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उत्तर प्रदेश के मेरठ में एसएसपी द्वारा की गई कार्रवाई के बाद, ललिता हत्याकांड में प्रदर्शन कर रहे एक युवक ने, जिसने खुद को वकील बताया, पुलिस की गाड़ी में फांसी लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए उसे बचा लिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस इस मामले में आगे की आवश्यक कार्रवाई कर रही है।
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उत्तर प्रदेश के मेरठ में एसएसपी द्वारा की गई कार्रवाई के बाद, ललिता हत्याकांड में प्रदर्शन कर रहे एक युवक ने, जिसने खुद को वकील बताया, पुलिस की गाड़ी में फांसी लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए उसे बचा लिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस इस मामले में आगे की आवश्यक कार्रवाई कर रही है।
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- 6 जुलाई को ट्रेन नंबर 11002 नांदेड़-सीएसएमटी नंदीग्राम एक्सप्रेस के फर्स्ट एसी कूपे की सजावट का एक वीडियो वायरल होने के बाद रेलवे ने इस पर कड़ा एक्शन लिया है। दरअसल, एक दंपति ने निजी तौर पर एक ऑनलाइन डेकोरेटर बुक किया था, जिसने बिना अनुमति के 1AC कोच में प्रवेश कर कूपे को कथित तौर पर 'हनीमून' थीम में सजाया था। इस घटना को रेलवे ने एक गंभीर सुरक्षा चूक माना है। इस मामले में रेलवे ने तत्काल कार्रवाई करते हुए ड्यूटी पर तैनात टिकट चेकर को निलंबित कर दिया है। दक्षिण मध्य रेलवे ने इस पूरे प्रकरण की विभागीय जांच के आदेश दिए हैं और बताया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- मेरठ के जमना नगर ग्राम बुद्धेरा जाहिदपुर में स्थित गली नंबर 6 की मौजूदा स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की गई है। निवासियों का कहना है कि इस क्षेत्र से बड़ी संख्या में वोट लिए जाते हैं, लेकिन इसके बावजूद गली की हालत बेहद खराब है। यह सवाल उठाया गया है कि इस दुर्दशा के लिए आखिर कौन जिम्मेदार है।1
- मवाना में सोशल मीडिया पर की गई एक पोस्ट को लेकर पूर्व चेयरमैन डॉ. नरेश चंद्रा के खिलाफ युवाओं और स्थानीय लोगों में गहरी नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का आरोप है कि नगर पालिका के कुछ कर्मचारियों और सम्मानित नागरिकों, जो रामनगर जिम कॉर्बेट घूमने गए थे, उनके नाम को बिना पुष्ट जानकारी के एक अन्य रिसॉर्ट पर हुई कार्रवाई से जोड़कर उनकी छवि धूमिल करने का प्रयास किया गया। स्थानीय लोगों ने स्पष्ट किया है कि जिस रिसॉर्ट पर कार्रवाई हुई, उससे मवाना के किसी भी व्यक्ति का कोई संबंध नहीं था। इस घटना के बाद, उन्होंने मांग की है कि सोशल मीडिया पर किसी भी व्यक्ति या समूह का नाम साझा करने से पहले तथ्यों का सत्यापन किया जाए। मामले को लेकर लोगों ने यह भी अपील की है कि सभी जिम्मेदार और तथ्यात्मक तरीके से सोशल मीडिया का उपयोग करें, ताकि किसी की प्रतिष्ठा को अनावश्यक नुकसान न पहुंचे।1
- मेरठ के परतापुर मोड़ पर हर बार पानी भर जाने से स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस गंभीर और बार-बार होने वाली समस्या को लेकर कई बार शिकायतें भी की गई हैं, और हर बार समाधान का आश्वासन भी दिया गया। हालांकि, इन लगातार शिकायतों और आश्वासनों के बावजूद, इस जलभराव की समस्या का अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है।1
- विदिशा जिले की शमशाबाद तहसील के सतपाड़ा सबस्टेशन पर आज आसपास के 8 से 10 गांवों के किसान विद्युत कटौती को लेकर भारी आक्रोशित दिखे। किसानों का आरोप है कि विद्युत मंडल उन्हें प्रतिदिन 10 घंटे बिजली उपलब्ध नहीं करा रहा है, जबकि मध्य प्रदेश शासन और मुख्यमंत्री मोहन यादव भी दिन में 10 घंटे बिजली देने की बात कहते आ रहे हैं। किसानों ने बताया कि पिछले तीन से चार दिनों से लगातार विद्युत कटौती की जा रही है और अब उन्हें रात में बिजली देने की बात कही जा रही है, जिससे उनकी नाराजगी और बढ़ गई है। नाराज किसान सुबह लगभग 9:30 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक सतपाड़ा सबस्टेशन पर एकत्र हुए और विद्युत मंडल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जानकारी मिलने पर डी. गोपाल मिश्रा, जेई नितेश नामदेव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी सबस्टेशन पहुंचे और किसानों से बातचीत की। हालांकि, किसान लगातार दिन में 10 घंटे बिजली देने की अपनी मांग पर अड़े रहे, जिस पर अधिकारी असमर्थ नजर आए। जेई नितेश नामदेव ने अत्यधिक लोड के कारण फीडर के ओवरलोड होने को असंभव बताया। इस पर किसानों ने पलटवार करते हुए सवाल किया कि रबी फसल के दौरान, जब सभी को लाइट की आवश्यकता होती है, तब फीडर ओवरलोड क्यों नहीं होता, जबकि खरीफ के मौसम में यह कैसे ओवरलोड हो रहा है। किसानों की मांग के बावजूद विद्युत मंडल के अधिकारी उनकी समस्या का समुचित समाधान नहीं कर सके।1
- मेरठ में प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें आरोप लगाया जा रहा है कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने के बाद पुलिस वाहन के अंदर उनके साथ मारपीट की। इस वीडियो में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के आचरण पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं, साथ ही कथित तौर पर अभद्र भाषा के इस्तेमाल को लेकर भी आपत्ति जताई जा रही है। आलोचकों का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति को पुलिस हिरासत में ले लिया गया है, तो उसके साथ कानून के अनुसार ही व्यवहार किया जाना चाहिए। इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर विभिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। हालांकि, इन आरोपों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, और पुलिस या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी होने पर ही स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।1
- मेरठ स्थित LLRM मेडिकल अस्पताल की ओपीडी पूरी तरह से जलमग्न हो गई है। पिछले दो दिनों से ओपीडी में पानी भरा हुआ है, जिसके कारण ओपीडी सेवाएँ बंद कर दी गई हैं। इस स्थिति से मरीज, उनके तीमारदार और डॉक्टर सभी खासे परेशान हैं।1