देश में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते डिजिटल और पारंपरिक अपराधों के बीच, मध्यप्रदेश राज्य महिला आयोग की संयुक्त बेंच ने भोपाल में जनसुनवाई के दौरान कुछ बेहद गंभीर मामलों पर सुनवाई की, जिन्होंने सुरक्षा एजेंसियों को भी सतर्क कर दिया है। आयोग की अध्यक्ष श्रीमती रेखा यादव और सदस्य श्रीमती साधना स्थापक की अगुवाई में कुल 22 प्रकरणों की त्वरित सुनवाई की गई। जनसुनवाई में घरेलू हिंसा के सर्वाधिक मामले सामने आए, वहीं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी आधुनिक तकनीक के दुरुपयोग और यौन शोषण के मामलों ने आयोग का विशेष ध्यान खींचा। आयोग ने सभी मामलों को अत्यंत संजीदगी से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल और निष्पक्ष वैधानिक कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। तकनीक के जरिए महिलाओं को निशाना बनाने का एक संवेदनशील मामला इस जनसुनवाई का मुख्य केंद्र रहा। एक पीड़ित युवती ने शिकायत की कि वैवाहिक वेबसाइट के माध्यम से एक युवक और उसके परिवार से शादी की बातचीत आगे बढ़ी थी। जब युवती के परिवार ने रिश्ता आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया, तो युवक ने प्रतिशोध में सोशल मीडिया पर उसे प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। आरोपी ने AI की मदद से युवती की फर्जी शादी, गोदभराई और अन्य भ्रामक तस्वीरें बनाकर सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दीं। युवती की सामाजिक प्रतिष्ठा को धूमिल करने के इस सुनियोजित प्रयास को महिला आयोग ने गंभीर साइबर अपराध मानते हुए मामले को त्वरित जांच और कठोर कार्रवाई के लिए तुरंत साइबर सेल (साइबर वेलनेस सेंटर) को भेज दिया है। संयुक्त बेंच के समक्ष एक अन्य पीड़िता ने लिखित शिकायत दर्ज कराई कि एक युवक ने विवाह का झूठा आश्वासन देकर उसका शोषण किया और उसके साथ लगातार मारपीट व प्रताड़ना की। पीड़िता ने आरोप लगाया कि इस कृत्य में अनावेदक की माता भी शामिल थी, जिसने शादी कराने का भरोसा देकर पीड़िता से छलपूर्वक एक बड़ी धनराशि प्राप्त कर ली। राशि मिलने के बाद विवाह से इनकार कर दिया गया और पीड़िता को प्रताड़ित किया जाने लगा। अध्यक्ष श्रीमती रेखा यादव और सदस्य श्रीमती साधना स्थापक ने इस मामले को प्राथमिक रूप से अत्यंत गंभीर मानते हुए संबंधित थाना प्रभारी को अनावेदक एवं उसके परिजन के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए हैं। एक अन्य प्रकरण में, समाज में रसूख का धौंस दिखाकर महिलाओं को प्रताड़ित करने का मामला सामने आया। अस्पताल में कार्यरत एक महिला नर्स ने खुद को पत्रकार बताने वाले एक व्यक्ति के खिलाफ सोशल मीडिया के जरिए लगातार मानसिक उत्पीड़न करने की शिकायत की। नर्स ने आरोप लगाया कि आरोपी उसके विरुद्ध फर्जी वीडियो और झूठी, भ्रामक खबरें प्रसारित कर उसकी छवि खराब करने की कोशिश कर रहा था। आरोपी ने महिला आयोग के वैधानिक अस्तित्व के संबंध में भी सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक और धमकीपूर्ण बातें कहीं। आयोग के सख्त रुख और कड़े निर्देशों के बाद दोनों पक्षों को संयुक्त बेंच के समक्ष व्यक्तिगत रूप से बुलाया गया और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई का रोडमैप तैयार किया गया। सुनवाई के दौरान, आयोग परिसर में ही 'स्काई सोशल एनजीओ' ने एक विशेष शिविर आयोजित किया। इसका उद्देश्य महिलाओं को मानसिक स्वास्थ्य और मनोसामाजिक सहायता प्रदान करना था। संस्था के अनुभवी मनोवैज्ञानिकों और परामर्शदाताओं ने हिंसा, गंभीर उत्पीड़न, पारिवारिक विवाद, परित्याग और गहरे भावनात्मक तनाव से प्रभावित महिलाओं की काउंसिलिंग की। उन्हें इस कठिन दौर से उबरने के लिए भावनात्मक संबल और 'ट्रॉमा-इन्फॉर्म्ड' मनोवैज्ञानिक सहायता दी गई, जिससे महिलाएं मानसिक रूप से सशक्त होकर अपने अधिकारों के लिए लड़ सकें।
देश में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते डिजिटल और पारंपरिक अपराधों के बीच, मध्यप्रदेश राज्य महिला आयोग की संयुक्त बेंच ने भोपाल में जनसुनवाई के दौरान कुछ बेहद गंभीर मामलों पर सुनवाई की, जिन्होंने सुरक्षा एजेंसियों को भी सतर्क कर दिया है। आयोग की अध्यक्ष श्रीमती रेखा यादव और सदस्य श्रीमती साधना स्थापक की अगुवाई में कुल 22 प्रकरणों की त्वरित सुनवाई की गई। जनसुनवाई में घरेलू हिंसा के सर्वाधिक मामले सामने आए, वहीं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी आधुनिक तकनीक के दुरुपयोग और यौन शोषण के मामलों ने आयोग का विशेष ध्यान खींचा। आयोग ने सभी मामलों को अत्यंत संजीदगी से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल और निष्पक्ष वैधानिक कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। तकनीक के जरिए महिलाओं को निशाना बनाने का एक संवेदनशील मामला इस जनसुनवाई का मुख्य केंद्र रहा। एक पीड़ित युवती ने शिकायत की कि वैवाहिक वेबसाइट के माध्यम से एक युवक और उसके परिवार से शादी की बातचीत आगे बढ़ी थी। जब युवती के परिवार ने रिश्ता आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया, तो युवक ने प्रतिशोध में सोशल मीडिया पर उसे प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। आरोपी ने AI की मदद से युवती की फर्जी शादी, गोदभराई और अन्य भ्रामक तस्वीरें बनाकर सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दीं। युवती की सामाजिक प्रतिष्ठा को धूमिल करने के इस सुनियोजित प्रयास को महिला आयोग ने गंभीर साइबर अपराध मानते हुए मामले को त्वरित जांच और कठोर कार्रवाई के लिए तुरंत साइबर सेल (साइबर वेलनेस सेंटर) को भेज दिया है। संयुक्त बेंच के समक्ष एक अन्य पीड़िता ने लिखित शिकायत दर्ज कराई कि एक युवक ने विवाह का झूठा आश्वासन देकर उसका शोषण किया और उसके साथ लगातार मारपीट व प्रताड़ना की। पीड़िता ने आरोप लगाया कि इस कृत्य में अनावेदक की माता भी शामिल थी, जिसने शादी कराने का भरोसा देकर पीड़िता से छलपूर्वक एक बड़ी धनराशि प्राप्त कर ली। राशि मिलने के बाद विवाह से इनकार कर दिया गया और पीड़िता को प्रताड़ित किया जाने लगा। अध्यक्ष श्रीमती रेखा यादव और सदस्य श्रीमती साधना स्थापक ने इस मामले को प्राथमिक रूप से अत्यंत गंभीर मानते हुए संबंधित थाना प्रभारी को अनावेदक एवं उसके परिजन के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए हैं। एक अन्य प्रकरण में, समाज में रसूख का धौंस दिखाकर महिलाओं को प्रताड़ित करने का मामला सामने आया। अस्पताल में कार्यरत एक महिला नर्स ने खुद को पत्रकार बताने वाले एक व्यक्ति के खिलाफ सोशल मीडिया के जरिए लगातार मानसिक उत्पीड़न करने की शिकायत की। नर्स ने आरोप लगाया कि आरोपी उसके विरुद्ध फर्जी वीडियो और झूठी, भ्रामक खबरें प्रसारित कर उसकी छवि खराब करने की कोशिश कर रहा था। आरोपी ने महिला आयोग के वैधानिक अस्तित्व के संबंध में भी सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक और धमकीपूर्ण बातें कहीं। आयोग के सख्त रुख और कड़े निर्देशों के बाद दोनों पक्षों को संयुक्त बेंच के समक्ष व्यक्तिगत रूप से बुलाया गया और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई का रोडमैप तैयार किया गया। सुनवाई के दौरान, आयोग परिसर में ही 'स्काई सोशल एनजीओ' ने एक विशेष शिविर आयोजित किया। इसका उद्देश्य महिलाओं को मानसिक स्वास्थ्य और मनोसामाजिक सहायता प्रदान करना था। संस्था के अनुभवी मनोवैज्ञानिकों और परामर्शदाताओं ने हिंसा, गंभीर उत्पीड़न, पारिवारिक विवाद, परित्याग और गहरे भावनात्मक तनाव से प्रभावित महिलाओं की काउंसिलिंग की। उन्हें इस कठिन दौर से उबरने के लिए भावनात्मक संबल और 'ट्रॉमा-इन्फॉर्म्ड' मनोवैज्ञानिक सहायता दी गई, जिससे महिलाएं मानसिक रूप से सशक्त होकर अपने अधिकारों के लिए लड़ सकें।
- भोपाल की अयोध्या नगर पुलिस ने मोबाइल लूटपाट करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 4 शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से कुल 22 मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की गई 4 स्पोर्ट बाइकें जब्त की हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 11 लाख रुपये आंकी गई है। आरोपी स्पोर्ट्स बाइक का इस्तेमाल करते थे और घटना को अंजाम देने के लिए बाइक की नंबर प्लेट बदल देते थे। ये बदमाश रास्ते में हाथ में मोबाइल लेकर चलने वाले राहगीरों को निशाना बनाते थे और अब तक अयोध्या नगर, पिपलानी, गोविंदपुरा, हबीबगंज, बागसेवनिया और टीला क्षेत्रों की कुल 12 घटनाओं का खुलासा हुआ है। आरोपियों पर चोरी, मारपीट और आर्म्स एक्ट जैसे कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, और वे बड़े पैसे कमाने व महंगे शौक पूरे करने के लिए इन वारदातों को अंजाम देते थे। पुलिस आयुक्त भोपाल श्री संजय कुमार और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त श्री शैलेन्द्र सिंह चौहान के निर्देशों के क्रम में, पुलिस उपायुक्त जोन-2 श्री विकास सहवाल के मार्गदर्शन में एक टीम गठित की गई थी। इस टीम ने दिनांक 11.06.26 को नरेला जोड़ के पास हुई मोबाइल लूट की एक घटना का पर्दाफाश किया। पीड़ित निखिल ओझा से दो लड़कों ने केटीएम ड्यूक बाइक पर आकर छुरी अड़ाकर वीवो कंपनी का मोबाइल फोन छीन लिया था, जिसके बाद अयोध्या नगर थाने में अपराध क्रमांक 264/26 धारा 309(4), 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया था। तकनीकी और गैर-तकनीकी सुरागों के आधार पर पुलिस ने साहिल खान (23), फैजान पठान (21), समीर अंसारी (25) और तालिब खान (28) नामक चार आरोपियों को दबोचा। आरोपी साहिल के पास से घटना में इस्तेमाल की गई छुरी और लूटे गए वीवो मोबाइल के साथ कुल 22 मोबाइल फोन और केटीएम, पल्सर 200 एनएस, चोरी की होंडा साइन और आरवन-5 सहित 4 मोटरसाइकिलें बरामद की गईं। बरामद किए गए मोबाइलों में आईफोन 17 प्रो मेक्स, सैमसंग, रेडमी, रियलमी, ओप्पो, मोटोरोला और इंटेल कंपनियों के फोन शामिल हैं। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने लगभग एक साल पहले फरार मास्टरमाइंड सबदर ईरानी के साथ मिलकर मोबाइल लूटने की योजना बनाई थी। इस गैंग में साहिल, फैजान, समीर, तालिब और एक अन्य फरार आरोपी शाहरुख शामिल थे। वे शाम 7 बजे से 10 बजे के बीच शहर के विभिन्न इलाकों में दो स्पोर्ट बाइक पर निकलते थे, जहाँ आगे वाली बाइक मोबाइल छीनती थी और पीछे वाली बाइक में 2-3 लोग बैकअप के लिए चलते थे। यदि मोबाइल छीनने में परेशानी होती तो वे छुरी अड़ाकर लूट को अंजाम देते थे। लूटे गए मोबाइल फोन 2-3 दिनों में या जब 10-12 मोबाइल जमा हो जाते थे, तब मुख्य सरगना सबदर अली ईरानी को दिए जाते थे, जो प्रत्येक मोबाइल के लिए 3 से 4 हजार रुपये का भुगतान करता था, जिसमें से 1 हजार रुपये खुद रखकर बाकी राशि अन्य आरोपियों को देता था। यह भुगतान नकद या फैजान के फोन पे के माध्यम से किया जाता था। आरोपियों ने घटना के लिए केटीएम बाइक फाइनेंस कराई थी, जबकि आरवन-5 और होंडा साइन चोरी की थीं, और नंबर प्लेट बदलकर फर्जी नंबर प्लेट लगाई थी। प्रकरण में गैंग के सरगना सबदर ईरानी और आरोपी शाहरुख अभी फरार हैं, जिनकी तलाश में अयोध्या नगर, पिपलानी और निशातपुरा के लगभग 30 पुलिसकर्मियों की टीम दबिश दे रही है। मामले की विवेचना जारी है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी श्री महेश लिल्हारे, उनि. सुदील देशमुख, उनि विजयसिंह, उनि सुरेखा आर्मो सहित कई पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने सराहनीय भूमिका निभाई।1
- इंदौर के झलारिया स्थित शिशुकुंज स्कूल में अभिभावकों ने जमकर हंगामा किया। यह विरोध योग दिवस पर स्कूल द्वारा दिए गए भोजन या पानी के सेवन के बाद के.जी. कक्षा से लेकर चौथी कक्षा तक के कई बच्चों के बीमार पड़ने को लेकर था। बच्चों को पेट दर्द की शिकायत के चलते अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। यह पूरा मामला दूषित भोजन या पानी का बताया जा रहा है, जिसके कारण आज भी के.जी. से चौथी कक्षा तक के कई बच्चे स्कूल नहीं जा पाए। अभिभावकों ने इस गंभीर मुद्दे पर दूषित पानी और भोजन की तत्काल जांच की मांग की है।1
- कमला नगर पुलिस थाना क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण घटना में, पुलिस कर्मियों ने बड़े तालाब में डूब रहे एक युवक को तत्परतापूर्वक और कुशलता के साथ बचाया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते युवक को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका।1
- समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता यश भारती ने तबादला नीति को 'बिजनेस प्वाइंट' करार दिया है।2
- भोपाल के अयोध्यानगर थाना क्षेत्र में जोन-2 पुलिस ने मोबाइल लुटेरे गैंग का पर्दाफाश करते हुए चार बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन आरोपियों के पास से कुल 22 मोबाइल फोन और चार स्पोर्ट बाइक जब्त की हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 11 लाख रुपये है। यह कार्रवाई पुलिस उपायुक्त जोन-2 श्री विकास सहवाल के निर्देशन में की गई। पुलिस के अनुसार, ये आरोपी स्पोर्ट बाइक का इस्तेमाल कर मोबाइल लूट और झपटमारी की घटनाओं को अंजाम देते थे। वे अपनी बाइक की नंबर प्लेट बदलकर पुलिस से बचने की कोशिश करते थे और रास्ते में हाथ में मोबाइल लेकर चलने वाले लोगों को अपना निशाना बनाते थे। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी बड़ा पैसा कमाने और अपने महंगे शौक पूरे करने के लिए इन अपराधों को अंजाम देते थे। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अयोध्यानगर, पिपलानी और शहर के विभिन्न हिस्सों से छीने गए कुल 22 मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त 04 मोटरसाइकिलें – केटीएम, पल्सर 200 एनएस, तथा चोरी की होंडा साइन और आर1-5 – को भी जब्त किया है। इसके अतिरिक्त, थाना टीला और अयोध्यानगर क्षेत्र से चुराई गई मोटरसाइकिलें भी बरामद की गई हैं। पुलिस ने यह भी बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों पर चोरी, मारपीट और आर्म्स एक्ट जैसे विभिन्न पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड दर्ज हैं। इन गिरफ्तारियों से अयोध्यानगर, पिपलानी, गोविंदपुरा, हबीबगंज, बागसेवनिया और टीला क्षेत्र की कुल 12 घटनाओं का खुलासा हुआ है।1
- भोपाल के मंगलवारा थाना पुलिस ने एक जानलेवा चाकूबाजी के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी मोहम्मद शाकिर (24) को घटना के 36 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी शाकिर ने बीते 18 जून को छावनी रोड पर एक युवक पर चाकू से हमला किया था। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और बाइक नंबर की मदद से आरोपी की पहचान की और उसे ऐशबाग की बिस्मिल्ला कॉलोनी से पकड़ा। इस कार्रवाई के दौरान, घटना में इस्तेमाल की गई पल्सर बाइक को भी जब्त कर लिया गया है। इस वारदात में शामिल दूसरा आरोपी अमन फिलहाल फरार है, जिसकी तलाश पुलिस द्वारा लगातार जारी है।1
- वार्ड 41 (बाग फरहत अफ़ज़ा) के निवासी जावेद खान, जिन्हें 'ऑटो एम्बुलेंस' के नाम से भी जाना जाता है, ने बेहद दुखी और भारी मन से एक वीडियो जारी किया है, जिसमें उन्होंने 190 मीटर की एक सड़क के लिए 2018 से जारी अपने संघर्ष को बताया है। उन्होंने कहा कि इस सड़क के निर्माण के लिए वे सीएम हाउस से लेकर कलेक्टर ऑफिस तक 150 से अधिक बार चक्कर लगा चुके हैं। जावेद खान के अनुसार, ज़ोन-11 के अधिकारियों ने स्वयं इस सड़क को 'अति आवश्यक' माना था और इस पर काम शुरू भी हो गया था। हालांकि, कुछ लोगों ने अपने निजी स्वार्थ के चलते महज़ 6 घंटे के भीतर ही काम रुकवा दिया। नतीजतन, आज यह पूरी सड़क कीचड़ और गड्ढों का तालाब बन चुकी है, जिससे बुजुर्ग गिर रहे हैं और बीमार लोग परेशान हो रहे हैं। जावेद खान ने आरोप लगाया है कि जब वह इस मुद्दे पर आवाज़ उठाते हैं तो उन्हें डराया-धमकाया जाता है। उन्होंने बिहार के वीर समाजसेवी भरत तिवारी जी के साथ हुए दुखद हादसे का भी जिक्र किया और प्रशासन से साफ कहा कि वह भी एक समाज सेवक हैं। उन्होंने घोषणा की है कि यदि हक की इस लड़ाई में उनके साथ कोई हादसा होता है या उनकी जान भी चली जाती है, तो उन्हें यह स्वीकार है; वह समाज के लिए शहीद होने को तैयार हैं, लेकिन अपने मोहल्ले के बच्चों और बुजुर्गों के हक को मरने नहीं देंगे। जावेद खान ने इस लड़ाई को पूरे वार्ड 41 की लड़ाई बताते हुए लोगों से वीडियो को इतना साझा करने का आग्रह किया है ताकि उनकी चीख 'सोए हुए प्रशासन' और मानवाधिकार आयोग तक पहुँच सके।1
- इंदौर क्राइम ब्रांच की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने लॉ स्टूडेंट अक्षय मालवीय को गिरफ्तार किया है। अक्षय पर आरोप है कि वह NEET परीक्षा का पेपर उपलब्ध कराने का झांसा देकर छात्रों से ऑनलाइन ठगी करता था। आरोपी छात्रों को इंस्टाग्राम पर फर्जी पोस्ट डालकर अपनी ओर आकर्षित करता और उनसे ऑनलाइन भुगतान करवाता था। जांच में पता चला है कि अक्षय पुराने प्रश्नपत्रों और अध्ययन सामग्री को संपादित करके उन्हें नए पेपर के नाम पर छात्रों को बेचता था। उसने UPI के माध्यम से 30 से अधिक लोगों से पैसे वसूले हैं। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस ऑनलाइन ठगी के पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन से लोग शामिल हैं।1
- इंदौर क्राइम ब्रांच की एसआईटी ने एक लॉ स्टूडेंट अक्षय मालवीय को गिरफ्तार किया है। उस पर आरोप है कि वह छात्रों को नीट (NEET) परीक्षा का पेपर उपलब्ध कराने का झांसा देकर उनसे ऑनलाइन ठगी करता था। आरोपी इंस्टाग्राम पर फर्जी पोस्ट डालकर छात्रों को अपनी ओर आकर्षित करता और फिर उनसे ऑनलाइन भुगतान करवाता था। पुलिस की जांच में पता चला है कि उसने यूपीआई (UPI) के माध्यम से 30 से अधिक लोगों से पैसे वसूले हैं। वह पुराने प्रश्नपत्रों और अध्ययन सामग्री में हेरफेर करके उन्हें नए पेपर के नाम पर बेचता था। पुलिस अब इस ठगी के नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने के लिए आगे की जांच कर रही है।1