सूरत रेलवे स्टेशन: 'वतन प्रेम' पर पुलिस का लाठीचार्ज, गरीब मजदूरों का दर्द सुनने वाला कोई नहीं?* *सूरत रेलवे स्टेशन: 'वतन प्रेम' पर पुलिस का लाठीचार्ज, गरीब मजदूरों का दर्द सुनने वाला कोई नहीं?* सूरत: हीरा और कपड़ा नगरी सूरत में पसीना बहाकर अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने वाले मजदूर आज बेबसी के आंसू बहा रहे हैं। सूरत रेलवे स्टेशन पर छुट्टियों या त्योहारों पर अपने गृहनगर के लिए निकले मजदूरों पर पुलिस द्वारा कथित लाठीचार्ज ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ चिलचिलाती गर्मी और दूसरी तरफ पुलिस की मार - मजदूरों के लिएयात्रा वरदान के बजाय अभिशाप बन गई है। *दोहरा मापदंड? शराब के अड्डों पर सन्नाटा और मजदूरों पर लाठियाँ!* स्थानीय लोगों और यात्रियों के बीच इस चर्चा ने जोर पकड़ लिया है कि रेलवे स्टेशन की सीमा में अवैध गतिविधियों या शराब के अड्डों के खिलाफ पुलिस का रवैया नरम क्यों रहता है. वहीं उसी थाने में ट्रेन का इंतजार कर रहे बेबस मजदूरों को लाठियां खाने से कोई परहेज नहीं है. * भीषण गर्मी: 40 डिग्री से ऊपर तापमान मेंमजदूर छोटे-छोटे बच्चों के साथ घंटों खड़े रहते हैं, पीने के पानी या आश्रय की कोई उचित व्यवस्था नहीं है। * यातायात और भीड़भाड़: स्टेशन क्षेत्र में ट्रैफिक जाम को हल करने के बजाय, भीड़ को नियंत्रित करने के नाम पर मजदूरों को मवेशियों की तरह ठूंस दिया जाता है। *मानवता की कमी: घर जाने को आतुर मजदूरों को मनाने के बजाय लाठीचार्ज करना कितना उचित? क्या ये वही मजदूर नहीं हैं जिनके दम पर शहर चलता है? उन्हें गर्मी मेंउन्हें राहत देने के बजाय मारपीट कर भगा देना कैसा न्याय है? रेलवे पुलिस और प्रशासन को इस मामले पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और सुरक्षा के साथ-साथ मानवता भी बनाए रखनी चाहिए. ''हम अपराधी नहीं हैं, सिर्फ मजदूर हैं।'' हमें पानी नहीं दोगे तो चलेगा, लेकिन हमें डंडे मत मारो!”*
सूरत रेलवे स्टेशन: 'वतन प्रेम' पर पुलिस का लाठीचार्ज, गरीब मजदूरों का दर्द सुनने वाला कोई नहीं?* *सूरत रेलवे स्टेशन: 'वतन प्रेम' पर पुलिस का लाठीचार्ज, गरीब मजदूरों का दर्द सुनने वाला कोई नहीं?* सूरत: हीरा और कपड़ा नगरी सूरत में पसीना बहाकर अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने वाले मजदूर आज बेबसी के आंसू बहा रहे हैं। सूरत रेलवे स्टेशन पर छुट्टियों या त्योहारों पर अपने गृहनगर के लिए निकले मजदूरों पर पुलिस द्वारा कथित लाठीचार्ज ने कई सवाल
खड़े कर दिए हैं। एक तरफ चिलचिलाती गर्मी और दूसरी तरफ पुलिस की मार - मजदूरों के लिएयात्रा वरदान के बजाय अभिशाप बन गई है। *दोहरा मापदंड? शराब के अड्डों पर सन्नाटा और मजदूरों पर लाठियाँ!* स्थानीय लोगों और यात्रियों के बीच इस चर्चा ने जोर पकड़ लिया है कि रेलवे स्टेशन की सीमा में अवैध गतिविधियों या शराब के अड्डों के खिलाफ पुलिस का रवैया नरम क्यों रहता है. वहीं उसी थाने में ट्रेन का इंतजार
कर रहे बेबस मजदूरों को लाठियां खाने से कोई परहेज नहीं है. * भीषण गर्मी: 40 डिग्री से ऊपर तापमान मेंमजदूर छोटे-छोटे बच्चों के साथ घंटों खड़े रहते हैं, पीने के पानी या आश्रय की कोई उचित व्यवस्था नहीं है। * यातायात और भीड़भाड़: स्टेशन क्षेत्र में ट्रैफिक जाम को हल करने के बजाय, भीड़ को नियंत्रित करने के नाम पर मजदूरों को मवेशियों की तरह ठूंस दिया जाता है। *मानवता की कमी: घर जाने को आतुर
मजदूरों को मनाने के बजाय लाठीचार्ज करना कितना उचित? क्या ये वही मजदूर नहीं हैं जिनके दम पर शहर चलता है? उन्हें गर्मी मेंउन्हें राहत देने के बजाय मारपीट कर भगा देना कैसा न्याय है? रेलवे पुलिस और प्रशासन को इस मामले पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और सुरक्षा के साथ-साथ मानवता भी बनाए रखनी चाहिए. ''हम अपराधी नहीं हैं, सिर्फ मजदूर हैं।'' हमें पानी नहीं दोगे तो चलेगा, लेकिन हमें डंडे मत मारो!”*
- Post by Prasar sandesh news1
- अपनों पर ही बरसीं लाठियां! सूरत में महंगाई और लाचारी की दोहरी मार झेल रहे यूपी-बिहार के प्रवासियों पर पुलिस का एक्शन सूरत (उधना): सूरत का उधना रेलवे स्टेशन आज एक रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। जहां एक तरफ महंगाई और बेरोजगारी ने यूपी-बिहार के मजदूरों को 'सूरत' छोड़ने पर मजबूर कर दिया, वहीं दूसरी तरफ स्टेशन पर अपनी ट्रेन का इंतजार कर रहे इन्हीं बेकसूर यात्रियों पर पुलिस ने जमकर लाठियां भांजी। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे पुलिसकर्मी जनता को दौड़ा-दौड़ा कर पीट रहे हैं।4
- सूरत के उधना रेल्वे स्टेशन पर यूपी बिहार जाने वाले मजदूर को पुलिस ने किया लाठी चार्ज, सूरत के उधना स्टेशन पर यूपी बिहार जाने वाले मजदूर वर्ग के लोगों पर पुलिस अपना शक्ति प्रदर्शन करती है और लाठी चार्ज करती है वहीं पुलिस जब दारु के अड्डा पर मजबूर दिखती है आखिर क्यों क्या हर्ष साध्वी जी ने उनके हाथ बांध रखे हैं1
- सूरत के उधना रेलवे स्टेशन पर घर जाने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ी | गुजरात फर्स्ट छुट्टियां खत्म होते ही रेलवे स्टेशन पर मजदूरों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सूरत के उधना रेलवे स्टेशन पर घर जाने के लिए लोगों की भीड़ जमा हो गई। उत्तर प्रदेश और बिहार जाने के लिए मजदूरों की लंबी कतारें लग गईं। मजदूर देर रात से ही रेलवे स्टेशन पर लाइन में लगे थे। ट्रेन के आते ही उधना स्टेशन पर अफरा-तफरी मच गई।1
- સુરત... લેન્સકાર્ટ કંપની સામે હિન્દુ સંગઠન દ્વારા વિરોધ મુંબઈ ની કંપનીમાં નોકરીની ટ્રેનિંગ અર્થે ગયેલા પાંચ પૈકી ત્રણ યુવાનો બન્યા ભોગ યુવાનોને શિખા અને તિલક દૂર કરવા કહેતા વિવાદ બે યુવાઓએ શીખા અને તિલક દૂર કર્યા જ્યારે અન્ય ત્રણ યુવાઓને દૂર નહીં કરતા વિવાદ વકર્યો યુવાઓને કાયદાકીય સહારો લીધો લેન્સકાર્ટ કંપનીના આ વર્તન સામે ભારે રોષ હિન્દુ સંગઠનો દ્વારા લેન્સ કાર્ટ કંપની ને હિન્દુ વિરોધી ગણાવી લેન્સ કાર્ટ ની દુકાન બહાર દર્શાવ્યો વિરોધ દુકાન બહાર હોળી કરી વિરોધ નોંધાવ્યો ભોગ બનનાર સુરતના યુવાઓ જે યુવાઓને જોડે થયેલ અન્યાય મુદ્દે વિરોધ *બાઈટ :મનીષ વાઘાણી (રાષ્ટ્રીય બજરંગ દળ પ્રાંત સભ્ય )*4
- Post by Liveindiasuratnews241
- पीएम नरेंद्र मोदी जी बिना किसी भेद भाव के दुकान से बड़ी सादगी से सामान खरीदा1
- सुरत: उधना स्टेशन पर बेकाबू भीड़, प्रशासन फेल; घर लौटने को मजबूर यूपी-बिहार के मज़दूर सूरत: उधना रेलवे स्टेशन पर उत्तर प्रदेश और बिहार जाने वाले यात्रियों की भारी भीड़ के कारण हालात बेकाबू हो गए हैं। स्थानीय प्रशासन और सरकार इस स्थिति को संभालने में पूरी तरह असमर्थ नज़र आ रहे हैं। सिस्टम की विफलता: भारी भीड़ के सामने पुलिस और प्रशासन लाचार है, जिससे अव्यवस्था चरम पर है। मज़दूरों का दर्द: श्रमिकों का आरोप है कि काम के वक्त इस्तेमाल करने के बाद अब सरकार उन्हें नज़रअंदाज कर रही है। पलायन की मजबूरी: अपमान और बदहाली से तंग आकर मज़दूर परिवार सहित वतन लौटने को मजबूर हैं।4
- डिंडोली पुलिसने हत्या करने वाले 5 आरोपियो को किया गिरफ्तार डिंडोली सर्विलांस पुलिस टीम ने डिंडोली में चेतन नगरमे अपने ही पैसे मांगने वाले एक युवक की बेरहमी से हत्या करने वाले 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया1