सुपौल प्रखंड की 6 पंचायतों में पैक्स चुनाव की प्रक्रिया शुरू, आज से नामांकन; सुबह 11 से दोपहर 3 बजे तक दाखिल होंगे पर्चे सुपौल प्रखंड अंतर्गत छह पंचायतों में होने वाले पैक्स चुनाव को लेकर नामांकन प्रक्रिया शुक्रवार से शुरू हो गई है। नामांकन को लेकर प्रखंड कार्यालय परिसर में सुबह से ही हलचल देखी गई। इस खबर को शुक्रवार सुबह 11:00 बजे कवरेज किया गया, जहां प्रत्याशियों और उनके समर्थकों की अच्छी-खासी भीड़ प्रखंड कार्यालय में नजर आई। प्रखंड प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार नामांकन प्रक्रिया दो दिनों तक चलेगी। इच्छुक उम्मीदवार शुक्रवार और शनिवार को अपना नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे। नामांकन का समय प्रतिदिन सुबह 11:00 बजे से लेकर दोपहर 3:00 बजे तक निर्धारित किया गया है। प्रशासन की ओर से शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से नामांकन प्रक्रिया संपन्न कराने के लिए आवश्यक तैयारियां की गई हैं। बताया जा रहा है कि सुपौल प्रखंड की जिन छह पंचायतों में पैक्स चुनाव होना है, उनमें विणा, गोपालपुर सिरे, लाउढ़, जलवा, चैनसिंहपट्टी और हरदी पुरब पंचायत शामिल हैं। इन पंचायतों में पैक्स अध्यक्ष और प्रबंधकारिणी समिति के सदस्यों के चुनाव के लिए उम्मीदवार अपने-अपने नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। नामांकन को लेकर प्रखंड कार्यालय परिसर में सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो और नामांकन प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से पूरी हो सके। प्रशासन द्वारा प्रत्याशियों और उनके समर्थकों से भी शांति और अनुशासन बनाए रखने की अपील की गई है। पैक्स चुनाव को लेकर संभावित उम्मीदवारों के बीच काफी उत्साह देखा जा रहा है। कई पंचायतों में उम्मीदवारों ने पहले ही अपनी तैयारी शुरू कर दी है और समर्थकों के साथ प्रखंड कार्यालय पहुंचकर नामांकन दाखिल करने की तैयारी में जुटे हुए हैं। आने वाले दिनों में नामांकन के साथ-साथ चुनावी सरगर्मी भी तेज होने की संभावना
सुपौल प्रखंड की 6 पंचायतों में पैक्स चुनाव की प्रक्रिया शुरू, आज से नामांकन; सुबह 11 से दोपहर 3 बजे तक दाखिल होंगे पर्चे सुपौल प्रखंड अंतर्गत छह पंचायतों में होने वाले पैक्स चुनाव को लेकर नामांकन प्रक्रिया शुक्रवार से शुरू हो गई है। नामांकन को लेकर प्रखंड कार्यालय परिसर में सुबह से ही हलचल देखी गई। इस खबर को शुक्रवार सुबह 11:00 बजे कवरेज किया गया, जहां प्रत्याशियों और उनके समर्थकों की अच्छी-खासी भीड़ प्रखंड कार्यालय में नजर आई। प्रखंड प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार नामांकन प्रक्रिया दो दिनों तक चलेगी। इच्छुक उम्मीदवार शुक्रवार और शनिवार को अपना नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे। नामांकन का समय प्रतिदिन सुबह 11:00 बजे से लेकर दोपहर 3:00 बजे तक निर्धारित किया गया है। प्रशासन की ओर से शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से नामांकन प्रक्रिया संपन्न कराने के लिए आवश्यक तैयारियां की गई हैं। बताया जा रहा है कि सुपौल प्रखंड की जिन छह पंचायतों में पैक्स चुनाव होना है, उनमें विणा, गोपालपुर सिरे, लाउढ़, जलवा, चैनसिंहपट्टी और हरदी पुरब पंचायत शामिल हैं। इन पंचायतों में पैक्स अध्यक्ष और प्रबंधकारिणी समिति के सदस्यों के चुनाव के लिए उम्मीदवार अपने-अपने नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। नामांकन को लेकर प्रखंड कार्यालय परिसर में सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो और नामांकन प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से पूरी हो सके। प्रशासन द्वारा प्रत्याशियों और उनके समर्थकों से भी शांति और अनुशासन बनाए रखने की अपील की गई है। पैक्स चुनाव को लेकर संभावित उम्मीदवारों के बीच काफी उत्साह देखा जा रहा है। कई पंचायतों में उम्मीदवारों ने पहले ही अपनी तैयारी शुरू कर दी है और समर्थकों के साथ प्रखंड कार्यालय पहुंचकर नामांकन दाखिल करने की तैयारी में जुटे हुए हैं। आने वाले दिनों में नामांकन के साथ-साथ चुनावी सरगर्मी भी तेज होने की संभावना
- सुपौल में आम लोगों की समस्याओं के समाधान को लेकर शुक्रवार को जिला मुख्यालय स्थित लहटन चौधरी सभागार में जनता दरबार का आयोजन किया गया। इस जनता दरबार की अध्यक्षता जिलाधिकारी सावन कुमार ने की। कार्यक्रम के दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने अपनी समस्याओं से संबंधित आवेदन जिला प्रशासन को सौंपे। जनता दरबार के दौरान कुल 24 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें भूमि विवाद, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, राजस्व संबंधी मामलों तथा अन्य जनहित से जुड़ी समस्याएं शामिल थीं। जिलाधिकारी सावन कुमार ने सभी आवेदनों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को त्वरित एवं निष्पक्ष कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि आम नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान प्रशासन की प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी ने पदाधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि प्राप्त आवेदनों की जांच कर नियमानुसार शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करें, ताकि लोगों को जल्द से जल्द राहत मिल सके। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जनता दरबार का उद्देश्य लोगों की समस्याओं को सीधे सुनकर उनका त्वरित समाधान करना है, जिससे प्रशासन और आम जनता के बीच विश्वास मजबूत हो। इस संबंध में जानकारी सुपौल जिला प्रशासन के आधिकारिक फेसबुक पेज के माध्यम से शुक्रवार शाम लगभग 3:00 बजे साझा की गई। जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर जनता दरबार का आयोजन कर लोगों की समस्याओं का समाधान किया जाता है, जिससे आम जनता को अपनी शिकायत सीधे प्रशासन तक पहुंचाने का अवसर मिलता है। इस अवसर पर अपर समाहर्ता सच्चिदानंद सुमन, विशेष कार्य पदाधिकारी (गोपनीय शाखा) विकास कुमार कर्ण तथा वरीय उप समाहर्ता मुकेश कुमार सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान सभी अधिकारियों ने प्राप्त आवेदनों के समाधान को लेकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही।1
- सहरसा जिला के नौहट्टा थाना क्षेत्र के हेमपुर महादलित टोला में सघन छापेमारी कर पुलिस ने भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद की। 700 लीटर शराब का हुआ विनष्टीकरण पुलिस की टीम ने छापेमारी के दौरान लगभग 700 लीटर अवैध चुलाई शराब जब्त की। इसे मौके पर ही नष्ट (विनष्टीकरण) कर दिया गया। इसके साथ ही शराब बनाने वाले उपकरणों और लहन को भी पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया, ताकि होली के दौरान अवैध शराब की बिक्री और सेवन पर लगाम लगाई जा सके। छापेमारी अभियान का नेतृत्व कर रहे अपर थाना अध्यक्ष रौशन कुमार ने इस दौरान महादलित टोले के लोगों के साथ संवाद भी किया। उन्होंने लोगों को जागरूक करते हुए शराब से होने वाले नुकसानों के बारे में विस्तार से बताया। स्वास्थ्य पर प्रभाव: उन्होंने समझाया कि जहरीली और कच्ची शराब न केवल जानलेवा हो सकती है, बल्कि यह किडनी, लिवर और मानसिक स्वास्थ्य को पूरी तरह बर्बाद कर देती है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे नशे की लत को छोड़ मुख्यधारा से जुड़ें और अपने बच्चों के भविष्य पर ध्यान दें। कानूनी कार्रवाई: रौशन कुमार ने स्पष्ट चेतावनी दी कि शराब का धंधा करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और पकड़े जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।2
- मधेपुर प्रखंड के एक गांव में सरकारी जमीन पर कब्जा करवाने के लिए गांव के व्यक्ति रुकवाने के लिए अधिकारी से लगा रहे हैं गुहार1
- आप सब स्पोर्ट करे piz1
- मधेपुरा में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिलाओं और बालिकाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से 8 मार्च को ‘अस्मिता लीग-2026’ का आयोजन किया जाएगा। यह प्रतियोगिता मेरा युवा भारत यानी माय भारत और युवा कार्यक्रम एवं खेल विभाग के तत्वावधान में आयोजित की जा रही है। शुक्रवार को आयोजित प्रेस वार्ता में माय भारत मधेपुरा की उप निदेशक हुस्न जहां ने कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि देश के 250 जिलों में महिलाओं की खेल प्रतियोगिताएं कराने का निर्देश मिला है, जिसके तहत मधेपुरा में भी इस लीग का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता 8 मार्च को सुबह 10 बजे से संत अवध कीर्ति खेल मैदान में आयोजित होगी। इसमें जिले के विभिन्न प्रखंडों से महिला प्रतिभागी हिस्सा लेंगी। आयोजन को लेकर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। अस्मिता लीग के तहत तीन आयु वर्गों में प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इसमें अंडर-13, 13 से 18 वर्ष तथा 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग की प्रतिभागियों के लिए अलग-अलग प्रतिस्पर्धाएं होंगी। एथलेटिक्स के तहत 100 मीटर, 200 मीटर और 400 मीटर दौड़ की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। उप निदेशक हुस्न जहां ने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य महिलाओं में खेल भावना को बढ़ावा देना, उनकी शारीरिक क्षमता को प्रोत्साहित करना और ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाशाली बालिकाओं को मंच प्रदान करना है, ताकि वे आगे चलकर राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बना सकें। कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए खेलो इंडिया के कोच रामानुज को प्रतिनियुक्त किया गया है, जो प्रतियोगिता की तकनीकी व्यवस्थाओं की निगरानी करेंगे। प्रेस वार्ता के दौरान पूर्व निवाई नीतीश कुमार, सुबोध कुमार समेत अन्य लोग मौजूद रहे।3
- प्रतापगंज (सुपौल): प्रतापगंज थाना क्षेत्र में शुक्रवार को एक अजीबोगरीब हादसा सामने आया, जब पुलिस द्वारा जब्त किया गया एक डीजे वाहन अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े पेड़ से टकरा गया। इस दुर्घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। जानकारी के अनुसार पुलिस एक डीजे वाहन को जब्त कर थाना ले जा रही थी। इसी दौरान पोस्ट ऑफिस के समीप चालक का संतुलन बिगड़ गया और वाहन सड़क किनारे खड़े एक पेड़ से जा टकराया। टक्कर की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर जुट गए। कुछ देर के लिए इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई घायल नहीं हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पुलिस वाहन को जब्त कर थाना ले जा रही थी, तभी अचानक वाहन अनियंत्रित हो गया और पेड़ से टकरा गया। घटना के बाद कुछ समय तक मौके पर भीड़ लगी रही। घटना के बाद पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए वाहन को वहां से हटाया और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी। मामले को लेकर पुलिस द्वारा जांच की जा रही है।1
- सौर बाजार में मनरेगा कर्मी पर मनमानी रवैया का आरोप लगाते हुए चन्दौर पूर्वी पंचायत के एक व्यक्ति ने लगाया गंभीर आरोप1
- सुपौल जिले में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार जिले के सभी थाना क्षेत्रों में स्थित बैंक, एटीएम तथा अन्य वित्तीय संस्थानों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इसके तहत विभिन्न बैंकों और एटीएम केंद्रों के बाहर पुलिस बल की तैनाती की गई है, ताकि किसी भी प्रकार की आपराधिक घटना को समय रहते रोका जा सके। इस संबंध में जानकारी सुपौल पुलिस के आधिकारिक फेसबुक पेज के माध्यम से शुक्रवार दोपहर करीब 2:00 बजे साझा की गई। मिली जानकारी के अनुसार, जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में स्थित बैंक शाखाओं, एटीएम केंद्रों और अन्य वित्तीय संस्थानों के आसपास पुलिस की विशेष निगरानी रखी जा रही है। तैनात पुलिसकर्मी आने-जाने वाले लोगों पर पैनी नजर बनाए हुए हैं और संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई के लिए सतर्क हैं। पुलिस द्वारा बैंक परिसर के आसपास लगातार गश्त भी की जा रही है। वहीं बैंक खुलने और बंद होने के समय विशेष सतर्कता बरती जा रही है, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना की संभावना को खत्म किया जा सके। संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ भी की जा रही है और आसपास के क्षेत्रों पर भी निगरानी रखी जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हाल के दिनों में वित्तीय संस्थानों से जुड़ी आपराधिक घटनाओं की आशंका को देखते हुए यह विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। पुलिस का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और बैंक व एटीएम केंद्रों को सुरक्षित बनाए रखना है। साथ ही पुलिस प्रशासन ने बैंक कर्मियों और आम लोगों से भी सतर्क रहने की अपील की है। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी तुरंत नजदीकी थाना या पुलिस को देने के लिए कहा गया है। सुपौल पुलिस का यह कदम जिले में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और लोगों में सुरक्षा का विश्वास कायम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।1