आगरा के छिपी टोला क्षेत्र में भीषण गर्मी के बीच पानी की गंभीर किल्लत से जूझ रही महिलाओं ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया और सड़क जाम कर दी। यह घटना योगी सरकार द्वारा 'हर घर गंगाजल', 'क्लीन आगरा ग्रीन आगरा' और 'ग्रेटर नोएडा' जैसे आगरा शहर के लिए किए गए बड़े-बड़े दावों की पोल खोलती दिखाई दे रही है। प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना था कि वे लंबे समय से पानी की समस्या झेल रही हैं। भीषण गर्मी में, जब सरकार खुद आवश्यकता पड़ने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह देती है, तब भी उन्हें अपने बच्चों का पालन-पोषण करने के लिए दूर-दूर से पानी भरकर लाना पड़ रहा है। उनका आरोप था कि कभी पानी मिलता है तो कभी नहीं, और ऐसी गर्मी में पानी न मिलना उनके लिए जीवन-मरण का प्रश्न बन गया है। महिलाओं के इस आक्रोश को सरकार की साफ नाकामी बताया जा रहा है। आगरा शहर के अन्य क्षेत्र, जैसे श्याम नगर और जगदीशपुर, में भी सालों से नाले, गंदगी और सड़कों की खराब स्थिति जैसी शिकायतें बनी हुई हैं, और यह भी बताया गया कि कोई अधिकारी या नेता इन समस्याओं पर संज्ञान नहीं लेता, और न ही कभी ले पाएगा। छिपी टोला की इन महिलाओं ने छोटे-छोटे बच्चों को घर पर छोड़कर विरोध प्रदर्शन किया और सड़क को ब्लॉक कर दिया। काफी मुश्किलों के बाद समझाने-बुझाने पर ही वे सड़क से हटीं। महिलाओं का यह गुस्सा पानी की कमी और बच्चों की व्याकुलता को देखते हुए सरकार की विफलताओं को उजागर करता है।
आगरा के छिपी टोला क्षेत्र में भीषण गर्मी के बीच पानी की गंभीर किल्लत से जूझ रही महिलाओं ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया और सड़क जाम कर दी। यह घटना योगी सरकार द्वारा 'हर घर गंगाजल', 'क्लीन आगरा ग्रीन आगरा' और 'ग्रेटर नोएडा' जैसे आगरा शहर के लिए किए गए बड़े-बड़े दावों की पोल खोलती दिखाई दे रही है। प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना था कि वे लंबे समय से पानी की समस्या झेल रही हैं। भीषण गर्मी में, जब सरकार खुद आवश्यकता पड़ने पर
ही घर से बाहर निकलने की सलाह देती है, तब भी उन्हें अपने बच्चों का पालन-पोषण करने के लिए दूर-दूर से पानी भरकर लाना पड़ रहा है। उनका आरोप था कि कभी पानी मिलता है तो कभी नहीं, और ऐसी गर्मी में पानी न मिलना उनके लिए जीवन-मरण का प्रश्न बन गया है। महिलाओं के इस आक्रोश को सरकार की साफ नाकामी बताया जा रहा है। आगरा शहर के अन्य क्षेत्र, जैसे श्याम नगर और जगदीशपुर, में भी सालों से नाले, गंदगी और सड़कों
की खराब स्थिति जैसी शिकायतें बनी हुई हैं, और यह भी बताया गया कि कोई अधिकारी या नेता इन समस्याओं पर संज्ञान नहीं लेता, और न ही कभी ले पाएगा। छिपी टोला की इन महिलाओं ने छोटे-छोटे बच्चों को घर पर छोड़कर विरोध प्रदर्शन किया और सड़क को ब्लॉक कर दिया। काफी मुश्किलों के बाद समझाने-बुझाने पर ही वे सड़क से हटीं। महिलाओं का यह गुस्सा पानी की कमी और बच्चों की व्याकुलता को देखते हुए सरकार की विफलताओं को उजागर करता है।
- आगरा जिले में, ड्यूटी पर तैनात एक सोशल मीडियाकर्मी हंसा नहाने गया था, जहाँ उसकी डूबने से मौत हो गई।1
- बीजेपी सरकार पर आरोप लगाते हुए, यह माँग उठाई गई है कि उनके 'कारनामों' यानी गलत कार्यों या नीतियों को जनता के सामने उजागर किया जाना चाहिए।1
- चित्रा त्रिपाठी ने यह समझाया है कि पेट्रोल की कीमत में 7 रुपये की बढ़ोतरी होने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा।1
- अमेरिकी विदेश मंत्री आगरा पहुँच गए हैं। उन्होंने यहाँ विश्व प्रसिद्ध ताजमहल का दौरा किया। ताजमहल का दीदार करने के बाद वे जयपुर के दौरे पर निकलेंगे।1
- कासगंज की पटियाली विधानसभा सीट पर समाजवादी पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता जाहिदा सुल्तान की दावेदारी लगातार मजबूत होती दिख रही है। सहावर की चेयरपर्सन रहते हुए उन्होंने जो विकास कार्य कराए, वे अब उनके राजनीतिक सफर की सबसे बड़ी ताकत बन गए हैं। पूरे क्षेत्र में उनके द्वारा कराए गए कई विकास कार्यों की चर्चा हो रही है, जिनमें नगर पंचायत भवन का निर्माण, तालाब सौंदर्यीकरण, इंटरलॉकिंग कार्य, बारात घर का निर्माण, अखाड़ा और स्वच्छता से जुड़ी परियोजनाएँ शामिल हैं। इन कार्यों के कारण सहावर विकास मॉडल अब पटियाली विधानसभा क्षेत्र में एक बड़ा मुद्दा बन गया है।1
- SSC GD परीक्षा के रद्द होने की खबर सामने आते ही लखनऊ में भारी बवाल देखने को मिला है। इस घोषणा के बाद नाराज छात्रों ने शहर में जोरदार प्रदर्शन किया, जिसके कारण स्थिति तनावपूर्ण हो गई। छात्रों ने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।1
- नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर आगरा में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं और छात्रों ने सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। थाना सदर क्षेत्र के सोहल्ला से लेकर लाल कुर्ती चौकी तक सैकड़ों कार्यकर्ताओं और छात्रों ने हाथों में तख्तियां लेकर और बुलंद नारे लगाते हुए पैदल मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों का स्पष्ट आरोप था कि पेपर लीक की इन घटनाओं ने लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है, जिससे युवाओं का भरोसा टूट रहा है और पूरे देश में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। मार्च के दौरान थाना सदर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बीच रास्ते में ही रोक दिया। पुलिस ने उनसे एक ज्ञापन लिया, लेकिन उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी। समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि बार-बार हो रहे पेपर लीक से युवाओं में सरकार के प्रति अविश्वास बढ़ रहा है। छात्रों में इस बात को लेकर भी नाराजगी है कि सरकार द्वारा नीट परीक्षा दोबारा कराने का फैसला किया गया है। आगरा में हुए इस प्रदर्शन ने साफ संकेत दिया है कि छात्र और युवा अब अपने भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सड़क से लेकर सिस्टम तक हर जगह जवाब मांग रहे हैं।2
- एक व्यंगात्मक टिप्पणी में कहा गया है कि बीजेपी सरकार में शामिल होने पर 'सभी पाप धुल जाएंगे'। यह बयान हल्के-फुल्के अंदाज़ में दिया गया, जो इसके साथ दिए गए इमोजी से स्पष्ट होता है।1