सवाई माधोपुर जिले के बाटोदा और गंगापुर सिटी में अवैध बजरी खनन और परिवहन का धंधा अब पुलिस की नाक के नीचे एक संगठित और बेखौफ 'साम्राज्य' बन चुका है। क्षेत्र से सामने आ रही तस्वीरें और हकीकत पूरे पुलिस महकमे की साख को तार-तार कर रही है, जहाँ 'रक्षक ही भक्षक' बनकर कानून व्यवस्था का जनाजा निकाल रहे हैं। आरोप है कि यह बजरी माफिया और खाकी का 'अपवित्र गठबंधन' है, जिसके चलते 'मौत के सौदागर' कानून की धज्जियां उड़ाकर दौड़ रहे हैं। सबसे सनसनीखेज और शर्मनाक आरोप बाटोदा थाना पुलिस पर लगा है। विश्वस्त सूत्रों के अनुसार, बाटोदा थाना इंचार्ज के अपने स्टाफ और चहेतों के ट्रैक्टर दिन-रात अवैध बजरी कारोबार में खुलेआम दौड़ रहे हैं। पुलिस पर 'हफ्ता वसूली' का खुला खेल खेलने का भी आरोप है, जहाँ आम जनता और छोटे ट्रैक्टर चालकों पर तो कानून का शिकंजा कसता है, लेकिन पुलिस को मोटी रकम या 'सुविधा शुल्क' देने वाले माफिया को बाटोदा पुलिस खुद 'एस्कॉर्ट' देकर रास्ता साफ कराती है। खाकी के अपने ट्रैक्टरों की आड़ में दर्जनों अन्य अवैध ट्रैक्टर भी बेखौफ होकर कानून को ठेंगा दिखा रहे हैं। इस पूरे मामले में गंगापुर सिटी पुलिस की भूमिका भी पूरी तरह संदेहास्पद बताई गई है। आरोप है कि गंगापुर SHO धृतराष्ट्र बनकर आंखें मूंदकर बैठे हैं। शहर के बीचों-बीच और आम रास्तों से दर्जनों ओवरलोड ट्रैक्टर पूरी रफ्तार से गुजरते हैं, जिससे किसी भी वक्त बड़ा हादसा होने का खतरा बना रहता है। इस पर कोई कार्रवाई न होना साफ दर्शाता है कि गंगापुर पुलिस ने माफियाओं को 'फ्री हैंड' दे रखा है और 'पूरी दाल ही काली' है। स्थानीय जनता इस 'गुंडाराज' से त्रस्त हो चुकी है और अब इस स्थिति के खिलाफ पुलिस अधीक्षक (SP) सवाई माधोपुर से निर्णायक कार्रवाई की उम्मीद लगाए बैठी है। सजग नागरिकों और ग्राउंड रिपोर्टिंग के जरिए एसपी से सीधी मांग की गई है कि वे तुरंत बाटोदा और गंगापुर इलाके में स्पेशल टीम भेजकर अवैध बजरी ट्रैक्टरों को सीज करें। साथ ही, पैसे लेकर रास्ता देने वाले भ्रष्ट पुलिसकर्मियों और अधिकारियों को तत्काल निलंबित कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए। जनता ने बजरी माफियाओं पर ऐसी सख्त पाबंदी लगाने की मांग की है, जिससे वे दोबारा सड़कों पर उतरने की हिम्मत न कर सकें। रिपोर्ट चेतावनी देती है कि यदि सवाई माधोपुर एसपी ने इस पर तुरंत कड़ा एक्शन नहीं लिया, तो यह अवैध कारोबार पूरे जिले की कानून व्यवस्था को निगल जाएगा।
सवाई माधोपुर जिले के बाटोदा और गंगापुर सिटी में अवैध बजरी खनन और परिवहन का धंधा अब पुलिस की नाक के नीचे एक संगठित और बेखौफ 'साम्राज्य' बन चुका है। क्षेत्र से सामने आ रही तस्वीरें और हकीकत पूरे पुलिस महकमे की साख को तार-तार कर रही है, जहाँ 'रक्षक ही भक्षक' बनकर कानून व्यवस्था का जनाजा निकाल रहे हैं। आरोप है कि यह बजरी माफिया और खाकी का 'अपवित्र गठबंधन' है, जिसके चलते 'मौत के सौदागर' कानून की धज्जियां उड़ाकर दौड़ रहे हैं। सबसे सनसनीखेज और शर्मनाक आरोप बाटोदा थाना पुलिस पर लगा है। विश्वस्त सूत्रों के अनुसार, बाटोदा थाना इंचार्ज के अपने स्टाफ और चहेतों के ट्रैक्टर दिन-रात अवैध बजरी कारोबार में खुलेआम दौड़ रहे हैं। पुलिस पर 'हफ्ता वसूली' का खुला खेल खेलने का भी आरोप है, जहाँ आम जनता और छोटे ट्रैक्टर चालकों पर तो कानून का शिकंजा कसता है, लेकिन पुलिस को मोटी रकम या 'सुविधा शुल्क' देने वाले माफिया को बाटोदा पुलिस खुद 'एस्कॉर्ट' देकर रास्ता साफ कराती है। खाकी के अपने ट्रैक्टरों की आड़ में दर्जनों अन्य अवैध ट्रैक्टर भी बेखौफ होकर कानून को ठेंगा दिखा रहे हैं। इस पूरे मामले में गंगापुर सिटी पुलिस की भूमिका भी पूरी तरह संदेहास्पद बताई गई है। आरोप है कि गंगापुर SHO धृतराष्ट्र बनकर आंखें मूंदकर बैठे हैं। शहर के बीचों-बीच और आम रास्तों से दर्जनों ओवरलोड ट्रैक्टर पूरी रफ्तार से गुजरते हैं, जिससे किसी भी वक्त बड़ा हादसा होने का खतरा बना रहता है। इस पर कोई कार्रवाई न होना साफ दर्शाता है कि गंगापुर पुलिस ने माफियाओं को 'फ्री हैंड' दे रखा है और 'पूरी दाल ही काली' है। स्थानीय जनता इस 'गुंडाराज' से त्रस्त हो चुकी है और अब इस स्थिति के खिलाफ पुलिस अधीक्षक (SP) सवाई माधोपुर से निर्णायक कार्रवाई की उम्मीद लगाए बैठी है। सजग नागरिकों और ग्राउंड रिपोर्टिंग के जरिए एसपी से सीधी मांग की गई है कि वे तुरंत बाटोदा और गंगापुर इलाके में स्पेशल टीम भेजकर अवैध बजरी ट्रैक्टरों को सीज करें। साथ ही, पैसे लेकर रास्ता देने वाले भ्रष्ट पुलिसकर्मियों और अधिकारियों को तत्काल निलंबित कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए। जनता ने बजरी माफियाओं पर ऐसी सख्त पाबंदी लगाने की मांग की है, जिससे वे दोबारा सड़कों पर उतरने की हिम्मत न कर सकें। रिपोर्ट चेतावनी देती है कि यदि सवाई माधोपुर एसपी ने इस पर तुरंत कड़ा एक्शन नहीं लिया, तो यह अवैध कारोबार पूरे जिले की कानून व्यवस्था को निगल जाएगा।
- लालसोट के परशुराम मंदिर में रविवार को एक भव्य संस्कार शिविर का शुभारंभ हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में बच्चों, युवाओं और अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस शिविर के माध्यम से प्रतिभागियों को भारतीय संस्कृति, नैतिक शिक्षा, धार्मिक ज्ञान, योग, अनुशासन और जीवन मूल्यों की महत्वपूर्ण जानकारी दी जा रही है। आयोजकों ने बताया कि इस शिविर का मुख्य उद्देश्य वर्तमान समय में नई पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ना है। इसमें बच्चों और युवाओं को व्यक्तित्व विकास, राष्ट्रभक्ति, सामाजिक जिम्मेदारियों तथा सनातन संस्कृति के महत्व के बारे में अवगत कराया जा रहा है। शिविर के शुभारंभ के अवसर पर वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि संस्कार ही व्यक्ति के जीवन की वास्तविक पूंजी हैं और ऐसे आयोजन युवाओं को सही दिशा देने के साथ-साथ समाज में एक सकारात्मक वातावरण का निर्माण करते हैं। शिविर में प्रतिदिन विभिन्न धार्मिक, सांस्कृतिक और प्रेरणादायक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।1
- देशभर के 12 राज्यों में राज्यसभा चुनाव का ऐलान कर दिया गया है। कुल 26 सीटों के लिए जल्द ही अधिसूचना जारी की जाएगी, जिसके बाद उम्मीदवार आगामी 8 जून तक अपने नामांकन दाखिल कर सकेंगे। यह घोषणा राष्ट्रीय स्तर पर एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है।1
- सवाई माधोपुर मुख्यालय सहित आसपास के क्षेत्रों में आज सोमवार सुबह से पश्चिमी विक्षोभ के कारण बारिश का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने आगामी पाँच दिनों तक बारिश जारी रहने की चेतावनी जारी की है।1
- जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम1
- करौली में 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' के तहत एक साइकिल रैली का आयोजन किया गया। इस रैली को राज्य अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास आयोग के अध्यक्ष राजेन्द्र कुमार नायक ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कलेक्ट्रेट सर्किल से शुरू होकर, यह साइकिल रैली शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरी। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आमजन को जल की प्रत्येक बूंद के महत्व और जल स्रोतों के संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। रविवार दोपहर 2:00 बजे, रैली के प्रतिभागियों ने लोगों से स्वच्छता बनाए रखने, जल की बर्बादी रोकने और पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। इस अवसर पर विधायक दर्शन सिंह गुर्जर सहित कई अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे।1
- चौथ का बरवाड़ा के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय शेरसिंहपुरा में रविवार को प्रधानाध्यापक रामधन मीणा के सेवानिवृत्ति समारोह का आयोजन किया गया। विद्यालय में लगभग 20 वर्षों तक सेवाएँ देने के बाद सेवानिवृत्त हुए मीणा को ग्रामीणों, विद्यालय स्टाफ और विद्यार्थियों ने माला पहनाकर और साफा बांधकर सम्मानित किया। इस अवसर पर रामधन मीणा ने विद्यार्थियों की सुविधा के लिए विद्यालय को एक वाटर कूलर भेंट किया। समारोह में उपस्थित वक्ताओं ने उनके शिक्षण कार्य, अनुशासन और विद्यालय के विकास में दिए गए योगदान की सराहना की। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, विद्यार्थी और विद्यालय परिवार के सदस्य मौजूद रहे।1
- लोकमाता देवी अहिल्याबाई जी का जीवन और उनके कार्य हम सभी के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बने हुए हैं। उन्होंने राष्ट्र सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए 'सेवा धर्म' को अपने शासन का मुख्य आधार बनाया। अहिल्याबाई जी ने समाज के सबसे अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक को न्याय और सम्मान प्रदान किया। उनका न्यायप्रिय और लोक-कल्याणकारी मार्ग हमेशा हमारा मार्गदर्शन करता रहेगा।1
- ग्राम पंचायत सारसोप के समुद्रपुरा गांव में गंभीर पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है, जहां हैंडपंप से फ्लोराइड युक्त और पीले रंग का पानी निकल रहा है। ग्रामीणों ने शिकायत की है कि हैंडपंप का यह पानी न केवल पीले रंग का है, बल्कि इसकी गुणवत्ता भी बेहद खराब है, जिससे उनके स्वास्थ्य के लिए खतरा बढ़ गया है। स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था न होने के कारण ग्रामीण मजबूरी में इसी खराब पानी का इस्तेमाल पीने और अपने घरेलू कार्यों के लिए कर रहे हैं, जिससे उनकी परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, समुद्रपुरा के ग्रामीणों ने जलदाय विभाग और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने अधिकारियों से पानी की गुणवत्ता की जांच करवाने, शुद्ध पेयजल की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने और इस समस्या का स्थायी समाधान उपलब्ध कराने की अपील की है। फ्लोराइड युक्त पीले पानी की समस्या से ग्रामीण गहरे चिंतित हैं।1
- सवाई माधोपुर के लक्ष्मी विहार कॉलोनी खेरदा में एक विवाहिता नेहा उर्फ बीरा नायक की संदिग्ध अवस्था में मौत का मामला सामने आया है। मृतका के पीहर पक्ष ने महिला थाने में ससुराल पक्ष के पाँच लोगों के खिलाफ दहेज हत्या का प्रकरण दर्ज कराया है, जिसमें पति समेत अन्य परिजन नामजद हैं। मृतका की बुआ के बेटे ने बताया कि नेहा, जो खंडेवत जिला टोंक की निवासी थी, की शादी लक्ष्मी विहार कॉलोनी खेरदा निवासी संजय नायक पुत्र ओम नायक से 22 अप्रैल 2023 को हुई थी। शादी में पीहर पक्ष ने अपनी हैसियत के अनुसार सभी आवश्यक सामान दहेज में दिया था। परिजनों के अनुसार, शादी के लगभग एक साल बाद एक बेटी के जन्म के उपरांत पति ने फोन पर दहेज में स्पलेंडर बाइक और स्विफ्ट कार की मांग शुरू कर दी और नेहा पर इसे लाने का दबाव बनाने लगा। बताया गया कि विवाहिता के पिता का देहांत 2005 में ही हो चुका है और उसकी माँ, छोटा भाई और तीन बहनें ननिहाल में रहकर जीवन यापन कर रही हैं। दहेज न मिलने पर पति ने तलाक की मांग की, जिस पर पीहर पक्ष तैयार भी हो गया, लेकिन पति ने आगे कोई कार्रवाई नहीं की। पीहर पक्ष के लोगों ने बताया कि 30 मई 2026 की रात को नेहा ने अपने भाई को फोन कर उसे अपने साथ ले जाने के लिए कहा था, जिस पर भाई ने अगले दिन सुबह आने का भरोसा दिया। इसके बाद 31 मई 2026 की सुबह नेहा के ससुर ने उसके ताऊ को फोन कर नेहा की तबीयत खराब होने की सूचना दी और उन्हें जिला अस्पताल आने के लिए कहा। जब पीहर पक्ष के लोग जिला अस्पताल पहुँचे, तो उन्हें नेहा का शव वहाँ मिला। इस घटना के बाद पीहर पक्ष ने महिला थाने में मृतका के पति, ससुर, सास, ननद और देवर के खिलाफ दहेज हत्या का मामला दर्ज कराया है। महिला थानाधिकारी भोजाराम ने बताया कि खैरदा में एक महिला की मौत का मामला सामने आया है और मृतका के भाई संजय की रिपोर्ट पर ससुराल पक्ष के पाँच लोगों के खिलाफ दहेज हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर उसे पीहर पक्ष को सौंप दिया है और मामले की जाँच में जुटी है। थानाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि महिला की मौत के सही कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल पाएगा।1