Shuru
Apke Nagar Ki App…
लखीमपुर खीरी के पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने आगामी कांवड़ यात्रा मार्ग का निरीक्षण किया है।
Ram Jeevan Raj
लखीमपुर खीरी के पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने आगामी कांवड़ यात्रा मार्ग का निरीक्षण किया है।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- लखीमपुर खीरी जिले में रविवार को 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत 92 लाख 8 हजार 800 पौधों के रोपण की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। शनिवार को नोडल अधिकारी एवं गन्ना आयुक्त मिनिस्ती एस ने अधिकारियों के साथ बैठक कर विभागवार तैयारियों की समीक्षा की और शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा करने का निर्देश दिया। इस महाअभियान के तहत लोगों को पर्यावरण और पौधों के संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिए नोडल अधिकारी मिनिस्ती एस, डीएम अंजनी कुमार सिंह, सीडीओ अभिषेक कुमार, एडीएम नरेंद्र बहादुर सिंह और डीएफओ तापस मिहिर ने 'वृक्षारोपण महायज्ञ जागरूकता रथ' को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रथ गांव-गांव और नगर क्षेत्रों में जाकर लोगों को जागरूक करेगा। अभियान को जन आंदोलन बनाने की अपील करते हुए डीएम अंजनी कुमार सिंह ने लोगों से पौधरोपण की जियोटैग फोटो 'मेरी लाइफ' पोर्टल पर अपलोड करने का आग्रह किया है। डीएफओ तापस मिहिर के अनुसार, जिले को मिले कुल 92.08 लाख पौधों के लक्ष्य में सबसे अधिक 33.26 लाख पौधे ग्राम्य विकास विभाग और 27.45 लाख पौधे वन विभाग द्वारा रोपे जाएंगे। इसके अतिरिक्त कृषि, उद्यान, पंचायतीराज, राजस्व समेत अन्य संबंधित विभागों को भी लक्ष्य आवंटित किया गया है।1
- लखीमपुर खीरी की निघासन तहसील के अंतर्गत ग्राम सभा दुबहा से एक बड़ी खबर सामने आई है। यहाँ जब एक किसान ने नेट उड़िया खाद की कालाबाजारी को लेकर बात की, तो दुकानदार की तरफ से भी इस कालाबाजारी की बात खुलकर सामने आ गई।1
- मेरठ में आगामी टिकट को लेकर भाजपा के दावेदारों के बीच होड़ मची हुई है। टिकट की इस दौड़ के बीच, क्षेत्र में विपक्ष भी पूरी तरह से सक्रिय हो गया है।1
- लगातार मूसलाधार बारिश और ऊपरी इलाकों से आए पानी के कारण बांग्लादेश के हबीगंज जिले में ख्वोई नदी उफान पर है, जिससे वहां बाढ़ का कहर देखने को मिल रहा है। नदी का तटबंध टूटने की वजह से कई गांव जलमग्न हो गए हैं और हजारों लोग फंस गए हैं। स्थानीय मीडिया के अनुसार, पिछले दो दिनों में बाढ़ और भूस्खलन के कारण देशभर में 50 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इस आपदा के कारण अकेले हबीगंज जिले में ही करीब 30 हजार लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की मदद के लिए राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है।1