बेंगलुरु में नागरिक मतदाता निगरानी समिति ने राज्य सरकार से विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया में मतदाताओं की सहायता के लिए बूथ स्तर पर तत्काल हेल्पडेस्क शुरू करने की पुरजोर मांग की है। पूर्व मंत्री बी.टी. ललिता नायक, रैत संघ के जे.एम. वीरसंगैया, 'एद्देळु कर्नाटक' के अमजद पाशा और विचारवादी मंच के नागेश अराळकुप्पे ने एक संयुक्त प्रेस बयान जारी कर इस बात पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है कि नागरिक संगठनों की मांग के बाद सरकार द्वारा बूथ स्तर पर हेल्पडेस्क स्थापित करने के फैसले के बावजूद ये केंद्र अभी तक पूरी तरह से काम करना शुरू नहीं कर पाए हैं। कार्यकर्ताओं के अनुसार, एसआईआर प्रक्रिया का पहला चरण मतदाताओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, लेकिन वे वर्ष 2002 की मतदाता सूची में अपना नाम खोजने और जनगणना फॉर्म भरने जैसी कई गंभीर तकनीकी व प्रशासनिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। इस संकट को दूर करने के लिए समिति ने राज्य भर में हेल्पडेस्क शुरू करने और बूथ स्तर पर विशेष शिविर आयोजित कर स्थायी निवासी प्रमाणपत्र जैसे आवश्यक दस्तावेज तुरंत उपलब्ध कराने की व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि दस्तावेजों की कमी के कारण किसी भी नागरिक को परेशानी न उठानी पड़े। समिति ने मतदाताओं के इस नाजुक समय पर हो रही राजनीति की भी कड़े शब्दों में निंदा की है। मतदाताओं की इस परेशानी के बीच, केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे द्वारा राज्य सरकार के स्थायी निवासी प्रमाणपत्र संबंधी अधिसूचना के खिलाफ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखे जाने पर समिति ने गहरा दुख जताया है। कार्यकर्ताओं ने कहा कि लोगों की समस्याओं का समाधान खोजने और राहत देने के बजाय इस पर राजनीति करना बेहद निंदनीय है। उन्होंने मांग की है कि सभी राजनीतिक दलों को अपने मतभेद भुलाकर मतदाताओं की मदद के लिए आगे आना चाहिए।
बेंगलुरु में नागरिक मतदाता निगरानी समिति ने राज्य सरकार से विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया में मतदाताओं की सहायता के लिए बूथ स्तर पर तत्काल हेल्पडेस्क शुरू करने की पुरजोर मांग की है। पूर्व मंत्री बी.टी. ललिता नायक, रैत संघ के जे.एम. वीरसंगैया, 'एद्देळु कर्नाटक' के अमजद पाशा और विचारवादी मंच के नागेश अराळकुप्पे ने एक संयुक्त प्रेस बयान जारी कर इस बात पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है कि नागरिक संगठनों की मांग के बाद सरकार द्वारा बूथ स्तर पर हेल्पडेस्क स्थापित करने के फैसले के बावजूद ये केंद्र अभी तक पूरी तरह से काम करना शुरू नहीं कर पाए हैं। कार्यकर्ताओं के अनुसार, एसआईआर प्रक्रिया का पहला चरण मतदाताओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, लेकिन वे वर्ष 2002 की मतदाता सूची में अपना नाम खोजने और जनगणना फॉर्म भरने जैसी कई गंभीर तकनीकी व प्रशासनिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। इस संकट को दूर करने के लिए समिति ने राज्य भर में हेल्पडेस्क शुरू करने और बूथ स्तर पर विशेष शिविर आयोजित कर स्थायी निवासी प्रमाणपत्र जैसे आवश्यक दस्तावेज तुरंत उपलब्ध कराने की व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि दस्तावेजों की कमी के कारण किसी भी नागरिक को परेशानी न उठानी पड़े। समिति ने मतदाताओं के इस नाजुक समय पर हो रही राजनीति की भी कड़े शब्दों में निंदा की है। मतदाताओं की इस परेशानी के बीच, केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे द्वारा राज्य सरकार के स्थायी निवासी प्रमाणपत्र संबंधी अधिसूचना के खिलाफ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखे जाने पर समिति ने गहरा दुख जताया है। कार्यकर्ताओं ने कहा कि लोगों की समस्याओं का समाधान खोजने और राहत देने के बजाय इस पर राजनीति करना बेहद निंदनीय है। उन्होंने मांग की है कि सभी राजनीतिक दलों को अपने मतभेद भुलाकर मतदाताओं की मदद के लिए आगे आना चाहिए।
- दुबई में आर्यन केल्विन (Aryan Calvin) का नया वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने इंटरनेट पर तहलका मचा दिया है। जैम जैम इलेक्ट्रॉनिक्स (Jam Jam Electronics) से एक बड़ा अपडेट सामने आया है, जहाँ आर्यन केल्विन के नए अंदाज़ वाले वीडियो ने फैन्स को पूरी तरह से हैरान कर दिया है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर छाया हुआ है।1
- प्रयागराज के नैनी स्थित सड़वा कॉलोनी, टीएसएल (सारस्वती हाईटेक सिटी) की निवासी माही निषाद अपनी मधुर और सुरीली आवाज़ के दम पर संगीत जगत में लगातार अपनी पहचान बना रही हैं। हाल ही में अपनी मुंबई यात्रा के दौरान उन्होंने कई बड़े कलाकारों से मुलाकात की और उनके समक्ष अपनी गायन प्रतिभा का प्रदर्शन किया। विशेष रूप से भक्ति गीतों और जागरण कार्यक्रमों में अपनी प्रभावशाली प्रस्तुतियों के लिए पहचानी जाने वाली माही की मधुर गायकी श्रोताओं को भाव-विभोर कर देती है। गायन के साथ ही वे सोशल मीडिया पर भी सक्रिय हैं, जहाँ वे अपने गीतों और संगीत से जुड़े वीडियो साझा करती रहती हैं। उन्हें मिल रहा लगातार स्नेह और बढ़ते प्रशंसक इस बात का प्रमाण हैं कि वे सफलता की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही हैं। उनकी इन उपलब्धियों पर पूरे प्रयागराज को गर्व है और सभी उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना कर रहे हैं।1
- झारसुगुड़ा में 'भाजपा बनाम भाजपा' (BJP vs BJP) की स्थिति देखने को मिली है, जहां राजस्व मंत्री को भारी विरोध का सामना करना पड़ा। कार्यक्रम के दौरान उनके खिलाफ 'गो बैक' (वापस जाओ) के नारे लगाए गए, जिसके बाद वे कार्यक्रम से वापस लौट गए।1
- VN NEWS18 के पॉडकास्ट में इस बार धनेंद्र अग्रवाल, जिन्हें 'बॉबी भैया' के नाम से जाना जाता है, विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस बातचीत के दौरान राजनीति, समाज और व्यापार से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। पॉडकास्ट में ब्रज के विकास, युवाओं के भविष्य और वर्तमान के महत्वपूर्ण मुद्दों पर बेबाक राय रखी गई है। इसमें कई ऐसे सवाल उठाए गए हैं जिनके जवाब हर जागरूक नागरिक और ब्रजवासियों के लिए महत्वपूर्ण हैं। VN NEWS18 ने दर्शकों से इस चर्चा को पूरा सुनने और अपनी राय साझा करने की अपील की है।1
- झारखंड की सरकार पर निवेश के नाम पर जनता को गुमराह करने का गंभीर आरोप लगा है। कुमार विश्वजीत द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, सरकार पर आरोप है कि उसने वर्ष 2021 में ₹1 लाख करोड़ के निवेश का वादा कर जनता को ठगा था और अब 2026 के लिए फिर से ₹1 लाख करोड़ के निवेश का दावा पेश कर रही है। इस दावे को लेकर सरकार की तीखी आलोचना की गई है और उसे 'ठगुआ सरकार' करार दिया गया है। आरोप है कि निवेश के सब्जबाग दिखाकर राज्य की जनता को निरंतर धोखा दिया जा रहा है।1
- कोरापुट जिले के पटांगी ब्लॉक स्थित पड़ापदर गांव के निवासी आईएनएस कलिंग और एनएडी (NAD) का कड़ा विरोध कर रहे हैं। ग्रामीणों ने अपनी कृषि भूमि के नुकसान और स्थानीय जल स्रोतों तक पहुंच पर पड़ने वाले संभावित दुष्प्रभावों को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। स्थानीय स्तर पर इस परियोजना को लेकर भारी आक्रोश देखा जा रहा है।1
- दोराहा स्थित हेवनली एंजल चिल्ड्रन्स होम से दो नाबालिग लड़कियों के लापता होने का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद स्थानीय पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है।1
- भारत अब दुनिया की सबसे आधुनिक और तकनीक-सक्षम सीमा सुरक्षा व्यवस्था विकसित कर रहा है। इसके लिए स्मार्ट बॉर्डर प्रोजेक्ट का उपयोग किया जा रहा है, जिसमें एंटी-ड्रोन सिस्टम, अत्याधुनिक रडार, हाई-रिज़ॉल्यूशन कैमरे और रियल-टाइम अर्ली वार्निंग नेटवर्क जैसी तकनीकें शामिल की गई हैं। यह सुरक्षा व्यवस्था केवल सरहदों की हिफाजत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह नए भारत की तकनीकी क्षमता, सामरिक शक्ति और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन गई है। मोदी सरकार के कार्यकाल में देश की सीमाएं अब स्मार्ट हो गई हैं।1