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मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (इंगांराजवि), अमरकंटक में रविवार को हिंदी पत्रकारिता के दो सौ वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग द्वारा आयोजित इस संगोष्ठी का विषय 'हिंदी पत्रकारिता की द्विशताब्दी यात्रा: विरासत, वर्तमान तथा भविष्य' था, जिसमें देशभर के विद्वानों, शोधार्थियों और पत्रकारों ने भाग लेकर हिंदी पत्रकारिता की भूमिका, चुनौतियों और संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की। वक्ताओं ने ज़ोर दिया कि सामाजिक चेतना और सत्यनिष्ठा ही हिंदी पत्रकारिता की असली ताकत है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अवधेश कुमार शुक्ल ने हिंदी पत्रकारिता को समाज का दर्पण बताते हुए उसके गौरवशाली अतीत और वैश्विक पहचान का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता को सामाजिक सद्भाव, सत्य की खोज और लोक कल्याण के प्रति समर्पित रहना चाहिए, तथा विश्वास जताया कि हिंदी पत्रकारिता वर्तमान चुनौतियों पर विजय प्राप्त करेगी। प्रख्यात चिंतक प्रो. आलोक श्रोत्रिय ने समाज को जागरूक करने में हिंदी पत्रकारिता के योगदान पर प्रकाश डाला, और सत्यनिष्ठा, वस्तुनिष्ठता तथा सकारात्मक दृष्टिकोण को रचनात्मक पत्रकारिता की आधारशिला बताया। मुख्य वक्ता डॉ. सर्वेश त्रिपाठी (इन्द्रप्रस्थ विश्वविद्यालय, नई दिल्ली) ने स्वतंत्रता संग्राम में हिंदी पत्रकारिता के महत्वपूर्ण योगदान की सराहना की, 'उदन्त मार्तंड' और पंडित युगलकिशोर शुक्ल के आदर्शों को आज भी प्रासंगिक बताया, साथ ही तकनीक और हिंदी के बढ़ते बाज़ार को पत्रकारिता के विस्तार में नई ऊर्जा देने वाला कारक बताया। भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली के डॉ. पवन कौंडल ने डिजिटल मीडिया और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के कारण पत्रकारिता के स्वरूप में आ रहे बदलावों का ज़िक्र किया, जबकि तकनीकी सत्र में डॉ. सुनील कुमार मिश्र ने हिंदी पत्रकारिता की आत्मा को उसके लोक से जुड़ाव बताया और बाजार व तकनीक के प्रभाव के बावजूद जड़ों से जुड़े रहने की आवश्यकता पर बल दिया। हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. जितेंद्र सिंह ने स्वतंत्रता आंदोलन में हिंदी की साहित्यिक पत्रकारिता की भूमिका और आज इसके व्यापक होते दायित्वों की बात कही। इस अवसर पर इंदिरा गांधी नेशनल जनजातीय विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग से अध्यापन कर चुके और अनूपपुर जिले की पत्रकारिता में विशेष स्थान रखने वाले पूर्व छात्र एवं पत्रकार शैलेन्द्र विश्वकर्मा और रामभुवन गौतम को अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। विभाग ने आगामी सत्र में ऐसे पूर्व छात्रों का मिलन समारोह भी आयोजित करने की संभावना जताई है जो वर्तमान में देशभर के अलग-अलग राज्यों में विभिन्न संस्थानों में अपनी सेवाएँ दे रहे हैं और विश्वविद्यालय का नाम रोशन कर रहे हैं। संगोष्ठी ने यह स्पष्ट किया कि हिंदी पत्रकारिता ने अपनी 200 वर्षों की यात्रा में सामाजिक चेतना, सत्यनिष्ठा और जनसरोकारों को हमेशा प्राथमिकता दी है। यह माना गया कि बदलते समय और तकनीकी चुनौतियों के बावजूद इसकी मूल भावना आज भी प्रासंगिक है और भविष्य में भी समाज के मार्गदर्शन में इसकी भूमिका महत्वपूर्ण बनी रहेगी। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुआ। प्रो. राघवेंद्र मिश्रा ने विषय प्रवर्तन किया और प्रो. मनीषा शर्मा ने स्वागत भाषण दिया। कार्यक्रम का संचालन शुभी विश्वकर्मा ने किया, जबकि अभिलाषा एलिस तिर्की ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। इस राष्ट्रीय संगोष्ठी में कुल 53 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए, जिसमें 12 राज्यों से ऑनलाइन और ऑफलाइन प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। तकनीकी सत्रों में विभिन्न विश्वविद्यालयों के प्रोफेसरों ने शोधार्थियों का मार्गदर्शन किया। कार्यक्रम का संयोजन अंशुल अग्रवाल, नितिन मिश्रा, आकांक्षा चितवन, शुभी विश्वकर्मा सहित अन्य सदस्यों द्वारा किया गया।

1 hr ago
user_Rajesh Shukla
Rajesh Shukla
Salesperson Anuppur, Madhya Pradesh•
1 hr ago
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मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (इंगांराजवि), अमरकंटक में रविवार को हिंदी पत्रकारिता के दो सौ वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग द्वारा आयोजित इस संगोष्ठी का विषय 'हिंदी पत्रकारिता की द्विशताब्दी यात्रा: विरासत, वर्तमान तथा भविष्य' था, जिसमें देशभर के विद्वानों, शोधार्थियों और पत्रकारों ने भाग लेकर हिंदी पत्रकारिता की भूमिका, चुनौतियों और संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की। वक्ताओं ने ज़ोर दिया कि सामाजिक चेतना और सत्यनिष्ठा ही हिंदी पत्रकारिता की असली ताकत है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अवधेश कुमार शुक्ल ने हिंदी पत्रकारिता को समाज का दर्पण बताते हुए उसके गौरवशाली अतीत और वैश्विक पहचान का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता को सामाजिक सद्भाव, सत्य की खोज और लोक कल्याण के प्रति समर्पित रहना चाहिए, तथा विश्वास जताया कि हिंदी पत्रकारिता वर्तमान चुनौतियों पर विजय प्राप्त करेगी। प्रख्यात चिंतक प्रो. आलोक श्रोत्रिय ने समाज को जागरूक करने में हिंदी पत्रकारिता के योगदान पर प्रकाश डाला, और सत्यनिष्ठा, वस्तुनिष्ठता तथा सकारात्मक दृष्टिकोण को रचनात्मक पत्रकारिता की आधारशिला बताया। मुख्य वक्ता डॉ. सर्वेश त्रिपाठी (इन्द्रप्रस्थ विश्वविद्यालय, नई दिल्ली) ने स्वतंत्रता संग्राम में हिंदी पत्रकारिता के महत्वपूर्ण योगदान की सराहना की, 'उदन्त मार्तंड' और पंडित युगलकिशोर शुक्ल के आदर्शों को आज भी प्रासंगिक बताया, साथ ही तकनीक और हिंदी के बढ़ते बाज़ार को पत्रकारिता के विस्तार में नई ऊर्जा देने वाला कारक बताया। भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली के डॉ. पवन कौंडल ने डिजिटल मीडिया और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के कारण पत्रकारिता के स्वरूप में आ रहे बदलावों का ज़िक्र किया, जबकि तकनीकी सत्र में डॉ. सुनील कुमार मिश्र ने हिंदी पत्रकारिता की आत्मा को उसके लोक से जुड़ाव बताया

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और बाजार व तकनीक के प्रभाव के बावजूद जड़ों से जुड़े रहने की आवश्यकता पर बल दिया। हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. जितेंद्र सिंह ने स्वतंत्रता आंदोलन में हिंदी की साहित्यिक पत्रकारिता की भूमिका और आज इसके व्यापक होते दायित्वों की बात कही। इस अवसर पर इंदिरा गांधी नेशनल जनजातीय विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग से अध्यापन कर चुके और अनूपपुर जिले की पत्रकारिता में विशेष स्थान रखने वाले पूर्व छात्र एवं पत्रकार शैलेन्द्र विश्वकर्मा और रामभुवन गौतम को अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। विभाग ने आगामी सत्र में ऐसे पूर्व छात्रों का मिलन समारोह भी आयोजित करने की संभावना जताई है जो वर्तमान में देशभर के अलग-अलग राज्यों में विभिन्न संस्थानों में अपनी सेवाएँ दे रहे हैं और विश्वविद्यालय का नाम रोशन कर रहे हैं। संगोष्ठी ने यह स्पष्ट किया कि हिंदी पत्रकारिता ने अपनी 200 वर्षों की यात्रा में सामाजिक चेतना, सत्यनिष्ठा और जनसरोकारों को हमेशा प्राथमिकता दी है। यह माना गया कि बदलते समय और तकनीकी चुनौतियों के बावजूद इसकी मूल भावना आज भी प्रासंगिक है और भविष्य में भी समाज के मार्गदर्शन में इसकी भूमिका महत्वपूर्ण बनी रहेगी। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुआ। प्रो. राघवेंद्र मिश्रा ने विषय प्रवर्तन किया और प्रो. मनीषा शर्मा ने स्वागत भाषण दिया। कार्यक्रम का संचालन शुभी विश्वकर्मा ने किया, जबकि अभिलाषा एलिस तिर्की ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। इस राष्ट्रीय संगोष्ठी में कुल 53 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए, जिसमें 12 राज्यों से ऑनलाइन और ऑफलाइन प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। तकनीकी सत्रों में विभिन्न विश्वविद्यालयों के प्रोफेसरों ने शोधार्थियों का मार्गदर्शन किया। कार्यक्रम का संयोजन अंशुल अग्रवाल, नितिन मिश्रा, आकांक्षा चितवन, शुभी विश्वकर्मा सहित अन्य सदस्यों द्वारा किया गया।

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  • शहडोल जिले के जयसिंहनगर थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए 350.500 किलोग्राम गांजा, दो चार पहिया वाहन और दो मोबाइल फोन जब्त किए हैं। इस मामले में मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश के निवासी 20 वर्षीय राहुल कुमार चर्मकार को गिरफ्तार किया गया है, जबकि तीन अन्य आरोपी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं। यह कार्रवाई मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर जनकपुर रोड बाईपास मार्ग पर की गई नाकाबंदी के दौरान हुई। पुलिस ने एक स्विफ्ट कार और एक इनोवा वाहन की तलाशी ली, जिसमें से भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। बरामद गांजे की अनुमानित कीमत 35.05 लाख रुपये बताई गई है, और जब्त की गई कुल संपत्ति का अनुमानित मूल्य लगभग 61.12 लाख रुपये है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है और फरार चल रहे अन्य आरोपियों की तलाश तेज कर दी है। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक अजय कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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    शहडोल जिले के जयसिंहनगर थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए 350.500 किलोग्राम गांजा, दो चार पहिया वाहन और दो मोबाइल फोन जब्त किए हैं। इस मामले में मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश के निवासी 20 वर्षीय राहुल कुमार चर्मकार को गिरफ्तार किया गया है, जबकि तीन अन्य आरोपी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं।

यह कार्रवाई मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर जनकपुर रोड बाईपास मार्ग पर की गई नाकाबंदी के दौरान हुई। पुलिस ने एक स्विफ्ट कार और एक इनोवा वाहन की तलाशी ली, जिसमें से भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। बरामद गांजे की अनुमानित कीमत 35.05 लाख रुपये बताई गई है, और जब्त की गई कुल संपत्ति का अनुमानित मूल्य लगभग 61.12 लाख रुपये है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है और फरार चल रहे अन्य आरोपियों की तलाश तेज कर दी है।

इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक अजय कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
    user_अजय कुमार केवट
    अजय कुमार केवट
    Photographer सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • प्रदेश के प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक तीर्थस्थल पवित्र नगरी अमरकंटक में अधिमास ज्येष्ठ मास शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा, अनुराधा नक्षत्र और रविवार के पावन अवसर पर श्रद्धा, आस्था और भक्ति का एक अद्भुत संगम देखने को मिला। इस दौरान हजारों भक्त श्रद्धालु, तीर्थयात्री एवं दर्शनार्थी मां नर्मदा के उद्गम क्षेत्र पहुंचे और विभिन्न घाटों पर स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित किया। प्रातःकाल से ही मां नर्मदा के कोटितीर्थ कुंड, रामघाट, उत्तर एवं दक्षिण तट तथा आरंडी संगम तट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भक्तों ने पवित्र नर्मदा जल में आस्था की डुबकी लगाई और मां नर्मदा का स्मरण करते हुए अपने परिवार, समाज एवं राष्ट्र की सुख-समृद्धि, शांति और कल्याण की कामना की। इसके बाद श्रद्धालु नर्मदा उद्गम मंदिर पहुँचे, जहाँ लंबी कतारों में खड़े होकर उन्होंने भजन-कीर्तन एवं जयकारों के बीच मां नर्मदा के दर्शन किए। श्रद्धालुओं ने श्रद्धा एवं विश्वास के साथ मंदिर में माथा टेककर परिवार के सुख, शांति, समृद्धि, ऐश्वर्य एवं उत्तम स्वास्थ्य की मंगल कामना की, जिससे मंदिर परिसर पूरे दिन धार्मिक वातावरण से गुंजायमान रहा। ज्येष्ठ पूर्णिमा के अवसर पर नर्मदा स्नान एवं दर्शन-पूजन का यह क्रम सुबह लगभग 5 बजे से प्रारंभ होकर देर शाम तक निरंतर चलता रहा। नर्मदा तटों, मंदिर परिसर तथा प्रमुख पर्यटन स्थलों पर दिनभर भक्तों और पर्यटकों की चहल-पहल बनी रही। श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा के लिए स्थानीय प्रशासन एवं मंदिर प्रबंधन द्वारा आवश्यक व्यवस्थाएं भी की गई थीं। मौसम की दृष्टि से भी यह दिन विशेष रहा, क्योंकि दोपहर लगभग 12 बजे तक नौतपा का प्रभाव दिखाई दिया और तेज धूप के कारण गर्मी का अहसास बना रहा। हालाँकि, इसके बाद आसमान में काले बादल छा गए और रुक-रुक कर हल्की वर्षा होती रही, जिससे मौसम सुहावना हो गया। इस वर्षा के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं आई और दर्शन-पूजन का क्रम निरंतर जारी रहा। ज्येष्ठ पूर्णिमा के इस पावन अवसर पर अमरकंटक में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का एक अद्भुत वातावरण देखने को मिला, जहाँ हजारों श्रद्धालुओं ने मां नर्मदा के चरणों में अपनी आस्था अर्पित कर पुण्य लाभ प्राप्त किया।
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    प्रदेश के प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक तीर्थस्थल पवित्र नगरी अमरकंटक में अधिमास ज्येष्ठ मास शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा, अनुराधा नक्षत्र और रविवार के पावन अवसर पर श्रद्धा, आस्था और भक्ति का एक अद्भुत संगम देखने को मिला। इस दौरान हजारों भक्त श्रद्धालु, तीर्थयात्री एवं दर्शनार्थी मां नर्मदा के उद्गम क्षेत्र पहुंचे और विभिन्न घाटों पर स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित किया।

प्रातःकाल से ही मां नर्मदा के कोटितीर्थ कुंड, रामघाट, उत्तर एवं दक्षिण तट तथा आरंडी संगम तट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भक्तों ने पवित्र नर्मदा जल में आस्था की डुबकी लगाई और मां नर्मदा का स्मरण करते हुए अपने परिवार, समाज एवं राष्ट्र की सुख-समृद्धि, शांति और कल्याण की कामना की। इसके बाद श्रद्धालु नर्मदा उद्गम मंदिर पहुँचे, जहाँ लंबी कतारों में खड़े होकर उन्होंने भजन-कीर्तन एवं जयकारों के बीच मां नर्मदा के दर्शन किए। श्रद्धालुओं ने श्रद्धा एवं विश्वास के साथ मंदिर में माथा टेककर परिवार के सुख, शांति, समृद्धि, ऐश्वर्य एवं उत्तम स्वास्थ्य की मंगल कामना की, जिससे मंदिर परिसर पूरे दिन धार्मिक वातावरण से गुंजायमान रहा।

ज्येष्ठ पूर्णिमा के अवसर पर नर्मदा स्नान एवं दर्शन-पूजन का यह क्रम सुबह लगभग 5 बजे से प्रारंभ होकर देर शाम तक निरंतर चलता रहा। नर्मदा तटों, मंदिर परिसर तथा प्रमुख पर्यटन स्थलों पर दिनभर भक्तों और पर्यटकों की चहल-पहल बनी रही। श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा के लिए स्थानीय प्रशासन एवं मंदिर प्रबंधन द्वारा आवश्यक व्यवस्थाएं भी की गई थीं।

मौसम की दृष्टि से भी यह दिन विशेष रहा, क्योंकि दोपहर लगभग 12 बजे तक नौतपा का प्रभाव दिखाई दिया और तेज धूप के कारण गर्मी का अहसास बना रहा। हालाँकि, इसके बाद आसमान में काले बादल छा गए और रुक-रुक कर हल्की वर्षा होती रही, जिससे मौसम सुहावना हो गया। इस वर्षा के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं आई और दर्शन-पूजन का क्रम निरंतर जारी रहा। ज्येष्ठ पूर्णिमा के इस पावन अवसर पर अमरकंटक में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का एक अद्भुत वातावरण देखने को मिला, जहाँ हजारों श्रद्धालुओं ने मां नर्मदा के चरणों में अपनी आस्था अर्पित कर पुण्य लाभ प्राप्त किया।
    user_Anupam Singh patrkar
    Anupam Singh patrkar
    अनूपपुर, अनूपपुर, मध्य प्रदेश•
    28 min ago
  • अनूपपुर पुलिस ने ग्राम करहीवाह से किसान टीकम कोल के घर के सामने से चोरी हुए तीन बैलों के मामले में त्वरित कार्रवाई की है। पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराब और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जगन्नाथ मरकाम के निर्देश तथा एसडीओपी नवीन तिवारी के मार्गदर्शन में कोतवाली अनूपपुर पुलिस ने पशु चोरी के आरोपी भारत सिंह गोंड को गिरफ्तार कर तीनों चोरी हुए बैल बरामद कर लिए हैं। ये बैल करीब 45,000 रुपये कीमत के बताए गए हैं। यह मामला 30 मई 2026 को सामने आया, जब करहीवाह निवासी 56 वर्षीय किसान टीकम कोल (पिता मण्डल कोल) ने कोतवाली अनूपपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि पिछली रात उनके घर के बाहर बंधे तीन बैल अज्ञात चोरों ने चुरा लिए थे। इस पर थाना कोतवाली अनूपपुर में अपराध क्रमांक 307/26 धारा 303(2) बी.एन.एस. के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। टी.आई. कोतवाली अरविंद जैन के नेतृत्व में सहायक उपनिरीक्षक संतोष वर्मा, प्रधान आरक्षक नितिन नामदेव और आरक्षक संजय सिंह की टीम ने रात में ही पशु चोर की तलाश की। उन्होंने ग्राम ठेही, थाना जैतहरी, अनूपपुर निवासी 25 वर्षीय भारत सिंह गोंड (पिता जयहिंद सिंह गोंड) को गिरफ्तार कर उससे चोरी किए गए तीनों बैल बरामद किए। पुलिस अब गिरफ्तार किए गए आरोपी भारत सिंह गोंड से अन्य पशु चोरी के मामलों के संबंध में पूछताछ कर रही है, जिसके खिलाफ पहले से ही राजेंद्रग्राम थाने में आपराधिक प्रकरण दर्ज है।
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    अनूपपुर पुलिस ने ग्राम करहीवाह से किसान टीकम कोल के घर के सामने से चोरी हुए तीन बैलों के मामले में त्वरित कार्रवाई की है। पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराब और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जगन्नाथ मरकाम के निर्देश तथा एसडीओपी नवीन तिवारी के मार्गदर्शन में कोतवाली अनूपपुर पुलिस ने पशु चोरी के आरोपी भारत सिंह गोंड को गिरफ्तार कर तीनों चोरी हुए बैल बरामद कर लिए हैं। ये बैल करीब 45,000 रुपये कीमत के बताए गए हैं।

यह मामला 30 मई 2026 को सामने आया, जब करहीवाह निवासी 56 वर्षीय किसान टीकम कोल (पिता मण्डल कोल) ने कोतवाली अनूपपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि पिछली रात उनके घर के बाहर बंधे तीन बैल अज्ञात चोरों ने चुरा लिए थे। इस पर थाना कोतवाली अनूपपुर में अपराध क्रमांक 307/26 धारा 303(2) बी.एन.एस. के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। टी.आई. कोतवाली अरविंद जैन के नेतृत्व में सहायक उपनिरीक्षक संतोष वर्मा, प्रधान आरक्षक नितिन नामदेव और आरक्षक संजय सिंह की टीम ने रात में ही पशु चोर की तलाश की। उन्होंने ग्राम ठेही, थाना जैतहरी, अनूपपुर निवासी 25 वर्षीय भारत सिंह गोंड (पिता जयहिंद सिंह गोंड) को गिरफ्तार कर उससे चोरी किए गए तीनों बैल बरामद किए। पुलिस अब गिरफ्तार किए गए आरोपी भारत सिंह गोंड से अन्य पशु चोरी के मामलों के संबंध में पूछताछ कर रही है, जिसके खिलाफ पहले से ही राजेंद्रग्राम थाने में आपराधिक प्रकरण दर्ज है।
    user_Anupam Singh patrkar
    Anupam Singh patrkar
    अनूपपुर, अनूपपुर, मध्य प्रदेश•
    23 min ago
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