सीजेएम नीलम कुमारी ने बंदियों के अधिकार, विधवा सेल व गुमशुदा बच्चों की सुरक्षा के संबंध में ली बैठक जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी नीलम कुमारी ने आज अपने कार्यालय में जेल में बंद गरीब कैदियों के कानूनी अधिकार, विधवा सेल की कार्यप्रणाली और गुमशुदा बच्चों से संबंधित संशोधित 'मॉडल प्रोसिक्यूशन स्कीम 2022' के प्रभावी कार्यान्वयन के संबंध में अधिकारियों के साथ बैठक की। सीजेएम नीलम कुमारी ने कहा कि बैठक का मुख्य उद्देश्य समाज के वंचित वर्गों को न्याय दिलाना और सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है। उन्होंने गरीब बंदियों के अधिकार के बारे में अधिकारियों को निर्देश दिए कि आर्थिक रूप से कमजोर बंदियों को समय पर मुफ्त कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाए ताकि कोई भी व्यक्ति गरीबी के कारण न्याय से वंचित न रहे। साथ ही विधवाओं के कल्याण और उनकी सुरक्षा के लिए बनाए गए सेल की स्थिति की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विधवा महिलाओं को मूलभूत सुविधाएं और उनके अधिकार समयबद्ध ढंग से सुनिश्चित किए जाएं। सीजेएम ने कहा कि सरकार द्वारा चलाई जा रही पेंशन, ऋण और अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सभी पात्र महिलाओं को मिले, यह सुनिश्चित करना संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है। सीजेएम नीलम कुमारी ने गुमशुदा बच्चों की तलाश और उनके पुनर्वास के लिए 'मॉडल प्रोसिक्यूशन स्कीम 2022' के तहत पुलिस और बाल कल्याण समितियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर बल दिया। बैठक के अंत में सचिव नीलम कुमारी ने सभी विभागों को आपसी तालमेल के साथ काम करने का निर्देश दिए। इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी जतिन गुजराल, नगराधीश डॉ मंगल सैन, डीएसपी भारत भूषण, जिला जेल अधीक्षक संजय बांगर, जिला कार्यक्रम अधिकारी शालू यादव, महिला थाना प्रभारी मंजूषा, बाल कल्याण समिति अध्यक्ष राजेश गोयल, सुरेश कुमार एवं पैनल अधिवक्ता गिरिबाला यादव मौजूद थी।
सीजेएम नीलम कुमारी ने बंदियों के अधिकार, विधवा सेल व गुमशुदा बच्चों की सुरक्षा के संबंध में ली बैठक जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी नीलम कुमारी ने आज अपने कार्यालय में जेल में बंद गरीब कैदियों के कानूनी अधिकार, विधवा सेल की कार्यप्रणाली और गुमशुदा बच्चों से संबंधित संशोधित 'मॉडल प्रोसिक्यूशन स्कीम 2022' के प्रभावी कार्यान्वयन के संबंध में अधिकारियों के साथ बैठक की। सीजेएम नीलम कुमारी ने कहा कि बैठक का मुख्य उद्देश्य समाज के वंचित वर्गों को न्याय दिलाना और सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है। उन्होंने गरीब बंदियों के अधिकार के बारे
में अधिकारियों को निर्देश दिए कि आर्थिक रूप से कमजोर बंदियों को समय पर मुफ्त कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाए ताकि कोई भी व्यक्ति गरीबी के कारण न्याय से वंचित न रहे। साथ ही विधवाओं के कल्याण और उनकी सुरक्षा के लिए बनाए गए सेल की स्थिति की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विधवा महिलाओं को मूलभूत सुविधाएं और उनके अधिकार समयबद्ध ढंग से सुनिश्चित किए जाएं। सीजेएम ने कहा कि सरकार द्वारा चलाई जा रही पेंशन, ऋण और अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सभी पात्र महिलाओं को मिले, यह सुनिश्चित करना संबंधित
विभागों की जिम्मेदारी है। सीजेएम नीलम कुमारी ने गुमशुदा बच्चों की तलाश और उनके पुनर्वास के लिए 'मॉडल प्रोसिक्यूशन स्कीम 2022' के तहत पुलिस और बाल कल्याण समितियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर बल दिया। बैठक के अंत में सचिव नीलम कुमारी ने सभी विभागों को आपसी तालमेल के साथ काम करने का निर्देश दिए। इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी जतिन गुजराल, नगराधीश डॉ मंगल सैन, डीएसपी भारत भूषण, जिला जेल अधीक्षक संजय बांगर, जिला कार्यक्रम अधिकारी शालू यादव, महिला थाना प्रभारी मंजूषा, बाल कल्याण समिति अध्यक्ष राजेश गोयल, सुरेश कुमार एवं पैनल अधिवक्ता गिरिबाला यादव मौजूद थी।
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- अटेली से पहले ओल्ड राव होटल के समीप बड़ा हादसा टला,..... अनियंत्रित होकर पलटी कार.... (नारनौल क्षेत्र): बाछोड़ गांव के नजदीक ओल्ड राव होटल के पास एक कार अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसा इतना भयानक था कि आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन गनीमत रही कि बड़ा नुकसान होने से टल गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार तेज रफ्तार में थी और अचानक चालक का नियंत्रण खो गया, जिससे वाहन सड़क किनारे पलट गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और तुरंत राहत कार्य शुरू किया। कार में सवार लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। सूत्रों के मुताबिक हादसे में मामूली चोटें आई हैं, जबकि किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। मौके पर पुलिस भी पहुंची और घटना की जांच शुरू कर दी गई है। स्थानीय लोगों ने बताया कि इस स्थान पर पहले भी कई हादसे हो चुके हैं, जिससे यहां सुरक्षा व्यवस्था और ट्रैफिक नियंत्रण की जरूरत महसूस की जा रही है। प्रशासन से मांग: ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस क्षेत्र में स्पीड कंट्रोल के लिए उचित इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों से बचा जा सके।1
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- #हर्ष छिक्करा ने लाइव आकर बता दिया #हरियाणा के युवाओं के साथ धोखा कर रही है सरकार #अब पुलिस मे भी.. हरियाणा से बाहर के युवकों को भर्ती किया जाएगा1
- कोटपुतली-बहरोड़ जिले के नीमराना औद्योगिक क्षेत्र में सोमवार को एक बार फिर श्रमिक असंतोष खुलकर सामने आया। इंडियन और जापानी जोन की कंपनियों—हेलोज पैकेजिंग और एस्टमो—के बाहर बड़ी संख्या में मजदूर एकत्रित होकर वेतन वृद्धि की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन में सैकड़ों महिला श्रमिकों की भागीदारी भी देखने को मिली, जिससे आंदोलन ने व्यापक रूप ले लिया। इस दौरान कुछ समय के लिए सड़क जाम की स्थिति भी बन गई। मजदूरों ने नारेबाजी करते हुए कंपनी प्रबंधन के खिलाफ रोष जताया। उनका कहना है कि लंबे समय से वेतन में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है, जबकि महंगाई लगातार बढ़ रही है, जिससे उनके लिए परिवार का पालन-पोषण करना मुश्किल हो गया है। श्रमिकों ने आरोप लगाया कि कई बार मांग उठाने के बावजूद प्रबंधन उनकी समस्याओं को नजरअंदाज कर रहा है। स्थिति को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। नीमराना एसडीएम महेंद्र यादव और एडिशनल एसपी सुरेश खींची सहित प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और हालात पर नजर बनाए रखी। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की अपील की। गौरतलब है कि दो दिन पहले ही नीमराना की निडेक कंपनी में भी मजदूरों ने वेतन वृद्धि सहित विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया था। इसी को देखते हुए प्रशासन पहले से अलर्ट था और एस्टमो कंपनी के बाहर हुए प्रदर्शन में तुरंत कार्रवाई की गई। प्रदर्शन के दौरान कुछ श्रमिकों ने उग्र होने की कोशिश की, जिस पर पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए 6 लोगों को हिरासत में ले लिया। इसके बाद कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया, लेकिन प्रशासन की तत्परता से स्थिति को जल्द ही नियंत्रण में कर लिया गया। श्रमिकों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन एहतियातन पुलिस बल तैनात है। यह घटना एक बार फिर औद्योगिक क्षेत्रों में बढ़ते श्रमिक असंतोष की ओर इशारा करती है, जिस पर समय रहते समाधान निकालना बेहद जरूरी हो गया है।4
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