कोटा के न्यू क्लॉथ मार्केट, गुमानपुरा में एक व्यक्ति ने किराए पर शेरवानी और लहंगा बुक करते एक जोड़े को देखा, जहाँ उन्हें ₹25,000 की शेरवानी मात्र ₹7,000 में और ₹35,000 का लहंगा मात्र ₹10,000 में मिल रहा था। दूल्हा-दुल्हन इस बात से खुश थे, लेकिन इस घटना ने देखने वाले के मन में एक गहरा सवाल खड़ा कर दिया कि क्या शादी जैसे पवित्र संस्कार में किराए के कपड़े पहनना सही है? वास्तु और ऊर्जा विज्ञान के अनुसार, हर वस्तु का अपना एक आभामंडल (Aura) होता है। जिस लहंगे और शेरवानी को पहले दर्जनों लोग पहन चुके होते हैं, उनकी खुशियां, दुख, तनाव, रिश्तों की ऊर्जा और किस्मत का प्रभाव भी उन वस्त्रों से जुड़ जाता है। यह पोस्ट इस बात पर जोर देती है कि विवाह केवल कपड़ों का दिखावा नहीं है, बल्कि यह दो आत्माओं और दो परिवारों के लिए एक नई ऊर्जा की शुरुआत होती है। इसलिए, यह सलाह दी गई है कि सस्ते के चक्कर में अपनी नई जिंदगी की शुरुआत को खराब न करें। सादगी बनाए रखें, लेकिन शुभता, पवित्रता और सकारात्मक ऊर्जा से किसी भी कीमत पर समझौता न करें। यहां तक कि यदि मजबूरी में किराए पर वस्त्र लेने भी पड़ें, तो उनके लिए आवश्यक उपाय अवश्य किए जाने चाहिए। यह जानकारी वास्तु ज्योतिष इंडिया के भग्येश गौतम द्वारा दी गई है।
कोटा के न्यू क्लॉथ मार्केट, गुमानपुरा में एक व्यक्ति ने किराए पर शेरवानी और लहंगा बुक करते एक जोड़े को देखा, जहाँ उन्हें ₹25,000 की शेरवानी मात्र ₹7,000 में और ₹35,000 का लहंगा मात्र ₹10,000 में मिल रहा था। दूल्हा-दुल्हन इस बात से खुश थे, लेकिन इस घटना ने देखने वाले के मन में एक गहरा सवाल खड़ा कर दिया कि क्या शादी जैसे पवित्र संस्कार में किराए के कपड़े पहनना सही है? वास्तु और ऊर्जा विज्ञान के अनुसार, हर वस्तु का अपना एक आभामंडल (Aura) होता है। जिस लहंगे और शेरवानी को पहले दर्जनों लोग पहन चुके होते हैं, उनकी खुशियां, दुख, तनाव, रिश्तों की ऊर्जा और किस्मत का प्रभाव भी उन वस्त्रों से जुड़ जाता है। यह पोस्ट इस बात पर जोर देती है कि विवाह केवल कपड़ों का दिखावा नहीं है, बल्कि यह दो आत्माओं और दो परिवारों के लिए एक नई ऊर्जा की शुरुआत होती है। इसलिए, यह सलाह दी गई है कि सस्ते के चक्कर में अपनी नई जिंदगी की शुरुआत को खराब न करें। सादगी बनाए रखें, लेकिन शुभता, पवित्रता और सकारात्मक ऊर्जा से किसी भी कीमत पर समझौता न करें। यहां तक कि यदि मजबूरी में किराए पर वस्त्र लेने भी पड़ें, तो उनके लिए आवश्यक उपाय अवश्य किए जाने चाहिए। यह जानकारी वास्तु ज्योतिष इंडिया के भग्येश गौतम द्वारा दी गई है।
- कोटा शहर के रेलवे थाना क्षेत्र के सोगरिया इलाके में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक 10 वर्षीय मासूम बच्चे की बेरहमी से हत्या कर दी गई। हत्या के बाद बच्चे के शव को झोपड़ियों में फेंक दिया गया था, जिसे पुलिस ने बरामद कर अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने बताया कि पहले एक बालक की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की गई थी, जिसकी जांच के दौरान यह मामला हत्या में बदल गया। गहन जांच के बाद पुलिस ने इस मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। बताया गया है कि गिरफ्तार किया गया आरोपी नाबालिग है।1
- कोटा ग्रामीण पुलिस ने अवैध गतिविधियों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए चेचट थाना क्षेत्र में नाकाबंदी के दौरान एक संदिग्ध XUV 300 कार से 2 करोड़ 24 लाख रुपए बरामद किए हैं। इस दौरान पुलिस ने कार सवार दो संदिग्ध व्यक्तियों को भी हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस अधीक्षक कोटा ग्रामीण सुजीत शंकर ने बताया कि जिले में अवैध गतिविधियों, मादक पदार्थों और अवैध शराब तस्करी की रोकथाम के लिए लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामकल्याण मीणा और वृताधिकारी रामगंजमंडी घनश्याम मीणा के सुपरविजन में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। इस टीम में प्रोबेशनर आरपीएस अंकित कुड़ी और चेचट थानाधिकारी उत्तम सिंह सहित अन्य पुलिस जाप्ता शामिल था, जिन्हें चेचट थाना क्षेत्र में सघन चेकिंग और नाकाबंदी करने के निर्देश दिए गए थे। पुलिस टीम ने 8 लाइन तिराया मोडक रोड पर नाकाबंदी कर वाहनों की जांच शुरू की। इसी दौरान, मोडक रोड से चेचट की तरफ आती हुई एक संदिग्ध XUV 300 कार, जिसका नंबर GJ02EC1561 था, को रुकने का इशारा किया गया। हालांकि, चालक ने कार की रफ्तार बढ़ा दी, जिसके बाद पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए आगे बैरिकेड लगाकर उसे रुकवाया और उसमें सवार दोनों व्यक्तियों को हिरासत में ले लिया। प्रारंभिक पूछताछ के दौरान, दोनों संदिग्ध कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। संदेह होने पर पुलिस ने कार की गहन तलाशी ली, जिसमें चालक और खलासी सीट के नीचे बनाए गए दो गुप्त बॉक्सों से कुल 2 करोड़ 24 लाख रुपए बरामद हुए। पुलिस ने इस नकदी को जब्त कर लिया है और दोनों संदिग्धों से अग्रिम जांच शुरू कर दी है। इस कार्रवाई में हेड कांस्टेबल दिनेश और कांस्टेबल राजेंद्र की विशेष भूमिका रही। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी रकम कहां से लाई जा रही थी और इसका इस्तेमाल किस उद्देश्य के लिए किया जाना था।4
- मेडिकल कॉलेज में भर्ती प्रसूताओं के उपचार में हो रही कथित अनियमितता और घोर लापरवाही से परेशान परिजनों ने श्री प्रेमदीप मानव सेवा समिति के अध्यक्ष दीपक नामदेव के साथ मिलकर कलेक्टर साहब के नाम एक ज्ञापन एसडीएम साहब को सौंपा है। परिजनों ने एसडीएम साहब को अपनी गंभीर परेशानियाँ बताईं, जिसमें प्रमुख रूप से इलाज में अनदेखी का आरोप है। परिजनों का आरोप है कि प्रसूताओं को हर 48 घंटे में डायलिसिस दिया जा रहा है, जो उनके स्वास्थ्य के लिए अत्यंत घातक है। डॉक्टरों द्वारा मरीजों से संबंधित कोई भी जाँच रिपोर्ट परिजनों को नहीं बताई जा रही है। उन्होंने बताया कि भर्ती होने के 20 दिन बाद भी प्रसूताओं का बुखार नहीं उतर रहा है और उन्हें पेशाब उतरने में भी समस्या हो रही है। इस गंभीर स्थिति के बावजूद, डॉक्टरों ने परिजनों से कहा है कि वे मरीजों को घर ले जा सकते हैं और हर दूसरे या तीसरे दिन डायलिसिस के लिए अस्पताल लाते रहें। परिजनों ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि मरीजों को हर दूसरे-तीसरे दिन जनरल वार्ड में शिफ्ट कर दिया जाता है, और जब स्थिति गंभीर होती है तो फिर से आईसीयू में भर्ती करना पड़ता है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि वे घर चले गए, तो आपातकाल या इमरजेंसी की स्थिति में क्या करेंगे। अस्पताल प्रशासन की ओर से उन्हें कोई सुविधा नहीं मिल रही है, यहाँ तक कि उन्हें अपनी गाड़ियों का पार्किंग शुल्क भी जमा करवाना पड़ता है और डायपर भी मिलने बंद हो गए हैं। अपनी दयनीय स्थिति बताते हुए उन्होंने कहा कि वे रोज खाने कमाने वाले लोग हैं और उनके बच्चे दूसरों के घरों में पल रहे हैं, जिससे वे सभी बुरी तरह से निराश हैं। श्री प्रेमदीप मानव सेवा समिति के अध्यक्ष दीपक नामदेव ने इस स्थिति को 'सिस्टम की घोर लापरवाही' करार दिया और कहा कि लोगों का सिस्टम से भरोसा उठ चुका है। उन्होंने परिजनों की टूटी हिम्मत और बिखरे हुए घर-परिवार का जिक्र करते हुए कहा कि वे सभी कलेक्टर साहब के पास बड़ी उम्मीद के साथ आए हैं। नामदेव ने बताया कि जब वे इन परिवारों को निरंतर भोजन के पैकेट देने जाते हैं, तो उन्हें रोते और बिलखते हुए देखकर उन्हें भी पीड़ा होती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कलेक्टर साहब उनके हित में कदम उठाएंगे। इस दौरान, एसडीएम साहब के चेंबर में उस वक्त सभी की आँखें नम हो गईं, जब एक छोटी बच्ची ने रोते हुए अपनी मम्मी को जल्दी घर लाने की गुहार लगाई। दीपक नामदेव ने अंत में एक मार्मिक टिप्पणी करते हुए कहा कि 'एक आंसू भी हुकूमत के लिए खतरा है, लेकिन यहां तो आंसुओं का समंदर है'।1
- कोटा में री-नीट परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। इन छात्रों को परीक्षा से ठीक पहले एक विशेष सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इस नई व्यवस्था से हजारों विद्यार्थियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।1
- मुंबई के मीरा रोड स्थित पूनम क्लस्टर सोसायटी में ईदुल अजहा के अवसर पर कुर्बानी के लिए रखे गए बकरों के विरोध में हिंदू संगठनों के लोगों ने सूअर लेकर सोसायटी के अंदर दाखिल होने का प्रयास किया। यह घटना पूनम क्लस्टर सोसायटी में हुई, जहाँ संगठनों के लोग सूअर लेकर पहुँच गए। इस घटना पर आश्चर्य व्यक्त किया गया है कि मुंबई जैसे व्यस्त शहर में भी अब ऐसी घटनाएँ होने लगी हैं, जहाँ लोगों के पास आमतौर पर किसी को कुछ बताने तक की फुर्सत नहीं होती और शहर लगातार भागता रहता है। स्रोत ने इस स्थिति को अजीब बताते हुए चिंता जताई है कि सियासत इस देश को कहीं का नहीं छोड़ेगी।1
- शंभूपुरा से किरण प्रजापत समाज सेवा के कार्यों में सक्रिय रूप से शामिल हैं, जहाँ वह सोशल मीडिया का उपयोग कर गरीब परिवारों को मदद पहुँचाती हैं। उनकी इस पहल से कई परिवारों को सहायता मिल चुकी है। हाल ही में, किरण प्रजापत ने गरीब बच्चों के लिए चप्पलों की व्यवस्था हेतु एक वीडियो बनाया था। इस प्रयास को लोगों से भरपूर समर्थन मिला, जिसके परिणामस्वरूप शंभूपुरा में भील समाज के लोगों को चप्पलें वितरित की गईं।1
- कोटा में प्रसूताओं की मौत के मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है, जहाँ जांच के लिए कोलकाता भेजे गए दवाओं के सैंपलों में ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन का एक सैंपल अवमानक पाया गया है। ड्रग कंट्रोल विभाग के अनुसार, जैक्सन लैबोरेट्रीज अमृतसर द्वारा निर्मित ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन का बैच नंबर 1-7881 घटिया गुणवत्ता का मिला। यह इंजेक्शन स्थानीय फर्म राजस्थान मेडिकल द्वारा मेडिकल कॉलेज और जेके लोन अस्पताल को सप्लाई किया गया था। इस मामले के सामने आने के बाद विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए करीब 3,500 इंजेक्शन जब्त कर लिए हैं। हालांकि, आशंका जताई जा रही है कि 15 हजार से अधिक इंजेक्शन पहले ही इस्तेमाल हो चुके हैं। विभाग अब संबंधित फर्म के खिलाफ कोर्ट में मुकदमा दर्ज करने की तैयारी कर रहा है। अतिरिक्त ड्रग कंट्रोलर देवेंद्र गर्ग ने बताया है कि सिर्फ इस इंजेक्शन से मौत होने की संभावना नहीं मानी जा रही है, लेकिन पूरे मामले की गहन जांच लगातार जारी है।1
- माननीय लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला जी ने 'पंचायत दर्पण' नामक एक महत्वपूर्ण अभियान का शुभारंभ किया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य हर परिवार के दस्तावेजों का गहन सत्यापन करना, उनमें मौजूद त्रुटियों को सुधारना और सभी पात्र व्यक्तियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ना है। इस पहल के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति अपने अधिकारों और आवश्यक सुविधाओं से वंचित न रहे।1