बिहार में सुशासन के बजाय पुलिस राज, बुलडोजर राज और फर्जी मुठभेड़ों का दौर चलने का आरोप लगाते हुए, भाकपा माले ने राज्यव्यापी विरोध दिवस के तहत जमूई कचहरी चौक पर प्रतिरोध सभा की और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पुतला दहन किया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता भाकपा माले के जिला सचिव शम्भू शरण सिंह ने की, जबकि संचालन राज्य कमिटी सदस्य बाबू साहब ने किया। विरोध का मुख्य मुद्दा मॉब लिंचिंग, जाति पूछकर हत्याएं, दलितों-पिछड़ों और गरीबों पर बढ़ते हमले तथा पुलिस दमन था। सभा को संबोधित करते हुए, माले जिला सचिव शम्भू शरण सिंह और राज्य कमिटी सदस्य बाबू साहब सिंह ने कहा कि बिहार और देश के सामने कानून के राज को बचाने की सबसे बड़ी चुनौती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कानून और न्याय की जगह एनकाउंटर, बुलडोजर और दमन को शासन का मॉडल बनाना चाहती है, जो संविधान पर गंभीर हमला है। वक्ताओं ने जोर दिया कि किसी भी घटना को जाति के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए और भरत तिवारी हों, राजगीर के दलित युवक हों या किसी भी समुदाय का कोई पीड़ित, सभी को समान न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने ऐसी घटनाओं को सभ्य समाज पर कलंक बताया, जहां कहीं जाति पूछकर हत्याएं की जा रही हैं तो कहीं मंदिर में प्रवेश करने पर लोगों को पीट-पीटकर मार दिया जा रहा है। खेत मजदूर नेता बासुदेव रॉय और जयराम तुरी ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा खुले मंच से एनकाउंटर की बात कहने और अगले ही दिन पुलिस द्वारा एनकाउंटर कर देने को एक स्वस्थ लोकतंत्र के लिए घातक बताया। उन्होंने बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए गरीबों की झुग्गी-झोपड़ियों को बुलडोजर से गिराने की कड़ी निंदा की। नेताओं ने कहा कि सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए की जा रही इस तरह की पुलिसिया दमन और एनकाउंटर से गरीबों में बुलडोजर का डर दिखाकर उनकी जमीन से बेदखल करने की कोशिश के खिलाफ पार्टी ने 'बुलडोजर राज बंद करो, गरीबों भूमिहीनों को आवास के लिये पाँच डिसमिल जमीन का प्रबंध करो' का नारा दिया है। इस मौके पर मोहम्मद हैदर, किरण गुप्ता, ब्रमदेव ठाकुर, तुलसी माझी, गरीब माझी, नितेशर आजाद सहित सैकड़ों महिला-पुरुष उपस्थित थे।
बिहार में सुशासन के बजाय पुलिस राज, बुलडोजर राज और फर्जी मुठभेड़ों का दौर चलने का आरोप लगाते हुए, भाकपा माले ने राज्यव्यापी विरोध दिवस के तहत जमूई कचहरी चौक पर प्रतिरोध सभा की और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पुतला दहन किया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता भाकपा माले के जिला सचिव शम्भू शरण सिंह ने की, जबकि संचालन राज्य कमिटी सदस्य बाबू साहब ने किया। विरोध का मुख्य मुद्दा मॉब लिंचिंग, जाति पूछकर हत्याएं, दलितों-पिछड़ों और गरीबों पर बढ़ते हमले तथा पुलिस दमन था। सभा को संबोधित करते हुए, माले जिला सचिव शम्भू शरण सिंह और राज्य कमिटी सदस्य बाबू साहब सिंह ने कहा कि बिहार और देश के सामने कानून के राज को बचाने की सबसे बड़ी चुनौती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कानून और न्याय की जगह एनकाउंटर, बुलडोजर और दमन को शासन का मॉडल बनाना चाहती है, जो संविधान पर गंभीर हमला है। वक्ताओं ने जोर दिया कि किसी भी घटना को जाति के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए और भरत तिवारी हों, राजगीर के दलित युवक हों या किसी भी समुदाय का कोई पीड़ित, सभी को समान न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने ऐसी घटनाओं को सभ्य समाज पर कलंक बताया, जहां कहीं जाति पूछकर हत्याएं की जा रही हैं तो कहीं मंदिर में प्रवेश करने पर लोगों को पीट-पीटकर मार दिया जा रहा है। खेत मजदूर नेता बासुदेव रॉय और जयराम तुरी ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा खुले मंच से एनकाउंटर की बात कहने और अगले ही दिन पुलिस द्वारा एनकाउंटर कर देने को एक स्वस्थ लोकतंत्र के लिए घातक बताया। उन्होंने बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए गरीबों की झुग्गी-झोपड़ियों को बुलडोजर से गिराने की कड़ी निंदा की। नेताओं ने कहा कि सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए की जा रही इस तरह की पुलिसिया दमन और एनकाउंटर से गरीबों में बुलडोजर का डर दिखाकर उनकी जमीन से बेदखल करने की कोशिश के खिलाफ पार्टी ने 'बुलडोजर राज बंद करो, गरीबों भूमिहीनों को आवास के लिये पाँच डिसमिल जमीन का प्रबंध करो' का नारा दिया है। इस मौके पर मोहम्मद हैदर, किरण गुप्ता, ब्रमदेव ठाकुर, तुलसी माझी, गरीब माझी, नितेशर आजाद सहित सैकड़ों महिला-पुरुष उपस्थित थे।
- जमुई जिले के खैरा प्रखंड स्थित पकरी में किउल नदी किनारे बने स्मारक स्थल पर पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ नेता स्वर्गीय नरेंद्र सिंह की पुण्यतिथि श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस श्रद्धांजलि सभा में हजारों की संख्या में जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, समर्थक और आम लोग शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत पूर्व विधायक अजय प्रताप, मंत्री सुमित कुमार सिंह, उनकी धर्मपत्नी सागर मणि तथा परिवार के अन्य सदस्यों द्वारा स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित करने से हुई। इसके बाद परिवहन मंत्री दामोदर रावत सहित कई जनप्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों ने भी श्रद्धासुमन अर्पित किए। सभा में सर्वधर्म प्रार्थना, भजन-कीर्तन और दो मिनट का मौन रखकर स्वर्गीय नरेंद्र सिंह को श्रद्धांजलि दी गई। वक्ताओं ने उनके राजनीतिक जीवन, वर्ष 1974 के छात्र आंदोलन में भूमिका, आपातकाल के दौरान संघर्ष तथा चिकित्सा शिक्षा एवं कृषि मंत्री के रूप में उनके योगदान को याद किया। उनके कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्यों के लिए उन्हें राष्ट्रपति द्वारा कृषि कर्मण सम्मान भी प्रदान किया गया था। कार्यक्रम में उनके पुत्रों ने जनसेवा के उनके अधूरे सपनों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। अंत में श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया।1
- पुलिस एनकाउंटर और मॉब लिंचिंग की घटनाओं के विरोध में भाकपा माले ने मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया।1
- जमुई जिले के खैरा प्रखंड अंतर्गत पकरी स्थित कियूल नदी तट पर बने स्मारक स्थल पर शनिवार को पूर्व मंत्री नरेंद्र सिंह की पुण्यतिथि मनाई गई। इस अवसर पर सैकड़ों शुभचिंतक एकत्रित हुए और उन्होंने दिवंगत नेता को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उपस्थित लोगों ने उनकी तस्वीर पर पुष्पमाला अर्पित कर उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व को याद किया। श्रद्धांजलि कार्यक्रम में सर्वप्रथम पूर्व विधायक अजय प्रताप सिंह, पूर्व मंत्री सुमित कुमार सिंह और झाझा विधानसभा क्षेत्र के विधायक तथा परिवहन मंत्री दामोदर रावत ने स्मारक स्थल पहुंचकर दिवंगत नेता नरेंद्र सिंह की तस्वीर पर पुष्प अर्पित किए। इसके बाद दूर-दराज से पहुंचे उनके समर्थकों, शुभचिंतकों एवं क्षेत्र के लोगों ने भी श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस दौरान उनके पुत्रों ने भी स्मारक पर माथा टेका, और यह याद किया गया कि नरेंद्र सिंह का जीवन संघर्षपूर्ण रहा था।1
- राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले पर योगी आदित्यनाथ ने अपना पहला बयान जारी किया है।1
- बिहार के जमुई में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ दस वर्षीय बच्चे को सांप ने काट लिया। जानकारी के अनुसार, सांप के डसने के बाद परिजनों ने बच्चे को तुरंत डॉक्टरी उपचार दिलाने की बजाय, घंटों तक झाड़फूंक करवाते रहे। इस प्रकार की लापरवाही को बच्चे की जान से खिलवाड़ के रूप में देखा जा रहा है।1
- जमुई जिले के सोनो-डुमरी चेक पोस्ट पर मद्य निषेध विभाग ने एक सघन जांच अभियान के दौरान शराब के नशे में चार व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों की मेडिकल जांच में उनके द्वारा शराब का सेवन किए जाने की पुष्टि हुई, जिसके उपरांत उन्हें उत्पाद एवं मद्य निषेध अधिनियम के तहत गिरफ्तार कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून को प्रभावी ढंग से लागू करने के उद्देश्य से मद्य निषेध विभाग द्वारा विभिन्न चेक पोस्टों पर चलाए जा रहे लगातार वाहन जांच और विशेष अभियानों का ही एक हिस्सा थी।1
- लोगों ने भरत तिवारी को अपराधी बताते हुए यह सवाल उठाया है कि उसके पास हथियार कहाँ से आया। यह सवाल लोगों द्वारा लगातार उठाया जा रहा है।1