अजाक्स की राज्य स्तरीय बैठक: लोकतांत्रिक परंपरा और संगठनात्मक अनुशासन का उदाहरण* ( रामकृष्ण सेलिया इंदौर मध्य प्रदेश ) 15 फरवरी 2026 को भोपाल स्थित नवीन अजाक्स भवन में आयोजित राज्य स्तरीय प्रबंध कार्यकारिणी की बैठक केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं थी, बल्कि यह संगठन की वैचारिक प्रतिबद्धता, लोकतांत्रिक परंपरा और अनुशासित कार्यशैली का सशक्त प्रदर्शन भी थी। कार्यक्रम की शुरुआत बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुई, जो सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों के प्रति निष्ठा का प्रतीक है। राष्ट्रगान और संविधान की प्रस्तावना का वाचन इस बात का स्पष्ट संकेत था कि संगठन अपने प्रत्येक निर्णय को संविधान की भावना के अनुरूप आगे बढ़ाना चाहता है। बैठक का मुख्य केंद्र 13 नियमों का प्रस्तुतीकरण, चर्चा और पारित होना रहा। प्रत्येक नियम को प्रांत अध्यक्ष की अनुमति से प्रस्तुत किया गया, उस पर प्रस्ताव एवं समर्थन प्राप्त किया गया और फिर खुली बहस कराई गई। यह प्रक्रिया दर्शाती है कि संगठन में निर्णय थोपे नहीं जाते, बल्कि सामूहिक विचार-विमर्श से लिए जाते हैं। उपस्थित सदस्यों ने उच्च स्तर की संवैधानिक बहस में भाग लेकर अपने सुझाव और आपत्तियाँ रखीं, जिनका तार्किक उत्तर भी दिया गया। अंततः आवश्यक संशोधनों के साथ नियमों को सदन की अनुमति से पारित किया गया। विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि पारित नियमों के अंतिम पुनरीक्षण के लिए 5-सदस्यीय प्रवर समिति का गठन किया गया। यह कदम संगठन की गंभीरता और पारदर्शिता को दर्शाता है। नियमों को समूह में साझा कर पुनः अवलोकन कराने और अंततः प्रांत अध्यक्ष से अंतिम अनुमोदन प्राप्त करने की प्रक्रिया, एक सुव्यवस्थित और उत्तरदायी कार्यप्रणाली का प्रमाण है। 15 दिनों की समय-सीमा तय करना संगठन की कार्यकुशलता और समयबद्धता को भी रेखांकित करता है। यह बैठक इस बात का संदेश देती है कि कोई भी संगठन तभी सशक्त बनता है जब वह विचारों की विविधता को स्थान देता है, बहस को प्रोत्साहित करता है और संविधान की मर्यादाओं में रहकर निर्णय लेता है। अजाक्स की यह पहल न केवल संगठन के लिए, बल्कि व्यापक सामाजिक और लोकतांत्रिक परिप्रेक्ष्य में भी प्रेरणादायी मानी जानी चाहिए।
अजाक्स की राज्य स्तरीय बैठक: लोकतांत्रिक परंपरा और संगठनात्मक अनुशासन का उदाहरण* ( रामकृष्ण सेलिया इंदौर मध्य प्रदेश ) 15 फरवरी 2026 को भोपाल स्थित नवीन अजाक्स भवन में आयोजित राज्य स्तरीय प्रबंध कार्यकारिणी की बैठक केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं थी, बल्कि यह संगठन की वैचारिक प्रतिबद्धता, लोकतांत्रिक परंपरा और अनुशासित कार्यशैली का सशक्त प्रदर्शन भी थी। कार्यक्रम की शुरुआत बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुई, जो सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों के प्रति निष्ठा का प्रतीक है। राष्ट्रगान और संविधान की प्रस्तावना का वाचन इस बात का स्पष्ट संकेत था कि संगठन अपने प्रत्येक निर्णय को संविधान की भावना के अनुरूप आगे बढ़ाना चाहता है। बैठक का मुख्य केंद्र 13 नियमों का प्रस्तुतीकरण, चर्चा और पारित होना रहा। प्रत्येक नियम को प्रांत अध्यक्ष की अनुमति से प्रस्तुत किया गया, उस पर प्रस्ताव एवं समर्थन प्राप्त किया गया और फिर खुली बहस कराई गई। यह प्रक्रिया दर्शाती है कि संगठन में निर्णय थोपे नहीं जाते, बल्कि सामूहिक विचार-विमर्श से लिए जाते हैं। उपस्थित सदस्यों ने उच्च स्तर की संवैधानिक बहस में भाग लेकर अपने सुझाव और आपत्तियाँ रखीं, जिनका तार्किक उत्तर भी दिया गया। अंततः आवश्यक संशोधनों के साथ नियमों को सदन की अनुमति से पारित किया गया। विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि पारित नियमों के अंतिम पुनरीक्षण के लिए 5-सदस्यीय प्रवर समिति का गठन किया गया। यह कदम संगठन की गंभीरता और पारदर्शिता को दर्शाता है। नियमों को समूह में साझा कर पुनः अवलोकन कराने और अंततः प्रांत अध्यक्ष से अंतिम अनुमोदन प्राप्त करने की प्रक्रिया, एक सुव्यवस्थित और उत्तरदायी कार्यप्रणाली का प्रमाण है। 15 दिनों की समय-सीमा तय करना संगठन की कार्यकुशलता और समयबद्धता को भी रेखांकित करता है। यह बैठक इस बात का संदेश देती है कि कोई भी संगठन तभी सशक्त बनता है जब वह विचारों की विविधता को स्थान देता है, बहस को प्रोत्साहित करता है और संविधान की मर्यादाओं में रहकर निर्णय लेता है। अजाक्स की यह पहल न केवल संगठन के लिए, बल्कि व्यापक सामाजिक और लोकतांत्रिक परिप्रेक्ष्य में भी प्रेरणादायी मानी जानी चाहिए।
- इंदौर में अस्पताल संचालकों को स्ट्रीट डॉग से जुड़े मामले में न्यूयॉर्क से मिली धमकी कॉलर द्वारा न्यूयॉर्क से दाऊद इब्राहिम के ऑफिस से स्वयंम बताया मामले में बाणगंगा पुलिस कर रही है बारीकी से जांच पिछले दिनों महू के व्यापारी को भी लॉरेंस बिश्नोई के नाम से मिली धमकी स्ट्रीट डॉग से जुड़ा हुआ है मामला पुलिस के अनुसार कई लोग इंटरनेट कॉलिंग से देते धमकी साइबर की टीम कर रही है मामले की जांच एंकर इंदौर में इंटरनेशनल गैंग के नाम पर लगातार व्यापारी और स्वास्थ्य विभाग से जुड़े डॉक्टर को धमकी मिलती हुई नजर आ रही है और इसी के तहत एक डॉक्टर को इंटरनेट कॉलिंग के द्वारा धमकी दी गई है जिसकी अब साइबर सेल के द्वारा जांच की जा रही है। वियो एडिशनल डीसीपी राम स्नेही मिश्रा के मुताबिक अरविंदो हॉस्पिटल के महाप्रबंधक राजीव सिंह और नीरज सेन को बीती रात को इंटरनेट कॉल के माध्यम से धमकी दी गई है नंबर (+1812) है जिसमें उनको सामने वाले पक्षी के अनुसार उनको बोला गया कि मैं दाऊद इब्राहिम के न्यूयॉर्क ऑफिस से बोल रहा हूं आप स्ट्रीट डॉग को बोरी में भरकर कहां पर भेज रहे हो जिस पर से डॉ नीरज ने कहा कि आप कौन बोल रहे हैं और इसी दौरान काफी लंबी चर्चा भी हुई पुलिस ने मामले में बारीकी से जांच पड़ताल शुरू कर दी है लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि स्टेट डॉग के लिए दाऊद इब्राहिम के यहां से फोन आना यह कई तरह के सवाल खड़े कर रहा है पुलिस का मानना है कि इंटरनेट कॉल का उपयोग कर कई लोग इस तरह के धमकी देने की वारदात को अंजाम देते हैं फिलहाल अभी इस नंबर के आधार पर कि इंटरनेट के जरिए या कॉल किया गया इसकी जांच की जा रही है पिछले दिनों महू में भी एक कारोबारी को 5 करोड रुपए की धमकी से जुड़ा हुआ मामला सामने आया था दोनों ही मामलों में साइबर की टीम बारीकी से जांच में जुट चुकी है। बाइट राम स्नेही मिश्रा एडिशनल डीसीपी इंदौर1
- Post by Vishal Jadhav1
- khet Singh khangar jayanti aayojan Kiya ja raha hai Parichay sammelan 28.10.2025 gram dhabali mangliya Indore1
- Post by कमलेश मौर्य8
- इंदौर के पश्चिमी क्षेत्र में प्रस्तावित चंदन नगर–कालानी नगर लिंक रोड परियोजना को लेकर विरोध तेज हो गया है। लगभग 20 से 25 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली 60 फीट चौड़ी सड़क नगीन नगर और नंदन नगर के बीच से गुजरेगी, जिसके लिए करीब 350 बाधक निर्माण हटाए जाने हैं। मंगलवार को चंदन नगर चौराहे पर हजारों रहवासियों ने काले झंडे लेकर मानव श्रृंखला बनाकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हुए। स्थानीय लोगों की मांग है कि या तो सड़क की चौड़ाई कम की जाए या योजना को निरस्त किया जाए। मौके पर पहुंचे शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने चेतावनी दी कि यदि किसी परिवार को बेघर किया गया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। स्थिति को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया। प्रशासन का कहना है कि यह सड़क पश्चिमी इंदौर के विकास और ट्रैफिक सुगमता के लिए बनाई जा रही है, लेकिन स्थानीय विरोध के चलते मामला राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा बनता जा रहा है।1
- वैलेंटाइन डे के दिन संत श्री आसाराम बापू जी द्वारा मात्-पिता दिवस के रूप में मनाया गया1
- चंदन नगर के रहवासी रोड चोडी करण को लेकर जिनके मकान हटाए जा रहे हैं वार्ड के पार्षद के साथ मिलकर चंदन नगर चौराहे पर प्रदर्शन हुआ शुरू इंदौर के रिंग रोड को कंप्लीट करने के लिए प्रशासन ने कवायद शुरू कर दी है और इसके लिए नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया गया है इस रिंग रोड को एयरपोर्ट से मिलने के लिए 200 मकान को तोड़ना होगा चंदननगर के निवासियों ने आज हाथों में शक्तियां लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया है क्योंकि उनके आशियाने रिंग रोड को बनाने में जड़ में आ रहे हैं इसीलिए यह लोग प्रदर्शन कर रहे हैं1
- इंदौर में चंदन नगर लिंक रोड परियोजना की 60 फिट रोड को लेकर प्रदर्शन कांग्रेस के द्वारा रहवासियों के द्वारा किया गया प्रदर्शन कांग्रेस पार्षद रफ़ीक खान द्वारा लगाए गए भेदभाव के आरोप पार्षद ने कहा कई सड़कों का कम रुका है लेकिन यही बनाने के पीछे पड़े चन्दन नगर लिंक रोड संघर्ष समिति का गठन किया गया है 60 फीट रोड को 40 फिट करने की मांग की गई 500 से ज्यादा मकान, दुकान अन्य प्रतिष्ठान आ रहे रोड में बाधक रहवासियों के द्वारा काले झंडे पोस्टर लेकर क्या प्रदर्शन इंदौर में पश्चिम क्षेत्र में यातायात को सुगम बनाने के उद्देश्य से वर्षों से रुकी हुई लिंक रोड परियोजना को राज्य सरकार के द्वारा मंजूरी मिलने के बाद अब वहां पर रहवासियों के द्वारा प्रदर्शन कर 60 फीट रोड को 40 फिट करने की मांग की जा रही है जिसको लेकर कांग्रेस के द्वारा रहवासियों के साथ काली पट्टी पहनकर प्रदर्शन किया गया। इस रोड निर्माण में 350 अधिक बाधक निर्माण हटाए जाना है। दरअसल पश्चिमी इंदौर में ट्रैफिक दबाव कम करने के लिए प्रस्तावित चंदन नगर से कालानी नगर एयरपोर्ट रोड को जोड़ने वाली 60 फीट चौड़ी नई लिंक रोड परियोजना को राज्य सरकार की अंतिम मंजूरी मिलते ही विवाद खड़ा हो गया है। लगभग 20 से 25 करोड़ की लागत से बनने वाली यह सड़क नगीन नगर और नंदन नगर के बीच से गुजरेगी। परियोजना के तहत करीब 350 बाधक निर्माण हटाए जाने हैं। वही मंगलवार को चंदन नगर चौराहे पर हजारों रहवासियों ने काले झंडे लेकर मानव श्रृंखला बनाकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन क्षेत्रीय पार्षद रफीक खान के नेटवर्क क्षेत्र में हुआ, जहां बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे भी शामिल रहे। रहवासियों का कहना, कि वे वर्षों से यहां निवास कर रहे हैं, ऐसे में या तो सड़क की चौड़ाई कम की जाए या फिर योजना को निरस्त किया जाए। मौके पर पहुंचे शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि किसी भी परिवार को बेघर किया गया, तो कांग्रेस भूख हड़ताल करेगी और बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा। उनके साथ दीपू यादव भी मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे न्यायालय की शरण लेंगे। स्थिति को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया। चंदन नगर थाना प्रभारी सहित इंदौर पुलिस के एसीपी शाहिद और अन्य अधिकारी मौके पर मौजूद रहे, बताना चाहेंगे कि कि यह लिंक रोड पश्चिमी इंदौर के विकास और एयरपोर्ट रोड तक सुगम आवागमन के उद्देश्य से बनाई जा रही है, लेकिन स्थानीय विरोध के चलते परियोजना अब राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा बनती जा रही है। बाइट रफ़ीक खान, कांग्रेस पार्षद, इंदौर1