हमीरपुर के मौदहा तहसील क्षेत्र स्थित ग्राम कपसा में नई बस्ती के सार्वजनिक मार्ग से कथित अवैध कब्जा हटवाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने शनिवार को उपजिलाधिकारी मौदहा को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के कुछ लोगों ने सार्वजनिक रास्ते पर अवैध कब्जा कर लिया है, जिससे आवागमन में भारी दिक्कतें हो रही हैं। रास्ता संकरा होने के कारण आए दिन विवाद की स्थिति बनती है और आपात स्थिति में एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड या अन्य बड़े वाहनों के गांव तक पहुंचने में भी गंभीर बाधा उत्पन्न हो सकती है। ज्ञापन में ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर रास्ते को तत्काल अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की है। इसके साथ ही चेतावनी भी दी कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई और कोई अप्रिय घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित लोगों की होगी। ज्ञापन सौंपने वालों में जयराम शिवहरे, राजू पाल, मूलचंद्र पाल, जयराम सिंह, होरीलाल और राम मिलन सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल रहे।
हमीरपुर के मौदहा तहसील क्षेत्र स्थित ग्राम कपसा में नई बस्ती के सार्वजनिक मार्ग से कथित अवैध कब्जा हटवाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने शनिवार को उपजिलाधिकारी मौदहा को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के कुछ लोगों ने सार्वजनिक रास्ते पर अवैध कब्जा कर लिया है, जिससे आवागमन में भारी दिक्कतें
हो रही हैं। रास्ता संकरा होने के कारण आए दिन विवाद की स्थिति बनती है और आपात स्थिति में एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड या अन्य बड़े वाहनों के गांव तक पहुंचने में भी गंभीर बाधा उत्पन्न हो सकती है। ज्ञापन में ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर रास्ते को तत्काल अतिक्रमण मुक्त कराने की
मांग की है। इसके साथ ही चेतावनी भी दी कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई और कोई अप्रिय घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित लोगों की होगी। ज्ञापन सौंपने वालों में जयराम शिवहरे, राजू पाल, मूलचंद्र पाल, जयराम सिंह, होरीलाल और राम मिलन सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल रहे।
- पेपर लीक को युवाओं के सपनों की खुली लूट करार देते हुए बार-बार हो रहे भर्ती घोटालों और प्रश्नपत्र लीक को लेकर भारी आक्रोश जताया गया है। लगातार सामने आ रही व्यवस्था की कमजोरियों का सबसे बड़ा खामियाजा मेहनतकश अभ्यर्थियों को भुगतना पड़ रहा है। इसी मुद्दे को लेकर उत्तर प्रदेश के बांदा में भीम आर्मी भारत एकता मिशन ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजा है। इस ज्ञापन के माध्यम से जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों और लाठीचार्ज करने वाले अधिकारी पर कड़ी कार्रवाई करने तथा आंदोलनकारी छात्रों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने की मांग की गई है। इसके साथ ही धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और शिक्षा एवं भर्ती प्रणाली को पूरी तरह से पारदर्शी व जवाबदेह बनाने पर जोर दिया गया है। अंत में यह सवाल उठाया गया है कि क्या युवाओं को उनकी मेहनत का इनाम मिलेगा या हर बार उन्हें व्यवस्था की नाकामी की सजा भुगतनी पड़ेगी।1
- कानपुर को सागर से जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 34 पर हमीरपुर जिला मुख्यालय पर स्थित बेतवा नदी के पुल में एक बार फिर दरारें आ गई हैं। पुल की कोठियों को जोड़ने वाला जोइन्टर टूट गया है और उसका एक बड़ा हिस्सा टूटकर गायब हो चुका है। इसकी वजह से पुल के ऊपरी हिस्से पर लोहे की सरियों का जाल साफ नजर आ रहा है। बेतवा नदी का यह क्षतिग्रस्त पुल अब किसी बड़े हादसे को दावत दे रहा है। गौरतलब है कि महज 2 महीने पहले भी एक निर्माणाधीन पुल के गिर जाने से 6 लोगों की मौत हो चुकी थी, जिसके बाद इस व्यस्त मार्ग पर पुल की ऐसी जर्जर स्थिति बनी हुई है।4
- उत्तर प्रदेश के बांदा में भीम आर्मी भारत एकता मिशन और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन कर राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों पर हुए लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच कराने और देशभर में हो रहे पेपरलीक व भर्ती घोटालों की जवाबदेही तय करने की मांग की है। इसके साथ ही पेपरलीक रोकने में विफल रहने पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग उठाई गई है। भीम आर्मी के जिला संयोजक मनोज रुस्तम ने कहा कि NEET, JEE, SSC, रेलवे, पुलिस और शिक्षक भर्ती जैसी परीक्षाओं में लगातार हो रहे पेपरलीक से करोड़ों युवाओं का भविष्य अंधकारमय हो गया है। उन्होंने जंतर-मंतर पर संवैधानिक अधिकारों के तहत प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस लाठीचार्ज को लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा हमला करार दिया। ज्ञापन में मांग की गई है कि लाठीचार्ज की उच्चस्तरीय न्यायिक या स्वतंत्र एजेंसी से जांच हो, छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं, शिक्षा माफियाओं व दोषी अधिकारियों की संपत्ति जब्त की जाए और परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए। मनोज रुस्तम ने कहा कि देश का युवा भारत की सबसे बड़ी शक्ति है और उसके भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने महामहिम राष्ट्रपति से इस गंभीर मुद्दे पर तत्काल संज्ञान लेकर छात्रों को न्याय दिलाने की अपील की। ज्ञापन सौंपने के दौरान रामा, दीपक, महेंद्र लोहिया और निमूट समेत भीम आर्मी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- बांदा में पिछले 3 महीने से लगातार हर दिन पानी की गंभीर समस्या बनी हुई है। इस संबंध में अवर अभियंता मयंक जी के द्वारा कोई समाधान नहीं निकाला गया है। सुबह 9 बजे ही शिकायत और रिपोर्टिंग किए जाने के बावजूद अभी तक पानी का टैंकर उपलब्ध नहीं कराया गया है। पानी न मिलने की वजह से लोग काफी परेशान हैं और उन्होंने इस समस्या का जल्द से जल्द समाधान कराने का अनुरोध किया है।1
- उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में नैतिक पार्टी की ओर से जिलाधिकारी के माध्यम से भारत की महामहिम राष्ट्रपति को एक ज्ञापन भेजा गया है। इसमें दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक ढंग से प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ हुई कथित पुलिस बर्बरता एवं दुर्व्यवहार की ओर ध्यान आकर्षित कराते हुए निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की गई है। पार्टी का कहना है कि भारतीय संविधान नागरिकों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और विरोध-प्रदर्शन का अधिकार देता है, ऐसे में छात्रों पर किया गया अनावश्यक बल प्रयोग लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक मर्यादाओं के विपरीत है। नैतिक पार्टी के मंडल प्रदेश सचिव अत्री यादव द्वारा प्रस्तुत इस ज्ञापन में मुख्य रूप से पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराने, दोषी पुलिस अधिकारियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई करने, घायल छात्रों को समुचित इलाज व सुरक्षा मुहैया कराने और सरकार द्वारा छात्रों से तत्काल संवाद स्थापित करने की मांग की गई है। इसके अलावा, इस पूरे घटनाक्रम की नैतिक व प्रशासनिक जिम्मेदारी तय करते हुए माननीय शिक्षा मंत्री से तत्काल इस्तीफा लेने या उनके विरुद्ध उचित कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया है।1
- हमीरपुर जिले के अंबेडकर पार्क में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) और भीम आर्मी भारत एकता मिशन के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं द्वारा जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपने की तैयारियां की जा रही हैं।1
- बांदा में जिला अधिवक्ता संघ (बार एसोसिएशन) ने नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं पर दिल्ली पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज के विरोध में जिलाधिकारी के माध्यम से भारत की महामहिम राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में अधिवक्ताओं ने बताया कि छात्र-छात्राएं अपनी शैक्षिक समस्याओं और प्रवेश परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने की मांग को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से धरना-प्रदर्शन कर रहे थे। आरोप है कि दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया और अश्रुगैस के गोले छोड़े, जिससे कई छात्र घायल हो गए। बार एसोसिएशन ने इस घटना को पूरी तरह अमानवीय बताते हुए इसकी कड़े शब्दों में निंदा की है। अधिवक्ताओं ने राष्ट्रपति से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी अधिकारियों व कर्मियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए तथा छात्रों की समस्याओं के शीघ्र समाधान के लिए संबंधितों को निर्देश दिए जाएं। इस अवसर पर अधिवक्ताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। छात्रों की जायज मांगों को बल प्रयोग के बजाय संवाद के माध्यम से सुना जाना चाहिए।3
- अभिजीत दीपके ने अपना विचार साझा करते हुए कहा है कि दुनिया झुकती है, बस झुकाने वाला होना चाहिए।1