logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

करोड़ों किसानों को सरकार का बड़ा तोहफा, 5 और सालों के लिए बड़ी पीएम किसान योजना... * करोड़ों किसानों को सरकार का बड़ा तोहफा, 5 और सालों के लिए बड़ी पीएम किसान योजना... * * मोदी सरकार ने, किसानों के लिए, पीएम किसान योजना, 5 वर्षों के लिए बढाई.. * by: TARUN kumar singh... *देश के करोड़ों अन्नदाताओं को बड़ी राहत देते हुए केंद्र सरकार ने ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि’ (PM-KISAN) योजना को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने की मंजूरी दे दी है। केंद्रीय कैबिनेट के इस फैसले के बाद यह महत्वपूर्ण योजना अब वित्त वर्ष 2026-27 से लेकर 2030-31 तक निरंतर प्रभावी रहेगी। इस अवधि के दौरान योजना के क्रियान्वयन के लिए सरकार ने 3.15 लाख करोड़ रुपये से अधिक का बजट तय किया है, जिससे जरूरतमंद किसानों को आर्थिक सहयोग मिलता रहेगा। सालाना 6 हजार रुपये की डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर से मिलेगी मदद पीएम किसान योजना के प्रावधानों के अनुसार, पात्र किसान परिवारों को प्रतिवर्ष 6,000 रुपये का वित्तीय संबल दिया जाता है। यह रकम 2,000-2,000 रुपये की तीन समान किस्तों के रूप में सीधे किसानों के बैंक खातों में ‘डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर’ (DBT) के माध्यम से हस्तांतरित की जाती है। किस्तों का समय फसलों के चक्र (बुवाई और कटाई के सीजन) के आधार पर निर्धारित किया गया है, जिससे किसान खेती से जुड़ी जरूरतों को समय पर पूरा कर सकें। कृषि लागत और नकद पैसों की किल्लत होगी दूर सरकार के अनुसार, अगले पांच वर्षों के लिए स्वीकृत किया गया 3,15,614 करोड़ रुपये का यह विशाल बजट किसानों को नियमित वित्तीय सुरक्षा प्रदान करेगा। योजना की किस्तें ऐसे समय जारी की जाती हैं जब किसानों को खाद, उन्नत बीज, कीटनाशक और कृषि उपकरणों की खरीद के लिए तत्काल नकदी की आवश्यकता होती है। समय पर आर्थिक मदद मिलने से किसानों को साहूकारों या अनौपचारिक स्रोतों से भारी ब्याज पर कर्ज लेने की मजबूरी से मुक्ति मिलती है। छोटे और सीमांत किसानों को मिल रहा सर्वाधिक लाभ योजना के आंकड़ों से स्पष्ट है कि इसका सबसे अधिक लाभ देश के छोटे और सीमांत किसानों तक पहुंच रहा है। पीएम किसान योजना की शुरुआत से लेकर अब तक कुल 23 किस्तों के माध्यम से 4.47 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में भेजी जा चुकी है। नीति आयोग के एक मूल्यांकन के मुताबिक, इस योजना ने किसानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ किया है और कृषि ऋण पर उनकी निर्भरता को कम करने में अहम भूमिका निभाई है।

2 hrs ago
user_Munnu Singh
Munnu Singh
Voice of people Patna, Bihar•
2 hrs ago
198c95ce-f108-495c-ad03-bb7feb964741

करोड़ों किसानों को सरकार का बड़ा तोहफा, 5 और सालों के लिए बड़ी पीएम किसान योजना... * करोड़ों किसानों को सरकार का बड़ा तोहफा, 5 और सालों के लिए बड़ी पीएम किसान योजना... * * मोदी सरकार ने, किसानों के लिए, पीएम किसान योजना, 5 वर्षों के लिए बढाई.. * by: TARUN kumar singh... *देश के करोड़ों अन्नदाताओं को बड़ी राहत देते हुए केंद्र सरकार ने ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि’ (PM-KISAN) योजना को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने की मंजूरी दे दी है। केंद्रीय कैबिनेट के इस फैसले के बाद यह महत्वपूर्ण योजना अब वित्त वर्ष 2026-27 से लेकर 2030-31 तक निरंतर

63245eb7-2432-4b2d-add0-9706ca8b871b

प्रभावी रहेगी। इस अवधि के दौरान योजना के क्रियान्वयन के लिए सरकार ने 3.15 लाख करोड़ रुपये से अधिक का बजट तय किया है, जिससे जरूरतमंद किसानों को आर्थिक सहयोग मिलता रहेगा। सालाना 6 हजार रुपये की डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर से मिलेगी मदद पीएम किसान योजना के प्रावधानों के अनुसार, पात्र किसान परिवारों को प्रतिवर्ष 6,000 रुपये का वित्तीय संबल दिया जाता है। यह रकम 2,000-2,000 रुपये की तीन समान किस्तों के रूप में सीधे किसानों के बैंक खातों में ‘डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर’ (DBT) के माध्यम से हस्तांतरित की जाती है। किस्तों का समय फसलों के चक्र (बुवाई और कटाई के

76c37cd4-07c5-417c-9318-9057777c2227

सीजन) के आधार पर निर्धारित किया गया है, जिससे किसान खेती से जुड़ी जरूरतों को समय पर पूरा कर सकें। कृषि लागत और नकद पैसों की किल्लत होगी दूर सरकार के अनुसार, अगले पांच वर्षों के लिए स्वीकृत किया गया 3,15,614 करोड़ रुपये का यह विशाल बजट किसानों को नियमित वित्तीय सुरक्षा प्रदान करेगा। योजना की किस्तें ऐसे समय जारी की जाती हैं जब किसानों को खाद, उन्नत बीज, कीटनाशक और कृषि उपकरणों की खरीद के लिए तत्काल नकदी की आवश्यकता होती है। समय पर आर्थिक मदद मिलने से किसानों को साहूकारों या अनौपचारिक स्रोतों से भारी ब्याज पर कर्ज लेने

c537cfe4-9f10-4aa0-91e6-8596617e7711

की मजबूरी से मुक्ति मिलती है। छोटे और सीमांत किसानों को मिल रहा सर्वाधिक लाभ योजना के आंकड़ों से स्पष्ट है कि इसका सबसे अधिक लाभ देश के छोटे और सीमांत किसानों तक पहुंच रहा है। पीएम किसान योजना की शुरुआत से लेकर अब तक कुल 23 किस्तों के माध्यम से 4.47 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में भेजी जा चुकी है। नीति आयोग के एक मूल्यांकन के मुताबिक, इस योजना ने किसानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ किया है और कृषि ऋण पर उनकी निर्भरता को कम करने में अहम भूमिका निभाई है।

More news from बिहार and nearby areas
  • छोटी माता माँ कथा ....................................
    1
    छोटी माता माँ कथा ....................................
    user_Mr X
    Mr X
    Business park दीनापुर-कम-खगौल, पटना, बिहार•
    10 hrs ago
  • गयाजी जिला के टेकारी अनुमंडल के कोच प्रखंड के उतरेन गांव कि रहने वाली ढाई साल कि वाणी 158देशों के झंडे को पहचानकर उसके देश का नाम बता देती है गयाजी से अवनीश कुमार कि रिपोर्ट ढाई साल की बच्ची ने खेल-खेल में रच दिया इतिहास, 153 देशों के झंडे पहचानकर बताती है नाम… इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हुआ नाम, अब वर्ल्ड रिकॉर्ड पर नजर बिहार के गया जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है, जो आपको हैरान कर देगी। महज ढाई साल की उम्र… और सैकड़ों देशों के झंडे देखकर उनके नाम बताने की अद्भुत प्रतिभा। गया के टेकारी अनुमंडल के कोच प्रखंड के उतरेन गांव की रहने वाली नन्हीं वाणी ने अपनी इस अनोखी प्रतिभा से इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया है। अब वाणी के परिवार की नजर प्रतिष्ठित गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड पर है। इसके लिए वाणी को दुनिया के 195 देशों के झंडे पहचानने होंगे। ये तस्वीरें हैं गया जिले के कोच प्रखंड के उतरेन गांव की रहने वाली महज 2 साल 10 महीने की नन्हीं वाणी की। उम्र भले ही छोटी है, लेकिन प्रतिभा ऐसी कि बड़े-बड़े भी हैरान रह जाएं। वाणी को अलग-अलग देशों के झंडे दिखाइए और वह तुरंत झंडे को देखकर देश का नाम बता देती है। बताया जा रहा है कि वाणी अब तक 153 से अधिक देशों के झंडों को पहचानकर उनके नाम बता चुकी है। वाणी की इस अद्भुत प्रतिभा का पता उसके पिता रविकांत कुमार को उस वक्त चला, जब ढाई साल की उम्र में खेल-खेल में वाणी ने एक पोस्टर पर बने 20 देशों के झंडे देखकर उनके नाम बता दिए। इसके बाद पिता ने वाणी की प्रतिभा को गंभीरता से लिया और उसकी क्षमता को निखारने की कोशिश शुरू की। कुछ ही समय में वाणी ने 45 एशियाई देशों के झंडे पहचानने शुरू कर दिए। 29 जून 2026 को वाणी को 45 एशियन कंट्री के नाम पहचानने के लिए पहला अवार्ड मिला। इसके बाद परिवार ने उसकी तैयारी और तेज कर दी। महज 10 दिनों के अंदर वाणी ने 127 देशों के झंडे पहचानने की क्षमता हासिल कर ली। परिवार ने इसका वीडियो बनाकर इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड को भेजा, जिसके बाद वाणी का रिकॉर्ड कंफर्म किया गया। परिजनों के मुताबिक, वाणी ने 127 देशों के नाम महज 6 मिनट 35 सेकंड में झंडे देखकर बताए। इससे पहले 45 देशों के नाम उसने 2 मिनट 10 सेकंड में बताए थे, जिसके आधार पर उसे प्रमाण पत्र भी मिला। इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड की ओर से वाणी को मेडल, आई कार्ड और रिकॉर्ड बुक देकर सम्मानित किया गया है। बेटी की इस प्रतिभा को देखकर पिता रविकांत कुमार भी बेहद उत्साहित हैं। उनका कहना है कि वाणी को बचपन से ही रंगों में काफी रुचि थी। इसी वजह से अलग-अलग देशों के झंडों के रंग और डिजाइन को देखकर वह उन्हें आसानी से पहचान लेती है। अब परिवार का लक्ष्य वाणी का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराना है। वाणी की मां पल्लवी मिश्रा और परिवार के अन्य सदस्य भी उसकी प्रतिभा से बेहद खुश हैं। परिवार का कहना है कि दोनों बेटियां अभी छोटी हैं और अल्फाबेट भी पूरी तरह नहीं जानतीं, लेकिन वाणी सैकड़ों देशों के नाम झंडे देखकर बता देती है। यही वजह है कि परिवार वाणी की इस प्रतिभा को आगे बढ़ाने में जुटा हुआ है। वाणी के दादा राम पांडे बताते हैं कि उनकी पोती को रंगों की शानदार समझ है। वह झंडे के रंग और पैटर्न को देखकर देश का नाम बता देती है। परिवार ने अब दुनिया के 195 देशों के झंडों की तैयारी शुरू कर दी है, ताकि वाणी जल्द से जल्द वर्ल्ड रिकॉर्ड की ओर कदम बढ़ा सके। गया की नन्हीं वाणी की यह प्रतिभा वाकई अद्भुत है। जिस उम्र में बच्चे खेल-खेल में अक्षर और रंग सीखते हैं, उस उम्र में वाणी सैकड़ों देशों के झंडे पहचानकर उनके नाम बता रही है। इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में नाम दर्ज होने के बाद अब वाणी और उसके परिवार की नजर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड पर है। अगर वाणी 195 देशों के झंडे पहचानने में कामयाब होती है, तो यह नन्हीं प्रतिभा दुनिया के सामने बिहार और गया का नाम रोशन कर सकती है।
    1
    गयाजी जिला के टेकारी अनुमंडल के कोच प्रखंड के उतरेन गांव कि रहने वाली ढाई साल कि वाणी 158देशों के झंडे को पहचानकर उसके देश का नाम बता देती है 
गयाजी से अवनीश कुमार कि रिपोर्ट 
ढाई साल की बच्ची ने खेल-खेल में रच दिया इतिहास, 153 देशों के झंडे पहचानकर बताती है नाम… इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हुआ नाम, अब वर्ल्ड रिकॉर्ड पर नजर
बिहार के गया जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है, जो आपको हैरान कर देगी। महज ढाई साल की उम्र… और सैकड़ों देशों के झंडे देखकर उनके नाम बताने की अद्भुत प्रतिभा। गया के टेकारी अनुमंडल के कोच प्रखंड के उतरेन गांव की रहने वाली नन्हीं वाणी ने अपनी इस अनोखी प्रतिभा से इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया है। अब वाणी के परिवार की नजर प्रतिष्ठित गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड पर है। इसके लिए वाणी को दुनिया के 195 देशों के झंडे पहचानने होंगे।
ये तस्वीरें हैं गया जिले के कोच प्रखंड के उतरेन गांव की रहने वाली महज 2 साल 10 महीने की नन्हीं वाणी की। उम्र भले ही छोटी है, लेकिन प्रतिभा ऐसी कि बड़े-बड़े भी हैरान रह जाएं। वाणी को अलग-अलग देशों के झंडे दिखाइए और वह तुरंत झंडे को देखकर देश का नाम बता देती है। बताया जा रहा है कि वाणी अब तक 153 से अधिक देशों के झंडों को पहचानकर उनके नाम बता चुकी है।
वाणी की इस अद्भुत प्रतिभा का पता उसके पिता रविकांत कुमार को उस वक्त चला, जब ढाई साल की उम्र में खेल-खेल में वाणी ने एक पोस्टर पर बने 20 देशों के झंडे देखकर उनके नाम बता दिए। इसके बाद पिता ने वाणी की प्रतिभा को गंभीरता से लिया और उसकी क्षमता को निखारने की कोशिश शुरू की। कुछ ही समय में वाणी ने 45 एशियाई देशों के झंडे पहचानने शुरू कर दिए।
29 जून 2026 को वाणी को 45 एशियन कंट्री के नाम पहचानने के लिए पहला अवार्ड मिला। इसके बाद परिवार ने उसकी तैयारी और तेज कर दी। महज 10 दिनों के अंदर वाणी ने 127 देशों के झंडे पहचानने की क्षमता हासिल कर ली। परिवार ने इसका वीडियो बनाकर इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड को भेजा, जिसके बाद वाणी का रिकॉर्ड कंफर्म किया गया।
परिजनों के मुताबिक, वाणी ने 127 देशों के नाम महज 6 मिनट 35 सेकंड में झंडे देखकर बताए। इससे पहले 45 देशों के नाम उसने 2 मिनट 10 सेकंड में बताए थे, जिसके आधार पर उसे प्रमाण पत्र भी मिला। इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड की ओर से वाणी को मेडल, आई कार्ड और रिकॉर्ड बुक देकर सम्मानित किया गया है।
बेटी की इस प्रतिभा को देखकर पिता रविकांत कुमार भी बेहद उत्साहित हैं। उनका कहना है कि वाणी को बचपन से ही रंगों में काफी रुचि थी। इसी वजह से अलग-अलग देशों के झंडों के रंग और डिजाइन को देखकर वह उन्हें आसानी से पहचान लेती है। अब परिवार का लक्ष्य वाणी का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराना है।
वाणी की मां पल्लवी मिश्रा और परिवार के अन्य सदस्य भी उसकी प्रतिभा से बेहद खुश हैं। परिवार का कहना है कि दोनों बेटियां अभी छोटी हैं और अल्फाबेट भी पूरी तरह नहीं जानतीं, लेकिन वाणी सैकड़ों देशों के नाम झंडे देखकर बता देती है। यही वजह है कि परिवार वाणी की इस प्रतिभा को आगे बढ़ाने में जुटा हुआ है।
वाणी के दादा राम पांडे बताते हैं कि उनकी पोती को रंगों की शानदार समझ है। वह झंडे के रंग और पैटर्न को देखकर देश का नाम बता देती है। परिवार ने अब दुनिया के 195 देशों के झंडों की तैयारी शुरू कर दी है, ताकि वाणी जल्द से जल्द वर्ल्ड रिकॉर्ड की ओर कदम बढ़ा सके।
गया की नन्हीं वाणी की यह प्रतिभा वाकई अद्भुत है। जिस उम्र में बच्चे खेल-खेल में अक्षर और रंग सीखते हैं, उस उम्र में वाणी सैकड़ों देशों के झंडे पहचानकर उनके नाम बता रही है। इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में नाम दर्ज होने के बाद अब वाणी और उसके परिवार की नजर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड पर है। अगर वाणी 195 देशों के झंडे पहचानने में कामयाब होती है, तो यह नन्हीं प्रतिभा दुनिया के सामने बिहार और गया का नाम रोशन कर सकती है।
    user_अवनीश कुमार
    अवनीश कुमार
    पटना ग्रामीण, पटना, बिहार•
    11 hrs ago
  • शेखपुरा जिला दिवस, का शेखपुरा जिला वासी को हार्दिक हार्दिक बधाई, BLCP ITS ASHOK SAMRAT
    1
    शेखपुरा जिला दिवस, का शेखपुरा जिला वासी को हार्दिक हार्दिक बधाई, BLCP ITS ASHOK SAMRAT
    user_SSDBIHARCOD108
    SSDBIHARCOD108
    News Anchor Patna Rural, Bihar•
    12 hrs ago
  • पटना SSP के खिलाफ प्रशांत किशोर नेचुनाव आयोग मेंजांच के लिए दिया आवेदन । बांकीपुर से जनसुराज प्रत्याशी प्रशांत किशोर ने पटना SSP के खिलाफ की शिकायत, बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के काउंटिंग से पहले चुनाव आयोग पहुंचे प्रशांत किशोर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से मुलाकात कर सौंपा प्रतिवेदन पटना के एसएसपी को लेकर शिकायत की है,उन्होंने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से शिकायत किया है कि पिछले 3 दिनों में अधिकारी ने अपने लोगों के साथ मिलकर काफी संख्या में लोगों को डराया धमकाया प्रजातंत्र की हत्या की इसीलिए उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए
    1
    पटना SSP के खिलाफ प्रशांत किशोर नेचुनाव आयोग मेंजांच के लिए दिया आवेदन ।
बांकीपुर से जनसुराज प्रत्याशी प्रशांत किशोर ने पटना SSP के खिलाफ की शिकायत, बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के काउंटिंग से पहले चुनाव आयोग पहुंचे प्रशांत किशोर
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से मुलाकात कर सौंपा प्रतिवेदन
पटना के एसएसपी को लेकर शिकायत की है,उन्होंने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से शिकायत किया है कि पिछले 3 दिनों में अधिकारी ने अपने लोगों के साथ मिलकर काफी संख्या में लोगों को डराया धमकाया प्रजातंत्र की हत्या की इसीलिए उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए
    user_जनमत एक्सप्रेस, श्रवण राज
    जनमत एक्सप्रेस, श्रवण राज
    Photographer फतुहा, पटना, बिहार•
    7 hrs ago
  • बड़ी माता माँ कथा हरी चुरी..................................
    1
    बड़ी माता माँ कथा 
हरी चुरी..................................
    user_Mr X
    Mr X
    Business park दीनापुर-कम-खगौल, पटना, बिहार•
    11 hrs ago
  • बांकीपुर विधानसभा चुनाव में महिलाओं ने किसे चुना किस मुद्दे पर वोट किया? #foryou #viralnews
    1
    बांकीपुर विधानसभा चुनाव में महिलाओं ने किसे चुना किस मुद्दे पर वोट किया?
#foryou #viralnews
    user_Talk On Chair
    Talk On Chair
    Media company Dinapur-Cum-Khagaul, Patna•
    18 hrs ago
  • 49% आरक्षण से काम नहीं चलेगा, पूरा 90% आरक्षण चाहिए, बोलें BLCP सुप्रीमो सुभाष कुमार जी, देखिए ITS ASHOK SAMRAT के साथ,
    1
    49% आरक्षण से काम नहीं चलेगा, पूरा 90% आरक्षण चाहिए, बोलें BLCP सुप्रीमो सुभाष कुमार जी, देखिए ITS ASHOK SAMRAT के साथ,
    user_SSDBIHARCOD108
    SSDBIHARCOD108
    News Anchor Patna Rural, Bihar•
    19 hrs ago
  • पिलर विवाद में चली गोलियां! वैशाली में 76 वर्षीय बुजुर्ग की दिनदहाड़े हत्या पिलर विवाद में चली गोलियां! वैशाली में 76 वर्षीय बुजुर्ग की दिनदहाड़े हत्या
    1
    पिलर विवाद में चली गोलियां! वैशाली में 76 वर्षीय बुजुर्ग की दिनदहाड़े हत्या
पिलर विवाद में चली गोलियां! वैशाली में 76 वर्षीय बुजुर्ग की दिनदहाड़े हत्या
    user_बिहार दैनिक पंचायत  रणधीर सिंह
    बिहार दैनिक पंचायत रणधीर सिंह
    Local News Reporter हाजीपुर, वैशाली, बिहार•
    6 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.