मध्य विद्यालय सहरना के छात्र- छात्राओं ने प्रसिद्ध नवादा ककोलत झील का शैक्षणिक परिभ्रमण किया। मुख्यमंत्री बिहार दर्शन योजना के तहत बांका जिले के बाराहाट प्रखंड अंतर्गत मध्य विद्यालय सहरना के छात्र - छात्राओं ने नवाद जिला के प्रसिद्ध (ककोलत झील )का परिभ्रमण किया। इसके साथ- साथ दर्शनीय स्थल की खूबसूरती एवं उनके सौंदर्यता के महत्व के बारे में नजदीक से देखा व जाना। इस मौके पर सरहना मध्य विद्यालय के प्रधानाचार्य राम किशोर सिंह ने कहा - शैक्षणिक परिभ्रमण का मुख्य उद्देश्य छात्रों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ- साथ प्राकृतिक,ऐतिहासिक सांस्कृतिक धरोहरों से प्रत्यक्ष रूप से परिचय कराना था। परिभ्रमण के मौके पर वरीय शिक्षिका सीता कुमारी, विज्ञान शिक्षक राणा आलोक, सहायक शिक्षक प्रेम शंकर मंडल, सामाजिक कार्यकर्ता त्रिपुरारी सिंह विधालय की रसोइया राधा देवी एवं रसोइया सुमन देवी सहित विद्यालय के दर्जनों बच्चे उपस्थित रहे।
मध्य विद्यालय सहरना के छात्र- छात्राओं ने प्रसिद्ध नवादा ककोलत झील का शैक्षणिक परिभ्रमण किया। मुख्यमंत्री बिहार दर्शन योजना के तहत बांका जिले के बाराहाट प्रखंड अंतर्गत मध्य विद्यालय सहरना के छात्र - छात्राओं ने नवाद जिला के प्रसिद्ध (ककोलत झील )का परिभ्रमण किया। इसके साथ- साथ दर्शनीय स्थल की खूबसूरती एवं उनके सौंदर्यता के महत्व के बारे में नजदीक से देखा व जाना। इस मौके पर सरहना मध्य
विद्यालय के प्रधानाचार्य राम किशोर सिंह ने कहा - शैक्षणिक परिभ्रमण का मुख्य उद्देश्य छात्रों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ- साथ प्राकृतिक,ऐतिहासिक सांस्कृतिक धरोहरों से प्रत्यक्ष रूप से परिचय कराना था। परिभ्रमण के मौके पर वरीय शिक्षिका सीता कुमारी, विज्ञान शिक्षक राणा आलोक, सहायक शिक्षक प्रेम शंकर मंडल, सामाजिक कार्यकर्ता त्रिपुरारी सिंह विधालय की रसोइया राधा देवी एवं रसोइया सुमन देवी सहित विद्यालय के दर्जनों बच्चे उपस्थित रहे।
- प्राथमिक उप स्वास्थ्य केंद्र ने ग्रामीणों को बांटी एक्सपायर्ड दवाएं, - स्वास्थ्य प्रबंधक बोले बाहरी लोगों ने बांटी होगी दवा1
- हक की लड़ाई में सड़कों पर उतरे ड्राइवर, बांका डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन; 20 लाख बीमा पॉलिसी व पेंशन की उठाई मांग बिहार बांका। अपने अधिकारों और सामाजिक सुरक्षा की मांग को लेकर सोमवार को बिहार ड्राइवर एसोसिएशन के बैनर तले सैकड़ों चालक सड़कों पर उतर आए। चालकों ने जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन कर 10 सूत्री मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। इस दौरान चालकों ने दुर्घटना में मौत होने पर 20 लाख रुपये मुआवजा, बीमा पॉलिसी और पेंशन योजना लागू करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान एसोसिएशन के सदस्यों ने कहा कि चालक दिन-रात सड़कों पर रहकर समाज और अर्थव्यवस्था की रफ्तार बनाए रखते हैं, लेकिन जब उनकी सुरक्षा और भविष्य की बात आती है तो सरकार और समाज दोनों मौन हो जाते हैं। चालकों का कहना था कि सड़क दुर्घटनाओं में कई बार ड्राइवरों की मौत हो जाती है, लेकिन उनके परिवारों को कोई ठोस सहायता नहीं मिलती। प्रदर्शन के दौरान चालकों ने 10 सूत्री मांगों को उठाते हुए कहा कि चालकों के लिए सामाजिक सुरक्षा और पेंशन योजना लागू की जाए ताकि बुजुर्गावस्था में उन्हें सम्मानजनक जीवन मिल सके। इसके साथ ही ड्राइवर वेलफेयर फंड का गठन कर जरूरत के समय चालकों और उनके परिवारों को आर्थिक सहायता देने की व्यवस्था करने की मांग की गई। चालकों ने यह भी मांग की कि सड़क दुर्घटना में किसी चालक की मृत्यु होने पर उसके आश्रितों को कम से कम 20 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए तथा सभी कमर्शियल ड्राइवरों के लिए अनिवार्य और मुफ्त स्वास्थ्य एवं जीवन बीमा की व्यवस्था की जाए। प्रदर्शन के बाद बिहार ड्राइवर एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी को अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक पहल नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा और जरूरत पड़ी तो पूरे बिहार में चक्का जाम किया जाएगा। बांका। संवाददाता बिकाश शर्मा1
- बांका बिहार अमरपुर प्रखंड डुमरामा मे बुनकर को ट्रेनिंग देते हुए1
- पोल्टी मुर्गा में जितना बीमारी है वह आजकल मनुष्य में प्रवेश करना शुरू हो गया है जितने भी पोल्ट्री मुर्गा खा रहे हैं वह सतर्क और सावधान हो जाए आपके गांव में गाड़ी जाएगी और आपको एक सौ रुपया में मुर्गा दिया जाएगा आप अगर खा लिए तो आपका 100 का जगह 2 करोड रुपए खर्च हो सकता है? #news1
- पवित्र रमजान माह में बढ़ती गर्मी के बीच तारापुर नगर पंचायत के गाजीपुर गांव में पानी की किल्लत से लोग परेशान हैं। मुस्लिम बहुल इस क्षेत्र के वार्ड 1, 2, 3, 4 और 7 में नल-जल योजना की आपूर्ति लगभग ठप हो गई है, जिससे खासकर रोजेदारों को सहरी और इफ्तार के समय काफी दिक्कत हो रही है। पानी नहीं मिलने के कारण लोगों को मस्जिद और मदरसा से पानी लाकर काम चलाना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि बच्चों के हाथों में किताबों की जगह पानी की बाल्टियां नजर आ रही हैं। पढ़ाई करने की उम्र में वे परिवार की प्यास बुझाने के लिए पानी ढोने को मजबूर हैं। ग्रामीणों के अनुसार नल-जल योजना में यांत्रिक खराबी के कारण आपूर्ति बाधित है। पीएचईडी विभाग की ओर से एक टैंकर भेजा गया है, लेकिन इससे जरूरत पूरी नहीं हो पा रही है। एसडीओ राकेश रंजन कुमार ने जल्द जलापूर्ति बहाल कराने का निर्देश दिया है।1
- Post by THE LIVE1
- देश में इन दिनों सोशल मीडिया पर कई ऐसे वीडियो और तस्वीरें वायरल हो रही हैं, जिनमें लोग पेट्रोल पंपों पर बड़े-बड़े डब्बे और कंटेनर लेकर पेट्रोल भरवाते दिखाई दे रहे हैं। इन वायरल तस्वीरों को देखकर कई लोगों के मन में यह सवाल उठने लगा है कि क्या भारत में पेट्रोल खत्म होने वाला है?1
- सावधान! बांका में मौत की क्लास जारी, क्या सो रहा है शिक्षा विभाग?#मंदार 24 न्यूज1