ग्राम पंचायत बोरी में शराब भट्ठी खोलने को लेकर विवाद,145 लोगों ने किया विरोध - बोरी ग्राम पंचायत में शराब दुकान खोलने को लेकर उपजा विवाद अब कानून व्यवस्था की बड़ी परीक्षा बन गया है। कलेक्टर के निर्देश पर बुलाई गई विशेष ग्रामसभा में जहां लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत राय ली जानी थी, वहीं पूरा घटनाक्रम हिंसा, अफरा तफरी और पुलिस की निष्क्रियता की कहानी बन गया। इस पूरे मामले के केंद्र में हैं बोरी थाना प्रभारी अनिल पटेल, जिनकी कार्यशैली पर अब ग्रामीणों से लेकर सामाजिक संगठनों तक ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बहुमत विरोध में, फिर भी क्यों भड़का माहौल ग्रामसभा में बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं और युवा शामिल हुए। 145 ग्रामीणों ने शराब दुकान का विरोध किया सिर्फ 27 लोगों ने समर्थन दिया स्पष्ट जनमत सामने आने के बावजूद गांव में शराब दुकान खोलने की चर्चा ने माहौल को तनावपूर्ण बना दिया। लोगों का कहना है कि जब जनता की राय इतनी स्पष्ट थी, तो प्रशासन और पुलिस को स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए थी। ग्रामसभा बनी हिंसा का अखाड़ा इसी दौरान एक महिला के साथ खुलेआम मारपीट की घटना ने पूरे मामले को झकझोर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार महिला अपने परिवार के सदस्य को शराब दुकान के विरोध में हस्ताक्षर करने के लिए समझा रही थी, तभी एक व्यक्ति ने बीच में हस्तक्षेप कर उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। महिला को बुरी तरह पीटा गया और वह गंभीर रूप से घायल हो गई मौके पर पुलिस मौजूद थी लेकिन घटना के बाद भी प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई यहीं से सवाल उठने लगे कि क्या पुलिस सिर्फ दर्शक बनकर रह गई थाना प्रभारी की भूमिका पर सवाल ग्रामीणों और प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि थाना प्रभारी अनिल पटेल ने घटना के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। क्षेत्र में लंबे समय से यह भी आरोप लगते रहे हैं कि अवैध शराब का कारोबार खुलेआम चल रहा है गांजा और अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री बढ़ रही है मारपीट और विवाद के मामलों में समय पर प्राथमिकी दर्ज नहीं होती ऐसे में ग्रामसभा की घटना ने इन आरोपों को और मजबूत कर दिया है। जवाब से बचते थाना प्रभारी इस गंभीर मामले में जब मीडिया ने थाना प्रभारी अनिल पटेल से पक्ष जानना चाहा, तो उन्होंने संवाद से बचते हुए पत्रकार का नंबर ही ब्लॉक कर दिया। यह घटना न केवल पारदर्शिता की कमी को दर्शाती है, बल्कि यह भी सवाल उठाती है कि क्या जिम्मेदार अधिकारी जवाबदेही से बच रहे हैं। जिले के पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल को सख्त पुलिसिंग के लिए जाना जाता है, लेकिन बोरी की यह घटना उनके नेतृत्व पर भी सवाल खड़े कर रही है। क्या स्थानीय स्तर पर मिल रही शिकायतों को नजरअंदाज किया जा रहा है क्या थाना स्तर की लापरवाही पर कार्रवाई नहीं हो रही उड़ता बोरी की चर्चा तेज स्थानीय लोगों के बीच अब उड़ता बोरी शब्द तेजी से प्रचलित हो रहा है, जो क्षेत्र में बढ़ती अवैध गतिविधियों की ओर इशारा करता है। लोगों का कहना है कि अगर पुलिस की मौजूदगी में महिला सुरक्षित नहीं है, तो आम नागरिक खुद को कैसे सुरक्षित महसूस करेगा। जनता की मांगें घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और उन्होंने प्रशासन से स्पष्ट मांग की है महिला के साथ मारपीट करने वाले आरोपी पर तत्काल प्राथमिकी दर्ज की जाए गांव में प्रस्तावित शराब दुकान को पूरी तरह रद्द किया जाए थाना प्रभारी की कार्यप्रणाली की उच्च स्तरीय जांच हो
ग्राम पंचायत बोरी में शराब भट्ठी खोलने को लेकर विवाद,145 लोगों ने किया विरोध - बोरी ग्राम पंचायत में शराब दुकान खोलने को लेकर उपजा विवाद अब कानून व्यवस्था की बड़ी परीक्षा बन गया है। कलेक्टर के निर्देश पर बुलाई गई विशेष ग्रामसभा में जहां लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत राय ली जानी थी, वहीं पूरा घटनाक्रम हिंसा, अफरा तफरी और पुलिस की निष्क्रियता की कहानी बन गया। इस पूरे मामले के केंद्र में हैं बोरी थाना प्रभारी अनिल पटेल, जिनकी कार्यशैली पर अब ग्रामीणों से लेकर सामाजिक संगठनों तक ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बहुमत विरोध में, फिर भी क्यों भड़का माहौल ग्रामसभा में बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं और युवा शामिल हुए। 145 ग्रामीणों ने शराब दुकान का विरोध किया सिर्फ 27 लोगों ने समर्थन दिया स्पष्ट जनमत सामने आने के बावजूद गांव में शराब दुकान खोलने की चर्चा ने माहौल को तनावपूर्ण बना दिया। लोगों का कहना है कि जब जनता की राय इतनी स्पष्ट थी, तो प्रशासन और पुलिस को स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए थी। ग्रामसभा बनी हिंसा का अखाड़ा इसी दौरान एक महिला के साथ खुलेआम मारपीट की घटना ने पूरे मामले को झकझोर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार महिला अपने परिवार के सदस्य को शराब दुकान के विरोध में हस्ताक्षर करने के लिए समझा रही थी, तभी एक व्यक्ति ने बीच में हस्तक्षेप कर उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। महिला को बुरी तरह पीटा गया और वह गंभीर रूप से घायल हो गई मौके पर पुलिस मौजूद थी लेकिन घटना के बाद भी प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई यहीं से सवाल उठने लगे कि क्या पुलिस सिर्फ दर्शक बनकर रह गई थाना प्रभारी की भूमिका पर सवाल ग्रामीणों और प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि थाना प्रभारी अनिल पटेल ने घटना के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। क्षेत्र में लंबे समय से यह भी आरोप लगते रहे हैं कि अवैध शराब का कारोबार खुलेआम चल रहा है गांजा और अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री बढ़ रही है मारपीट और विवाद के मामलों में समय पर प्राथमिकी दर्ज नहीं होती ऐसे में ग्रामसभा की घटना ने इन आरोपों को और मजबूत कर दिया है। जवाब से बचते थाना प्रभारी इस गंभीर मामले में जब मीडिया ने थाना प्रभारी अनिल पटेल से पक्ष जानना चाहा, तो उन्होंने संवाद से बचते हुए पत्रकार का नंबर ही ब्लॉक कर दिया। यह घटना न केवल पारदर्शिता की कमी को दर्शाती है, बल्कि यह भी सवाल उठाती है कि क्या जिम्मेदार अधिकारी जवाबदेही से बच रहे हैं। जिले के पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल को सख्त पुलिसिंग के लिए जाना जाता है, लेकिन बोरी की यह घटना उनके नेतृत्व पर भी सवाल खड़े कर रही है। क्या स्थानीय स्तर पर मिल रही शिकायतों को नजरअंदाज किया जा रहा है क्या थाना स्तर की लापरवाही पर कार्रवाई नहीं हो रही उड़ता बोरी की चर्चा तेज स्थानीय लोगों के बीच अब उड़ता बोरी शब्द तेजी से प्रचलित हो रहा है, जो क्षेत्र में बढ़ती अवैध गतिविधियों की ओर इशारा करता है। लोगों का कहना है कि अगर पुलिस की मौजूदगी में महिला सुरक्षित नहीं है, तो आम नागरिक खुद को कैसे सुरक्षित महसूस करेगा। जनता की मांगें घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और उन्होंने प्रशासन से स्पष्ट मांग की है महिला के साथ मारपीट करने वाले आरोपी पर तत्काल प्राथमिकी दर्ज की जाए गांव में प्रस्तावित शराब दुकान को पूरी तरह रद्द किया जाए थाना प्रभारी की कार्यप्रणाली की उच्च स्तरीय जांच हो
- छत्तीसगढ़ छात्र पालक संघ के अध्यक्ष नजरुल खान का एक विडियो जमकर वायरल हो रहा है सोशल मीडिया पर वो शिक्षा माफियाओं के खिलाफ आग उगलते हुए नजर आ रहे हैं।1
- प्रयागराज में इंसान ने किया इंसानियत का कत्ल। करेली इलाके में एक युवक ने कुत्ते के तीन बच्चों को चाकू से काट कर हत्या कर दी। ये वो लोग हे जो चिकन मोमोस और चिकन चिल्ली बनाते है किसी को पता भी नही चलेगा कि चिकन कि वो चिकन खा रहे हे या किसी और जानवर का मिट,,, यही हे ये लोग बाहर मोमोस और चिकन से सम्बंधित कोई भी बाहर ना खाये होशियार रहे.......1
- कवर्धा। पुलिस महानिदेशक, नया रायपुर (छत्तीसगढ़) द्वारा जारी वर्ष 2025 की पदोन्नति योग्यता सूची के अनुसार जिला पुलिस कबीरधाम में पदोन्नति संबंधी कार्यवाही संपादित की गई। उक्त आदेश के परिपालन में सहायक उप निरीक्षक रूपराम पट्टावी को उप निरीक्षक (Sub-Inspector) के पद पर पदोन्नत किया गया। आज दिनांक 29 अप्रैल 2026 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय, कबीरधाम में आयोजित एक सादगीपूर्ण एवं गरिमामय समारोह में पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह (भा.पु.से.) एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र बघेल द्वारा पदोन्नत अधिकारी को स्टार अलंकरण कर उप निरीक्षक पद की जिम्मेदारी सौंपी गई। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने पदोन्नत अधिकारी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पदोन्नति उनके उत्कृष्ट कार्य, कर्तव्यनिष्ठा एवं अनुशासन का परिणाम है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि वे नवीन दायित्वों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी एवं दक्षता के साथ करते हुए विभाग की गरिमा को और अधिक सुदृढ़ करेंगे। इसके पश्चात पारंपरिक रूप से मिठाई खिलाकर शुभकामनाएं प्रेषित की गईं। इस अवसर में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र बघेल, उप पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) आशीष शुक्ला, उप पुलिस अधीक्षक अंजू कुमारी, निरीक्षक (एम) वीरेंद्र तारम, उप निरीक्षक त्रिलोक प्रधान, सहायक उप निरीक्षक (एम) सुनील राव सहित कार्यालयीन अधिकारी-कर्मचारीगण एवं पदोन्नत अधिकारी के परिजन उपस्थित रहे। उपस्थित समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा पदोन्नत अधिकारी को पुष्पगुच्छ भेंट कर हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं।4
- ओडिशा के क्योंझर ओडिशा के क्योंझर जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है. बैंक के पैसे देने से इनकार करने पर जीतू मुंडा ने कब्र से खोदकर बहन का कंकाल निकाला पैसों के लिए कब्र खोदी: बहन का कंकाल लेकर बैंक पहुंचा भाई1
- aur video 📸 ka dance 🪩 hai 😂 ka dance 😱 hai 😁 ka dance hai 😂 ka dance 🪩1
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- दावड़ा इंटरनेशनल स्कूल राजिम को सीबीएसई से मिली मान्यता, संस्था में ख़ुशी की लहर राजिम का पहला सीबीएसई स्कूल बना, ,नवापारा-राजिम: राजिम अंचल क्षेत्र के लिए शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। जहाँ राजिम स्थित दावड़ा इंटरनेशनल स्कूल को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड सीबीएसई से आधिकारिक संबद्धता एफिलेशन प्राप्त हो गई है। इससे अब विद्यालय में सीबीएसई पाठ्यक्रम के अनुसार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जाएगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, विद्यालय का संबद्धता क्रमांक 3330571 है और यह छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में स्थित है। उक्त विद्यालय की स्थापना वर्ष 2019 में हुई थी और वर्तमान में यह माध्यमिक स्तर तक संचालित होगा । स्कूल का संचालन मानव रचना एजुकेशन सोसायटी द्वारा किया जा रहा है।सीबीएसई द्वारा यह संबद्धता 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक के लिए प्रदान की गई है। संस्था के प्रेसिडेंट प्रकाश दावड़ा व चेयरपर्सन प्रगति दावड़ा मिरानी ने कहाकि सीबीएसई मान्यता प्राप्ति हम सभी के लिए यह अत्यंत गर्व और खुशी का विषय है. यह उपलब्धि केवल विद्यालय के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। इस सफलता के पीछे हमारे समर्पित सेंटर हेड, प्राचार्य, शिक्षकों, कर्मठ स्टाफ, विद्यार्थियों और अभिभावकों का सहयोग एवं विश्वास निहित है। हम सभी ने मिलकर शिक्षा के उच्च मानकों को प्राप्त करने का जो संकल्प लिया था, आज वह साकार होता दिखाई दे रहा है। हमारा उद्देश्य केवल पाठ्यक्रम तक सीमित शिक्षा देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास—नैतिक, बौद्धिक एवं सामाजिक उन्नति—पर विशेष ध्यान देना है। सीबीएसई से मिली यह मान्यता हमें और अधिक जिम्मेदारी के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रेरित करेगी।उन्होंने सभी विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी और अभिभावकों को आश्वस्त करते हुए कहाकि हमारा विद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता की नई ऊंचाइयों को छूता रहेगा। विद्यालय के सेंटर हेड कविता शर्मा व प्राचार्य प्रशांत कुमार दीप ने भी मान्यता प्राप्ति पर ख़ुशी जाहिर करते हुए सीबीएसइ प्रशासन का आभार जताया. वही मान्यता से राजिम अंचल में भी ख़ुशी की लहर हैँ.4
- गरीबी और सिस्टम के बीच पिसता परिवार: पत्नी को बाइक पर ढोने को मजबूर पति कवर्धा में दर्दनाक तस्वीर: एम्बुलेंस नहीं मिली तो बाइक बनी सहारा1