अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में रेलमगरा क्षेत्र के विभिन्न गांवों और बस्तियों में योग जागरूकता एवं अभ्यास कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण समुदाय, महिलाओं, बालिकाओं और बच्चों को योग के प्रति जागरूक करना तथा इसे उनके दैनिक जीवन का नियमित हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित करना रहा। योग प्रशिक्षक खुशबू सुखवाल के मार्गदर्शन में, प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान की विधियों का अभ्यास किया। खुशबू सुखवाल ने योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह भारत की प्राचीन एवं गौरवशाली परंपरा है, जो शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नियमित योगाभ्यास से शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार होता है, मानसिक तनाव कम होता है, और सकारात्मक ऊर्जा तथा आत्मविश्वास का विकास होता है। उनका लक्ष्य योग को केवल एक दिन तक सीमित न रखकर, इसे ग्रामीण क्षेत्रों में जन-जन की दिनचर्या का अभिन्न अंग बनाना है, जिसके लिए वे लगातार गांवों और बस्तियों में जागरूकता फैला रही हैं। इसी क्रम में, बामणिया कलां पंचायत भवन में आयोजित कार्यक्रम में प्रशासक किशन सालवी, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, स्वयंसेवी संस्थाओं की बालिकाओं, बच्चों, महिलाओं और अन्य ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। सभी प्रतिभागियों ने योग के विभिन्न अभ्यासों को सीखते हुए स्वस्थ एवं संतुलित जीवन के लिए नियमित योग करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के समापन पर, उपस्थित ग्रामीणों ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को धूमधाम से मनाने और अपने परिवार एवं समाज में योग के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में रेलमगरा क्षेत्र के विभिन्न गांवों और बस्तियों में योग जागरूकता एवं अभ्यास कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण समुदाय, महिलाओं, बालिकाओं और बच्चों को योग के प्रति जागरूक करना तथा इसे उनके दैनिक जीवन का नियमित हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित करना रहा। योग प्रशिक्षक खुशबू सुखवाल के मार्गदर्शन में, प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक
विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान की विधियों का अभ्यास किया। खुशबू सुखवाल ने योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह भारत की प्राचीन एवं गौरवशाली परंपरा है, जो शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नियमित योगाभ्यास से शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार होता है, मानसिक तनाव
कम होता है, और सकारात्मक ऊर्जा तथा आत्मविश्वास का विकास होता है। उनका लक्ष्य योग को केवल एक दिन तक सीमित न रखकर, इसे ग्रामीण क्षेत्रों में जन-जन की दिनचर्या का अभिन्न अंग बनाना है, जिसके लिए वे लगातार गांवों और बस्तियों में जागरूकता फैला रही हैं। इसी क्रम में, बामणिया कलां पंचायत भवन में आयोजित कार्यक्रम में प्रशासक किशन सालवी, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, स्वयंसेवी
संस्थाओं की बालिकाओं, बच्चों, महिलाओं और अन्य ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। सभी प्रतिभागियों ने योग के विभिन्न अभ्यासों को सीखते हुए स्वस्थ एवं संतुलित जीवन के लिए नियमित योग करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के समापन पर, उपस्थित ग्रामीणों ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को धूमधाम से मनाने और अपने परिवार एवं समाज में योग के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया।
- अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ विद्यालय शिक्षा के प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र पुष्करणा हाल ही में राजसमंद जिले के प्रवास पर रहे। यह तीसरी बार प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद उनका राजसमंद जिले का पहला दौरा था। नाथद्वारा और राजसमंद पहुंचने पर संगठन के कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य अभिनंदन किया। जिला सभाध्यक्ष ऋषिकेश गुर्जर और जिला अध्यक्ष सतीश आचार्य के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने उन्हें मेवाड़ी पगड़ी और इकलाई भेंट कर सम्मानित किया। अपने प्रवास के दौरान, पुष्करणा ने सपरिवार प्रभु श्री नाथ जी और द्वारकाधीश मंदिर में झांकी के दर्शन किए और संगठन के सफल कार्यों के लिए आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर उन्होंने कार्यकर्ताओं से बातचीत करते हुए संगठन की गतिविधियों पर चर्चा की। उन्होंने जिले में सदस्यता अभियान के तहत 5900 सदस्यों को जोड़ने के रिकॉर्ड पर जिला टीम को धन्यवाद दिया और वर्षभर के कार्यक्रमों को सफलतापूर्वक संपन्न करने का आह्वान किया। पुष्करणा ने राज्य सरकार द्वारा स्थानांतरण पर से प्रतिबंध हटाने का स्वागत किया, साथ ही तृतीय श्रेणी के अध्यापकों के स्थानांतरण की भी मांग की। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन की मजबूती के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम करने का आह्वान किया। इस कार्यक्रम में प्रदेश शैक्षिक प्रकोष्ठ संयोजक राजेश्वर त्रिपाठी, प्रदेश प्रयोगशाला सदस्य अर्जुन सिंह, संभाग महिला संगठन मंत्री वीणा वैष्णव, जिला सभाध्यक्ष ऋषिकेश गुर्जर, जिला अध्यक्ष सतीश आचार्य, जिला संगठन मंत्री शंकर माली, नाथद्वारा खंड अध्यक्ष किरण माली, मंत्री श्याम सुंदर झांवर, सुनील माली, मनोज सोलिया, मनोज पालीवाल, खमनोर अध्यक्ष रणवीर सिंह, प्रेम शंकर भट्ट, राहुल सोनी, चेतन प्रजापत, महेंद्र बडारिया, किशन सिंह चदाणा, दीपक मोदी, पवन जोशी सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।3
- नांदोली, राजसमंद, राजस्थान से न्यू द्वारकेश न्यूज़ चैनल के संवाददाता नंदलाल पुरबिया ने रूपनारायण भगवान की जय का संदेश जनहित में प्रसारित किया है। इस प्रसारण में भगवान के चरणों में नमन करते हुए उनकी जय-जयकार की गई।1
- वल्लभनगर थाना पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी और नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कार्रवाई को अंजाम दिया है। जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन के निर्देशन में, वल्लभनगर पुलिस ने अवैध मादक पदार्थ तस्करों की काली कमाई पर कड़ा प्रहार करते हुए लाखों रुपए मूल्य की अवैध चल संपत्तियों को फ्रीज (जब्त) कर लिया है। यह कार्रवाई मादक पदार्थ तस्करों की अवैध कमाई पर एक बड़ा प्रहार मानी जा रही है।1
- मेक्सिको सिटी में एक बतख के वायरल होने की खबर सामने आई है, जिसके बारे में जानने को लोग काफी उत्सुक हैं। यह बतख क्यों वायरल हो रहा है और लोग इसके बारे में क्यों जानना चाहते हैं, यह चर्चा का विषय बन गया है। बताया जा रहा है कि इस बतख के कारण लोग काफी खुश हो रहे हैं। इसी प्रकार की स्पोर्ट्स न्यूज़ के लिए सब्सक्राइब करना न भूलने का आग्रह भी किया गया है।1
- राजस्थान में एक महत्वपूर्ण घोषणा की गई है, जिसके अनुसार प्रदेश के सभी गांव रोशन किए जाएंगे। इस पहल के तहत, राज्य भर की कच्ची बस्तियों में भी विशेष रूप से स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी, ताकि उन्हें भी रोशनी मिल सके।1
- एक दहेज मृत्यु का मामला झूठा पाए जाने के बाद एक नया सवाल खड़ा हो गया है: जब्त किए गए करोड़ों के जेवर कहाँ गायब हो गए? इस सवाल के जवाब में दावा किया गया कि 'बंदर उन जेवरों को ले गए'। इस हास्यास्पद जवाब पर अब जनता यह पूछ रही है कि क्या इतने शातिर बंदर थे, या यह कहानी ही चालाकी भरी है। करोड़ों रुपये के जेवरों के गायब होने पर ऐसा अटपटा जवाब मिलने के बाद सवाल उठना स्वाभाविक है। यह आवश्यक है कि सच सामने आए, जिसके लिए एक निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। जनता का विश्वास तभी बना रह सकता है जब जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।1
- राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के गंगरार उपखंड स्थित मूंगा खेड़ा गांव में खेत पर काम करते समय किसान कालू कीर एक कुएं में गिर गए। इस घटना की सूचना मिलते ही सिविल डिफेंस, पुलिस और हिन्दुस्तान जिंक की बचाव टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। बचाव कार्य के दौरान कुएं में सांपों की मौजूदगी सामने आई, जिससे अभियान प्रभावित हुआ और उसमें बाधा उत्पन्न हुई। इसके बाद, वन विभाग की टीम को बुलाया गया, जिसने कुएं से तीन जहरीले सांपों को सुरक्षित बाहर निकाला और उन्हें जंगल में छोड़ा। सांपों का खतरा टलने के बाद, बचाव दल ने किसान कालू कीर के शव को कुएं से बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए गंगरार चिकित्सालय पहुंचाया।1