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अनादि टीवी में कार्यरत शहडोल, अनूपपुर और उमरिया के रिपोर्टर्स को लेकर स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं, जिसके तहत वर्तमान में तैनात सभी रिपोर्टर अपने पदों पर यथावत बने रहेंगे। फिलहाल इन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार का बदलाव नहीं किया जा रहा है। चैनल के अन्य कर्मियों को बनाए रखने या हटाने का निर्णय पूरी तरह से मैनेजमेंट टीम और हेड बॉस के अधिकार क्षेत्र में है। इसके अतिरिक्त, यह भी स्पष्ट किया गया है कि पूर्व में की गई पोस्ट भोपाल की मैनेजमेंट टीम के कहने पर डाली गई थी।

20 hrs ago
user_पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
Insurance Agent सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
20 hrs ago

अनादि टीवी में कार्यरत शहडोल, अनूपपुर और उमरिया के रिपोर्टर्स को लेकर स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं, जिसके तहत वर्तमान में तैनात सभी रिपोर्टर अपने पदों पर यथावत बने रहेंगे। फिलहाल इन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार का बदलाव नहीं किया जा रहा है। चैनल के अन्य कर्मियों को बनाए रखने या हटाने का निर्णय पूरी तरह से मैनेजमेंट टीम और हेड बॉस के अधिकार क्षेत्र में है। इसके अतिरिक्त, यह भी स्पष्ट किया गया है कि पूर्व में की गई पोस्ट भोपाल की मैनेजमेंट टीम के कहने पर डाली गई थी।

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  • मध्य प्रदेश के उमरिया जिले के बैगा बहुल ग्राम पंचायत देवरा से ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं के दावों की पोल खोलने वाली एक तस्वीर सामने आई है। यहाँ प्रसव पीड़ा से तड़प रही एक गर्भवती महिला को परिजनों और ग्रामीणों ने कपड़े के सहारे कांधों पर उठाकर काफी दूरी तय कर नेशनल हाईवे तक पहुंचाया। बारिश के कारण गांव तक जाने वाला रास्ता पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो गया था, जिससे 108 एम्बुलेंस गांव के भीतर नहीं पहुंच सकी और हाईवे पर ही खड़ी इंतजार कर रही थी। इसके बाद महिला को एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसने सुरक्षित बच्चे को जन्म दिया। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। प्रसूता के पति सुनील रौतेल ने बताया कि प्रसव पीड़ा शुरू होने पर उन्होंने तुरंत 108 एम्बुलेंस को सूचना दी थी, लेकिन खराब सड़क और कीचड़ के कारण वाहन गांव तक नहीं आ सका, जिसके चलते मजबूरी में उन्हें ग्रामीणों की मदद से पत्नी को कांधों पर उठाना पड़ा। आशा कार्यकर्ता लक्ष्मी सिंह ने भी माना कि बारिश के मौसम में गांव तक पहुंचना बेहद कठिन हो जाता है और खराब सड़क के कारण कई बार मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में परेशानी होती है। उमरिया जिले की सीमा पर स्थित देवरा गाँव एक बैगा बहुल गाँव है, जिसे सेना में शहीद हुए स्वागत भूप सिंह के नाम से भी जाना जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि यहाँ वर्षों से सड़क की समस्या बनी हुई है और बारिश के दिनों में गांव का संपर्क लगभग टूट जाता है, जिससे मरीजों, गर्भवती महिलाओं और स्कूली बच्चों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। ग्रामीणों के अनुसार, प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत करोड़ों रुपये की लागत से सड़क निर्माण स्वीकृत किया गया था, लेकिन निर्माण कार्य की धीमी रफ्तार और कथित लापरवाही के कारण लोगों को अब भी कीचड़ भरे रास्तों से गुजरना पड़ रहा है। यह घटना सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के अंतर को साफ उजागर करती है और इस वायरल वीडियो के बाद अब लोगों की निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।
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    मध्य प्रदेश के उमरिया जिले के बैगा बहुल ग्राम पंचायत देवरा से ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं के दावों की पोल खोलने वाली एक तस्वीर सामने आई है। यहाँ प्रसव पीड़ा से तड़प रही एक गर्भवती महिला को परिजनों और ग्रामीणों ने कपड़े के सहारे कांधों पर उठाकर काफी दूरी तय कर नेशनल हाईवे तक पहुंचाया। बारिश के कारण गांव तक जाने वाला रास्ता पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो गया था, जिससे 108 एम्बुलेंस गांव के भीतर नहीं पहुंच सकी और हाईवे पर ही खड़ी इंतजार कर रही थी। इसके बाद महिला को एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसने सुरक्षित बच्चे को जन्म दिया। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

प्रसूता के पति सुनील रौतेल ने बताया कि प्रसव पीड़ा शुरू होने पर उन्होंने तुरंत 108 एम्बुलेंस को सूचना दी थी, लेकिन खराब सड़क और कीचड़ के कारण वाहन गांव तक नहीं आ सका, जिसके चलते मजबूरी में उन्हें ग्रामीणों की मदद से पत्नी को कांधों पर उठाना पड़ा। आशा कार्यकर्ता लक्ष्मी सिंह ने भी माना कि बारिश के मौसम में गांव तक पहुंचना बेहद कठिन हो जाता है और खराब सड़क के कारण कई बार मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में परेशानी होती है। उमरिया जिले की सीमा पर स्थित देवरा गाँव एक बैगा बहुल गाँव है, जिसे सेना में शहीद हुए स्वागत भूप सिंह के नाम से भी जाना जाता है।

ग्रामीणों का कहना है कि यहाँ वर्षों से सड़क की समस्या बनी हुई है और बारिश के दिनों में गांव का संपर्क लगभग टूट जाता है, जिससे मरीजों, गर्भवती महिलाओं और स्कूली बच्चों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। ग्रामीणों के अनुसार, प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत करोड़ों रुपये की लागत से सड़क निर्माण स्वीकृत किया गया था, लेकिन निर्माण कार्य की धीमी रफ्तार और कथित लापरवाही के कारण लोगों को अब भी कीचड़ भरे रास्तों से गुजरना पड़ रहा है। यह घटना सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के अंतर को साफ उजागर करती है और इस वायरल वीडियो के बाद अब लोगों की निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।
    user_Tapas Gupta
    Tapas Gupta
    पाली, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • उमरिया जिले में बच्चों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यातायात विभाग द्वारा विशेष स्कूल बस चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देश पर शुरू किए गए इस 7 दिवसीय अभियान के अंतर्गत जिले में अब तक 10 स्कूल बसों की गहन जांच की गई है। इस कार्रवाई के दौरान सुरक्षा मानकों में कमी पाए जाने पर 4 स्कूल बसों के विरुद्ध चालानी कार्रवाई की गई है। यातायात प्रभारी ज्योति शुक्ला ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान 15 जुलाई तक निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने स्कूल बसों के संचालन के लिए फिटनेस प्रमाणपत्र, वैध दस्तावेजों, फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशमन यंत्र और आपातकालीन निकास जैसे सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य बताया है। साथ ही, उन्होंने स्कूल संचालकों और वाहन चालकों से विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और सभी निर्धारित नियमों का सख्ती से पालन करने की अपील की है।
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    उमरिया जिले में बच्चों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यातायात विभाग द्वारा विशेष स्कूल बस चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देश पर शुरू किए गए इस 7 दिवसीय अभियान के अंतर्गत जिले में अब तक 10 स्कूल बसों की गहन जांच की गई है। इस कार्रवाई के दौरान सुरक्षा मानकों में कमी पाए जाने पर 4 स्कूल बसों के विरुद्ध चालानी कार्रवाई की गई है।

यातायात प्रभारी ज्योति शुक्ला ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान 15 जुलाई तक निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने स्कूल बसों के संचालन के लिए फिटनेस प्रमाणपत्र, वैध दस्तावेजों, फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशमन यंत्र और आपातकालीन निकास जैसे सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य बताया है। साथ ही, उन्होंने स्कूल संचालकों और वाहन चालकों से विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और सभी निर्धारित नियमों का सख्ती से पालन करने की अपील की है।
    user_Shyamkumargupta
    Shyamkumargupta
    पाली, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    15 hrs ago
  • उमरिया जिले के ग्राम जरहा के निवासी प्रिंस शर्मा ने 'ब्रह्मांड एकता जिंदाबाद' का संकल्प लिया है। उनका दृढ़ता से मानना है कि समाज सेवा ही वास्तव में राष्ट्र सेवा है।
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    उमरिया जिले के ग्राम जरहा के निवासी प्रिंस शर्मा ने 'ब्रह्मांड एकता जिंदाबाद' का संकल्प लिया है। उनका दृढ़ता से मानना है कि समाज सेवा ही वास्तव में राष्ट्र सेवा है।
    user_News 24 Umaria
    News 24 Umaria
    Local News Reporter बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • अनूपपुर जिला मुख्यालय से 7 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत बरबसपुर के भोलगढ़ जंगल में तीन हाथियों का समूह पिछले आठ दिनों से डेरा डाले हुए है। शनिवार (11/07/2026) को शाम 7:30 बजे ये हाथी मुख्य मार्ग के पास विचरण करते देखे गए। इससे पहले दोपहर में, समूह के एक बड़े नर हाथी ने जंगल के तालाब में पानी पिया और फिर वापस अपने दल में शामिल हो गया। वर्तमान में यह हाथियों का समूह शहडोल-कोतमा-मनेंद्रगढ़ मुख्य मार्ग पर भोलगढ़ गांव के बस स्टैंड और वाटर शेड तालाब के बीच सड़क किनारे जंगल में घूम रहा है। आज रात इन हाथियों के भोलगढ़ और बरबसपुर के विभिन्न टोले-मोहल्लों में पहुंचने की आशंका बनी हुई है। हाथियों के मुख्य मार्ग के बिल्कुल करीब आने पर वन विभाग के गश्ती दल, कोतवाली पुलिस और अनूपपुर यातायात पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से कुछ देर के लिए वाहनों का आवागमन रोक दिया था। हाथियों के सड़क किनारे से दोबारा जंगल की ओर लौट जाने के बाद यातायात को फिर से सुचारू रूप से चालू कर दिया गया। फिलहाल पुलिस और वन विभाग की टीम हाथियों की हर गतिविधि पर लगातार नजर बनाए हुए है।
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    अनूपपुर जिला मुख्यालय से 7 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत बरबसपुर के भोलगढ़ जंगल में तीन हाथियों का समूह पिछले आठ दिनों से डेरा डाले हुए है। शनिवार (11/07/2026) को शाम 7:30 बजे ये हाथी मुख्य मार्ग के पास विचरण करते देखे गए। इससे पहले दोपहर में, समूह के एक बड़े नर हाथी ने जंगल के तालाब में पानी पिया और फिर वापस अपने दल में शामिल हो गया। वर्तमान में यह हाथियों का समूह शहडोल-कोतमा-मनेंद्रगढ़ मुख्य मार्ग पर भोलगढ़ गांव के बस स्टैंड और वाटर शेड तालाब के बीच सड़क किनारे जंगल में घूम रहा है। आज रात इन हाथियों के भोलगढ़ और बरबसपुर के विभिन्न टोले-मोहल्लों में पहुंचने की आशंका बनी हुई है।

हाथियों के मुख्य मार्ग के बिल्कुल करीब आने पर वन विभाग के गश्ती दल, कोतवाली पुलिस और अनूपपुर यातायात पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से कुछ देर के लिए वाहनों का आवागमन रोक दिया था। हाथियों के सड़क किनारे से दोबारा जंगल की ओर लौट जाने के बाद यातायात को फिर से सुचारू रूप से चालू कर दिया गया। फिलहाल पुलिस और वन विभाग की टीम हाथियों की हर गतिविधि पर लगातार नजर बनाए हुए है।
    user_Anupam Singh patrkar
    Anupam Singh patrkar
    अनूपपुर, अनूपपुर, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • उमरिया जिले की जनपद पंचायत पाली के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत अमिलिया में नाली निर्माण कार्य को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इस निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों की अनदेखी की जा रही है और बेहद घटिया गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, निर्माण में इस्तेमाल की जा रही सरिया की गुणवत्ता काफी कमजोर है। साथ ही, सीमेंट, गिट्टी और अन्य सामग्री की गुणवत्ता पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगाए गए हैं, जिससे नाली की मजबूती और लंबे समय तक टिकाऊ रहने पर संशय बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इस कार्य की तकनीकी जांच नहीं की गई, तो सरकारी धन का दुरुपयोग होगा और भविष्य में नाली के क्षतिग्रस्त होने का बड़ा खतरा बना रहेगा। संबंधित अधिकारियों से इस मामले की निष्पक्ष जांच करने, दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई करने और मानकों के अनुरूप निर्माण कार्य सुनिश्चित कराने की मांग की गई है।
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    उमरिया जिले की जनपद पंचायत पाली के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत अमिलिया में नाली निर्माण कार्य को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इस निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों की अनदेखी की जा रही है और बेहद घटिया गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग किया जा रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार, निर्माण में इस्तेमाल की जा रही सरिया की गुणवत्ता काफी कमजोर है। साथ ही, सीमेंट, गिट्टी और अन्य सामग्री की गुणवत्ता पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगाए गए हैं, जिससे नाली की मजबूती और लंबे समय तक टिकाऊ रहने पर संशय बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इस कार्य की तकनीकी जांच नहीं की गई, तो सरकारी धन का दुरुपयोग होगा और भविष्य में नाली के क्षतिग्रस्त होने का बड़ा खतरा बना रहेगा। संबंधित अधिकारियों से इस मामले की निष्पक्ष जांच करने, दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई करने और मानकों के अनुरूप निर्माण कार्य सुनिश्चित कराने की मांग की गई है।
    user_Shyamkumargupta
    Shyamkumargupta
    पाली, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
  • शहडोल के कृष्णा कॉलोनी वार्ड नंबर 28 में धनपुरी निवासी मथुरा अग्रवाल और मयंक अग्रवाल के एक निर्माणाधीन भवन में ढलाई के दौरान डबल सेंटरिंग का सपोर्ट अचानक खिसक जाने से बड़ा हादसा हो गया। इस हादसे में उत्तर प्रदेश के तीन मजदूर घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और पुलिस तुरंत मौके पर पहुंचे तथा घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। फिलहाल पुलिस और प्रशासन द्वारा इस हादसे के कारणों की जानकारी जुटाई जा रही है।
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    शहडोल के कृष्णा कॉलोनी वार्ड नंबर 28 में धनपुरी निवासी मथुरा अग्रवाल और मयंक अग्रवाल के एक निर्माणाधीन भवन में ढलाई के दौरान डबल सेंटरिंग का सपोर्ट अचानक खिसक जाने से बड़ा हादसा हो गया। इस हादसे में उत्तर प्रदेश के तीन मजदूर घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और पुलिस तुरंत मौके पर पहुंचे तथा घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। फिलहाल पुलिस और प्रशासन द्वारा इस हादसे के कारणों की जानकारी जुटाई जा रही है।
    user_राहुल सिंह राणा
    राहुल सिंह राणा
    Newspaper advertising department सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
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