पन्ना, मध्य प्रदेश में, पुलिस अधीक्षक श्रीमती निवेदिता नायडू के कुशल निर्देशन एवं मार्गदर्शन में, बृजपुर थाना पुलिस ने ग्रामीण और सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा को आधुनिक तकनीक से सशक्त बनाने की एक महत्वपूर्ण पहल की है। दिनांक 25 जून 2026 को इस संबंध में जानकारी सामने आई, जिसमें बताया गया कि थाना प्रभारी उप निरीक्षक शक्ति प्रकाश पाण्डेय के नेतृत्व में लगभग 400 वर्ग किलोमीटर के विस्तृत बृजपुर थाना क्षेत्र को, जिसमें 60 गांव शामिल हैं, सीसीटीवी आधारित अत्याधुनिक डिजिटल सुरक्षा नेटवर्क से जोड़ा गया है। इस पहल के तहत, जनप्रतिनिधियों, सरपंचों, सचिवों और स्थानीय नागरिकों के सहयोग से क्षेत्र के प्रमुख मार्गों, सीमावर्ती तथा संवेदनशील स्थानों पर कुल 57 हाईटेक कैमरे स्थापित किए गए हैं। इन कैमरों में एचडी क्वालिटी लाइव स्ट्रीमिंग, पीटीजेड और 16x ज़ूम, नंबर प्लेट डिटेक्शन सिस्टम (एनपीआर), कलर नाइट विजन, 4जी कनेक्टिविटी, सोलर बैकअप और 30 दिन की रिकॉर्डिंग जैसी अत्याधुनिक तकनीकें उपलब्ध हैं। थाना परिसर में एक आधुनिक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जहाँ 60 इंच की एलईडी स्क्रीन के माध्यम से सभी कैमरों की 24×7 लाइव मॉनिटरिंग की जा रही है, जिससे निगरानी व्यवस्था निर्बाध रूप से संचालित होती है। पुलिस एवं जनता की सहभागिता से तैयार यह सुरक्षा मॉडल अपराधियों की गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखने, अपराधों की रोकथाम करने, त्वरित अनुसंधान में सहायता प्रदान करने तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह तकनीकी पहल बृजपुर थाना क्षेत्र को स्मार्ट पुलिसिंग की दिशा में एक नई पहचान दे रही है और ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीक-आधारित सुरक्षा व्यवस्था का एक उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरी है।
पन्ना, मध्य प्रदेश में, पुलिस अधीक्षक श्रीमती निवेदिता नायडू के कुशल निर्देशन एवं मार्गदर्शन में, बृजपुर थाना पुलिस ने ग्रामीण और सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा को आधुनिक तकनीक से सशक्त बनाने की एक महत्वपूर्ण पहल की है। दिनांक 25 जून 2026 को इस संबंध में जानकारी सामने आई, जिसमें बताया गया कि थाना प्रभारी उप निरीक्षक शक्ति प्रकाश पाण्डेय के नेतृत्व में लगभग 400
वर्ग किलोमीटर के विस्तृत बृजपुर थाना क्षेत्र को, जिसमें 60 गांव शामिल हैं, सीसीटीवी आधारित अत्याधुनिक डिजिटल सुरक्षा नेटवर्क से जोड़ा गया है। इस पहल के तहत, जनप्रतिनिधियों, सरपंचों, सचिवों और स्थानीय नागरिकों के सहयोग से क्षेत्र के प्रमुख मार्गों, सीमावर्ती तथा संवेदनशील स्थानों पर कुल 57 हाईटेक कैमरे स्थापित किए गए हैं। इन कैमरों में एचडी क्वालिटी लाइव स्ट्रीमिंग, पीटीजेड और 16x ज़ूम, नंबर
प्लेट डिटेक्शन सिस्टम (एनपीआर), कलर नाइट विजन, 4जी कनेक्टिविटी, सोलर बैकअप और 30 दिन की रिकॉर्डिंग जैसी अत्याधुनिक तकनीकें उपलब्ध हैं। थाना परिसर में एक आधुनिक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जहाँ 60 इंच की एलईडी स्क्रीन के माध्यम से सभी कैमरों की 24×7 लाइव मॉनिटरिंग की जा रही है, जिससे निगरानी व्यवस्था निर्बाध रूप से संचालित होती है। पुलिस एवं जनता की सहभागिता
से तैयार यह सुरक्षा मॉडल अपराधियों की गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखने, अपराधों की रोकथाम करने, त्वरित अनुसंधान में सहायता प्रदान करने तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह तकनीकी पहल बृजपुर थाना क्षेत्र को स्मार्ट पुलिसिंग की दिशा में एक नई पहचान दे रही है और ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीक-आधारित सुरक्षा व्यवस्था का एक उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरी है।
- सतना में, 'खाकी की बारी' शीर्षक से पोस्ट करने वाले आदतन अपराधी अमित सोनी उर्फ बंटा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह बदमाश अवैध हथियारों के दम पर क्षेत्र में खौफ फैला रहा था और उसने एक एयरफोर्स अधिकारी के घर के बाहर फायरिंग भी की थी। कोलगवा टीआई सुदीप सोनी की अगुआई में पुलिस टीम को इस कार्रवाई में सफलता मिली।1
- नौगांव पुलिस ने एक अभियान के तहत 21 गुम हुए मोबाइल फोन खोजकर उनके मालिकों को वापस लौटा दिए हैं। इस कार्रवाई से मोबाइल खोने वाले लोगों के चेहरों पर फिर से मुस्कान लौट आई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी मोबाइल ढूंढने का यह अभियान जारी रहेगा।1
- आम नागरिकों को हर तरह की कठिनाइयों का सामना करते हुए अपना धन और समय खर्च करके किसी तरह कोई आदेश मिल जाता है, लेकिन फिर भी उन आदेशों का पालन नहीं होता है। कलेक्ट्रेट में जन सुनवाई के बाद भी जब कोई कार्रवाई नहीं होती, तो इसे बेहद शर्मनाक स्थिति बताया गया है। ऐसी निराशाजनक परिस्थितियों में यह मांग उठाई गई है कि ऐसे कार्यालयों को ही बंद कर देना चाहिए।1
- छतरपुर जिले की पुलिस ने 'सेफ क्लिक 2.0' अभियान के तहत 'ऑपरेशन विश्वास' के माध्यम से एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। इस अभियान के तहत, पुलिस ने 141 गुम हुए मोबाइलों को खोज निकाला। इन सभी मोबाइलों को उनके वास्तविक धारकों को पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा की उपस्थिति में वापस लौटा दिया गया है।1
- छतरपुर में मानवता और सामाजिक एकता की एक अनूठी मिसाल देखने को मिली, जहाँ ब्रह्मदेव मंदिर सेवा समिति और जनसहयोग के माध्यम से माता-पिता के बिना रह रही बेटी निशा का विवाह पूरे विधि-विधान और सम्मान के साथ संपन्न कराया गया। इस भावुक आयोजन में समाज के लोगों ने अभिभावक की भूमिका निभाते हुए कन्यादान किया और बेटी के नए जीवन की शुरुआत में उसका साथ दिया। इस महत्वपूर्ण समारोह में भाजपा नेता बृजेंद्र प्रताप सिंह "बॉबी राजा" सहित शहर के कई प्रमुख समाजसेवी, अधिकारी, पत्रकार और अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। यह पहल एक बार फिर प्रमाणित करती है कि जब पूरा समाज एकजुट होकर खड़ा होता है, तो कोई भी बेटी स्वयं को असहाय महसूस नहीं करती है।1
- छतरपुर में आगामी त्योहारों के मद्देनजर शहर में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट दिखाई दिया। इसी क्रम में, आज 24 जून को शाम करीब 6:00 बजे शहर के विभिन्न इलाकों में पुलिस बल द्वारा एक पैदल मार्च निकाला गया। इस मार्च में शहर के तीनों थानों के थाना प्रभारियों और महिला थाना प्रभारी सहित पुलिसकर्मी शामिल थे। पुलिस टीम ने नए मोहल्ले से लेकर महल रोड, चौक बाजार, फब्बारा चौक और बस स्टैंड क्षेत्र तक भ्रमण किया। इस दौरान, पुलिस अधिकारियों ने आमजन से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की। साथ ही, पुलिस ने शहर के संवेदनशील स्थानों का भी निरीक्षण किया और नागरिकों को उनकी सुरक्षा का पूर्ण भरोसा दिलाया।1
- छतरपुर जिले के गौरिहार थाना क्षेत्र के मनूरिया गांव के एक दलित युवक ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पहुँचकर गांव के कुछ लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। युवक का कहना है कि उसे फोन पर गाली-गलौज, अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए जान से मारने की धमकी दी गई है। पीड़ित युवक ने यह भी बताया कि पहले शिकायत दर्ज कराने के बावजूद उसे न्याय नहीं मिला, जिसके बाद उसने एसपी से मामले में कार्रवाई की मांग की है। इस मामले में जिन लोगों पर आरोप लगे हैं, उनकी स्थानीय भाजपा नेताओं और जनप्रतिनिधियों के साथ तस्वीरें भी इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई हैं। ये आरोप शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए हैं और मामले की जांच तथा कार्रवाई पुलिस द्वारा की जानी है।1
- मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में एक पीड़ित पति ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पहुंचकर अपनी 40 वर्षीय पत्नी के लापता होने और एक अन्य युवक फरीद खान के साथ चले जाने की शिकायत दर्ज कराई है। पीड़ित बबलू कुशवाहा का आरोप है कि उनकी पत्नी किरण कुशवाहा को उनके ही मोहल्ले में फर्नीचर पॉलिश का काम करने वाले फरीद खान ने बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। यह शिकायत आज 24 जून को दोपहर करीब 4 बजे दर्ज की गई। बबलू कुशवाहा के अनुसार, फरीद खान करीब एक साल से उनकी पत्नी को अपने साथ चलने के लिए दबाव बना रहा था। जब बबलू को इस बात की जानकारी हुई और उन्होंने पत्नी से पूछताछ की, तो वह घर छोड़कर चली गई। पीड़ित पति ने बताया कि उनके तीन बड़े बच्चे शादीशुदा हैं और उनके नाती-पोते भी हैं, इसके बावजूद उनकी पत्नी ने यह कदम उठाया। यह पहली बार नहीं है; करीब तीन महीने पहले भी वह घर से लापता हुई थी, लेकिन पुलिस में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद वापस लौट आई थी। हालांकि, अब चार-पांच दिन पहले वह फिर से फरीद खान के साथ चली गई है, और पीड़ित का दावा है कि फरीद भी अपने घर से गायब है। पीड़ित बबलू कुशवाहा ने एसपी ऑफिस में आवेदन देकर न्याय की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि उनकी पत्नी उनके साथ नहीं रहना चाहती हैं, तो वह उन्हें स्पष्ट रूप से बता दें ताकि कानूनी प्रक्रिया के तहत तलाक लिया जा सके। बबलू का कहना है कि उनकी पत्नी के इस तरह बार-बार घर छोड़कर चले जाने से पूरे परिवार की बदनामी हो रही है। फिलहाल, पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।1
- छतरपुर के नन्ही मड़िया गांव के ग्रामीण आजादी के अमृत काल में भी सड़क जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित हैं। प्रशासन की अनदेखी के कारण, गांव को अपने अस्तित्व के 78 साल बाद भी महज 2 किलोमीटर लंबी सड़क का इंतजार है। इस अभाव के चलते, हर बारिश में नन्ही मड़िया टापू में तब्दील हो जाता है, जिससे गांव का संपर्क पूरी तरह कट जाता है। सड़क न होने के कारण ग्रामीणों की जिंदगी संकट में है। गर्भवती महिलाओं और स्कूली बच्चों को सबसे अधिक मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन महज दो किलोमीटर सड़क नहीं बना सका है, जो विकास के दावों की पोल खोलता है। यह सड़क उनके लिए नसीब का सवाल बन गई है। इस गंभीर समस्या को लेकर सरपंच-सचिव से निराश ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने कलेक्टर जनसुनवाई में 'सड़क दो, सुविधा दो' के नारों के साथ न्याय की गुहार लगाई। बच्चों ने भी सड़क निर्माण की मांग में अपनी आवाज उठाई। ग्रामीणों का गुस्सा फूटा और उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द सड़क बनाने की बड़ी मांग की है, ताकि उनकी दशकों पुरानी परेशानी खत्म हो सके।1