Shuru
Apke Nagar Ki App…
जबलपुर के बलदेव बाग चौराहे पर पुलिस और एक युवक के बीच भारी हंगामा हुआ। यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब लार्डगंज पुलिस वहां वाहन चेकिंग कर रही थी। आरोप है कि चेकिंग के दौरान लार्डगंज पुलिस ने युवक के साथ गाली-गलौज की। जब युवक ने इस बदतमीजी का विरोध किया, तो पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए गए युवक की पहचान भावेश रजक के रूप में हुई है।
Rishi Rajak
जबलपुर के बलदेव बाग चौराहे पर पुलिस और एक युवक के बीच भारी हंगामा हुआ। यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब लार्डगंज पुलिस वहां वाहन चेकिंग कर रही थी। आरोप है कि चेकिंग के दौरान लार्डगंज पुलिस ने युवक के साथ गाली-गलौज की। जब युवक ने इस बदतमीजी का विरोध किया, तो पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए गए युवक की पहचान भावेश रजक के रूप में हुई है।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- Post by Pavan singh thakur1
- Post by Rishi Rajak1
- जबलपुर के इस संदेश में एक भक्त ने धर्म संगठन के बाबा के प्रति अपनी अटूट आस्था व्यक्त की है। भक्त का कहना है कि यह दुनिया बेगानी, मतलबी और स्वार्थी है, जहाँ लोग केवल अपने स्वार्थ तक ही साथ निभाते हैं। इस संसार की नश्वरता के बीच, भक्त ने बाबा को ही एकमात्र सच्चा सहारा और संबल माना है। अपनी भक्ति प्रकट करते हुए भक्त ने लिखा है कि बाबा ही उनका असली सावरा है, जिस पर उनका पूरा विश्वास टिका है।1
- कटनी जिले की रीठी तहसील मुख्यालय और ग्राम पंचायत बरहटा की मुख्य सड़कों पर इन दिनों बड़ी संख्या में आवारा मवेशियों का जमावड़ा लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बना हुआ है। सुबह से लेकर देर रात तक मवेशी सड़क के बीचों-बीच बैठे रहते हैं, जिससे छोटे-बड़े वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है और दुर्घटना की आशंका लगातार बनी हुई है। वाहन चालकों को इनके बीच से निकलने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। कई बार अचानक मवेशियों के सामने आ जाने से चालक अपना संतुलन खो बैठते हैं। विशेष रूप से रात के अंधेरे में सड़क पर बैठे मवेशी दिखाई नहीं देते, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि उन्होंने कई बार इस समस्या की जानकारी संबंधित विभाग और ग्राम पंचायत को दी है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि आवारा मवेशियों को गौशालाओं में पहुंचाने और सड़कों को अतिक्रमण व मवेशियों से मुक्त कराने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि समय रहते किसी बड़े सड़क हादसे को रोका जा सके।1
- मासूम बच्चे आरव की पटक-पटक कर हत्या करने वाले आरोपी जितेंद्र पाठक को उच्च न्यायालय ने मृत्युदंड की सजा सुनाई है। इस जघन्य मामले में महज 40 दिनों के भीतर ही इंसाफ मिल गया है। त्वरित न्याय के इस फैसले पर 'जय हिंद' के उद्घोष के साथ भारी खुशी जताई गई है और देश में जल्द से जल्द ऐसी ही सख्त कानून व्यवस्था होने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।1