केन-बेतवा लिंक परियोजना: स्थगित आंदोलन के बीच फिर शुरू हुआ सर्वे, विस्थापितों ने उठाए सवाल केन-बेतवा लिंक परियोजना को लेकर चल रहा विस्थापितों का आंदोलन फिलहाल भले ही स्थगित कर दिया गया हो, लेकिन जमीनी स्तर पर हलचल तेज होती नजर आ रही है। प्रशासन द्वारा एक बार फिर से प्रभावित गांवों में सर्वे का कार्य शुरू कर दिया गया है, जिसको लेकर विस्थापितों में असंतोष देखने को मिल रहा है। आंदोलन के प्रमुख नेता अमित भटनागर स्वयं विभिन्न गांवों में पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस बार भी सर्वे अधूरे और अस्पष्ट मापदंडों के आधार पर किया जा रहा है। अमित भटनागर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “गांव-गांव में जो सर्वे हो रहा है, वह पूरी पारदर्शिता और तय मापदंडों के अनुसार नहीं है। अगर इस बार भी विस्थापितों के साथ छल किया गया, तो इसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” विस्थापितों का कहना है कि पूर्व में भी सर्वे और मुआवजे को लेकर कई विसंगतियां सामने आई थीं, जिसके चलते उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा था। अब जब पुनः सर्वे कराया जा रहा है, तो लोगों को आशंका है कि कहीं फिर से उनके अधिकारों की अनदेखी न हो जाए। हालांकि प्रशासन का दावा है कि इस बार सर्वे पूरी पारदर्शिता और नियमों के अनुसार किया जा रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर उठ रहे सवाल इस प्रक्रिया पर संदेह खड़ा कर रहे हैं। अब देखना यह होगा कि प्रशासन और विस्थापितों के बीच यह टकराव आगे किस दिशा में जाता है—संवाद और समाधान की ओर या फिर एक नए आंदोलन की ओर।
केन-बेतवा लिंक परियोजना: स्थगित आंदोलन के बीच फिर शुरू हुआ सर्वे, विस्थापितों ने उठाए सवाल केन-बेतवा लिंक परियोजना को लेकर चल रहा विस्थापितों का आंदोलन फिलहाल भले ही स्थगित कर दिया गया हो, लेकिन जमीनी स्तर पर हलचल तेज होती नजर आ रही है। प्रशासन द्वारा एक बार फिर से प्रभावित गांवों में सर्वे का कार्य शुरू कर दिया गया है, जिसको लेकर विस्थापितों में असंतोष देखने को मिल रहा है। आंदोलन के प्रमुख नेता अमित भटनागर स्वयं विभिन्न गांवों में पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस बार भी सर्वे अधूरे और अस्पष्ट मापदंडों के आधार पर किया जा रहा है। अमित भटनागर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “गांव-गांव में जो सर्वे हो रहा है, वह पूरी पारदर्शिता और तय मापदंडों के अनुसार नहीं है। अगर इस बार भी विस्थापितों के साथ छल किया गया, तो इसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” विस्थापितों का कहना है कि पूर्व में भी सर्वे और मुआवजे को लेकर कई विसंगतियां सामने आई थीं, जिसके चलते उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा था। अब जब पुनः सर्वे कराया जा रहा है, तो लोगों को आशंका है कि कहीं फिर से उनके अधिकारों की अनदेखी न हो जाए। हालांकि प्रशासन का दावा है कि इस बार सर्वे पूरी पारदर्शिता और नियमों के अनुसार किया जा रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर उठ रहे सवाल इस प्रक्रिया पर संदेह खड़ा कर रहे हैं। अब देखना यह होगा कि प्रशासन और विस्थापितों के बीच यह टकराव आगे किस दिशा में जाता है—संवाद और समाधान की ओर या फिर एक नए आंदोलन की ओर।
- छतरपुर में कानून तोड़ने वालों पर पुलिस का सख्त एक्शन 🚨 कोतवाली थाना क्षेत्र के बेनीगंज में घर के अंदर चल रही अवैध हथियार फैक्ट्री का खुलासा हुआ है। पुलिस ने मौके से देशी कट्टे, अधबनी पिस्टल, सैकड़ों कारतूस और हथियार बनाने के उपकरण बरामद किए हैं। पिता-पुत्र मिलकर चला रहे थे ये खतरनाक खेल, अब दोनों सलाखों के पीछे हैं। पुलिस अब इनके पूरे नेटवर्क और सप्लाई चेन की जांच में जुटी है। 👉 क्या आपके आसपास भी ऐसी गतिविधि हो रही है? तुरंत पुलिस को सूचना दें।1
- राजनगर जनपद क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत झमटुली के पंचायत सचिव राजेंद्र पाण्डेय एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। सोशल मीडिया पर उनका जुआ खेलते हुए वीडियो लगातार वायरल हो रहा है, जिससे क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है। बताया जा रहा है कि यह कोई एक दिन की घटना नहीं है, बल्कि अलग-अलग स्थानों के कई वीडियो सामने आए हैं, जिनमें पंचायत सचिव ड्यूटी समय के दौरान ही बड़े-बड़े दांव लगाते नजर आ रहे हैं। इससे उनकी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि राजेंद्र पाण्डेय पिछले 6-7 वर्षों से एक ही पंचायत में पदस्थ हैं और अपनी मनमर्जी से कार्य कर रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, उनके ऊपर स्थानीय विधायक का संरक्षण होने की बात भी सामने आ रही है, जिसके चलते अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। ग्रामीणों ने बताया कि इस मामले को लेकर कई बार उच्च अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन हर बार आश्वासन ही मिला और कार्रवाई शून्य रही। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है और पंचायत कार्यों पर भी असर पड़ रहा है। इस पूरे मामले में जनपद पंचायत सीईओ राकेश शुक्ला से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिल सका। अब देखना यह होगा कि वायरल वीडियो के बाद प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और दोषी के खिलाफ कब तक कार्रवाई होती है।1
- छतरपुर में नमकीन-कुरकुरे के गोदाम में लगी भीषण आग करोड़ों का हुआ नुकसान आग बुझाने के दौरान गोदाम संचालक भी घायल हो गए । मौके पर फायर ब्रिगेड ने पहुंचकर आग पर काबू पाया लेकिन जब तक करोड़ों का सामान जलकर खाक हो चुका था ।1
- Post by राम सिंह यादव जिला ब्यूरो चीफ टीकमगढ़1
- 2 छात्राओं सहित कुल 5 लोगों को अपनी थार से कुचलने वाले पिछोर विधायक के बेटे दिनेश लोधी को IPS आयुष जाखड़ ने सिखाया सबक : बोले– दोबारा यहाँ दिख मत जाना, अब विधायक जी का गुस्सा सातवे आसमान पर है और IPS को खुलेआम धमका रहे है। देखें वायरल वीडियो 👇 Dr Mohan Yadav | Amit Shah1
- Process of self enumeration (स्व जनगणना).👆1
- वार्ड नंबर 09 बजरंग मुहल्ला पलेरा2
- मां के अंतिम संस्कार से जरूरी समझा लापता लड़की को बरामद करना नौगांव थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक सुनील अहिरवार ने । प्रधान आरक्षक सुनील अहिरवार ने पेश की कर्तव्य निष्ठा की अनोखी मिसाल । नगर के लोगों ने ऐसे कर्तव्य निष्ठ पुलिस कर्मचारी को सम्मानित करने की मांग उच्च पुलिस अधिकारियों से की है ।1