Shuru
Apke Nagar Ki App…
अररिया के कुरुसाकाटा में 'संतोष कल्कि शिव बाबा सुनादरनाथ धाम सरकार' नाम चर्चा का विषय बन गया है। इस नाम को लेकर स्थानीय लोगों में कौतूहल देखा जा रहा है।
Santosh kalki shiv baba 🏴☠️
अररिया के कुरुसाकाटा में 'संतोष कल्कि शिव बाबा सुनादरनाथ धाम सरकार' नाम चर्चा का विषय बन गया है। इस नाम को लेकर स्थानीय लोगों में कौतूहल देखा जा रहा है।
More news from Bihar and nearby areas
- अररिया शहर में वट सावित्री पूजा के लिए महिलाओं की भारी भीड़ के कारण बाजार में फल और पूजा सामग्री के दाम बढ़ गए हैं। सेब, अनार और संतोला जैसे फलों की कीमतें आसमान छू रही हैं, वहीं एक लीची 4 रुपये में बिक रही है। व्यापारियों ने मांग को देखते हुए कीमतें बढ़ा दी हैं, जिससे इस साल त्योहार की खरीदारी महंगी हो गई है।1
- अररिया जिले में एक लाचार महिला अपनी दर्दभरी कहानी बता रही है। उसकी दयनीय स्थिति पर मदद की गुहार लगाई जा रही है।1
- अररिया जिले के पलसी में हुए एक भीषण हादसे में 24 चक्का वाहन ने दो परिवारों का सहारा छीन लिया। इस दर्दनाक घटना से महिलाएँ बेबस और बेवा हो गईं, जो अब मदद की गुहार लगा रही हैं।1
- पश्चिम बंगाल में एक ऐसी घटना घटित हुई है जिसने सभी को हैरान कर दिया है। यह अप्रत्याशित खबर अब पूरे देश में चर्चा का विषय बन गई है और लोग इसके बारे में जानने को उत्सुक हैं।1
- किशनगंज के टेढ़ागाछ प्रखंड में सुहागिन महिलाओं ने पति की लंबी आयु और परिवार की खुशहाली के लिए श्रद्धापूर्वक वट सावित्री पर्व मनाया। इस दौरान महिलाओं ने वट वृक्ष की पूजा-अर्चना कर व्रत रखा और सामूहिक रूप से कथा सुनी। पर्व के चलते स्थानीय बाजारों में रौनक बढ़ी और फल व पूजा सामग्री की मांग में भारी उछाल दर्ज किया गया।1
- बिहार के सीमांचल क्षेत्र में विकास के बजाय केवल आपसी टकराव और विवादों पर चर्चा हो रही है। यह सवाल उठाया जा रहा है कि इस अहम क्षेत्र में प्रगति पर ध्यान क्यों नहीं दिया जा रहा है।1
- अररिया के कुरसाकाटा में संतोष कल्कि शिव बाबा सुनदरनाथ धाम को लेकर स्थानीय लोगों में उत्सुकता है। इसे एक नया आध्यात्मिक केंद्र माना जा रहा है, जहाँ दूर-दूर से श्रद्धालु पहुँच रहे हैं।1
- अररिया शहर के खरैया बस्ती में बच्चों को लेकर हुए विवाद में एक व्यक्ति पर धारदार हथियार से हमला किया गया, जिससे वह गंभीर रूप से जख्मी हो गया। घायल व्यक्ति जफर को तुरंत अररिया सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों की देखरेख में उसका इलाज जारी है।1
- मालदा जिले की भारत-बांग्लादेश सीमा पर फेंसिंग कार्य पूरा होने से ग्रामीणों में नई उम्मीद जगी है। वर्षों से अधूरी बाड़बंदी के कारण अवैध आवाजाही, घुसपैठ और विवादों से जूझ रहे लोगों को अब बेहतर सुरक्षा की उम्मीद है। इससे न केवल शांति और विकास को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि किसानों को भी अपनी जमीन व फसलों की सुरक्षा मिलेगी।1