अब्दुल्ला सालिम चतुर्वेदी विवाद: जोकीहाट की पूर्व जिला परिषद सदस्य गुलशन आरा ने की शांति और भाईचारे की अपील जोकीहाट/अल्लामा ग़ज़ाली जोकीहाट: पिछले कुछ दिनों से अब्दुल्ला सालिम चतुर्वेदी के विरुद्ध बढ़ते विरोध प्रदर्शनों और विवादों के बीच जोकीहाट की पूर्व जिला परिषद सदस्य सह कांग्रेस महिला जिला अध्यक्ष गुलशन आरा ने अपना वक्तव्य जारी किया है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से शांति बनाए रखने और इस मामले को और अधिक तूल न देने की भावुक अपील की है। गुलशन आरा ने कहा कि पिछले दो-तीन दिनों से जिस प्रकार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, वह चिंताजनक है। उन्होंने अब्दुल्ला सालिम चतुर्वेदी का बचाव करते हुए कहा कि संभवतः उनके शब्दों का चयन गलत हो गया होगा या यह उनकी ज़ुबान फिसलने का परिणाम रहा होगा, लेकिन इसका अर्थ यह बिल्कुल नहीं है कि इस मामले को इतना बड़ा बना दिया जाए। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि चतुर्वेदी पहले ही अपनी गलती स्वीकार कर चुके हैं और सार्वजनिक रूप से माफी मांग चुके हैं। गुलशन आरा ने आगे कहा, "गलती की माफी को तो अल्लाह और ईश्वर भी स्वीकार करते हैं। जब उन्होंने मान लिया है कि उनसे भूल हुई है और वे किसी की भावनाओं को ठेस नहीं पहुँचाना चाहते थे, तो इस विवाद को यहीं समाप्त कर देना चाहिए।" उन्होंने चतुर्वेदी की गिरफ्तारी की मांग करने और उन पर इनाम घोषित करने जैसी बातों को सरासर गलत ठहराया। क्षेत्रीय नेताओं पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों को मामले को सुलझाने और आपसी सौहार्द बढ़ाने के लिए आगे आना चाहिए, न कि गिरफ्तारी की मांग कर आग में घी डालने का काम करना चाहिए। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और वहाँ की जनता से भी विशेष अपील की कि इस मामले को और अधिक हवा न दी जाए। अपने संदेश के अंत में उन्होंने भाईचारे का आह्वान करते हुए कहा, "हमें नफरत नहीं, बल्कि मोहब्बत की दुकान खोलनी है। हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई—हम सब भारत देश के सिपाही हैं और हमें मिलजुल कर रहना चाहिए।" उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह के विवादों से केवल नफरत और हिंसा बढ़ती है, जो समाज के हित में नहीं है।
अब्दुल्ला सालिम चतुर्वेदी विवाद: जोकीहाट की पूर्व जिला परिषद सदस्य गुलशन आरा ने की शांति और भाईचारे की अपील जोकीहाट/अल्लामा ग़ज़ाली जोकीहाट: पिछले कुछ दिनों से अब्दुल्ला सालिम चतुर्वेदी के विरुद्ध बढ़ते विरोध प्रदर्शनों और विवादों के बीच जोकीहाट की पूर्व जिला परिषद सदस्य सह कांग्रेस महिला जिला अध्यक्ष गुलशन आरा ने अपना वक्तव्य जारी किया है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से शांति बनाए रखने और इस मामले को और अधिक तूल न देने की भावुक अपील की है। गुलशन आरा ने कहा कि पिछले दो-तीन दिनों से जिस प्रकार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, वह चिंताजनक है। उन्होंने अब्दुल्ला सालिम चतुर्वेदी का बचाव करते हुए कहा कि संभवतः उनके शब्दों का चयन गलत हो गया होगा या यह उनकी ज़ुबान फिसलने का परिणाम रहा होगा, लेकिन इसका अर्थ यह बिल्कुल नहीं है कि इस मामले को इतना बड़ा बना दिया जाए। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि चतुर्वेदी पहले ही अपनी गलती स्वीकार कर चुके हैं और सार्वजनिक रूप से माफी मांग चुके हैं। गुलशन आरा ने आगे कहा, "गलती की माफी को तो अल्लाह और ईश्वर भी स्वीकार करते हैं। जब उन्होंने मान लिया है कि उनसे भूल हुई है और वे किसी की भावनाओं को ठेस नहीं पहुँचाना चाहते थे, तो इस विवाद को यहीं समाप्त कर देना चाहिए।" उन्होंने चतुर्वेदी की गिरफ्तारी की मांग करने और उन पर इनाम घोषित करने जैसी बातों को सरासर गलत ठहराया। क्षेत्रीय नेताओं पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों को मामले को सुलझाने और आपसी सौहार्द बढ़ाने के लिए आगे आना चाहिए, न कि गिरफ्तारी की मांग कर आग में घी डालने का काम करना चाहिए। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और वहाँ की जनता से भी विशेष अपील की कि इस मामले को और अधिक हवा न दी जाए। अपने संदेश के अंत में उन्होंने भाईचारे का आह्वान करते हुए कहा, "हमें नफरत नहीं, बल्कि मोहब्बत की दुकान खोलनी है। हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई—हम सब भारत देश के सिपाही हैं और हमें मिलजुल कर रहना चाहिए।" उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह के विवादों से केवल नफरत और हिंसा बढ़ती है, जो समाज के हित में नहीं है।
- Anil Kumarकुरसाकट्टा, अररिया, बिहार👏on 15 March
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- जोगबनी से अजय प्रसाद की रिपोर्ट भारत-नेपाल सीमावर्ती शहर जोगबनी के खजूरबाड़ी क्षेत्र में मंगलवार को भारतीय संविधान के शिल्पकार एवं भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती हर्षोल्लास एवं श्रद्धा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर स्थानीय लोगों ने अंबेडकर चौक पर दीप प्रज्वलित कर एवं माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में जोगबनी नगर परिषद के मुख्य पार्षद प्रतिनिधि रोहित यादव, युवा मोर्चा के घनश्याम राम एवं मंडल अध्यक्ष कन्हैया साह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी वक्ताओं ने बाबा साहब के विचारों को समाज के लिए मार्गदर्शक बताते हुए उनके आदर्शों—समानता, स्वतंत्रता और बंधुत्व—को अपनाने पर बल दिया। वक्ताओं ने कहा कि बाबा साहब का पूरा जीवन शोषितों और वंचितों के अधिकारों की रक्षा तथा सामाजिक न्याय की स्थापना के लिए समर्पित रहा। उनके विचार आज भी समाज को एक नई दिशा और सशक्त दृष्टिकोण प्रदान करते हैं। इस मौके पर हिमांशु सिंह, दिवाकर दुबे, गंगाधर राम, राकेश राम, संजय राम, रंजन राम, मुकेश राम, राम कुमार, विनोद राम, चंदन राम, राजनंदन यादव, रणजीत झा, सतीश कौशिक, राकेश राणा सहित सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में समाज में एकता और भाईचारे का संदेश दिया गया।2
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