बहराइच के नानपारा स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 927 पर नानपारा से लखीमपुर जाने वाले मार्ग पर एक दुर्घटना-प्रवण चौराहे की सड़क सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नागरिक उमेश चन्द्र शाह ने सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) से विस्तृत जानकारी मांगी है। यह चौराहा नानपारा से लगभग दो किलोमीटर की दूरी पर है। आरटीआई आवेदन में बताया गया है कि इस चौराहे पर अभी तक चेतावनी संकेतक, दिशा सूचक बोर्ड, स्पीड ब्रेकर या गोल चौराहे जैसी आवश्यक यातायात सुरक्षा व्यवस्थाएं नहीं की गई हैं। इस गंभीर लापरवाही के कारण पिछले कई वर्षों में यहाँ अनेक सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं और कई लोगों की जान जा चुकी है। विशेष रूप से, वर्ष 2024 में दो युवकों की मृत्यु के बाद संबंधित विभाग को शिकायत दी गई थी, लेकिन लगभग दो वर्ष बीत जाने पर भी कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। हाल ही में भारतीय स्टेट बैंक में कार्यरत सुश्री प्रीति अग्रवाल की भी इसी स्थान पर सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई, जिससे क्षेत्रवासियों में गहरा आक्रोश है। उमेश चन्द्र शाह ने अपने आरटीआई आवेदन के माध्यम से चौराहे की सुरक्षा संबंधी जिम्मेदारी तय करने, वर्ष 2022 से अब तक प्राप्त शिकायतों और उन पर हुई कार्रवाई का विवरण, सुरक्षा उपाय न किए जाने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जानकारी, इस स्थान को दुर्घटना-प्रवण स्थल (ब्लैक स्पॉट) घोषित किए जाने संबंधी अभिलेख तथा भविष्य में प्रस्तावित सुरक्षा कार्यों और उनकी समय-सीमा की जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की है। उन्होंने निर्धारित शुल्क जमा करते हुए संबंधित विभाग से अधिनियम के तहत निर्धारित अवधि में सूचना उपलब्ध कराने की अपील की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा उपाय किए गए होते तो कई दुर्घटनाओं और जानमाल के नुकसान को रोका जा सकता था। अब क्षेत्रवासी इस महत्वपूर्ण चौराहे पर शीघ्र सुरक्षा व्यवस्थाएं सुनिश्चित किए जाने की पुरजोर मांग कर रहे हैं, क्योंकि सुरक्षा सूचक बोर्ड के अभाव में यह हाईवे दुर्घटना बाहुल्य मार्ग बन गया है। इस आरटीआई के माध्यम से जिम्मेदारी का एहसास कराने का प्रयास किया गया है।
बहराइच के नानपारा स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 927 पर नानपारा से लखीमपुर जाने वाले मार्ग पर एक दुर्घटना-प्रवण चौराहे की सड़क सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नागरिक उमेश चन्द्र शाह ने सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) से विस्तृत जानकारी मांगी है। यह चौराहा नानपारा से लगभग दो किलोमीटर की दूरी पर है। आरटीआई आवेदन में बताया गया है कि इस चौराहे पर अभी तक चेतावनी संकेतक, दिशा सूचक बोर्ड, स्पीड ब्रेकर या गोल चौराहे जैसी आवश्यक यातायात सुरक्षा व्यवस्थाएं नहीं की गई हैं। इस गंभीर लापरवाही के कारण पिछले कई वर्षों में यहाँ अनेक सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं और कई लोगों की जान जा चुकी है। विशेष रूप से, वर्ष 2024 में दो युवकों की मृत्यु के बाद संबंधित विभाग को शिकायत दी गई थी, लेकिन लगभग दो वर्ष बीत जाने पर भी कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। हाल ही में भारतीय स्टेट बैंक में कार्यरत सुश्री प्रीति अग्रवाल की भी इसी स्थान पर सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई, जिससे क्षेत्रवासियों में गहरा आक्रोश है। उमेश चन्द्र शाह ने अपने आरटीआई आवेदन के माध्यम से चौराहे की सुरक्षा संबंधी जिम्मेदारी तय करने, वर्ष 2022 से अब तक प्राप्त शिकायतों और उन पर हुई कार्रवाई का विवरण, सुरक्षा उपाय न किए जाने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जानकारी, इस स्थान को दुर्घटना-प्रवण स्थल (ब्लैक स्पॉट) घोषित किए जाने संबंधी अभिलेख तथा भविष्य में प्रस्तावित सुरक्षा कार्यों और उनकी समय-सीमा की जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की है। उन्होंने निर्धारित शुल्क जमा करते हुए संबंधित विभाग से अधिनियम के तहत निर्धारित अवधि में सूचना उपलब्ध कराने की अपील की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा उपाय किए गए होते तो कई दुर्घटनाओं और जानमाल के नुकसान को रोका जा सकता था। अब क्षेत्रवासी इस महत्वपूर्ण चौराहे पर शीघ्र सुरक्षा व्यवस्थाएं सुनिश्चित किए जाने की पुरजोर मांग कर रहे हैं, क्योंकि सुरक्षा सूचक बोर्ड के अभाव में यह हाईवे दुर्घटना बाहुल्य मार्ग बन गया है। इस आरटीआई के माध्यम से जिम्मेदारी का एहसास कराने का प्रयास किया गया है।
- उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में शनिवार शाम करीब 7 बजे थाना खैरीघाट के अंतर्गत आने वाले ग्राम व पोस्ट रायपुर चौराहे के बाजार में तीन चोर घुस आए। इन चोरों ने अजय कुमार और मकबूल के दो मोबाइल फोन चोरी कर लिए। मौके पर मौजूद बाजार के ठेकेदार ने उन्हें पकड़ने का प्रयास किया, जिसमें से एक चोर पकड़ा गया जबकि दो भागने में सफल रहे। पकड़े गए चोर ने पूछताछ के दौरान अपना निवास स्थान झारखंड बताया और कबूल किया कि वह एक ग्रुप का हिस्सा है और बहराइच में किराए का कमरा लेकर रह रहा था। बाजार के ठेकेदार ने यह आरोप भी लगाया है कि इस बाजार में करीब 6-7 बार चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं। पकड़े गए चोर को थाना खैरीघाट के हवाले कर दिया गया है।1
- स्थानीय ग्राम पंचायत की सबसे बड़ी समस्याओं को चिह्नित किया गया है, जिनके बारे में जल्द ही एक वीडियो के साथ विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की जाएगी।1
- बहराइच के हरदी थाना क्षेत्र में आज, 27 मई 2026 को दोपहर 2 बजे कोडवा मंसारी गांव के पास घाघरा नदी में स्नान करने गए पांच युवक तेज बहाव में डूबने लगे। अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण दुर्गा प्रसाद तिवारी ने बताया कि इनमें को० देहात थाना क्षेत्र के तीन युवक और बौंडी थाना क्षेत्र के दो युवक शामिल थे। नदी में नहाते समय जब ये युवक धारा के तेज बहाव में डूबने लगे, तो वहां उपस्थित ग्रामीणों ने तत्काल दो युवकों को बचा लिया। हालांकि, तीन युवक नदी के बहाव में बह गए। इस सूचना पर थाना हरदी की पुलिस टीम, एसडीआरएफ टीम और स्थानीय गोताखोर तुरंत मौके पर पहुंचे और संयुक्त रूप से बचाव कार्य शुरू किया। बचाव अभियान के दौरान, एक युवक का शव बरामद कर लिया गया है, जिसे आवश्यक कार्यवाही के लिए पंचायतनामा और पोस्टमार्टम हेतु भेज दिया गया है। रेस्क्यू टीम द्वारा शेष दो युवकों की तलाश अभी भी जारी है। मौके पर शांति व्यवस्था कायम है।1
- उत्तर प्रदेश के बहराइच में अवैध खनन के खिलाफ खैरीघाट पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। बड़े पैमाने पर किए जा रहे अवैध खनन के मद्देनजर, नायब तहसीलदार शिवपुरी नानपारा और खैरीघाट पुलिस की एक संयुक्त टीम ने मिट्टी खोदने वाली एक मशीन को अपने कब्जे में लेकर सीज कर दिया।1
- बहराइच में एक डेढ़ साल के मासूम बच्चे की निर्ममता से हत्या कर दी गई। जानकारी के अनुसार, किसी व्यक्ति द्वारा बच्चे को टॉफी दिलाने के बहाने ले जाया गया, जिसके बाद उसे कई बार जमीन पर पटक दिया गया। इस क्रूर कृत्य के कारण मासूम बच्चे की मौत हो गई।1
- भारतवर्ष में मुस्लिम धर्म के उन सभी लोगों की गहन जांच होनी चाहिए जो आतंकवादी प्रणालियों का अनुसरण करते हैं, उनकी कार्यप्रणाली पर चलते हैं, या आतंकवादियों द्वारा निर्देशित मार्ग पर चलने के लिए कट्टरता अपनाते हैं। ऐसे व्यक्तियों को देश से बाहर का रास्ता दिखाया जाना चाहिए, क्योंकि यह देश त्याग और तपस्वियों का है, सनातन धर्मियों का है, और आतंकवादियों का नहीं। इसी क्रम में, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गाजियाबाद में हुए हत्याकांड के संबंध में किए गए एनकाउंटर के लिए पुलिस और सरकार को बारंबार धन्यवाद दिया गया है।1
- बहराइच के मटेरा विद्युत उपकेंद्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम गुरगुज पुरवा में पिछले 25 दिनों से बिजली आपूर्ति पूरी तरह से ठप है। विभागीय उदासीनता और अधिकारियों की लापरवाही के कारण पूरा गांव घने अंधेरे में डूबा हुआ है, जिससे ग्रामीणों का जीना मुहाल हो गया है। एक ओर जहाँ भीषण गर्मी लोगों को सता रही है, वहीं दूसरी ओर जंगल के किनारे बसे इस गांव पर जंगली जानवरों का खतरा लगातार मंडरा रहा है, जिसके चलते ग्रामीण पूरी रात डर और सहम के साए में गुजारने को मजबूर हैं। ग्रामीणों के अनुसार, लगभग 25 दिन पहले गांव का मुख्य विद्युत ट्रांसफार्मर जल गया था। उन्हें उम्मीद थी कि विभाग जल्द ही इसे बदलकर आपूर्ति बहाल करेगा, लेकिन तीन सप्ताह से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी बिजली विभाग ने गुरगुज पुरवा में बिजली व्यवस्था बहाल करने का कोई प्रयास नहीं किया, जिससे उनकी दैनिक जीवनचर्या पूरी तरह से पटरी से उतर गई है। गांव के निवासी मुन्नालाल, राजेश कुमार, संतोष और अनीश ने आक्रोश व्यक्त करते हुए बताया कि उन्होंने बिजली विभाग के उच्चाधिकारियों को कई बार लिखित और मौखिक रूप से अपनी समस्या से अवगत कराया है। इसके बावजूद उन्हें केवल आश्वासन ही मिला है और जमीनी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली न होने से जहाँ रातें खौफनाक हो गई हैं, वहीं मोबाइल चार्जिंग से लेकर पानी तक के लिए उन्हें दर-दर भटकना पड़ रहा है। गुरगुज पुरवा गांव की भौगोलिक स्थिति जंगल के ठीक मुहाने पर होने के कारण बिजली गुल होने से रात के समय हिंसक जंगली जानवरों के गांव में घुसने का खतरा कई गुना बढ़ गया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही नया ट्रांसफार्मर लगाकर बिजली आपूर्ति शुरू नहीं की गई, तो वे विभागीय कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।3
- हमीरपुर में एक निर्माणाधीन पुल के ढह जाने से एक बेहद दर्दनाक हादसा हो गया है। इस अफसोसजनक घटना में छह मजदूरों की मौत हो गई। यह खबर अत्यंत दुखद है।1