद, रमेशचंद्र पटेल, और मंजू खरे सहित समस्त आयोजक, संयोजक मण्डल का आभार व्यक्त किया।
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- भिवानी: हरियाणा के मनीषा मौत मामले में न्याय की मांग को लेकर निकाला जा रहा 'पैदल मार्च' आज भिवानी पहुंचा। इस यात्रा में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, सामाजिक कार्यकर्ता और महिलाएं शामिल हुईं। हाथों में तख्तियां और मनीषा की तस्वीरें लिए प्रदर्शनकारी प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। मुख्य बिंदु: न्याय की गुहार: प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस इस मामले में ढुलमुल रवैया अपना रही है और मुख्य आरोपियों को अब तक गिरफ्तार नहीं किया गया है। पैदल यात्रा का उद्देश्य: यह यात्रा विभिन्न गांवों और कस्बों से होते हुए लोगों को जागरूक करने और सरकार पर दबाव बनाने के लिए निकाली जा रही है। यात्रा का मुख्य उद्देश्य मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाना है। प्रशासन को चेतावनी: प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे अपना आंदोलन और तेज करेंगे। पैदल यात्रा के दौरान लोगों ने "मनीषा को न्याय दो" और "दोषियों को फांसी दो" के नारे लगाए। स्थानीय समर्थन: भिवानी पहुंचने पर स्थानीय निवासियों ने भी इस यात्रा का जोरदार स्वागत किया और अपनी एकजुटता प्रकट की। बाजार क्षेत्रों से गुजरते समय भारी भीड़ देखी गई, जिससे यातायात पर भी असर पड़ा। मनीषा के परिवार वालों का कहना है कि वे तब तक हार नहीं मानेंगे जब तक उनकी बेटी को इंसाफ नहीं मिल जाता। फिलहाल, पुलिस और प्रशासन की ओर से इस मामले पर कोई नया आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन इस पैदल यात्रा ने शासन के गलियारों में हलचल जरूर पैदा कर दी है।1
- मुंडावर उपखंड क्षेत्र के हरियाणा सीमा से सटे गांव रामसिंहपुरा का एक और वीर सपूत देश सेवा करते हुए शहीद हो गया। भारतीय सेना में कार्यरत जवान नितेश कुमार श्रीनगर के बारामुला क्षेत्र में ड्यूटी के दौरान हुए हादसे में शहीद हो गए। इस खबर के बाद गांव सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। जानकारी के अनुसार नितेश कुमार 28 दिन की छुट्टी पूरी कर चार दिन पहले ही वापस ड्यूटी पर श्रीनगर के बारामुला क्षेत्र में पहुंचे थे। उनके चचेरे भाई डॉ. उम्मेद सिंह ने बताया कि ड्यूटी पर लौटने से पहले नितेश गुलमर्ग स्थित ट्रांजिट कैंप में पहुंचे थे, जो सेना की दृष्टि से अति संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। बताया गया कि ट्रांजिट कैंप में पहुंचने के बाद नितेश अपने ससुराल पलावा गांव में 11 मार्च को होने वाली अपने साले की शादी में शामिल होने के लिए छुट्टी बढ़ाने का प्रार्थना पत्र अधिकारियों को देने पहुंचे थे। इसी दौरान वह सेना के वाहन से साथियों के साथ सफर कर रहे थे। वाहन से उतरते समय अचानक संतुलन बिगड़ने से वह फिसलकर सड़क पर गिर गए, जिससे उन्हें गंभीर अंदरूनी चोटें आईं। घायल अवस्था में उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। ड्यूटी के दौरान हुई इस दुर्घटना में शहीद होने पर सेना द्वारा उन्हें शहीद का दर्जा दिया गया। इसके बाद सेना के जवानों के साथ उनका पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव रामसिंहपुरा लाया गया। नितेश कुमार वर्ष 2017 में 19 इन्फेंट्री डिवीजन के तहत भारतीय थल सेना में भर्ती हुए थे। उन्होंने वर्ष 2015 में दसवीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद अपने पिता के मार्गदर्शन में सेना में भर्ती होने की तैयारी शुरू की थी। शहीद नितेश कुमार का परिवार भी लंबे समय से देश सेवा से जुड़ा रहा है। उनके पिता अभय सिंह वर्ष 2008 में भारतीय सेना से हवलदार पद से सेवानिवृत्त हुए थे, जबकि उनके बड़े भाई विजय सिंह वर्तमान में पश्चिम बंगाल में सेना में तैनात हैं। गांव रामसिंहपुरा के इस वीर सपूत की शहादत से पूरे क्षेत्र में शोक और गर्व का माहौल है। ग्रामीणों ने शहीद को भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। इस अवसर पर मुंडावर विधायक ललित यादव,जाट महासभा जिला अध्यक्ष अमित धर्मपाल चौधरी, मानका सरपंच गोविंद वाल्मीकि, राजा पंडित, लक्ष्मीकांत मीणा सहित काफी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे।4
- भिवानी की बेटी मनीषा को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष कर रहे सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर पीड़ित परिवार को समर्थन देने भिवानी पहुँचे युवा प्रदेशाध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौटाला1