टीकमगढ़ जिले के जतारा रजिस्ट्री कार्यालय में रजिस्ट्री के नाम पर रिश्वत मांगने और किसानों को परेशान करने का गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत किटाखेरा के सरपंच एवं भाजपा प्रदेश कार्य समिति सदस्य निशांत साहू ने रजिस्ट्रार अधिकारी पर रजिस्ट्री करने के बदले ₹16,000 की कथित मांग करने के आरोप लगाए हैं। सरपंच का दावा है कि उनके पास इस बातचीत का एक वीडियो भी मौजूद है। इस मामले में उन्होंने टीकमगढ़ कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय को शिकायत देकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। वहीं दूसरी ओर, जतारा रजिस्ट्रार शबाना परवीन ने इन आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो और उनके द्वारा ₹16,000 मांगे जाने का दावा पूरी तरह से निराधार है। जतारा रजिस्ट्री कार्यालय पर रिश्वत के इतने गंभीर आरोप लगने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी इस पूरे मामले पर मौन साधे हुए हैं।
टीकमगढ़ जिले के जतारा रजिस्ट्री कार्यालय में रजिस्ट्री के नाम पर रिश्वत मांगने और किसानों को परेशान करने का गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत किटाखेरा के सरपंच एवं भाजपा प्रदेश कार्य समिति सदस्य निशांत साहू ने रजिस्ट्रार अधिकारी पर रजिस्ट्री करने के बदले ₹16,000 की कथित मांग करने के आरोप लगाए हैं। सरपंच का
दावा है कि उनके पास इस बातचीत का एक वीडियो भी मौजूद है। इस मामले में उन्होंने टीकमगढ़ कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय को शिकायत देकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। वहीं दूसरी ओर, जतारा रजिस्ट्रार शबाना परवीन ने इन आरोपों को
पूरी तरह से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो और उनके द्वारा ₹16,000 मांगे जाने का दावा पूरी तरह से निराधार है। जतारा रजिस्ट्री कार्यालय पर रिश्वत के इतने गंभीर आरोप लगने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी इस पूरे मामले पर मौन साधे हुए हैं।
- टीकमगढ़ जिले के पलेरा में स्थित शासकीय मॉडल स्कूल में पलेरा पुलिस द्वारा नशे से दूरी को लेकर अभियान चलाया गया है। पुलिस का यह अभियान 15 जुलाई से लेकर 30 जुलाई तक लगातार जारी रहेगा।1
- टीकमगढ़ जिले के पलेरा में हरियाली को बढ़ावा देने और पर्यावरण संरक्षण के लिए एक सराहनीय पहल की गई है। यहाँ नगर परिषद पलेरा द्वारा पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत मुख्य डिवाइडर मार्ग पर वृहद वृक्षारोपण किया गया। हरियाली की ओर कदम बढ़ाते हुए इस महाभियान के अंतर्गत आज मुख्य मार्ग पर 100 से अधिक पौधे रोपे गए हैं।1
- मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा चलाए जा रहे "नशा मुक्ति अभियान 2.0" के तहत ग्रामीण क्षेत्र के सभी युवा साथियों से नशे से दूरी बनाकर रखने की अपील की गई है। टीकमगढ़ से सामने आई इस रिपोर्ट के अनुसार, इस अभियान में लोगों को जागरूक करते हुए सचेत किया गया है कि नशा न केवल एक व्यक्ति के जीवन को बर्बाद करता है, बल्कि यह पूरे परिवार और समाज को भी भारी नुकसान पहुँचाता है। अपने परिवार को सुरक्षित, स्वस्थ और खुशहाल रखने के साथ-साथ दूसरों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इस अभियान के जरिए सभी नागरिकों से मिलकर एक सुरक्षित और स्वस्थ जीवन अपनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया गया है। इसके तहत लोग नशे से दूर रहने, युवाओं को जागरूक करने और नशे की लत से जूझ रहे लोगों को सही सलाह व मदद दिलाने के लिए प्रेरित करेंगे। "नशा छोड़ें, जीवन जोड़ें। स्वस्थ युवा, सशक्त भारत" के संदेश के साथ मध्य प्रदेश पुलिस के इस अभियान से जुड़कर एक #नशा_मुक्त_समाज के निर्माण में अपना योगदान देने की अपील की गई है।1
- टीकमगढ़ रेलवे स्टेशन पर मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर प्रशासन तैयारियों में जुट गया है। सुरक्षा के मद्देनजर टीकमगढ़ कलेक्टर सहित आईजी और कमिश्नर ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया।1
- मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ में मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव के आगमन को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेजी से चल रही हैं। मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव आगामी 17 जुलाई को टीकमगढ़ रेलवे स्टेशन पर आ रहे हैं और इसी कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए स्थानीय प्रशासन तैयारियों में जुट गया है। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए आज आईजी, कमिश्नर, कलेक्टर और एसपी ने संयुक्त रूप से कार्यक्रम स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के बाद अधिकारियों द्वारा कार्यक्रम और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी जानकारी मीडिया को भी दी गई है।1
- बागेश्वर धाम प्रमुख के भाई शालिग्राम गर्ग की गिरफ्तारी पर पांडोखर बाबा का एक बड़ा बयान सामने आया है। इस घटनाक्रम को लेकर नरेंद्र मोदी, डॉ. मोहन यादव, डॉ. वीरेंद्र कुमार और आकाशवाणी भोपाल को भी संबोधित किया गया है।1
- मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले के नन्नी टेहरी गांव से सार्वजनिक वितरण प्रणाली की गंभीर लापरवाही का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां शासकीय उचित मूल्य की दुकान पर जैसे ही राशन की बोरियां खोली गईं, वैसे ही उनके भीतर से जानवरों की खोपड़ी और पैरों की हड्डियां बरामद हुईं। इस घोर लापरवाही को देखकर राशन लेने पहुंचे हितग्राहियों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने तत्काल राशन लेने से साफ इनकार कर दिया। इस हंगामे और आक्रोश के बाद खाद्य विभाग तुरंत हरकत में आया और उसने राशन के वितरण को तत्काल प्रभाव से रोकते हुए दुकान के पूरे स्टॉक को सील कर दिया है। विभाग द्वारा अब प्रभावित हितग्राहियों के लिए नया गेहूं भेजे जाने की बात कही जा रही है। खाद्य विभाग के अधिकारी कुलदीप मौर्य के अनुसार, अब इस बात का पता लगाया जा रहा है कि संबंधित राशन की यह खेप किस गोदाम से आई थी। इसके अतिरिक्त, प्रारंभिक तौर पर यह हड्डियां किस जानवर की हैं, इसकी भी जांच कराई जा रही है।1
- निवाड़ी जिले के पृथ्वीपुर निवासी शिक्षक अरविंद त्रिवेदी ने ईंधन संरक्षण की एक अनोखी मिसाल पेश की है। प्रधानमंत्री के ईंधन बचत के संदेश से प्रेरित होकर उन्होंने अपनी मोटरसाइकिल छोड़ दी है और अब वे साइकिल से ही स्कूल पहुंच रहे हैं।2
- टीकमगढ़ के झांसी-टीकमगढ़ हाईवे पर दिगौड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम पूनोल की पुलिया के पास रविवार शाम करीब 6 बजे एक बड़ा हादसा हो गया। यहाँ कुंडेश्वर से सुजानपुरा की तरफ पौधों से भरी दो ट्रॉलियों को ले जा रहा एक ट्रैक्टर क्रॉसिंग के दौरान अनियंत्रित होकर पलट गया। इस दुर्घटना में ट्रैक्टर-ट्रॉली पर सवार सुजानपुरा निवासी रवि यादव (26), वीरसिंह यादव (35), सागर सिंह आदिवासी (17) और मुकेश यादव (30) घायल हो गए, जिनमें से एक की हालत काफी गंभीर बनी हुई है। घटना की सूचना मिलते ही दिगौड़ा थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। 112 वाहन में तैनात आरक्षक अक्षय सिंह और पायलट आशीष यादव ने तत्परता दिखाते हुए सभी घायलों को तुरंत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दिगौड़ा पहुंचाया। हालांकि, अस्पताल पहुंचने पर घायलों को कोई इलाज नहीं मिल सका क्योंकि वहां न तो कोई डॉक्टर मौजूद था और न ही कोई अन्य स्वास्थ्य कर्मचारी उपस्थित था। प्राथमिक उपचार की सुविधा न मिलने के कारण पुलिसकर्मियों ने बिना समय गंवाए सभी घायलों को जिला अस्पताल टीकमगढ़ पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है। इस लापरवाही के सामने आने के बाद दिगौड़ा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य व्यवस्था के प्रति गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि यदि आपातकालीन परिस्थितियों में भी अस्पताल में डॉक्टर और कर्मचारी गायब रहेंगे, तो आम जनता को समय पर इलाज कैसे मिल पाएगा। लोगों ने जिला कलेक्टर और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार कर तत्काल आपातकालीन सेवाएं सुचारु करने की मांग की है।1