डिंडौरी जिले में अवैध मदिरा के विनिर्माण, संग्रहण, परिवहन और विक्रय पर नियंत्रण पाने के उद्देश्य से आबकारी विभाग ने 08 और 09 जुलाई 2026 को एक विशेष अभियान चलाया। डिंडौरी और शहपुरा आबकारी वृत्त में मिली शिकायतों के आधार पर विभाग ने विभिन्न स्थानों पर दबिश दी, जिसके परिणामस्वरूप कुल 10 प्रकरण दर्ज किए गए। इस अभियान के दौरान विभाग ने 54 लीटर हाथ भट्टी कच्ची शराब, 8 पाव देशी प्लेन मदिरा और 22 पाव विदेशी मदिरा जब्त की। जब्त की गई शराब की कुल अनुमानित कीमत 14 हजार 220 रुपये बताई गई है। सुरेश यादव, सत्यम पारासर, सरोजनी वनवासी, अनीता बाई मरावी, ओमप्रकाश यादव, विद्या बाई, रामचरण, प्रकाश वनवासी, सोना बाई और साहबराय यादव के विरुद्ध मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 की धारा 34(1)(क) के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई है। यह कार्रवाई कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया के निर्देशानुसार और जिला आबकारी अधिकारी श्री पतरस बड़ा के मार्गदर्शन में संपन्न हुई। इस पूरी कार्रवाई को आबकारी उप निरीक्षक श्री सम्हर सिंह धुर्वे और विभाग के मैदानी अमले द्वारा अंजाम दिया गया।
डिंडौरी जिले में अवैध मदिरा के विनिर्माण, संग्रहण, परिवहन और विक्रय पर नियंत्रण पाने के उद्देश्य से आबकारी विभाग ने 08 और 09 जुलाई 2026 को एक विशेष अभियान चलाया। डिंडौरी और शहपुरा आबकारी वृत्त में मिली शिकायतों के आधार पर विभाग ने विभिन्न स्थानों पर दबिश दी, जिसके परिणामस्वरूप कुल 10 प्रकरण दर्ज किए गए। इस अभियान के दौरान विभाग ने 54 लीटर हाथ भट्टी कच्ची शराब, 8 पाव देशी प्लेन मदिरा और 22 पाव विदेशी मदिरा जब्त की। जब्त की गई शराब की कुल अनुमानित
कीमत 14 हजार 220 रुपये बताई गई है। सुरेश यादव, सत्यम पारासर, सरोजनी वनवासी, अनीता बाई मरावी, ओमप्रकाश यादव, विद्या बाई, रामचरण, प्रकाश वनवासी, सोना बाई और साहबराय यादव के विरुद्ध मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 की धारा 34(1)(क) के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई है। यह कार्रवाई कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया के निर्देशानुसार और जिला आबकारी अधिकारी श्री पतरस बड़ा के मार्गदर्शन में संपन्न हुई। इस पूरी कार्रवाई को आबकारी उप निरीक्षक श्री सम्हर सिंह धुर्वे और विभाग के मैदानी अमले द्वारा अंजाम दिया गया।
- डिंडौरी जिले की कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने ग्राम पंचायत चटुवा में निर्माणाधीन सामुदायिक भवन की छत ढलाई के दौरान हुई दुर्घटना को लेकर कड़ी कार्रवाई की है। इस घटना में भवन की छत का एक हिस्सा गिरने से एक श्रमिक मलबे में दबकर घायल हो गया था, जिसे अन्य श्रमिकों ने अस्पताल पहुंचाया। कलेक्टर ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सहायक यंत्री (आरईएस) श्री बीर सिंह तिलगाम, उपयंत्री (संविदा) श्री फिरोज खान, ग्राम रोजगार सहायक श्री अशोक चंदेल और सरपंच श्री रामनरेश धुरैया को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया है। वित्तीय वर्ष 2024-25 के तहत हो रहे इस निर्माण कार्य के दौरान हुई लापरवाही पर सवाल उठाते हुए कलेक्टर ने कहा कि ढलाई से पहले तकनीकी निरीक्षण, सेंटरिंग और सामग्री की गुणवत्ता का परीक्षण नहीं किया गया था। यह प्रथम दृष्टया कर्तव्य के प्रति भारी उदासीनता का मामला है, जिससे आर्थिक नुकसान के साथ-साथ श्रमिकों की जान जोखिम में पड़ी। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को मध्य प्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के तहत निर्धारित समय-सीमा में लिखित स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर इन सभी के खिलाफ नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।1
- डिंडोरी जिले के बजाग में खरीफ फसलों के लिए फसल बीमा योजना की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस योजना की जानकारी किसानों तक पहुँचाने और उन्हें जागरूक करने के लिए सीएससी (CSC) संचालक सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। स्थानीय स्तर पर सीएससी संचालक प्रत्येक व्यक्ति से संपर्क कर इस बीमा योजना के लाभों और प्रक्रिया के बारे में विस्तृत जानकारी दे रहे हैं ताकि अधिक से अधिक किसान इसका लाभ उठा सकें।1
- मध्य प्रदेश के उमरिया जिले के बैगा बहुल ग्राम पंचायत देवरा से ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं के दावों की पोल खोलने वाली एक तस्वीर सामने आई है। यहाँ प्रसव पीड़ा से तड़प रही एक गर्भवती महिला को परिजनों और ग्रामीणों ने कपड़े के सहारे कांधों पर उठाकर काफी दूरी तय कर नेशनल हाईवे तक पहुंचाया। बारिश के कारण गांव तक जाने वाला रास्ता पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो गया था, जिससे 108 एम्बुलेंस गांव के भीतर नहीं पहुंच सकी और हाईवे पर ही खड़ी इंतजार कर रही थी। इसके बाद महिला को एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसने सुरक्षित बच्चे को जन्म दिया। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। प्रसूता के पति सुनील रौतेल ने बताया कि प्रसव पीड़ा शुरू होने पर उन्होंने तुरंत 108 एम्बुलेंस को सूचना दी थी, लेकिन खराब सड़क और कीचड़ के कारण वाहन गांव तक नहीं आ सका, जिसके चलते मजबूरी में उन्हें ग्रामीणों की मदद से पत्नी को कांधों पर उठाना पड़ा। आशा कार्यकर्ता लक्ष्मी सिंह ने भी माना कि बारिश के मौसम में गांव तक पहुंचना बेहद कठिन हो जाता है और खराब सड़क के कारण कई बार मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में परेशानी होती है। उमरिया जिले की सीमा पर स्थित देवरा गाँव एक बैगा बहुल गाँव है, जिसे सेना में शहीद हुए स्वागत भूप सिंह के नाम से भी जाना जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि यहाँ वर्षों से सड़क की समस्या बनी हुई है और बारिश के दिनों में गांव का संपर्क लगभग टूट जाता है, जिससे मरीजों, गर्भवती महिलाओं और स्कूली बच्चों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। ग्रामीणों के अनुसार, प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत करोड़ों रुपये की लागत से सड़क निर्माण स्वीकृत किया गया था, लेकिन निर्माण कार्य की धीमी रफ्तार और कथित लापरवाही के कारण लोगों को अब भी कीचड़ भरे रास्तों से गुजरना पड़ रहा है। यह घटना सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के अंतर को साफ उजागर करती है और इस वायरल वीडियो के बाद अब लोगों की निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।4
- उमरिया जिले में बच्चों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यातायात विभाग द्वारा विशेष स्कूल बस चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देश पर शुरू किए गए इस 7 दिवसीय अभियान के अंतर्गत जिले में अब तक 10 स्कूल बसों की गहन जांच की गई है। इस कार्रवाई के दौरान सुरक्षा मानकों में कमी पाए जाने पर 4 स्कूल बसों के विरुद्ध चालानी कार्रवाई की गई है। यातायात प्रभारी ज्योति शुक्ला ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान 15 जुलाई तक निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने स्कूल बसों के संचालन के लिए फिटनेस प्रमाणपत्र, वैध दस्तावेजों, फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशमन यंत्र और आपातकालीन निकास जैसे सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य बताया है। साथ ही, उन्होंने स्कूल संचालकों और वाहन चालकों से विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और सभी निर्धारित नियमों का सख्ती से पालन करने की अपील की है।4
- उमरिया जिले की जनपद पंचायत पाली के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत अमिलिया में नाली निर्माण कार्य को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इस निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों की अनदेखी की जा रही है और बेहद घटिया गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, निर्माण में इस्तेमाल की जा रही सरिया की गुणवत्ता काफी कमजोर है। साथ ही, सीमेंट, गिट्टी और अन्य सामग्री की गुणवत्ता पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगाए गए हैं, जिससे नाली की मजबूती और लंबे समय तक टिकाऊ रहने पर संशय बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इस कार्य की तकनीकी जांच नहीं की गई, तो सरकारी धन का दुरुपयोग होगा और भविष्य में नाली के क्षतिग्रस्त होने का बड़ा खतरा बना रहेगा। संबंधित अधिकारियों से इस मामले की निष्पक्ष जांच करने, दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई करने और मानकों के अनुरूप निर्माण कार्य सुनिश्चित कराने की मांग की गई है।4
- शहडोल के कृष्णा कॉलोनी वार्ड नंबर 28 में धनपुरी निवासी मथुरा अग्रवाल और मयंक अग्रवाल के एक निर्माणाधीन भवन में ढलाई के दौरान डबल सेंटरिंग का सपोर्ट अचानक खिसक जाने से बड़ा हादसा हो गया। इस हादसे में उत्तर प्रदेश के तीन मजदूर घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और पुलिस तुरंत मौके पर पहुंचे तथा घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। फिलहाल पुलिस और प्रशासन द्वारा इस हादसे के कारणों की जानकारी जुटाई जा रही है।1