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अंतिम संस्कार में गए दो किशोरों की बूढ़ी गंडक में डूबने से मौत, गांव में मचा कोहराम पूर्वी चंपारण के चकिया थाना क्षेत्र के बारा गोविंद गांव में रविवार को एक हृदयविदारक हादसा हुआ। अंतिम संस्कार में शामिल होने गए दो किशोरों की बूढ़ी गंडक नदी में डूबने से मौत हो गई। दोनों किशोर गांव स्थित उच्च विद्यालय के छात्र थे। घटना के बाद मृतकों के परिजनों में कोहराम मच गया। मृतकों की पहचान बारा गोविंद गांव निवासी बिगू सहनी के 12 वर्षीय पुत्र दिव्यांशु कुमार और श्रीनारायण राम के 15 वर्षीय पुत्र मंजीत कुमार के रूप में हुई है। दिव्यांशु कक्षा छह, जबकि मंजीत कक्षा सात का छात्र था।बताया जाता है कि गांव निवासी मोहन ठाकुर की लंबी बीमारी के बाद मौत हो गई थी। रविवार की सुबह परिजन और ग्रामीण हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार गांव के समीप सरेह में अंतिम संस्कार के लिए पहुंचे थे। दाह संस्कार के बाद परंपरा के अनुसार सभी लोग स्नान करने बूढ़ी गंडक नदी में गए। इसी दौरान दोनों किशोर गहरे पानी में चले गए और तेज बहाव की चपेट में आकर डूब गए।मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने दोनों को बचाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद दोनों को पानी से बाहर निकाला गया और चिकित्सक के पास ले जाया गया, जहां चिकित्सक ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।घटना की सूचना पर पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मोतिहारी सदर अस्पताल भेज दिया है। बताया जा रहा है कि दिव्यांशु अपने परिवार का इकलौता चिराग था, जबकि मंजीत चार भाइयों और तीन बहनों में तीसरे स्थान पर था। हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसरा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

9 hrs ago
user_Prabhat Ranjan Ranjan
Prabhat Ranjan Ranjan
मोतिहारी, पूर्वी चंपारण, बिहार•
9 hrs ago

अंतिम संस्कार में गए दो किशोरों की बूढ़ी गंडक में डूबने से मौत, गांव में मचा कोहराम पूर्वी चंपारण के चकिया थाना क्षेत्र के बारा गोविंद गांव में रविवार को एक हृदयविदारक हादसा हुआ। अंतिम संस्कार में शामिल होने गए दो किशोरों की बूढ़ी गंडक नदी में डूबने से मौत हो गई। दोनों किशोर गांव स्थित उच्च विद्यालय के छात्र थे। घटना के बाद मृतकों के परिजनों में कोहराम मच गया। मृतकों की पहचान बारा गोविंद गांव निवासी बिगू सहनी के 12 वर्षीय पुत्र दिव्यांशु कुमार और श्रीनारायण राम के 15 वर्षीय पुत्र मंजीत कुमार के रूप में हुई है। दिव्यांशु कक्षा छह, जबकि मंजीत कक्षा सात का छात्र था।बताया जाता है कि गांव निवासी मोहन ठाकुर की लंबी बीमारी के बाद मौत हो गई थी। रविवार की सुबह परिजन और ग्रामीण हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार गांव के समीप सरेह में अंतिम संस्कार के लिए पहुंचे थे। दाह संस्कार के बाद परंपरा के अनुसार सभी लोग स्नान करने बूढ़ी गंडक नदी में गए। इसी दौरान दोनों किशोर गहरे पानी में चले गए और तेज बहाव की चपेट में आकर डूब गए।मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने दोनों को बचाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद दोनों को पानी से बाहर निकाला गया और चिकित्सक के पास ले जाया गया, जहां चिकित्सक ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।घटना की सूचना पर पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मोतिहारी सदर अस्पताल भेज दिया है। बताया जा रहा है कि दिव्यांशु अपने परिवार का इकलौता चिराग था, जबकि मंजीत चार भाइयों और तीन बहनों में तीसरे स्थान पर था। हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसरा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

More news from बिहार and nearby areas
  • सिरहा निवासी भगवान साह पिता स्वर्गीय अशर्फी साह का मृत्यु बीमारी के कारण हो गई, जिनका दाह संस्कार आज परिजन के द्वारा किया गया। सिरहा निवासी भगवान साह पिता स्वर्गीय अशर्फी साह का मृत्यु बीमारी के कारण हो गई, जिनका दाह संस्कार आज परिजन के द्वारा किया गया। *--भगवान साह आध्यात्मिक विचारधारा के व्यक्ति थे।* दैनिक सिरहा टाइम्स सिरहाकोठी 13 सितंबर 2026 सिरहाकोठी:-भगवान सह करीब 15-20 दिन से बीमार चल रहे थे। परिजनों के द्वारा उनका इलाज मोतिहारी एवं पटना कराया गया। आज भगवान साह अपने पीछे अपनी पत्नी बड़ा पुत्र ललन साह,पुतोह,दो पोता,एक पोती, मझला पुत्र छोटन साह, पुतोह पोता, एवं छोटा पुत्र दीपक कुमार अविवाहित एवं पुत्री दामाद को छोड़कर आज अंतिम सांस लिए। बताते चलें कि भगवान साह किसी मील में कार्य कर रहे थे जिसका पेंशन उनको आता था। भगवान साह एक आध्यात्मिक विचारधारा के व्यक्ति थे और यह गांव के ब्रह्म बाबा राज देवी महारानी का पूजन करते और कराते थे। अपने पास तंत्र विद्या से महिलाओं एवं पुरुषों का जैसे भूत पकड़ लिया,चुरैल पकड़ लिया उससे छुटकारा दिलाते थे। आज वह 15 20 दिन से बीमार चल रहे थे। परिजन के द्वारा मोतिहारी से लेकर पटना तक उनका इलाज करवाया गया। किंतु विधि को और कुछ मंजूर था। आज दिनांक 12 सितंबर 2026 को करीब 3:00 बजे से लेकर 4:00 बजे के बीच उन्होंने दुनिया को अलविदा कहते हुए अंतिम सांस लिया। शाम 7:00 से लेकर 8:30 के बीच उनका दाह संस्कार सिरहा असमसान घाट में परिजनों के द्वारा अग्नि देव को समर्पण करते हुए कर दिया गया।
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    सिरहा निवासी भगवान साह पिता स्वर्गीय अशर्फी साह का मृत्यु बीमारी के कारण हो गई, जिनका दाह संस्कार आज परिजन के द्वारा किया गया।
सिरहा निवासी भगवान साह पिता स्वर्गीय अशर्फी साह का मृत्यु बीमारी के कारण हो गई, जिनका दाह संस्कार आज परिजन के द्वारा किया गया।
*--भगवान साह आध्यात्मिक विचारधारा के व्यक्ति थे।*
दैनिक सिरहा टाइम्स 
सिरहाकोठी 13 सितंबर 2026
सिरहाकोठी:-भगवान सह करीब 15-20 दिन से बीमार चल रहे थे। परिजनों के द्वारा उनका इलाज मोतिहारी एवं पटना कराया गया। आज भगवान साह अपने पीछे अपनी पत्नी बड़ा पुत्र ललन साह,पुतोह,दो पोता,एक पोती, मझला पुत्र छोटन साह, पुतोह पोता, एवं छोटा पुत्र दीपक कुमार अविवाहित एवं पुत्री दामाद को छोड़कर आज अंतिम सांस लिए। 
बताते चलें कि भगवान साह किसी मील में कार्य कर रहे थे जिसका पेंशन उनको आता था। भगवान साह एक आध्यात्मिक विचारधारा के व्यक्ति थे और यह गांव के ब्रह्म बाबा राज देवी महारानी का पूजन करते और कराते थे। अपने पास तंत्र विद्या से महिलाओं एवं पुरुषों का जैसे भूत पकड़ लिया,चुरैल पकड़ लिया उससे छुटकारा दिलाते थे। आज वह 15 20 दिन से बीमार चल रहे थे। परिजन के द्वारा मोतिहारी से लेकर पटना तक उनका इलाज करवाया गया। किंतु विधि को और कुछ मंजूर था। आज दिनांक 12 सितंबर 2026 को करीब 3:00 बजे से लेकर 4:00 बजे के बीच उन्होंने दुनिया को अलविदा कहते हुए अंतिम सांस लिया। शाम 7:00 से लेकर 8:30 के बीच उनका दाह संस्कार सिरहा असमसान घाट में परिजनों के द्वारा अग्नि देव को समर्पण करते हुए कर दिया गया।
    user_दैनिक अयोध्या टाईम्स बिहार
    दैनिक अयोध्या टाईम्स बिहार
    Newspaper publisher पकड़ी दयाल, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    17 hrs ago
  • क्या डॉक्टरों को ऐसा बर्ताव पत्रकार के साथ करना चाहिए आप लोग कमेंट करिए
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    क्या डॉक्टरों को ऐसा बर्ताव पत्रकार के साथ करना चाहिए आप लोग कमेंट करिए
    user_GNN
    GNN
    चिरैया, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    15 hrs ago
  • सुगौली के मुसवा का व्यक्ति नेपाल के त्रिशूली में आयी बाढ़ में हुआ लापता। 15 दिनों बाद भी शव नही मिलने पर परिजनों ने पुतला बना किया अंतिम संस्कार। परिवार में मचा हाहाकार।
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    सुगौली के मुसवा का व्यक्ति नेपाल के त्रिशूली में आयी बाढ़ में हुआ लापता।  15 दिनों बाद भी शव नही मिलने पर परिजनों ने पुतला बना किया अंतिम संस्कार। परिवार में मचा हाहाकार।
    user_Shambhu sharan
    Shambhu sharan
    सुगौली, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    17 hrs ago
  • BRICS SUMMIT 2026: नई दिल्ली में BRICS देशों की बड़ी बैठक, भारत की अहम भूमिका BRICS SUMMIT 2026: नई दिल्ली में BRICS देशों की बड़ी बैठक, भारत की अहम भूमिका नई दिल्ली में आयोजित BRICS शिखर सम्मेलन में सदस्य देशों के बीच वैश्विक शांति, व्यापार, आर्थिक सहयोग और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर अहम चर्चा हुई। भारत की अध्यक्षता में हुए सम्मेलन में कई बड़े देशों के नेता शामिल हुए। सम्मेलन में न्यू दिल्ली डिक्लेरेशन को मंजूरी दी गई, जिसमें पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को लेकर चिंता जताई गई और विवादों के समाधान के लिए बातचीत एवं कूटनीति पर जोर दिया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने BRICS मंच पर विकासशील देशों की आवाज को मजबूत करने और वैश्विक संस्थाओं में अधिक प्रतिनिधित्व की जरूरत पर जोर दिया। भारत ने डिजिटल तकनीक, स्वास्थ्य, व्यापार, स्थानीय मुद्राओं में लेन-देन और AI जैसे क्षेत्रों में सहयोग को भी आगे बढ़ाने की पहल की। BRICS सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग समेत कई नेताओं के साथ अहम द्विपक्षीय बैठकें भी हुईं। BRICS के इस सम्मेलन पर पूरी दुनिया की नजर है और अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भारत की भूमिका को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। KSR BIHAR NEWS
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    BRICS SUMMIT 2026: नई दिल्ली में BRICS देशों की बड़ी बैठक, भारत की अहम भूमिका
BRICS SUMMIT 2026: नई दिल्ली में BRICS देशों की बड़ी बैठक, भारत की अहम भूमिका
नई दिल्ली में आयोजित BRICS शिखर सम्मेलन में सदस्य देशों के बीच वैश्विक शांति, व्यापार, आर्थिक सहयोग और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर अहम चर्चा हुई। भारत की अध्यक्षता में हुए सम्मेलन में कई बड़े देशों के नेता शामिल हुए।
सम्मेलन में न्यू दिल्ली डिक्लेरेशन को मंजूरी दी गई, जिसमें पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को लेकर चिंता जताई गई और विवादों के समाधान के लिए बातचीत एवं कूटनीति पर जोर दिया गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने BRICS मंच पर विकासशील देशों की आवाज को मजबूत करने और वैश्विक संस्थाओं में अधिक प्रतिनिधित्व की जरूरत पर जोर दिया। भारत ने डिजिटल तकनीक, स्वास्थ्य, व्यापार, स्थानीय मुद्राओं में लेन-देन और AI जैसे क्षेत्रों में सहयोग को भी आगे बढ़ाने की पहल की।
BRICS सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग समेत कई नेताओं के साथ अहम द्विपक्षीय बैठकें भी हुईं।
BRICS के इस सम्मेलन पर पूरी दुनिया की नजर है और अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भारत की भूमिका को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
KSR BIHAR NEWS
    user_Ksr bihar news
    Ksr bihar news
    Content Creator (YouTuber) सुगौली, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    21 hrs ago
  • बिहार में बेखौफ आपराधिक का तांडव मुजफ्फरपुर में कांटी ताबड़तोड़ फायरिंग ,एक निजी स्कूल के गेट पर 50 लाख रुपए की रंगदारी मांगी गई थी।
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    बिहार में बेखौफ आपराधिक का तांडव मुजफ्फरपुर में कांटी ताबड़तोड़ फायरिंग ,एक निजी स्कूल के गेट पर 50 लाख रुपए की रंगदारी मांगी गई थी।
    user_CHAMPARAN CRIME NEWS BIHAR
    CHAMPARAN CRIME NEWS BIHAR
    मेहसी, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    6 hrs ago
  • आठ सूत्री मांगों को लेकर उर्वरक खुदरा विक्रेता संघ ने सौंपा ज्ञापन, खाद नहीं उठाने की चेतावनी ।। उर्वरक खुदरा विक्रेता संघ की ओर से अपनी विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर जिला कृषि पदाधिकारी को आठ सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा गया। संघ ने मांगों का शीघ्र समाधान नहीं होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है। संघ के प्रखंड अध्यक्ष प्रेम साह ने बताया कि खुदरा उर्वरक विक्रेताओं को लगातार कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, जिससे व्यवसाय प्रभावित हो रहा है। ज्ञापन में सभी खुदरा दुकानदारों को एफओआर (FOR) सुविधा उपलब्ध कराने, सभी उर्वरक दुकानों से टैगिंग व्यवस्था समाप्त करने तथा सभी विक्रेताओं को समानुपातिक रूप से उर्वरक उपलब्ध कराने की मांग की गई है। इसके अलावा विक्रेताओं की समस्याओं के समाधान के लिए टोल फ्री नंबर जारी करने की भी मांग रखी गई है। संघ ने कहा कि भूमि के अनुसार उर्वरक लेने वाले किसानों की जांच होनी चाहिए। जांच में गलत पाए जाने वाले किसानों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि उर्वरक वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे। वहीं पीओएस मर्जिंग की राशि विक्रेताओं के खाते में हस्तांतरित करने की मांग भी की गई है। इसके साथ ही सभी खुदरा विक्रेताओं को फार्मो ओ से सीधे जोड़ने तथा जिला स्तरीय बैठक में प्रत्येक प्रखंड से उर्वरक विक्रेताओं के एक प्रतिनिधि के बैठने के लिए एक सीट निर्धारित करने की मांग की गई। प्रेम साह ने बताया कि कृषि निदेशालय, बिहार पटना के ज्ञापन संख्या 1284 (ऊपा-17), दिनांक 17 अगस्त 2026 के आलोक में जब तक सभी विक्रेताओं को खाद उपलब्ध नहीं कराई जाती, तब तक संघ अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहेगा। इस दौरान दुकानें खुली रहेंगी, लेकिन विक्रेता खाद का उठाव नहीं करेंगे।इस मौके पर सचिव विकास कुमार पाण्डेय, कोषाध्यक्ष अमरूल आलम ,अनवर आलम, कृष्णा प्रसाद ,मालिक साह,दीपक कुशवाहा ,नंदू प्रसाद आदि खाद विक्रेता शामिल रहे।
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    आठ सूत्री मांगों को लेकर उर्वरक खुदरा विक्रेता संघ ने सौंपा ज्ञापन, खाद नहीं उठाने की चेतावनी ।।

उर्वरक खुदरा विक्रेता संघ की ओर से अपनी विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर जिला कृषि पदाधिकारी को आठ सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा गया। संघ ने मांगों का शीघ्र समाधान नहीं होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है। संघ के प्रखंड अध्यक्ष प्रेम साह ने बताया कि खुदरा उर्वरक विक्रेताओं को लगातार कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, जिससे व्यवसाय प्रभावित हो रहा है।
ज्ञापन में सभी खुदरा दुकानदारों को एफओआर (FOR) सुविधा उपलब्ध कराने, सभी उर्वरक दुकानों से टैगिंग व्यवस्था समाप्त करने तथा सभी विक्रेताओं को समानुपातिक रूप से उर्वरक उपलब्ध कराने की मांग की गई है। इसके अलावा विक्रेताओं की समस्याओं के समाधान के लिए टोल फ्री नंबर जारी करने की भी मांग रखी गई है।
संघ ने कहा कि भूमि के अनुसार उर्वरक लेने वाले किसानों की जांच होनी चाहिए। जांच में गलत पाए जाने वाले किसानों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि उर्वरक वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे। वहीं पीओएस मर्जिंग की राशि विक्रेताओं के खाते में हस्तांतरित करने की मांग भी की गई है।
इसके साथ ही सभी खुदरा विक्रेताओं को फार्मो ओ से सीधे जोड़ने तथा जिला स्तरीय बैठक में प्रत्येक प्रखंड से उर्वरक विक्रेताओं के एक प्रतिनिधि के बैठने के लिए एक सीट निर्धारित करने की मांग की गई।
प्रेम साह ने बताया कि कृषि निदेशालय, बिहार पटना के ज्ञापन संख्या 1284 (ऊपा-17), दिनांक 17 अगस्त 2026 के आलोक में जब तक सभी विक्रेताओं को खाद उपलब्ध नहीं कराई जाती, तब तक संघ अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहेगा। इस दौरान दुकानें खुली रहेंगी, लेकिन विक्रेता खाद का उठाव नहीं करेंगे।इस मौके पर सचिव विकास कुमार पाण्डेय, कोषाध्यक्ष अमरूल आलम ,अनवर आलम, कृष्णा प्रसाद ,मालिक साह,दीपक कुशवाहा ,नंदू प्रसाद आदि खाद विक्रेता शामिल रहे।
    user_RAVI PANDEY
    RAVI PANDEY
    Media and information sciences faculty मझौलिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    15 hrs ago
  • किसान-मजदूरों का पटना कूच! 28 सितंबर को राजभवन मार्च की तैयारी, बेतिया में जुटे जन संगठन बेतिया के बलिराम भवन सभागार में किसान, मजदूर, छात्र, नौजवान और महिला संगठनों के साथ एटक की ओर से एक दिवसीय कन्वेंशन का आयोजन किया गया। कन्वेंशन का मुख्य उद्देश्य आगामी 28 सितंबर को पटना में होने वाले राजभवन मार्च को सफल बनाने और पश्चिम चंपारण से बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करना रहा। अशोक मिश्र, राजेन्द्र साह, आरती, मनोज साह, लालबाबु राम, साधना देवी और आदर्श मणि तिवारी की संयुक्त अध्यक्ष मंडली में आयोजित इस कन्वेंशन का विधिवत उद्घाटन राज्य किसान नेता विजय शंकर सिंह ने किया। इस दौरान किसानों, मजदूरों, छात्रों, नौजवानों और महिलाओं की मौजूदा समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई और उनके समाधान के लिए 28 सितंबर को पश्चिम चंपारण से हजारों की संख्या में पटना पहुंचकर राजभवन मार्च में शामिल होने का आह्वान किया गया। कन्वेंशन के मुख्य अतिथि राज्य किसान सभा के महासचिव रामचंद्र महतो ने केंद्र और राज्य सरकार पर किसान, मजदूर, छात्र, नौजवान और महिला विरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अपनी मांगों को लेकर बड़ी संख्या में किसान, मजदूर, छात्र, नौजवान, महिलाएं तथा संगठित और असंगठित क्षेत्र के श्रमिक पटना की सड़कों पर उतरेंगे और राजभवन मार्च के माध्यम से बिहार के राज्यपाल को मांग पत्र सौंपेंगे। वहीं एटक बिहार के डिप्टी जनरल सेक्रेटरी ओम प्रकाश क्रांति ने आशा कार्यकर्ताओं, रसोइया, सेविका-सहायिका और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों समेत तमाम संविदा कर्मियों से अपने अधिकारों और अस्तित्व की रक्षा के लिए बड़ी संख्या में पटना चलने का आह्वान किया। उन्होंने सभी संविदा कर्मियों की सेवा स्थायी करने, स्कीम वर्कर्स को कम से कम 26 हजार रुपये मानदेय देने और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की सेवा स्थायी करने समेत कई मांगों को प्रमुखता से उठाया। कन्वेंशन को किसान नेता राधामोहन यादव, खेत मजदूर नेता सुबोध मुखिया, नौजवान नेता एन.डी. तिवारी, महिला नेत्री समेत विभिन्न संगठनों के नेताओं ने भी संबोधित किया। नेताओं ने कहा कि मांगों को लेकर आंदोलन को मजबूत करने के लिए व्यापक स्तर पर लोगों को एकजुट किया जा रहा है। बैठक के दौरान 27 सितंबर को 5216 ट्रेन से पटना कूच करने का भी आह्वान किया गया। पश्चिम चंपारण से बड़ी संख्या में किसान, मजदूर, छात्र, नौजवान और महिलाएं पटना पहुंचकर 28 सितंबर के राजभवन मार्च में अपनी आवाज बुलंद करेंगे।
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    किसान-मजदूरों का पटना कूच! 28 सितंबर को राजभवन मार्च की तैयारी, बेतिया में जुटे जन संगठन
बेतिया के बलिराम भवन सभागार में किसान, मजदूर, छात्र, नौजवान और महिला संगठनों के साथ एटक की ओर से एक दिवसीय कन्वेंशन का आयोजन किया गया। कन्वेंशन का मुख्य उद्देश्य आगामी 28 सितंबर को पटना में होने वाले राजभवन मार्च को सफल बनाने और पश्चिम चंपारण से बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करना रहा।
अशोक मिश्र, राजेन्द्र साह, आरती, मनोज साह, लालबाबु राम, साधना देवी और आदर्श मणि तिवारी की संयुक्त अध्यक्ष मंडली में आयोजित इस कन्वेंशन का विधिवत उद्घाटन राज्य किसान नेता विजय शंकर सिंह ने किया। इस दौरान किसानों, मजदूरों, छात्रों, नौजवानों और महिलाओं की मौजूदा समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई और उनके समाधान के लिए 28 सितंबर को पश्चिम चंपारण से हजारों की संख्या में पटना पहुंचकर राजभवन मार्च में शामिल होने का आह्वान किया गया।
कन्वेंशन के मुख्य अतिथि राज्य किसान सभा के महासचिव रामचंद्र महतो ने केंद्र और राज्य सरकार पर किसान, मजदूर, छात्र, नौजवान और महिला विरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अपनी मांगों को लेकर बड़ी संख्या में किसान, मजदूर, छात्र, नौजवान, महिलाएं तथा संगठित और असंगठित क्षेत्र के श्रमिक पटना की सड़कों पर उतरेंगे और राजभवन मार्च के माध्यम से बिहार के राज्यपाल को मांग पत्र सौंपेंगे।
वहीं एटक बिहार के डिप्टी जनरल सेक्रेटरी ओम प्रकाश क्रांति ने आशा कार्यकर्ताओं, रसोइया, सेविका-सहायिका और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों समेत तमाम संविदा कर्मियों से अपने अधिकारों और अस्तित्व की रक्षा के लिए बड़ी संख्या में पटना चलने का आह्वान किया। उन्होंने सभी संविदा कर्मियों की सेवा स्थायी करने, स्कीम वर्कर्स को कम से कम 26 हजार रुपये मानदेय देने और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की सेवा स्थायी करने समेत कई मांगों को प्रमुखता से उठाया।
कन्वेंशन को किसान नेता राधामोहन यादव, खेत मजदूर नेता सुबोध मुखिया, नौजवान नेता एन.डी. तिवारी, महिला नेत्री समेत विभिन्न संगठनों के नेताओं ने भी संबोधित किया। नेताओं ने कहा कि मांगों को लेकर आंदोलन को मजबूत करने के लिए व्यापक स्तर पर लोगों को एकजुट किया जा रहा है।
बैठक के दौरान 27 सितंबर को 5216 ट्रेन से पटना कूच करने का भी आह्वान किया गया। पश्चिम चंपारण से बड़ी संख्या में किसान, मजदूर, छात्र, नौजवान और महिलाएं पटना पहुंचकर 28 सितंबर के राजभवन मार्च में अपनी आवाज बुलंद करेंगे।
    user_S9 Bihar
    S9 Bihar
    News Anchor बेतिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    6 hrs ago
  • बकरी चोरी पड़ा महंगा! ग्रामीणों ने चोरों को मौके पर ही पकड़ा #shotsvideo #MuzaffarpurNews बकरी चोरी पड़ा महंगा! ग्रामीणों ने चोरों को मौके पर ही पकड़ा #shotsvideo #MuzaffarpurNews
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    बकरी चोरी पड़ा महंगा! ग्रामीणों ने चोरों को मौके पर ही पकड़ा #shotsvideo #MuzaffarpurNews
बकरी चोरी पड़ा महंगा! ग्रामीणों ने चोरों को मौके पर ही पकड़ा #shotsvideo #MuzaffarpurNews
    user_Bihar ke Janta ki Awaaz
    Bihar ke Janta ki Awaaz
    शिवहर, शिवहर, बिहार•
    7 hrs ago
  • बेलवा पंचायत में पीसीसी सड़क की ढलाई का वीडियो वायरल, गुणवत्ता पर उठे सवाल शिवहर जिले की बेलवा पंचायत में पीसीसी सड़क की ढलाई से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में सड़क की ढलाई की मोटाई को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। वीडियो में पंचायत के मुखिया चंदन पासवान से सड़क की ढलाई की मोटाई के संबंध में सवाल किए जाते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में कहीं करीब एक इंच तो कहीं चार इंच तक ढलाई किए जाने का दावा किया जा रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद सड़क निर्माण की गुणवत्ता और निर्धारित मानक के अनुसार कार्य कराए जाने को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, वायरल वीडियो में किए जा रहे दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
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    बेलवा पंचायत में पीसीसी सड़क की ढलाई का वीडियो वायरल, गुणवत्ता पर उठे सवाल
शिवहर जिले की बेलवा पंचायत में पीसीसी सड़क की ढलाई से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में सड़क की ढलाई की मोटाई को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
वीडियो में पंचायत के मुखिया चंदन पासवान से सड़क की ढलाई की मोटाई के संबंध में सवाल किए जाते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में कहीं करीब एक इंच तो कहीं चार इंच तक ढलाई किए जाने का दावा किया जा रहा है।
वीडियो वायरल होने के बाद सड़क निर्माण की गुणवत्ता और निर्धारित मानक के अनुसार कार्य कराए जाने को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, वायरल वीडियो में किए जा रहे दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
    user_Ajay Kumar
    Ajay Kumar
    Local News Reporter शिवहर, शिवहर, बिहार•
    11 hrs ago
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