उपनिबंधन कार्यालय शिफ्ट करने के प्रयास पर भड़के वकील, तहसील बार की बैठक में बड़ा प्रस्ताव पारित धनघटा, संत कबीर नगर। धनघटा तहसील बार एसोसिएशन धनघटा की एक महत्वपूर्ण बैठक सोमवार को आयोजित हुई, जिसमें अधिवक्ताओं ने एकजुट होकर प्रशासन के कुछ प्रस्तावित कदमों पर कड़ा रुख अपनाया। बैठक की अध्यक्षता बार एसोसिएशन के अध्यक्ष दिलीप राय एडवोकेट ने की, जबकि संचालन महामंत्री मिठाईलाल एडवोकेट द्वारा किया गया। बैठक में सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव में उपनिबंधन कार्यालय से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रशासन को चेतावनी भरे लहजे में ज्ञापन भेजने का निर्णय लिया गया। अधिवक्ताओं ने स्पष्ट रूप से कहा कि उपनिबंधक कार्यालय को तहसील परिसर में निर्मित ट्रेजरी बिल्डिंग में अविलंब स्थापित किया जाए, ताकि आम जनता और अधिवक्ताओं को सुगम एवं पारदर्शी सेवाएं मिल सकें। इसके साथ ही अधिवक्ताओं ने यह भी कड़ा विरोध जताया कि विवादित भूखंड पर अवैधानिक तरीके से बने अधूरे भवन में उपनिबंधन कार्यालय को शिफ्ट करने का प्रयास किया जा रहा है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बैठक को संबोधित करते हुए अध्यक्ष दिलीप राय एडवोकेट ने कहा कि यदि प्रशासन द्वारा अधिवक्ताओं की मांगों की अनदेखी की गई, तो तहसील बार एसोसिएशन आंदोलन के लिए बाध्य होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता समाज न्याय व्यवस्था का महत्वपूर्ण स्तंभ है और उनकी उचित मांगों को नजरअंदाज करना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। वरिष्ठ उपाध्यक्ष पियूष पाल एडवोकेट, उपाध्यक्ष जय प्रकाश नारायण एडवोकेट एवं मंत्री आशुतोष मिश्र एडवोकेट ने भी अपने विचार रखते हुए एक स्वर में प्रशासन से न्यायोचित निर्णय लेने की मांग की। इस दौरान कार्यकारिणी सदस्य रविशंकर पाण्डेय, श्रवण सिंह चौहान एडवोकेट, गंगाराम प्रजापति एडवोकेट, पवन कुमार त्रिपाठी एडवोकेट, अरविंद सिंह एडवोकेट, नीम राय एडवोकेट, संजय सिंह एडवोकेट, नील पाण्डेय एडवोकेट, भुनाथ एडवोकेट, नंदन एडवोकेट और सुरेश एडवोकेट समेत बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे। बैठक के अंत में यह निर्णय लिया गया कि उपजिलाधिकारी धनघटा के माध्यम से जिलाधिकारी संत कबीर नगर को ज्ञापन प्रेषित कर शीघ्र कार्रवाई की मांग की गई।
उपनिबंधन कार्यालय शिफ्ट करने के प्रयास पर भड़के वकील, तहसील बार की बैठक में बड़ा प्रस्ताव पारित धनघटा, संत कबीर नगर। धनघटा तहसील बार एसोसिएशन धनघटा की एक महत्वपूर्ण बैठक सोमवार को आयोजित हुई, जिसमें अधिवक्ताओं ने एकजुट होकर प्रशासन के कुछ प्रस्तावित कदमों पर कड़ा रुख अपनाया। बैठक की अध्यक्षता बार एसोसिएशन के अध्यक्ष दिलीप राय एडवोकेट ने की, जबकि संचालन महामंत्री मिठाईलाल एडवोकेट द्वारा किया गया। बैठक में सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव में उपनिबंधन कार्यालय से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रशासन को चेतावनी भरे लहजे में ज्ञापन भेजने का निर्णय लिया गया। अधिवक्ताओं ने स्पष्ट रूप से कहा कि उपनिबंधक कार्यालय को तहसील परिसर में निर्मित ट्रेजरी बिल्डिंग में अविलंब स्थापित किया जाए, ताकि आम जनता और अधिवक्ताओं को सुगम एवं पारदर्शी सेवाएं मिल सकें। इसके साथ ही अधिवक्ताओं ने यह भी कड़ा विरोध जताया कि विवादित भूखंड पर अवैधानिक तरीके से बने अधूरे भवन में उपनिबंधन कार्यालय को शिफ्ट करने का प्रयास किया जा रहा है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बैठक को संबोधित करते हुए अध्यक्ष दिलीप राय एडवोकेट ने कहा कि यदि प्रशासन द्वारा अधिवक्ताओं की मांगों की अनदेखी की गई, तो तहसील बार एसोसिएशन आंदोलन के लिए बाध्य होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता समाज न्याय व्यवस्था का महत्वपूर्ण स्तंभ है और उनकी उचित मांगों को नजरअंदाज करना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। वरिष्ठ उपाध्यक्ष पियूष पाल एडवोकेट, उपाध्यक्ष जय प्रकाश नारायण एडवोकेट एवं मंत्री आशुतोष मिश्र एडवोकेट ने भी अपने विचार रखते हुए एक स्वर में प्रशासन से न्यायोचित निर्णय लेने की मांग की। इस दौरान कार्यकारिणी सदस्य रविशंकर पाण्डेय, श्रवण सिंह चौहान एडवोकेट, गंगाराम प्रजापति एडवोकेट, पवन कुमार त्रिपाठी एडवोकेट, अरविंद सिंह एडवोकेट, नीम राय एडवोकेट, संजय सिंह एडवोकेट, नील पाण्डेय एडवोकेट, भुनाथ एडवोकेट, नंदन एडवोकेट और सुरेश एडवोकेट समेत बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे। बैठक के अंत में यह निर्णय लिया गया कि उपजिलाधिकारी धनघटा के माध्यम से जिलाधिकारी संत कबीर नगर को ज्ञापन प्रेषित कर शीघ्र कार्रवाई की मांग की गई।
- पुलिस कर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य हेतु विशेष पहल* *थाना बखिरा में “हार्टफुलनेस मेडिटेशन” सत्र का सफल आयोजन* पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर *श्री संदीप कुमार मीना* के कुशल निर्देशन में आज दिनांक 06.04.2026 को थाना बखिरा परिसर में पुलिस कर्मियों के लिए एक विशेष योग एवं ध्यान (Meditation) सत्र का सफल आयोजन किया गया। *🎯 आयोजन का मुख्य उद्देश्य* वर्तमान परिवेश में पुलिस ड्यूटी की अनिश्चितता, लंबी कार्य अवधि एवं अनियमित दिनचर्या के कारण उत्पन्न मानसिक तनाव को कम करना तथा कर्मियों की कार्यक्षमता में वृद्धि करना इस कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य रहा। *👨🏫 विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा प्रशिक्षण* इस सत्र में अनुभवी हार्टफुलनेस मेडिटेशन प्रशिक्षकों द्वारा मार्गदर्शन प्रदान किया गया तथा प्रशिक्षकों ने सरल एवं प्रभावी तकनीकों के माध्यम से ध्यान एवं योग का अभ्यास कराया । *🧠 प्रशिक्षण के मुख्य बिंदु* सत्र के दौरान पुलिस कर्मियों को तनाव मुक्ति के प्रभावी उपाय बताये गये तथा मानसिक संतुलन बनाए रखने की तकनीक विभिन्न योगासनों का अभ्यास व ध्यान (Meditation) की सरल विधियाँ के बारे में विस्तृत जानकारी एवं अभ्यास कराया गया। *💡 योग एवं ध्यान के प्रमुख लाभ* प्रशिक्षकों द्वारा बताया गया कि नियमित ध्यान एवं योग के अभ्यास से मानसिक शांति एवं आत्मविश्वास में वृद्धि होती है व एकाग्रता एवं कार्यक्षमता में सुधार होता है तथा तनावपूर्ण परिस्थितियों में बेहतर निर्णय लेने की क्षमता विकसित होती है *🤝 सराहनीय पहल* यह आयोजन पुलिस कर्मियों के मानसिक एवं शारीरिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन अधिक ऊर्जा, संतुलन एवं दक्षता के साथ कर सकेंगे।1
- संतकबीरनगर । पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने सोमवार को थाना दुधारा का वार्षिक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान थाना परिसर, बैरक, शौचालय, कार्यालय, हवालात सहित विभिन्न इकाइयों की साफ-सफाई और अभिलेखों की स्थिति का गहन परीक्षण किया गया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक ने नवनिर्मित साइबर थाना/सीसीटीएनएस कक्ष का उद्घाटन किया। साथ ही मिशन शक्ति अभियान 5.0 के द्वितीय चरण के अंतर्गत मिशन शक्ति केंद्र का भी फीता काटकर शुभारंभ किया। निरीक्षण के दौरान ग्राम प्रहरियों, संभ्रांत नागरिकों एवं चौकीदारों के साथ संवाद स्थापित किया गया। उत्कृष्ट सूचना संकलन और सराहनीय कार्य के लिए दो ग्राम चौकीदारों को नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। पुलिस अधीक्षक ने महिला हेल्प डेस्क एवं मिशन शक्ति केंद्र पर महिला संबंधी शिकायतों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि महिला फरियादियों की समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ सुनकर उनका त्वरित निस्तारण किया जाए। साथ ही महिला कर्मियों को क्षेत्र में जाकर हेल्पलाइन नंबरों के प्रति जागरूकता फैलाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने एफआईआर रजिस्टर, विवेचना अभिलेख, मालखाना रजिस्टर एवं लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए सभी विवेचनाओं को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से निस्तारित करने के निर्देश दिए। महिला एवं बाल अपराधों में विशेष सतर्कता और निर्धारित एसओपी के कड़ाई से पालन पर जोर दिया गया। निरीक्षण के दौरान पुलिसकर्मियों को शस्त्रों के रखरखाव एवं संचालन का अभ्यास भी कराया गया। एसपी ने जनता के प्रति शालीन व्यवहार, त्वरित कार्रवाई और निष्पक्ष पुलिसिंग पर बल देते हुए क्षेत्र में कानून-व्यवस्था सुदृढ़ रखने, रात्रि गश्त बढ़ाने और अपराधियों के विरुद्ध निरोधात्मक कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह, क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद अमित कुमार, गोपनीय निरीक्षक अविनाश प्रताप सिंह, प्रभारी निरीक्षक अरविन्द शर्मा, रीडर एसपी रामआशीष यादव, पीआरओ पी.के. गुप्ता सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- टावर गिरने से आसपास की दुकानों को काफी नुकसान पहुंचा, वहीं सामने खड़ी एक बाइक भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। गनीमत रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। घटना के बाद स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है और लोग प्रशासन से ऐसे टावरों की सुरक्षा की जांच कराने की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।1
- Post by रवि चन्द्र पत्रकार1
- अजीत मिश्रा (खोजी) बस्ती, उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार में जहाँ एक ओर विकास और सुशासन के दावे किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बस्ती जिले में प्रशासन की उदासीनता से क्षुब्ध होकर स्वयं सत्ताधारी दल के वरिष्ठ नेता को ही धरने पर बैठने को मजबूर होना पड़ा है। मनोरमा नदी की सफाई और जीर्णोद्धार की मांग को लेकर भाजपा के वरिष्ठ नेता चंद्रमणि पांडेय ने आज जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। प्रशासन पर वादाखिलाफी का आरोप धरने पर बैठे चंद्रमणि पांडेय ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि मनोरमा नदी की सफाई को लेकर प्रशासन ने पूर्व में कई वादे किए थे, लेकिन धरातल पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा, "हम भगवान राम को मानने वाले लोग हैं और संवाद में विश्वास रखते हैं। हमने सुबह 10:30 बजे प्रशासन को सूचना पत्र दिया था कि यदि मनोरमा नदी की सफाई के लिए कोई लिखित आश्वासन या ठोस कार्ययोजना मिलती है, तो हम वार्ता को तैयार हैं।" अधिकारियों की लाचारी और 'जबरन' वार्ता का प्रयास भाजपा नेता का आरोप है कि जैसे ही वे अपने समर्थकों के साथ धरना स्थल पर पहुँचे, डीसी मनरेगा और सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने उन्हें अपनी गाड़ी में बिठाकर 'वार्ता' के नाम पर ले जाने का प्रयास किया। पांडेय के अनुसार, अधिकारियों ने स्पष्ट रूप से कह दिया कि "हमारे हाथ में कुछ नहीं है" और उन्हें फोटो-वीडियो न बनाने की हिदायत दी गई। चंद्रमणि पांडेय ने कड़े तेवर दिखाते हुए कहा कि प्रशासन उन्हें चाहे तो गिरफ्तार कर ले या जेल भेज दे, लेकिन जब तक मनोरमा नदी के सफाई अभियान को लेकर लिखित और ठोस कदम नहीं उठाए जाते, वे वहां से नहीं हटेंगे। "यह राजनीतिक नहीं, अस्तित्व की लड़ाई है" उन्होंने जनपदवासियों से इस अभियान में जुड़ने की अपील करते हुए कहा कि यह कोई व्यक्तिगत या राजनीतिक लड़ाई नहीं है, बल्कि मनोरमा नदी और मानव अस्तित्व को बचाने की लड़ाई है। मुख्य बिंदु: स्थान: जिलाधिकारी कार्यालय, बस्ती। प्रमुख चेहरा: वरिष्ठ भाजपा नेता चंद्रमणि पांडेय। मुद्दा: मनोरमा नदी की सफाई में प्रशासनिक शिथिलता और वादाखिलाफी। प्रशासन का रुख: अधिकारियों ने असमर्थता जताई। फिलहाल, जिलाधिकारी कार्यालय के सामने धरना जारी है और यह देखना दिलचस्प होगा कि प्रशासन इस पर क्या प्रतिक्रिया देता है।1
- Post by Babluraj Babluraj1
- संतकबीरनगर । मिशन शक्ति 5.0 (द्वितीय चरण) के अंतर्गत रिजर्व पुलिस लाइन संतकबीरनगर के परेड ग्राउंड में सोमवार को जागरूकता कार्यक्रम एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना, अपर जिलाधिकारी जयप्रकाश, अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह तथा क्षेत्राधिकारी यातायात प्रियम राजशेखर पाण्डेय के नेतृत्व में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं और बालिकाओं को साइबर सुरक्षा, यातायात नियमों तथा महिला सुरक्षा से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर जागरूक किया गया। अधिकारियों ने ऑनलाइन ठगी से बचाव, सुरक्षित इंटरनेट बैंकिंग, सड़क सुरक्षा नियमों और महिला हेल्पलाइन सेवाओं की विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं एवं बालिकाओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। पुलिस विभाग की महिला कर्मियों के साथ ही चाइल्ड हेल्पलाइन, वन स्टॉप सेंटर, शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों तथा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में अधिकारियों ने कहा कि मिशन शक्ति अभियान का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें सुरक्षित वातावरण प्रदान करना है। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि जागरूकता अभियान को जन-जन तक प्रभावी रूप से पहुंचाया जाए, जिससे महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण को और मजबूती मिल सके।1
- Post by रवि चन्द्र पत्रकार1
- अपने भाषण में सीएम योगी ने पत्रकारिता पर बोलते हुए पत्रकारों का नैतिक धर्म दिलाया याद कहा कि ये समाज के आईने हैं, ऐसे में उनकी जिम्मेदारी बढ़ जाती है।1