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सरगुजा के उदयपुर में मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए तुरंत ही बारिश शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। मौसम की वर्तमान स्थिति को देखकर ऐसा लग रहा है कि पानी बीच-बीच में छोड़-छोड़ कर (रुक-रुक कर) आएगा। इसके साथ ही यह अनुमान भी लगाया जा रहा है कि अगले साल इस साल की तरह बारिश नहीं आएगी और पानी कम गिरेगा। फिलहाल उदयपुर में मौसम को देखते हुए तुरंत ही बारिश चालू होने जैसी स्थिति बनी हुई है।
Hira Ratan Sarthi
सरगुजा के उदयपुर में मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए तुरंत ही बारिश शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। मौसम की वर्तमान स्थिति को देखकर ऐसा लग रहा है कि पानी बीच-बीच में छोड़-छोड़ कर (रुक-रुक कर) आएगा। इसके साथ ही यह अनुमान भी लगाया जा रहा है कि अगले साल इस साल की तरह बारिश नहीं आएगी और पानी कम गिरेगा। फिलहाल उदयपुर में मौसम को देखते हुए तुरंत ही बारिश चालू होने जैसी स्थिति बनी हुई है।
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- सरगुजा के उदयपुर में आसमान में घने काले बादल छाए हुए हैं और चारों तरफ पूरा अंधेरा दिखाई दे रहा है, जिससे रात में जबरदस्त बारिश होने की पूरी संभावना बनी हुई है। आसमान की तरफ देखने पर सिर्फ गहरा अंधेरा ही नजर आ रहा है। फिलहाल, अभी बहुत ही धीमी-धीमी बारिश शुरू हो चुकी है, लेकिन बादलों की स्थिति को देखकर रात में भारी बारिश होने का पूरा अनुमान लगाया जा रहा है।1
- सूरजपुर के ग्राम नवगई के रहने वाले जवाहिर टेकाम का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वे गांव की समस्या को लेकर सीएम हेल्पलाइन नंबर पर बात कर रहे हैं। इस पार्ट 02 वीडियो में उन्हें सीएम हेल्पलाइन पर अपनी बात रखते हुए देखा जा सकता है।1
- नई दिल्ली के भारत मंडपम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में देश के विकास, सुशासन, जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और आगामी रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के दौरान वर्ष 2029 की रणनीति को लेकर भी महामंथन किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बैठक में मौजूद सभी सहयोगी दलों से जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने और विकास की गति को और तेज करने का आह्वान किया। उन्होंने सभी सहयोगियों से "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास" के मूल संकल्प के साथ आगे बढ़ने की अपील की। इस महत्वपूर्ण बैठक के बाद अब देश के विकास की दिशा पर पड़ने वाले प्रभावों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।1
- छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल-डीजल के मुद्दे पर सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। अंबिकापुर में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने सरकार की इस नीति पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। सिंहदेव का सीधा आरोप है कि सरकार बिना किसी अन्य विकल्प के जनता को एथेनॉल मिश्रित ईंधन खरीदने के लिए मजबूर कर रही है। उन्होंने दावा किया कि एथेनॉल मिश्रित ईंधन के उपयोग से वाहनों का माइलेज घट रहा है और उनके इंजनों की कार्यक्षमता पर भी बेहद बुरा असर पड़ रहा है। पूर्व डिप्टी सीएम ने तर्क दिया कि यदि इस मिश्रण के कारण गाड़ियों का माइलेज कम हो रहा है, तो सरकार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी उसी अनुपात में कटौती करनी चाहिए। उन्होंने सरकार की तैयारी पर सवाल उठाते हुए कहा कि एथेनॉल युक्त ईंधन बेचने से पहले उन इंजनों को विकसित या अपडेट करना बेहद जरूरी था जो इसे सपोर्ट कर सकें। सिंहदेव ने ब्राजील और अमेरिका का उदाहरण देते हुए कहा कि उन देशों ने पहले एथेनॉल-फ्रेंडली इंजन तैयार किए और उसके बाद ही इसका बड़े पैमाने पर इस्तेमाल शुरू किया था।1
- सरगुजा के अंबिकापुर स्थित सरगवा सब स्टेशन की बदहाल बिजली व्यवस्था को लेकर 9 जुलाई 2026 को दिए गए एक सप्ताह के अल्टीमेटम के बाद बिजली विभाग आखिरकार हरकत में आ गया है। इस चेतावनी के ठीक बाद 16 जुलाई 2026 को सरगवा सब स्टेशन और उससे जुड़े फीडरों में बड़े पैमाने पर मेंटेनेंस अभियान चलाया गया। स्थानीय लोगों के मुताबिक, पहली बार एक साथ 50 से अधिक कर्मचारी सब स्टेशन और विभिन्न फीडरों में मेंटेनेंस का काम करते दिखाई दिए। इस मेंटेनेंस अभियान के दौरान सहायक अभियंता (AE) राजेश जायसवाल और कनिष्ठ अभियंता (JE) सुनील लकड़ा खुद मौके पर मौजूद रहकर काम की निगरानी करते नजर आए। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग लंबे समय तक उनकी समस्याओं को गंभीरता से न लेकर ग्रामीण क्षेत्रों की अनदेखी करता रहा। लोगों को मामूली बारिश, तेज हवा या पेड़ों की डालियां तारों से छूने जैसी छोटी-छोटी वजहों से घंटों बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा था और कई बार बिना किसी स्पष्ट कारण के भी बिजली गायब रहती थी। बिजली विभाग की इस अचानक सक्रियता पर ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं कि अगर विभाग के पास इतनी बड़ी टीम और संसाधन पहले से उपलब्ध थे, तो समय-समय पर नियमित मेंटेनेंस क्यों नहीं किया गया? क्या विभाग केवल शिकायत के दबाव में ही काम करेगा? ग्रामीणों ने मांग की है कि विभाग केवल अल्टीमेटम मिलने पर सक्रिय होने के बजाय नियमित रूप से निरीक्षण और समयबद्ध मेंटेनेंस सुनिश्चित करे ताकि भविष्य में लोगों को परेशानी न उठानी पड़े।1
- छत्तीसगढ़ विधानसभा में उस समय एक बेहद दिलचस्प नजारा देखने को मिला, जब वरिष्ठ भाजपा विधायक धर्मलाल कौशिक अपनी ही सरकार के मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के जवाब पर असंतोष जताते हुए उन पर बरस पड़े। मंत्री के जवाब से नाखुश कौशिक ने दो-टूक शब्दों में कहा कि उन्हें "धन्यवाद नहीं, कार्रवाई चाहिए।" भाजपा विधायक ने विधानसभा में स्पष्ट तौर पर कहा कि केवल आश्वासनों से काम नहीं चलेगा, बल्कि इस संबंधित मामले में ठोस कार्रवाई की जानी बेहद जरूरी है। अपनी ही सरकार के मंत्री के खिलाफ दिया गया उनका यह बयान अब विधानसभा के साथ-साथ हर जगह चर्चा का विषय बन गया है।1
- सरगुजा के उदयपुर में किसानों को बारिश रुक-रुक कर आने से परेशानी होने की आशंका सता रही है, क्योंकि अगर एक-दो हफ्ते पानी नहीं गिरा तो किसान भाई बड़ी मुश्किल में पड़ सकते हैं। इसी चिंता के बीच महज दो मिनट के भीतर ही अचानक झमाझम बारिश शुरू हो गई। इस समय हो रही इस तेज बारिश को सीधे तौर पर देखा जा सकता है।1
- छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के अंबिकापुर क्षेत्र में अजरदीप सोनवानी कुमार और उनके डीजे गाने 'गोरिया बिहार वाली मौसी' का संदर्भ सामने आया है।2