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रकसवारा गांव के अंतर्गत आने वाले रामपुर रकसवारा में ग्राम प्रधान वीरेंद्र जी और केयरटेकर की भारी लापरवाही के कारण ग्रामीणों को बेहद परेशानी उठानी पड़ रही है। गांव में बना शौचालय व स्नान घर करीब 7 महीने से बंद पड़ा हुआ है। इसके रखरखाव के लिए पैसा भी आता है, लेकिन देखभाल करने वाला कोई नहीं है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि आखिर लापरवाह प्रशासन बिना किसी जांच-पड़ताल के पैसे कैसे पास कर देता है। इस स्थिति को लेकर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि शिकायत किए जाने के बावजूद अब तक समस्या का कोई निस्तारण नहीं हुआ है।
Razi Ahmad siddiqui
रकसवारा गांव के अंतर्गत आने वाले रामपुर रकसवारा में ग्राम प्रधान वीरेंद्र जी और केयरटेकर की भारी लापरवाही के कारण ग्रामीणों को बेहद परेशानी उठानी पड़ रही है। गांव में बना शौचालय व स्नान घर करीब 7 महीने से बंद पड़ा हुआ है। इसके रखरखाव के लिए पैसा भी आता है, लेकिन देखभाल करने वाला कोई नहीं है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि आखिर लापरवाह प्रशासन बिना किसी जांच-पड़ताल के पैसे कैसे पास कर देता है। इस स्थिति को लेकर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि शिकायत किए जाने के बावजूद अब तक समस्या का कोई निस्तारण नहीं हुआ है।
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- उत्तर प्रदेश की पशुधन एवं दुग्ध विकास राज्यमंत्री कृष्णा पासवान ने कौशांबी के सयारा स्थित मां शीतला अतिथि गृह में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड, आवास की चाबी और स्वीकृति प्रमाण-पत्र प्रदान किए। उन्होंने आयुष्मान भारत योजना के तहत लाभार्थी विमला देवी, सुमन देवी और बबिता को आयुष्मान कार्ड सौंपे। इसके अलावा मुख्यमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को आवास की चाबी व स्वीकृत-पत्र, कृषि उद्यमी स्वालंबन योजना के लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र तथा पशुपालन विभाग द्वारा संचालित बकरी पालन, भेड़ पालन व सुकर पालन योजना के लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र दिए गए। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत राज्यमंत्री ने स्वयं सहायता समूहों को कुल ₹3 करोड़ 78 लाख 90 हजार की धनराशि का डमी चेक प्रदान किया। इसमें 338 स्वयं सहायता समूहों को रिवाल्विंग फण्ड के रूप में ₹1 करोड़ 1 लाख 40 हजार तथा 185 स्वयं सहायता समूहों को सामुदायिक निवेश निधि के रूप में ₹2 करोड़ 77 लाख 50 हजार की राशि शामिल है। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष कल्पना सोनकर, निवर्तमान विधायक लाल बहादुर, संजय कुमार गुप्ता व शीतला प्रसाद उर्फ पप्पू पटेल, नगर पालिका परिषद मंझनपुर के अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार फौजी, नगर पंचायत अजुहा की अध्यक्ष शांति देवी, ज्योति केशरवानी, नीतू कनौजिया के साथ-साथ जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल, पुलिस अधीक्षक सत्य नारायण एवं मुख्य विकास अधिकारी विनोद राम त्रिपाठी मौजूद रहे।1
- कौशांबी जिले के थाना कड़ाधाम और एसओजी की पुलिस टीम ने एक कार्रवाई के दौरान चोरी की बोलेरो के साथ 03 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस टीम द्वारा अभियुक्तों को चोरी की वाहन सहित हिरासत में लेकर आगे की प्रक्रिया की जा रही है।1
- कौशांबी जिले के संदीपन घाट थाना क्षेत्र स्थित क्यामुद्दीनपुर गांव में एक निर्माणाधीन मकान पर काम करते समय दर्दनाक हादसा हो गया। मारूफपुर अमहा गांव निवासी मजदूर संतोष कुमार मकान में सरिया बांध रहे थे, तभी सरिया ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइन के संपर्क में आ गया। तेज करंट दौड़ने से संतोष कुमार गंभीर रूप से झुलस गए, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हादसे के तुरंत बाद साथी मजदूर और परिजन उन्हें अस्पताल ले जाने लगे, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद से मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। सूचना मिलने पर पहुंची संदीपन घाट थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।1
- उत्तर प्रदेश के आज़मगढ़ में प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही युवाओं को कथित तौर पर चेतावनी दी गई है। युवाओं को साफ़ कहा गया कि "ज़्यादा देर तक दिखे तो मुक़दमे हो जाएँगे, बुद्धि ठिकाने आ जाएगी।" अपने अधिकारों के लिए आवाज़ उठाने की तैयारी कर रहे युवाओं को इस तरह सीधे तौर पर धमकाया गया है। इस घटना के बाद अब सीधे व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर बुद्धि ठिकाने आने की ज़रूरत किसकी है—उन युवाओं की जो शिक्षा, रोज़गार और अपने भविष्य की बात कर रहे हैं, या उस व्यवस्था की जिसे जनता ने उनकी आवाज़ सुनने और समस्याओं का समाधान करने के लिए चुना है। लोकतंत्र में सवाल पूछने वालों को डराया नहीं जाता बल्कि उनकी बात सुनी जाती है, इसलिए जनता की आवाज़ का जवाब धमकी के बजाय संवाद और समाधान से दिया जाना चाहिए।1
- कौशांबी जिले के थाना कड़ाधाम और एसओजी की संयुक्त पुलिस टीम ने चोरी की बोलेरो गाड़ी के साथ 03 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। इस सफलता पर कौशांबी के पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण द्वारा गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम को 15,000 रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की गई है। मामला 13 जुलाई 2026 का है, जब प्रतापगढ़ जिले के थाना पट्टी क्षेत्र के चरैया निवासी सत्यप्रकाश पांडेय ने थाना कड़ाधाम में सूचना दी थी कि हनुमान घाट बैरियर के पास पानी टंकी के पास खड़ी उनकी भाड़े की सफेद रंग की बोलेरो (UP79M9354) चोरी हो गई है। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने धारा 303(2) बीएनएस के तहत केस दर्ज किया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित टीमों ने सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस और स्थानीय लोगों से पूछताछ के जरिए जांच शुरू की। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि अभियुक्त प्रदीप मिश्रा चोरी की बोलेरो के इंजन व चेचिस नंबर से छेड़छाड़ कर नया फर्जी नंबर बनवाकर उसे बेचने के लिए बक्सर ले जा रहा है। इस सूचना पर पुलिस टीमों ने घेराबंदी कर बलिया जिले के थाना नरही क्षेत्रान्तर्गत उजियार गांव के पास सड़क किनारे संदिग्ध बोलेरो वाहन को रोककर उसमें सवार तीनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया और चोरी की गाड़ी बरामद की। पकड़े गए अभियुक्तों में प्रदीप कुमार मिश्रा (निवासी शिवनी का पुरवा, थाना बाघराय, प्रतापगढ़), मोहम्मद शाहजहां खान (निवासी तुर्कपुरवा, थाना मुफ्फसिल, जिला बक्सर, बिहार) और अनूप कुमार सिन्हा (निवासी इटाढ़ी, जिला बक्सर, बिहार) शामिल हैं। कड़ाई से पूछताछ करने पर मुख्य अभियुक्त प्रदीप कुमार मिश्रा ने स्वीकार किया कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर शीतला माता मंदिर के पास से यह गाड़ी चुराई थी। अभियुक्तों ने यह भी खुलासा किया कि वे वर्ष 2025 से कड़ाधाम क्षेत्र से कई बोलेरो गाड़ियां चुराकर उनके इंजन-चेसिस नंबर बदलकर, फर्जी नंबर प्लेट व दस्तावेज तैयार कर बिहार और आसपास के राज्यों में बेचते आ रहे हैं।1
- कौशांबी में चोरी के कंटेनर के साथ 2 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है।1
- कौशाम्बी जिले की कड़ाधाम थाना पुलिस और एसओजी टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए वाहन चोरी करने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने चोरी की एक बोलेरो के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बरामद बोलेरो पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर उसे बिहार में बेचने की तैयारी की जा रही थी। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में प्रतापगढ़ और बिहार के निवासी शामिल हैं। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे कई बोलेरो वाहनों की चोरी कर उन्हें बिहार में बेच चुके हैं। आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों और चोरी की गई अन्य गाड़ियों के संबंध में सुराग जुटा रही है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की गाड़ी बरामद कर उनके खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। कौशाम्बी पुलिस की इस कार्रवाई को वाहन चोरी की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए अभियान लगातार जारी है।1