समाहरणालय, बेगूसराय ================= (जिला जन-संपर्क कार्यालय) ==================== प्रेस विज्ञप्ति दिनांक 14 अप्रैल, 2026 ================= बेगूसराय जिला प्रशासन ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के दौरान निजी विद्यालयों द्वारा की जा रही अभिभावकों के आर्थिक शोषण से संबंधित प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कड़ा रुख अपनाया है। जिलाधिकारी, बेगूसराय द्वारा जिले के सभी निजी प्रारंभिक एवं माध्यमिक विद्यालयों के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। जिला पदाधिकारी ने बताया कि “बिहार निजी विद्यालय शुल्क विनियमन अधिनियम, 2019” के प्रावधानों के तहत कोई भी निजी विद्यालय किसी शैक्षणिक सत्र में अधिकतम 07 प्रतिशत से अधिक शुल्क वृद्धि नहीं कर सकता है। इसके अतिरिक्त अगली कक्षा में प्रोन्नति के समय पुनः नामांकन शुल्क (Re-admission Fee) अथवा किसी भी प्रकार का कैपिटेशन शुल्क लेना पूर्णतः प्रतिबंधित एवं दंडनीय माना जाएगा। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि अभिभावक अपनी सुविधानुसार किसी भी स्थान से पाठ्य-पुस्तकें, विद्यालयी ड्रेस तथा अन्य शैक्षणिक सामग्री क्रय करने के लिए स्वतंत्र हैं। किसी भी विद्यालय द्वारा किसी विशेष दुकान या संस्थान से सामग्री खरीदने के लिए अभिभावकों को बाध्य करना नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। इसके अतिरिक्त सभी निजी विद्यालयों को अपने ड्रेस कोड (यूनिफॉर्म) के स्वरूप में कम से कम तीन वर्षों तक कोई परिवर्तन नहीं करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही यह भी निर्देशित किया गया है कि सभी विद्यालय 15 अप्रैल 2026 तक अनिवार्य रूप से अपनी वेबसाइट तथा विद्यालय के सूचना पट्ट पर कक्षावार पुस्तकों की सूची, ड्रेस की विशिष्टता (Specifications) एवं पूर्ण शुल्क विवरणी प्रदर्शित करेंगे। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया है कि उक्त नियमों का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। प्रथम उल्लंघन की स्थिति में न्यूनतम एक लाख रुपये का अर्थदंड लगाया जाएगा, जबकि पुनरावृत्ति होने पर दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके बावजूद यदि नियमों की निरंतर अवहेलना की जाती है तो संबंधित विद्यालय की प्रस्वीकृति (Recognition) रद्द करने की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। आदेश के अनुपालन हेतु सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (BEO) को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित अनुश्रवण सुनिश्चित करने तथा दैनिक प्रतिवेदन जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। साथ ही आरक्षित सीटों (25 प्रतिशत) पर नामांकन सुनिश्चित नहीं करने अथवा नियमों के विरुद्ध किसी प्रकार की गतिविधि पाए जाने को भी प्रस्वीकृति की शर्तों का उल्लंघन माना जाएगा। समाहरणालय, बेगूसराय ================= (जिला जन-संपर्क कार्यालय) ==================== प्रेस विज्ञप्ति दिनांक 14 अप्रैल, 2026 ================= बेगूसराय जिला प्रशासन ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के दौरान निजी विद्यालयों द्वारा की जा रही अभिभावकों के आर्थिक शोषण से संबंधित प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कड़ा रुख अपनाया है। जिलाधिकारी, बेगूसराय द्वारा जिले के सभी निजी प्रारंभिक एवं माध्यमिक विद्यालयों के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। जिला पदाधिकारी ने बताया कि “बिहार निजी विद्यालय शुल्क विनियमन अधिनियम, 2019” के प्रावधानों के तहत कोई भी निजी विद्यालय किसी शैक्षणिक सत्र में अधिकतम 07 प्रतिशत से अधिक शुल्क वृद्धि नहीं कर सकता है। इसके अतिरिक्त अगली कक्षा में प्रोन्नति के समय पुनः नामांकन शुल्क (Re-admission Fee) अथवा किसी भी प्रकार का कैपिटेशन शुल्क लेना पूर्णतः प्रतिबंधित एवं दंडनीय माना जाएगा। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि अभिभावक अपनी सुविधानुसार किसी भी स्थान से पाठ्य-पुस्तकें, विद्यालयी ड्रेस तथा अन्य शैक्षणिक सामग्री क्रय करने के लिए स्वतंत्र हैं। किसी भी विद्यालय द्वारा किसी विशेष दुकान या संस्थान से सामग्री खरीदने के लिए अभिभावकों को बाध्य करना नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। इसके अतिरिक्त सभी निजी विद्यालयों को अपने ड्रेस कोड (यूनिफॉर्म) के स्वरूप में कम से कम तीन वर्षों तक कोई परिवर्तन नहीं करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही यह भी निर्देशित किया गया है कि सभी विद्यालय 15 अप्रैल 2026 तक अनिवार्य रूप से अपनी वेबसाइट तथा विद्यालय के सूचना पट्ट पर कक्षावार पुस्तकों की सूची, ड्रेस की विशिष्टता (Specifications) एवं पूर्ण शुल्क विवरणी प्रदर्शित करेंगे। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया है कि उक्त नियमों का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। प्रथम उल्लंघन की स्थिति में न्यूनतम एक लाख रुपये का अर्थदंड लगाया जाएगा, जबकि पुनरावृत्ति होने पर दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके बावजूद यदि नियमों की निरंतर अवहेलना की जाती है तो संबंधित विद्यालय की प्रस्वीकृति (Recognition) रद्द करने की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। आदेश के अनुपालन हेतु सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (BEO) को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित अनुश्रवण सुनिश्चित करने तथा दैनिक प्रतिवेदन जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। साथ ही आरक्षित सीटों (25 प्रतिशत) पर नामांकन सुनिश्चित नहीं करने अथवा नियमों के विरुद्ध किसी प्रकार की गतिविधि पाए जाने को भी प्रस्वीकृति की शर्तों का उल्लंघन माना जाएगा।
समाहरणालय, बेगूसराय ================= (जिला जन-संपर्क कार्यालय) ==================== प्रेस विज्ञप्ति दिनांक 14 अप्रैल, 2026 ================= बेगूसराय जिला प्रशासन ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के दौरान निजी विद्यालयों द्वारा की जा रही अभिभावकों के आर्थिक शोषण से संबंधित प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कड़ा रुख अपनाया है। जिलाधिकारी, बेगूसराय द्वारा जिले के सभी निजी प्रारंभिक एवं माध्यमिक विद्यालयों के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। जिला पदाधिकारी ने बताया कि “बिहार निजी विद्यालय शुल्क विनियमन अधिनियम, 2019” के प्रावधानों के तहत कोई भी निजी विद्यालय किसी शैक्षणिक सत्र में अधिकतम 07 प्रतिशत से अधिक शुल्क वृद्धि नहीं कर सकता है। इसके अतिरिक्त अगली कक्षा में प्रोन्नति के समय पुनः नामांकन शुल्क (Re-admission Fee) अथवा किसी भी प्रकार का कैपिटेशन शुल्क लेना पूर्णतः प्रतिबंधित एवं दंडनीय माना जाएगा। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि अभिभावक अपनी सुविधानुसार किसी भी स्थान से पाठ्य-पुस्तकें, विद्यालयी ड्रेस तथा अन्य शैक्षणिक सामग्री क्रय करने के लिए स्वतंत्र हैं। किसी भी विद्यालय द्वारा किसी विशेष दुकान या संस्थान से सामग्री खरीदने के लिए अभिभावकों को बाध्य करना नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। इसके अतिरिक्त सभी निजी विद्यालयों को अपने ड्रेस कोड (यूनिफॉर्म) के स्वरूप में कम से कम तीन वर्षों तक कोई परिवर्तन नहीं करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही यह भी निर्देशित किया गया है कि सभी विद्यालय 15 अप्रैल 2026 तक अनिवार्य रूप से अपनी वेबसाइट तथा विद्यालय के सूचना पट्ट पर कक्षावार पुस्तकों की सूची, ड्रेस की विशिष्टता (Specifications) एवं पूर्ण शुल्क विवरणी प्रदर्शित करेंगे। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया है कि उक्त नियमों का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। प्रथम उल्लंघन की स्थिति में न्यूनतम एक लाख रुपये का अर्थदंड लगाया जाएगा, जबकि पुनरावृत्ति होने पर दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके बावजूद यदि नियमों की निरंतर अवहेलना की जाती है तो संबंधित विद्यालय की प्रस्वीकृति (Recognition) रद्द करने की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। आदेश के अनुपालन हेतु सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (BEO) को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित अनुश्रवण सुनिश्चित करने तथा दैनिक प्रतिवेदन जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। साथ ही आरक्षित सीटों (25 प्रतिशत) पर नामांकन सुनिश्चित नहीं करने अथवा नियमों के विरुद्ध किसी प्रकार की गतिविधि पाए जाने को भी प्रस्वीकृति की शर्तों का उल्लंघन माना जाएगा। समाहरणालय, बेगूसराय ================= (जिला जन-संपर्क कार्यालय) ==================== प्रेस विज्ञप्ति दिनांक 14 अप्रैल, 2026 ================= बेगूसराय जिला प्रशासन ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के दौरान निजी विद्यालयों द्वारा की जा रही अभिभावकों के आर्थिक शोषण से संबंधित प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कड़ा रुख अपनाया है। जिलाधिकारी, बेगूसराय द्वारा जिले के सभी निजी प्रारंभिक एवं माध्यमिक विद्यालयों के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। जिला पदाधिकारी ने बताया कि “बिहार निजी विद्यालय शुल्क विनियमन अधिनियम, 2019” के प्रावधानों के तहत कोई भी निजी विद्यालय किसी शैक्षणिक सत्र में अधिकतम 07 प्रतिशत से अधिक शुल्क वृद्धि नहीं कर सकता है। इसके अतिरिक्त अगली कक्षा में प्रोन्नति के समय पुनः नामांकन शुल्क (Re-admission Fee) अथवा किसी भी प्रकार का कैपिटेशन शुल्क लेना पूर्णतः प्रतिबंधित एवं दंडनीय माना जाएगा। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि अभिभावक अपनी सुविधानुसार किसी भी स्थान से पाठ्य-पुस्तकें, विद्यालयी ड्रेस तथा अन्य शैक्षणिक सामग्री क्रय करने के लिए स्वतंत्र हैं। किसी भी विद्यालय द्वारा किसी विशेष दुकान या संस्थान से सामग्री खरीदने के लिए अभिभावकों को बाध्य करना नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। इसके अतिरिक्त सभी निजी विद्यालयों को अपने ड्रेस कोड (यूनिफॉर्म) के स्वरूप में कम से कम तीन वर्षों तक कोई परिवर्तन नहीं करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही यह भी निर्देशित किया गया है कि सभी विद्यालय 15 अप्रैल 2026 तक अनिवार्य रूप से अपनी वेबसाइट तथा विद्यालय के सूचना पट्ट पर कक्षावार पुस्तकों की सूची, ड्रेस की विशिष्टता (Specifications) एवं पूर्ण शुल्क विवरणी प्रदर्शित करेंगे। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया है कि उक्त नियमों का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। प्रथम उल्लंघन की स्थिति में न्यूनतम एक लाख रुपये का अर्थदंड लगाया जाएगा, जबकि पुनरावृत्ति होने पर दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके बावजूद यदि नियमों की निरंतर अवहेलना की जाती है तो संबंधित विद्यालय की प्रस्वीकृति (Recognition) रद्द करने की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। आदेश के अनुपालन हेतु सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (BEO) को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित अनुश्रवण सुनिश्चित करने तथा दैनिक प्रतिवेदन जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। साथ ही आरक्षित सीटों (25 प्रतिशत) पर नामांकन सुनिश्चित नहीं करने अथवा नियमों के विरुद्ध किसी प्रकार की गतिविधि पाए जाने को भी प्रस्वीकृति की शर्तों का उल्लंघन माना जाएगा।
- *भगवानपुर: रघुनंदनपुर गांव में ताला तोड़कर सोने व चांदी की चोरी की घटना, परिजनों में मचा कोहराम, मामला तेयाय ओपी क्षेत्र का।*3
- Post by India khabar Begusarai.4
- हमारे महापुरुष उन वीरों को याद करते हैं कि आज भी उनका संविधान जो लागू करके गए हैं इस संविधान के तहत पूरा भारत चल रहा है और चलेंगे बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर जी को याद करते हुए उनके जयंती पर नमन करते हुए आप सभी को धन्यवाद करते हैं1
- सम्राटचौधरी CM बनेंगे कि कल तक फिर BJP करेगा खेला? बिहार की राजनीति में नया तूफान–RSSपर सियासी वार Mobile Tv Network1
- Post by गौरव कुमार पत्रकार बखरी बेगूसर2
- *अम्बेडकर जयंती पर दी गई श्रद्धांजलि, संविधान निर्माता को किया नमन* _उत्क्रमित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गौरा में आयोजित हुई संकल्प सभा_ _14 अप्रैल 2026 | गौरा, बिहार_ भारत रत्न डॉ. भीमराव रामजी अम्बेडकर की 135वीं जयंती देशभर में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर विभिन्न राजनीतिक एवं सामाजिक संगठनों ने कार्यक्रम आयोजित कर बाबा साहेब को नमन किया। उत्क्रमित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गौरा परिसर में बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर संकल्प सभा का आयोजन किया गया। *संकल्प सभा के मुख्य वक्तव्य* *प्रधानाध्यापिका रंजू कुमारी* ने सभा की अध्यक्षता करते हुए कहा, "14 अप्रैल 1891 को महू में जन्मे डॉ. अम्बेडकर भारतीय संविधान के मुख्य शिल्पकार, पहले कानून मंत्री और महान समाज सुधारक थे। उन्होंने छुआछूत और जातिगत भेदभाव के विरुद्ध आजीवन संघर्ष किया। ‘शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो’ का संदेश देकर उन्होंने वंचित वर्ग को अधिकारों के प्रति जागरूक किया।" *जिला माध्यमिक शिक्षक संघ शैक्षिक परिषद के जिला संयोजक अविनाश शास्त्री* ने कहा, "समता, स्वतंत्रता और बंधुता के संवैधानिक मूल्यों को अपनाना ही बाबा साहेब को सच्ची श्रद्धांजलि है।" *वरीय शिक्षिका मधु कुमारी* ने कहा, "शिक्षा की जिद उनमें इतनी थी कि अपमानों के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। वे पहले दलित बने जिन्होंने उच्च शिक्षा प्राप्त की। उन्होंने कोलंबिया विश्वविद्यालय और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से डॉक्टरेट की उपाधियाँ प्राप्त कीं। उन्होंने अपनी क्रांति हथियारों से नहीं बल्कि कलम से लड़ी। ‘मूकनायक’ पत्रिका और ‘महाड़ सत्याग्रह’ के जरिए दलितों को सार्वजनिक तालाब से पानी पीने का हक दिलाया।" *माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रखंड सचिव रवि कुमार* ने बाबा साहेब के विचार रखे: "शिक्षा शेरनी का दूध है, जो इसे पिएगा वह दहाड़ेगा। लोकतंत्र केवल वकीलों का दस्तावेज नहीं है, यह जीवन जीने का एक माध्यम है।" *शिक्षक धर्मवीर कुमार, शशि साकेत, कृष्ण कन्हैया, राम कैलाश दास, मंजय कुमार, अमितेश कुमार* ने कहा कि बाबा साहेब महिला सशक्तिकरण के पुरजोर समर्थक थे। उनके शब्द दोहराए: "मैं किसी समुदाय की प्रगति को उस समुदाय की महिलाओं द्वारा की गई प्रगति से मापता हूँ। मैं ऐसे धर्म को मानता हूँ जो स्वतंत्रता, समानता और भाईचारा सिखाता है। गुलाम को अहसास दिला दो कि वह गुलाम है, फिर वह खुद अपनी बेड़ियाँ तोड़ देगा।" इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने भी बाबा साहेब की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और अम्बेडकर जयंती संकल्प सभा के रूप में मनाई।4
- बेगूसराय सिविल कोर्ट में बाबा भीम राव अम्बेडकर 135 वी जयंती मनाई गई जयंती मे उपस्थित सभी अधिवक्ता मौजूद रहे बैठक मे उपस्थित दीपक कुमार सिन्हा, राजीव रंजन, प्रभाकर कुमार, रणजीत कुमार सिन्हा, ओर तमाम चैनल के बुद्धिजीवी पत्रकार लोग उपस्थित थे4
- गढ़हरा आरपीएफ पोस्ट रेल पुलिस ने चोरी मोबाइल के साथ छिनतई गिरोह के एक शातिर अपराधी को किया गिरफ्तार। चोरी किया गया मोबाइल बरामद।3