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अनिल पासवान को डॉ. भीमराव अंबेडकर संघर्ष विचार मंच का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
Anil Paswan
अनिल पासवान को डॉ. भीमराव अंबेडकर संघर्ष विचार मंच का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
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- बिहार सरकार द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को उनके सरकारी आवास '10 सर्कुलर रोड' खाली करने का अल्टीमेटम देने के बाद राज्य की राजनीति गरमा गई है। राबड़ी देवी ने इस आदेश को मानने से साफ इनकार कर दिया है। पटना एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने बिहार सरकार को खुली चुनौती देते हुए कहा कि वह किसी भी कीमत पर अपना आवास खाली नहीं करेंगी। अपने पोते के जन्मदिन समारोह में शामिल होने के बाद पटना लौटी राबड़ी देवी ने पत्रकारों के सवालों के जवाब में स्पष्ट कहा, 'सम्राट चौधरी जितना भी फोर्स बुलाकर मकान खाली करवाना चाहें, मैं मकान नहीं खाली करूंगी।' उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में एक नई बहस शुरू हो गई है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए, बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि यह जंगलराज नहीं है और कानून का पालन करना होगा। उन्होंने राबड़ी देवी पर इलाज और जन्मदिन मनाने के लिए राज्य से बाहर जाने, लेकिन 'लूटने की बारी' आने पर बिहार आने का आरोप लगाया। नीरज कुमार ने कटाक्ष करते हुए पूछा कि आखिर 10 सर्कुलर रोड में लालू परिवार ने कौन सा खजाना छुपा रखा है, और कहा कि अगर कोई खजाना होगा तो बिहार पुलिस उसे खोज निकालेगी। बिहार के डिप्टी सीएम और जेडीयू नेता विजय कुमार चौधरी ने भी राबड़ी देवी के बयान पर टिप्पणी करते हुए कहा कि इस मामले में नियमों का पालन करना होगा, क्योंकि सभी कार्य कानून के अनुसार होते हैं और सभी को नियमों का पालन करना चाहिए। वहीं, बीजेपी के राज्यसभा सांसद भीम सिंह ने राबड़ी देवी के बयान को टकराव पैदा करने वाला बताते हुए कहा कि उन्हें, जो बिहार की मुख्यमंत्री रही हैं, ऐसा बयान नहीं देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि पूरे पुलिस बल की जरूरत नहीं है, एक दरोगा ही आवास खाली करा देगा।1
- बिहार के राजगीर में आयोजित राजकीय मलमास मेला श्रद्धालुओं और पर्यटकों से गुलजार है। मेले में लगे विभिन्न झूलों और अन्य मनोरंजन कार्यक्रमों के बीच 'मौत का कुआं' लोगों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन गया है। इस 'मौत के कुएं' में दो कार और चार मोटरसाइकिल चालक तेज रफ्तार में लकड़ी की ऊंची दीवारों पर रोमांचक करतब दिखाते हुए दर्शकों को हैरान कर रहे हैं। लड़के और लड़कियां अपने साहसिक प्रदर्शन से लोगों का खूब मनोरंजन कर रहे हैं। हर शो में बड़ी संख्या में लोग पहुंचकर इस रोमांचक नजारे का आनंद ले रहे हैं। श्रद्धा और मनोरंजन के इस संगम बने मलमास मेले में 'मौत का कुआं' सबसे अधिक चर्चा का विषय बना हुआ है।1
- उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी बिहारशरीफ पहुंचे, लेकिन उनके आगमन के बावजूद जनप्रतिनिधियों ने जनता की समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया। इस स्थिति को लेकर स्पष्ट रूप से असंतोष व्यक्त किया गया है, जहाँ जनता के मुद्दों की लगातार अनदेखी की जा रही है।1
- NEET छात्रों से हुई मुलाक़ात के बाद यह बात बिल्कुल स्पष्ट हो गई है कि भारत का युवा नरेंद्र मोदी पर भरोसा नहीं करता है। छात्रों ने बताया कि परीक्षा के पेपर WhatsApp और Telegram पर खुलेआम बेचे जा रहे हैं। उन्हें यह भी पता है कि पेपर किस कीमत पर बिक रहे हैं, कौन उन्हें खरीद रहा है, और यह माफ़िया किस तरह से काम कर रहा है। छात्रों का एक ही सवाल है कि जो जानकारी उन्हें है, वह सरकार और संबंधित संस्थाओं को क्यों नहीं है। यह दावा किया गया है कि ये बच्चे सरकार से कहीं बेहतर जानते हैं कि इस 'सड़ी हुई व्यवस्था' को कैसे ठीक किया जा सकता है। इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा गया है कि यह कितनी शर्मनाक बात है कि जिस सेना का मुख्य कार्य दुश्मनों से देश की रक्षा करना है, आज उसे मोदी सरकार के अपने ही भ्रष्टाचार से बच्चों के परीक्षा पेपर बचाने के लिए भेजा जा रहा है। अब केवल टुकड़ों में सुधार करने से काम नहीं चलेगा, बल्कि छात्रों, शिक्षकों और विशेषज्ञों के साथ मिलकर पूरी परीक्षा व्यवस्था को नए सिरे से बनाने की आवश्यकता है। यह चेतावनी भी दी गई है कि देश अब और बच्चों को खोने का जोखिम नहीं उठा सकता, और न ही किसी पीढ़ी के भविष्य को इस 'भ्रष्ट तंत्र' के हवाले किया जा सकता है।1
- जन कल्याण एक आवाज नामक संगठन ने बिहार शरीफ में अपनी विभिन्न मांगों के समर्थन में एक प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन उनकी मांगों को उजागर करने और उन पर ध्यान आकर्षित करने के उद्देश्य से किया गया था।1
- NEET छात्रों से मुलाक़ात के बाद यह बात बिल्कुल स्पष्ट हो गई है कि भारत का युवा नरेंद्र मोदी पर भरोसा नहीं करता। छात्रों ने बताया कि परीक्षा के पेपर WhatsApp और Telegram पर खुलेआम बेचे जा रहे हैं। उन्हें यह भी पता है कि ये पेपर किस कीमत पर बिक रहे हैं, कौन इन्हें खरीद रहा है और किस तरह से माफिया इस पूरे रैकेट को चला रहा है। छात्रों का एक ही अहम सवाल था कि जो जानकारी उन्हें है, वह सरकार और संबंधित संस्थाओं तक क्यों नहीं पहुँच पा रही है। उनका मानना है कि वे इस 'सड़ी हुई व्यवस्था' को ठीक करने का तरीका सरकार से बेहतर जानते हैं। इस पूरे प्रकरण में सबसे शर्मनाक पहलू यह है कि जिस सेना का कर्तव्य देश को दुश्मनों से बचाना है, उसे अब 'मोदी सरकार के अपने भ्रष्टाचार' से बच्चों के परीक्षा पेपर बचाने के लिए तैनात किया जा रहा है। अब सिर्फ छोटे-मोटे सुधारों से काम नहीं चलेगा। यह आवश्यक है कि छात्रों, शिक्षकों और विशेषज्ञों के साथ मिलकर पूरी परीक्षा प्रणाली को नए सिरे से तैयार किया जाए। देश अब और बच्चों को खो नहीं सकता, और न ही किसी भी पीढ़ी का भविष्य इस 'भ्रष्ट तंत्र' के हवाले किया जा सकता है।1
- नालंदा जिले के एकंगरसराय स्थित महुआबाग गांव निवासी सीआरपीएफ जवान मनीष कुमार का मणिपुर के एक अस्पताल में निधन हो गया। उनके निधन के बाद बिहार सरकार के ग्रामीण विकास एवं सूचना जनसंपर्क मंत्री श्रवण कुमार ने उनके पैतृक गांव पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की, उन्हें ढांढस बंधाया और धैर्य तथा हिम्मत से काम लेने की बात कही। विदित हो कि शहीद जवान लंबे समय से ब्रेन ट्यूमर से जूझ रहे थे। मंत्री ने कहा कि देश सेवा में 24 साल समर्पित करने वाले इस वीर जवान के निधन से पूरा देश मर्माहत और गमगीन है। उन्होंने आश्रित मां-पिता से कहा कि आपके बेटे ने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया है, यह ऋण हम कभी नहीं चुका सकते, लेकिन पूरा देश और सरकार आपके साथ खड़ी है। मंत्री श्रवण कुमार ने यह भी कहा कि शहीद का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा और सरकार परिजनों की हर संभव मदद करेगी, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनकी वीरता से प्रेरणा ले सकें। उन्होंने बताया कि वीर सैनिक मरते नहीं, वे अमर हो जाते हैं और आपके बेटे का नाम भारत के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। उन्होंने राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि वह शहीद परिवारों के सम्मान, सुरक्षा और कल्याण के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है, क्योंकि शहीद राष्ट्र की अनमोल धरोहर होते हैं, जिनका बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। मंत्री ने बिहार को वीरों की भूमि बताते हुए कहा कि यहां के नौजवान बचपन से ही शौर्य गाथाएं सुनकर बड़े होते हैं और वे देश की सेवा के लिए सदैव तत्पर रहते हैं, आवश्यकता पड़ने पर सर्वोच्च बलिदान देने से भी पीछे नहीं हटते। उन्होंने जोर दिया कि शहादत और बलिदान से बड़ा कोई सम्मान नहीं होता, और शहीद मनीष कुमार ने इसी वीर भूमि की परंपरा को निभाया है। उनकी शहादत पर पूरे प्रदेश को हमेशा गर्व रहेगा। उन्होंने सभी वीर जवानों को नमन करते हुए उनके बलिदान को राष्ट्र के लिए अमूल्य बताया और कहा कि देश की सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले सैनिकों का कर्ज कोई भी नहीं उतार सकता। उन्होंने इस दुख की घड़ी में सरकार और प्रशासन की ओर से शहीद परिवार के साथ पूरी मजबूती से खड़े रहने और हर संभव मदद का भरोसा दिया। इस अवसर पर जदयू नेता सर्वेश प्र, ई राजन कुमार, सुभाष प्र सिन्हा, नगर अध्यक्ष राकेश कुमार, युवा जदयू अध्यक्ष धीरज पटेल, बृजनंदन प्र, अनिल कुमार, पूनम कुशवाहा, सुनीता यादव, चुन्नू महतो, अमरेन्द्र कुमार, हरेश कुमार, आदित्य कुमार, रजनीश कुमार, कौशल यादव, मुखिया सुनील कुमार, अभिषेक और रिशू सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे। मंत्री श्रवण कुमार ने अंत में कहा कि शहीद जवानों की कुर्बानी को कभी भुलाया नहीं जा सकता।4
- नलंदा जिले के हरनौत नगर पंचायत में स्थायी सशक्त समिति के गठन के लिए मतदान प्रक्रिया शुरू हो गई है। पुराने प्रखंड कार्यालय परिसर स्थित सभागार भवन में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच 18 वार्ड पार्षद अपने मत का प्रयोग कर रहे हैं। इस पूरी चुनाव प्रक्रिया की निगरानी जिला एवं प्रखंड स्तर के अधिकारी कर रहे हैं, और साथ ही मतदान की वीडियोग्राफी भी कराई जा रही है। मतगणना पूरी होने के बाद समिति का विधिवत गठन किया जाएगा, जो नगर पंचायत के विकास कार्यों और प्रशासनिक निर्णयों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।1