बीना में अन्तर्राष्ट्रीय कथा बाचक सुश्री जया किशोरी जी की कथा का आज शुभारंभ ईश्वर समय नहीं, श्रद्धा और समर्पण देखते हैं” — जया किशोरी बीना में भक्ति का महासागर उमड़ा, श्रीमद् भागवत कथा के शुभारंभ पर हजारों श्रद्धालु हुए भावविभोर बीना। धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना से सराबोर बीना नगरी में संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा का भव्य शुभारंभ अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त कथा प्रवक्ता Jaya Kishori के पावन मुखारविंद से अत्यंत श्रद्धा, उत्साह और भक्ति भाव के साथ हुआ। कथा के प्रथम दिवस पर ही हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने आयोजन को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान कर दिया। विशाल कथा पंडाल श्रद्धालुओं से पूरी तरह खचाखच भरा नजर आया तथा पूरा वातावरण “राधे-राधे”, “जय श्री कृष्ण” और भक्ति गीतों से गुंजायमान हो उठा। जैसे ही जया किशोरी जी मंच पर पहुंचीं, श्रद्धालुओं ने खड़े होकर उनका स्वागत किया। कथा स्थल पर उपस्थित भक्तों की आंखों में श्रद्धा और चेहरे पर आध्यात्मिक आनंद स्पष्ट दिखाई दे रहा था। कथा के दौरान श्रद्धालु कभी भावुक हुए तो कभी भजनों की धुन पर झूमते नजर आए। पूरा वातावरण भक्तिमय ऊर्जा से ओतप्रोत दिखाई दिया। अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में जया किशोरी जी ने श्रद्धालुओं को जीवन में भक्ति, संस्कार, सेवा और सकारात्मक सोच का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि “भगवान को पाने के लिए वर्षों की कठिन तपस्या आवश्यक नहीं है, बल्कि सच्चे मन और भाव से किया गया स्मरण ही पर्याप्त है। ईश्वर समय नहीं, बल्कि श्रद्धा और समर्पण को देखते हैं।” उन्होंने कहा कि आज के समय में मनुष्य बाहरी दिखावे में उलझता जा रहा है, जबकि भगवान केवल निर्मल भाव और सच्ची आस्था को स्वीकार करते हैं। यदि व्यक्ति सच्चे मन से भगवान का स्मरण करे तो जीवन की कठिनाइयां स्वतः सरल होने लगती हैं। उन्होंने युवाओं से भारतीय संस्कृति और परिवारिक मूल्यों से जुड़े रहने का आह्वान भी किया। इस विशाल धार्मिक आयोजन का नेतृत्व Nirmala Sapre द्वारा किया जा रहा है। आयोजन को लेकर बीना सहित पूरे क्षेत्र में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। कथा स्थल को आकर्षक विद्युत सज्जा, भव्य मंच और पारंपरिक धार्मिक स्वरूप से सजाया गया है, जिसने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आयोजन स्थल पर व्यापक एवं सुव्यवस्थित व्यवस्थाएं की गई हैं। भीषण गर्मी को देखते हुए पर्याप्त मात्रा में शीतल पेयजल, बैठने की विशाल व्यवस्था, साफ-सफाई, चिकित्सा सहायता, सुरक्षा व्यवस्था एवं वाहन पार्किंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। व्यवस्थाओं की श्रद्धालुओं द्वारा खुलकर सराहना की जा रही है। कथा के दौरान प्रस्तुत भजनों और संगीतमय प्रसंगों ने श्रद्धालुओं को भक्ति रस में डुबो दिया। महिलाएं, युवा, बुजुर्ग एवं बच्चे बड़ी संख्या में कथा श्रवण करने पहुंचे। कई श्रद्धालु भक्ति गीतों पर भाव-विभोर होकर झूमते दिखाई दिए। कथा स्थल पर ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो पूरा बीना श्रीकृष्ण भक्ति में लीन हो गया हो। आयोजन में क्षेत्र के गणमान्य नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि एवं विभिन्न धार्मिक संगठनों के लोग भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। श्रद्धालुओं ने इसे बीना के इतिहास के सबसे विशाल एवं भव्य धार्मिक आयोजनों में से एक बताया। श्रीमद् भागवत कथा के आगामी दिनों में और अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना व्यक्त की जा रही है। कथा आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बना हुआ है, बल्कि समाज में संस्कार, सकारात्मकता और आध्यात्मिक चेतना का संदेश भी दे रहा है। बीना में चल रहा यह आयोजन सनातन संस्कृति, भारतीय परंपरा और भक्ति भाव का अद्भुत संगम बनकर उभर रहा है।
बीना में अन्तर्राष्ट्रीय कथा बाचक सुश्री जया किशोरी जी की कथा का आज शुभारंभ ईश्वर समय नहीं, श्रद्धा और समर्पण देखते हैं” — जया किशोरी बीना में भक्ति का महासागर उमड़ा, श्रीमद् भागवत कथा के शुभारंभ पर हजारों श्रद्धालु हुए भावविभोर बीना। धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना से सराबोर बीना नगरी में संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा का भव्य शुभारंभ अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त कथा प्रवक्ता Jaya Kishori के पावन मुखारविंद से अत्यंत श्रद्धा, उत्साह और भक्ति भाव के साथ हुआ। कथा के प्रथम दिवस पर ही हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने आयोजन को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान कर दिया। विशाल कथा पंडाल श्रद्धालुओं से पूरी तरह खचाखच भरा नजर आया तथा पूरा वातावरण “राधे-राधे”, “जय श्री कृष्ण” और भक्ति गीतों से गुंजायमान हो उठा। जैसे ही जया किशोरी जी मंच पर पहुंचीं, श्रद्धालुओं ने खड़े होकर उनका स्वागत किया। कथा स्थल पर उपस्थित भक्तों की आंखों में श्रद्धा और चेहरे पर आध्यात्मिक आनंद स्पष्ट दिखाई दे रहा था। कथा के दौरान श्रद्धालु कभी भावुक हुए तो कभी भजनों की धुन पर झूमते नजर आए। पूरा वातावरण भक्तिमय ऊर्जा से ओतप्रोत दिखाई दिया। अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में जया किशोरी जी ने श्रद्धालुओं को जीवन में भक्ति, संस्कार, सेवा और सकारात्मक सोच का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि “भगवान को पाने के लिए वर्षों की कठिन तपस्या आवश्यक नहीं है, बल्कि सच्चे मन और भाव से किया गया स्मरण ही पर्याप्त है। ईश्वर समय नहीं, बल्कि श्रद्धा और समर्पण को देखते हैं।” उन्होंने कहा कि आज के समय में मनुष्य बाहरी दिखावे में उलझता जा रहा है, जबकि भगवान केवल निर्मल भाव और सच्ची आस्था को स्वीकार करते हैं। यदि व्यक्ति सच्चे मन से भगवान का स्मरण करे तो जीवन की कठिनाइयां स्वतः सरल
होने लगती हैं। उन्होंने युवाओं से भारतीय संस्कृति और परिवारिक मूल्यों से जुड़े रहने का आह्वान भी किया। इस विशाल धार्मिक आयोजन का नेतृत्व Nirmala Sapre द्वारा किया जा रहा है। आयोजन को लेकर बीना सहित पूरे क्षेत्र में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। कथा स्थल को आकर्षक विद्युत सज्जा, भव्य मंच और पारंपरिक धार्मिक स्वरूप से सजाया गया है, जिसने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आयोजन स्थल पर व्यापक एवं सुव्यवस्थित व्यवस्थाएं की गई हैं। भीषण गर्मी को देखते हुए पर्याप्त मात्रा में शीतल पेयजल, बैठने की विशाल व्यवस्था, साफ-सफाई, चिकित्सा सहायता, सुरक्षा व्यवस्था एवं वाहन पार्किंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। व्यवस्थाओं की श्रद्धालुओं द्वारा खुलकर सराहना की जा रही है। कथा के दौरान प्रस्तुत भजनों और संगीतमय प्रसंगों ने श्रद्धालुओं को भक्ति रस में डुबो दिया। महिलाएं, युवा, बुजुर्ग एवं बच्चे बड़ी संख्या में कथा श्रवण करने पहुंचे। कई श्रद्धालु भक्ति गीतों पर भाव-विभोर होकर झूमते दिखाई दिए। कथा स्थल पर ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो पूरा बीना श्रीकृष्ण भक्ति में लीन हो गया हो। आयोजन में क्षेत्र के गणमान्य नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि एवं विभिन्न धार्मिक संगठनों के लोग भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। श्रद्धालुओं ने इसे बीना के इतिहास के सबसे विशाल एवं भव्य धार्मिक आयोजनों में से एक बताया। श्रीमद् भागवत कथा के आगामी दिनों में और अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना व्यक्त की जा रही है। कथा आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बना हुआ है, बल्कि समाज में संस्कार, सकारात्मकता और आध्यात्मिक चेतना का संदेश भी दे रहा है। बीना में चल रहा यह आयोजन सनातन संस्कृति, भारतीय परंपरा और भक्ति भाव का अद्भुत संगम बनकर उभर रहा है।
- जिला ब्यूरो रिपोर्टर राजेश बबेलेबीना में भक्ति का महासागर उमड़ा, श्रीमद् भागवत कथा के शुभारंभ पर हजारों श्रद्धालु हुए भावविभोर लोकेशन बीना रिपोर्टर राजेश बबेले ईश्वर समय नहीं, श्रद्धा और समर्पण देखते हैं” जया किशोरी बीना में भक्ति का महासागर उमड़ा, श्रीमद् भागवत कथा के शुभारंभ पर हजारों श्रद्धालु हुए भावविभोर भगवान को पाने के लिए वर्षों की कठिन तपस्या आवश्यक नहीं, जया किशोरी राजेश बबेले बीना।धार्मिक,सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना से सराबोर बीना नगरी में संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा का भव्य शुभारंभ अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त कथा प्रवक्ता जया किशोरी के पावन मुखारविंद से अत्यंत श्रद्धा,उत्साह और भक्ति भाव के साथ हुआ। *“राधे-राधे”, “जय श्री कृष्ण” और भक्ति गीतों से गुंजायमान हो उठा* कथा के प्रथम दिवस पर ही हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने आयोजन को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान कर दिया। विशाल कथा पंडाल श्रद्धालुओं से पूरी तरह खचाखच भरा नजर आया तथा पूरा वातावरण “राधे-राधे”, “जय श्री कृष्ण” और भक्ति गीतों से गुंजायमान हो उठा। *श्रद्धालुओं ने खड़े होकर उनका स्वागत किया* जैसे ही जया किशोरी जी मंच पर पहुंचीं, श्रद्धालुओं ने खड़े होकर उनका स्वागत किया। कथा स्थल पर उपस्थित भक्तों की आंखों में श्रद्धा और चेहरे पर आध्यात्मिक आनंद स्पष्ट दिखाई दे रहा था। कथा के दौरान श्रद्धालु कभी भावुक हुए तो कभी भजनों की धुन पर झूमते नजर आए। पूरा वातावरण भक्तिमय ऊर्जा से ओतप्रोत दिखाई दिया। *भगवान को पाने के लिए वर्षों की कठिन तपस्या आवश्यक नहीं जया किशोरी* अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में जया किशोरी जी ने श्रद्धालुओं को जीवन में भक्ति, संस्कार, सेवा और सकारात्मक सोच का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि “भगवान को पाने के लिए वर्षों की कठिन तपस्या आवश्यक नहीं है, बल्कि सच्चे मन और भाव से किया गया स्मरण ही पर्याप्त है। ईश्वर समय नहीं, बल्कि श्रद्धा और समर्पण को देखते हैं।” उन्होंने कहा कि आज के समय में मनुष्य बाहरी दिखावे में उलझता जा रहा है, जबकि भगवान केवल निर्मल भाव और सच्ची आस्था को स्वीकार करते हैं। यदि व्यक्ति सच्चे मन से भगवान का स्मरण करे तो जीवन की कठिनाइयां स्वतः सरल होने लगती हैं। उन्होंने युवाओं से भारतीय संस्कृति और परिवारिक मूल्यों से जुड़े रहने का आह्वान भी किया। इस विशाल धार्मिक आयोजन का नेतृत्व विधायक निर्मला सप्रे द्वारा किया जा रहा है। आयोजन को लेकर बीना सहित पूरे क्षेत्र में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। कथा स्थल को आकर्षक विद्युत सज्जा,भव्य मंच और पारंपरिक धार्मिक स्वरूप से सजाया गया है, जिसने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। *व्यापक एवं सुव्यवस्थित व्यवस्थाएं की गई* श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आयोजन स्थल पर व्यापक एवं सुव्यवस्थित व्यवस्थाएं की गई हैं। भीषण गर्मी को देखते हुए पर्याप्त मात्रा में शीतल पेयजल, बैठने की विशाल व्यवस्था, साफ-सफाई, चिकित्सा सहायता, सुरक्षा व्यवस्था एवं वाहन पार्किंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। व्यवस्थाओं की श्रद्धालुओं द्वारा खुलकर सराहना की जा रही है। *श्रद्धालुओं को भक्ति रस में डुबो दिया* कथा के दौरान प्रस्तुत भजनों और संगीतमय प्रसंगों ने श्रद्धालुओं को भक्ति रस में डुबो दिया। महिलाएं, युवा, बुजुर्ग एवं बच्चे बड़ी संख्या में कथा श्रवण करने पहुंचे। कई श्रद्धालु भक्ति गीतों पर भाव-विभोर होकर झूमते दिखाई दिए। कथा स्थल पर ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो पूरा बीना श्रीकृष्ण भक्ति में लीन हो गया हो। आयोजन में क्षेत्र के नागरिक,सामाजिक कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि एवं विभिन्न धार्मिक संगठनों के लोग भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। श्रद्धालुओं ने इसे बीना के इतिहास के सबसे विशाल एवं भव्य धार्मिक आयोजनों में से एक बताया। *अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना* श्रीमद् भागवत कथा के आगामी दिनों में और अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना व्यक्त की जा रही है। कथा आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बना हुआ है, बल्कि समाज में संस्कार, सकारात्मकता और आध्यात्मिक चेतना का संदेश भी दे रहा है। बीना में चल रहा यह आयोजन सनातन संस्कृति, भारतीय परंपरा और भक्ति भाव का अद्भुत संगम बनकर उभर रहा है।4
- char Ande Hain is pakshi ke 4 mahine barbad Aisa kahate Hain budhe karane log ⛈️ अपने लक्ष्य को गुप्त रखो जब तक काम पूरा न हो, हर योजना सबको बताना जरूरी नहीं।3
- ईश्वर समय नहीं, श्रद्धा और समर्पण देखते हैं” — जया किशोरी ईश्वर समय नहीं, श्रद्धा और समर्पण देखते हैं” — जया किशोरी बीना में भक्ति का महासागर उमड़ा, श्रीमद् भागवत कथा के शुभारंभ पर हजारों श्रद्धालु हुए भावविभोर बीना। धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना से सराबोर बीना नगरी में संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा का भव्य शुभारंभ अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त कथा प्रवक्ता Jaya Kishori के पावन मुखारविंद से अत्यंत श्रद्धा, उत्साह और भक्ति भाव के साथ हुआ। कथा के प्रथम दिवस पर ही हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने आयोजन को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान कर दिया। विशाल कथा पंडाल श्रद्धालुओं से पूरी तरह खचाखच भरा नजर आया तथा पूरा वातावरण “राधे-राधे”, “जय श्री कृष्ण” और भक्ति गीतों से गुंजायमान हो उठा। जैसे ही जया किशोरी जी मंच पर पहुंचीं, श्रद्धालुओं ने खड़े होकर उनका स्वागत किया। कथा स्थल पर उपस्थित भक्तों की आंखों में श्रद्धा और चेहरे पर आध्यात्मिक आनंद स्पष्ट दिखाई दे रहा था। कथा के दौरान श्रद्धालु कभी भावुक हुए तो कभी भजनों की धुन पर झूमते नजर आए। पूरा वातावरण भक्तिमय ऊर्जा से ओतप्रोत दिखाई दिया। अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में जया किशोरी जी ने श्रद्धालुओं को जीवन में भक्ति, संस्कार, सेवा और सकारात्मक सोच का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि “भगवान को पाने के लिए वर्षों की कठिन तपस्या आवश्यक नहीं है, बल्कि सच्चे मन और भाव से किया गया स्मरण ही पर्याप्त है। ईश्वर समय नहीं, बल्कि श्रद्धा और समर्पण को देखते हैं।” उन्होंने कहा कि आज के समय में मनुष्य बाहरी दिखावे में उलझता जा रहा है, जबकि भगवान केवल निर्मल भाव और सच्ची आस्था को स्वीकार करते हैं। यदि व्यक्ति सच्चे मन से भगवान का स्मरण करे तो जीवन की कठिनाइयां स्वतः सरल होने लगती हैं। उन्होंने युवाओं से भारतीय संस्कृति और परिवारिक मूल्यों से जुड़े रहने का आह्वान भी किया। इस विशाल धार्मिक आयोजन का नेतृत्व Nirmala Sapre द्वारा किया जा रहा है। आयोजन को लेकर बीना सहित पूरे क्षेत्र में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। कथा स्थल को आकर्षक विद्युत सज्जा, भव्य मंच और पारंपरिक धार्मिक स्वरूप से सजाया गया है, जिसने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आयोजन स्थल पर व्यापक एवं सुव्यवस्थित व्यवस्थाएं की गई हैं। भीषण गर्मी को देखते हुए पर्याप्त मात्रा में शीतल पेयजल, बैठने की विशाल व्यवस्था, साफ-सफाई, चिकित्सा सहायता, सुरक्षा व्यवस्था एवं वाहन पार्किंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। व्यवस्थाओं की श्रद्धालुओं द्वारा खुलकर सराहना की जा रही है। कथा के दौरान प्रस्तुत भजनों और संगीतमय प्रसंगों ने श्रद्धालुओं को भक्ति रस में डुबो दिया। महिलाएं, युवा, बुजुर्ग एवं बच्चे बड़ी संख्या में कथा श्रवण करने पहुंचे। कई श्रद्धालु भक्ति गीतों पर भाव-विभोर होकर झूमते दिखाई दिए। कथा स्थल पर ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो पूरा बीना श्रीकृष्ण भक्ति में लीन हो गया हो। आयोजन में क्षेत्र के गणमान्य नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि एवं विभिन्न धार्मिक संगठनों के लोग भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। श्रद्धालुओं ने इसे बीना के इतिहास के सबसे विशाल एवं भव्य धार्मिक आयोजनों में से एक बताया। श्रीमद् भागवत कथा के आगामी दिनों में और अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना व्यक्त की जा रही है। कथा आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बना हुआ है, बल्कि समाज में संस्कार, सकारात्मकता और आध्यात्मिक चेतना का संदेश भी दे रहा है। बीना में चल रहा यह आयोजन सनातन संस्कृति, भारतीय परंपरा और भक्ति भाव का अद्भुत संगम बनकर उभर रहा है।1
- विदिशा के गंज बासौदा स्थित स्वरूप नगर के लोगों ने पानी की टंकी के लिए सरपंच से गुहार लगाई है। 'गौ रक्षक सेवा' के माध्यम से भेजी गई इस अपील में क्षेत्र में पानी की गंभीर समस्या बताई गई है।1
- मध्य प्रदेश के सागर जिले में एक सड़क पर भीषण आग लग गई, जिसने उसे आग के दरिया में बदल दिया। इस खौफनाक मंजर को देखकर लोग सहमे हुए हैं और सड़क पार करने से डर रहे हैं।1
- मध्य प्रदेश के सागर में एक होटल में भयानक आग लग गई। आग इतनी भीषण थी कि पूरा होटल जलकर राख हो गया और आसपास की सड़कें बंद करनी पड़ीं। दमकल कर्मियों ने तत्परता से कई लोगों को सुरक्षित बचाया और आग पर काबू पाया।1
- मध्य प्रदेश के सागर जिले के बीना में साध्वी जया किशोरी की श्रीमद् भागवत कथा से पहले भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। पूरे शहर में भक्ति और उत्साह का माहौल देखने को मिला। विधायक निर्मला सप्रे ने लाखों श्रद्धालुओं के कथा में पहुंचने की संभावना जताई है, जिसके लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। यह कथा 9 मई से शुरू होगी।1
- सागर के एसपी अनुराग सुनजिया अब पुलिस बल की परेड खुद करवाएंगे। यह कदम पुलिस में अनुशासन और कार्यप्रणाली में एक नए बदलाव का संकेत है।1
- मध्य प्रदेश के सागर जिले में एक 3 साल की मासूम बच्ची से दुष्कर्म का मामला सामने आया है। यह शर्मनाक घटना बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज परिसर से जुड़ी है, जिसने लोगों को झकझोर कर रख दिया है।1