भागलपुर और आसपास के लाखों लोगों का लंबा इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्से पर निर्मित बेली ब्रिज का शनिवार को विधिवत उद्घाटन किया गया, जिसके साथ ही पुल पर वाहनों की आवाजाही बहाल हो गई। लंबे समय बाद सेतु पर आवागमन की रफ्तार लौटने से क्षेत्र के लोगों ने गहरी राहत महसूस की है। इससे पहले, विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के कारण यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो गई थी, जिससे प्रतिदिन यात्रा करने वाले हजारों लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। ऐसे में सभी की नजरें इस बात पर टिकी थीं कि पुल पर सामान्य यातायात कब बहाल होगा। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने युद्धस्तर पर कार्य करते हुए क्षतिग्रस्त हिस्से पर बेली ब्रिज का निर्माण निर्धारित समय-सीमा के भीतर सफलतापूर्वक पूरा किया। निर्माण कार्य संपन्न होने के बाद शनिवार को इसका उद्घाटन किया गया, जिसके फलस्वरूप वाहनों का आवागमन फिर से शुरू हो सका। पुल के फिर से चालू होते ही लोगों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। भागलपुर, नवगछिया, कटिहार और कोसी क्षेत्र के निवासियों को अब आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी। यातायात व्यवस्था सुचारू होने से उनका समय और दूरी, दोनों की बचत होगी। यह बेली ब्रिज का उद्घाटन क्षेत्र के लिए एक बड़ी राहत है और उम्मीद है कि इससे लंबे समय से चली आ रही यातायात की समस्या काफी हद तक दूर हो जाएगी।
भागलपुर और आसपास के लाखों लोगों का लंबा इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्से पर निर्मित बेली ब्रिज का शनिवार को विधिवत उद्घाटन किया गया, जिसके साथ ही पुल पर वाहनों की आवाजाही बहाल हो गई। लंबे समय बाद सेतु पर आवागमन की रफ्तार लौटने से क्षेत्र के लोगों ने गहरी राहत महसूस की है। इससे पहले, विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के कारण यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो गई थी, जिससे प्रतिदिन यात्रा करने वाले हजारों लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। ऐसे में सभी की नजरें इस बात पर टिकी थीं कि पुल पर सामान्य यातायात कब बहाल होगा। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने युद्धस्तर पर कार्य करते हुए क्षतिग्रस्त हिस्से पर बेली ब्रिज का निर्माण निर्धारित समय-सीमा के भीतर सफलतापूर्वक पूरा किया। निर्माण कार्य संपन्न होने के बाद शनिवार को इसका उद्घाटन किया गया, जिसके फलस्वरूप वाहनों का आवागमन फिर से शुरू हो सका। पुल के फिर से चालू होते ही लोगों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। भागलपुर, नवगछिया, कटिहार और कोसी क्षेत्र के निवासियों को अब आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी। यातायात व्यवस्था सुचारू होने से उनका समय और दूरी, दोनों की बचत होगी। यह बेली ब्रिज का उद्घाटन क्षेत्र के लिए एक बड़ी राहत है और उम्मीद है कि इससे लंबे समय से चली आ रही यातायात की समस्या काफी हद तक दूर हो जाएगी।
- भागलपुर के विक्रमशिला सेतु पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से पर बने बेली ब्रिज का 7 जून को विधिवत उद्घाटन कर दिया गया। इस उद्घाटन के साथ ही पूर्वांचल और सिर्माचल के लोगों का लंबे समय से चला आ रहा इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है, और पुल पर वाहनों की आवाजाही एक बार फिर शुरू हो गई है। विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद हजारों लोगों को रोजाना भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था, और उनकी नजरें इस बात पर टिकी थीं कि आखिर कब पुल पर आवागमन सामान्य होगा। बॉर्डर रोड संगठन (BRO) ने इस चुनौती को स्वीकार करते हुए कम समय में बेली ब्रिज का निर्माण पूरा कर दिखाया। खास बात यह रही कि BRO की टीम ने जिला प्रशासन को जो समय सीमा दी थी, उसी के भीतर निर्माण कार्य पूरा कर पुल को तैयार कर दिया। दिन-रात की मेहनत और तकनीकी दक्षता का परिणाम आज लोगों के सामने दिखाई दिया, जब उद्घाटन के साथ ही पुल पर वाहनों की आवाजाही शुरू हुई और लोगों के चेहरों पर खुशी साफ नजर आई। पुल के शुरू होने से यातायात व्यवस्था पहले की तरह सुचारू हो सकेगी। बेली ब्रिज का यह उद्घाटन न सिर्फ एक निर्माण कार्य की सफलता है, बल्कि यह लोगों की उम्मीदों और भरोसे पर BRO टीम के खरा उतरने का प्रतीक भी है। उद्घाटन के अवसर पर जिलाधिकारी भागलपुर डॉ. नवल किशोर चौधरी, वरीय पुलिस अधीक्षक भागलपुर प्रमोद कुमार यादव और बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन के अधीक्षण अभियंता बिपिन चंद्र कुमार भी मौजूद थे।1
- मूल पाठ में CBSE की टेंडर प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं पर प्रकाश डाला गया है। इसमें बताया गया है कि CBSE का टेंडर तीन बार निकाला गया, और यह आरोप लगाया गया है कि 'COEMPT' के लिए सभी नियमों को 'तोड़ा-मरोड़ा' गया। पोस्ट सीधे तौर पर सवाल करती है कि ऐसा क्यों किया गया, और यह इंगित करती है कि 'सार्थक' के पास इसका सीधा जवाब है। साथ ही, यह भी सुझाया गया है कि पाठकों को शायद यह जवाब पहले से पता होगा और उन्हें इसे देखकर पुष्टि करने के लिए कहा गया है।1
- भागलपुर के कहलगांव में भू-विस्थापितों और RC-1 तथा RC-2 के ग्रामीणों ने एनटीपीसी पावर प्लांट के रेलवे रैक को पूरी तरह जाम कर दिया है। इस चक्का जाम के कारण प्लांट को होने वाली कोयले की आपूर्ति बाधित हो गई है।1
- बिहार के बांका जिले में स्थित पावन मंदार क्षेत्र में आज आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला, जहाँ 1500 कलशों के साथ एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इस दौरान, महिलाएं सिर पर कलश लिए भक्ति गीतों पर नाचते-झूमते आगे बढ़ती रहीं। यह शोभायात्रा पापहरणी सरोवर से शुरू हुई। यह भव्य आयोजन कामधेनु मंदिर परिसर में शुरू हुई 7 दिवसीय शिव महापुराण ज्ञान कथा के उपलक्ष्य में किया गया। इस कथा के कारण पूरा क्षेत्र शिवमय हो गया है, और 'हर-हर महादेव' के जयकारों से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद के रूप में खिचड़ी का भी वितरण किया गया। काशी के प्रसिद्ध ब्रह्म ऋषि केशव जी महाराज 7 जून से 13 जून तक भक्तों को शिव महापुराण कथा का रसपान कराएंगे।1
- बांका जिले के बौंंसी स्थित रेफरल अस्पताल में शनिवार को दिव्यांगजनों के लिए एक विशेष जांच शिविर आयोजित किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य दिव्यांगजनों को विभिन्न सरकारी योजनाओं और सुविधाओं से जोड़ना था।1
- जिले में अपराध नियंत्रण के क्षेत्र में पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है, जहाँ बांका पुलिस ने धोरैया थाना क्षेत्र में हुए एक मोटरसाइकिल लूटकांड का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक उपेंद्रनाथ वर्मा ने शनिवार शाम 5 बजे प्रेस वार्ता कर इस कार्रवाई की जानकारी दी। गिरफ्तार आरोपियों के पास से एक देसी कट्टा, दो जिंदा गोली और लूटी गई मोटरसाइकिल बरामद की गई है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि 29 मई 2026 को धोरैया थाना क्षेत्र में बाइक लूट की घटना हुई थी, जिसके बाद धोरैया थाना कांड संख्या 151/26 के तहत मामला दर्ज किया गया था। इस मामले के खुलासे के लिए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बौंसी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई थी। इस टीम ने तकनीकी और मानवीय अनुसंधान के आधार पर कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए अपराधियों की पहचान अमन कुमार और अमरेश कुमार के रूप में हुई है, ये दोनों रजौन थाना क्षेत्र के निवासी हैं। पुलिस की पूछताछ में दोनों ने अपराध में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। बरामदगी के आधार पर, पुलिस ने आर्म्स एक्ट के तहत एक और मामला भी दर्ज किया है।1
- जमुई जिले के मांगोबंदर बाजार निवासी केदारनाथ विश्वकर्मा ने अपने घर और दुकान के सामने लगे 200 केवीए ट्रांसफार्मर को हटाने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री, ऊर्जा मंत्री, जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, बीडीओ, सीओ, बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी और केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय सहित कई अधिकारियों को आवेदन सौंपे हैं। पीड़ित विश्वकर्मा का आरोप है कि इस ट्रांसफार्मर के कारण लगातार दुर्घटना का खतरा बना रहता है, और उनके परिवार के सदस्य पहले भी इसकी चपेट में आकर घायल हो चुके हैं। उन्होंने कुछ लोगों द्वारा धमकी देने और अपनी शिकायतों पर कोई कार्रवाई न होने का भी आरोप लगाया है। बताया गया है कि यह मामला वर्तमान में जन शिकायत पोर्टल और ऊर्जा मंत्रालय स्तर पर विचाराधीन है। पीड़ित ने जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों से अपील की है कि वे इस मामले की शीघ्र जांच करें और ट्रांसफार्मर को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित कराएं।1
- बिहार के बांका जिले में मौसम का 'डबल अटैक' देखने को मिल सकता है, जहाँ एक ओर भीषण गर्मी और उमस लोगों को परेशान कर रही है, वहीं दूसरी ओर मौसम विभाग ने तेज आंधी, बारिश और वज्रपात (बिजली गिरने) को लेकर चेतावनी जारी की है। यह अलर्ट बांका के निवासियों के लिए अगले 24 घंटे भारी पड़ने की आशंका जताता है। मौसम विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, जिले में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इस दौरान अचानक मौसम खराब होने, पेड़ों के गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की आशंका भी व्यक्त की गई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें। विशेष रूप से किसानों और खेतों में काम करने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। सभी से आग्रह किया गया है कि वे मौसम विभाग के ताजा अपडेट्स पर नजर बनाए रखें और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करें।1
- भारतीय युवा कांग्रेस (IYC) के कार्यकर्ता पिछले 24 दिनों से देश की GenZ को न्याय दिलाने की लड़ाई लड़ रहे हैं। इस आंदोलन के तहत युवा कांग्रेस देश के 50 से अधिक शहरों में केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की बर्खास्तगी की मांग कर रही है, जिसके लिए कार्यकर्ताओं को पानी की बौछारों, लाठीचार्ज और गिरफ्तारियों का सामना करना पड़ा है। आंदोलनकारियों का आरोप है कि इस गंभीर मुद्दे पर न तो प्रधानमंत्री ने कोई ध्यान दिया है और न ही मीडिया ने उनकी आवाज़ को उचित कवरेज दी है। इसके बावजूद, युवा कांग्रेस ने यह स्पष्ट वादा किया है कि धर्मेंद्र प्रधान की बर्खास्तगी होने तक वे सड़कों को सूना नहीं होने देंगे। इसी कड़ी में, मध्य प्रदेश के अलीराजपुर में IYC अध्यक्ष उदयभानु के साथ हजारों कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया।1