चिंताजनक:**शाहाबाद में हरे वृक्षों का तेजी से हो रहा बेखौफ कटान, लेकिन रोकने वाला कोई नहीं हरदोई जिले के शाहाबाद क्षेत्र में स्थानीय लोगों और ग्रामीणों ने बड़े पैमाने पर हरे वृक्षों के अवैध कटान और वन विभाग तथा प्रशासन की कथित नर्म प्रतिक्रिया को लेकर गंभीर चिंता जताई है। ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग और स्थानीय पुलिस विभाग की मिलीभगत से कई जगहों पर बिना वैध अनुमति या शिकायत पर काम किये बिना पेड़ों का बेखौफ कटान हो रहा है, जबकि प्रशासनिक अधिकारी शिकायतों के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहे है। स्थानीय आरोप — अवैध कटान पर रोक नहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र के कई हिस्सों में लगातार पेड़ों का अवैध रूप से कटान जारी है और विभागीय अधिकारियों द्वारा उचित परमिट जारी किये जा रहे हैं या अवैध कटान को किसी भी तरह नियंत्रण में नहीं रखा जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि बिना वैध अनुमति के पेड़ों को काटा जा रहा है। अवैध कटान की कई शिकायतें थाना और वन विभाग से की जाने की जानकारी मिलने के बाबजूद प्रशासनिक स्तर से ठोस कार्रवाई न हो पाने के कारण कटान जारी है। कटान से स्थानीय पर्यावरण और भूमि के स्वास्थ्य को भारी नुकसान हो रहा है, खासकर बरसाती सीज़न में नमी और जैव विविधता पर असर पड़ रहा है। फिर भी वन विभाग के प्रभागीय वनाधिकारी एवं वन क्षेत्राधिकारी, शाहाबाद का फिर वही बयान कि ✔️ “अगर बिना वैध परमिट के कोई पेड़ काटा जाता है, तो उस लकड़ी को जब्त कर लिया जाता है।” ✔️ साथ ही उचित जुर्माना लगाया जाता है और वैधानिक प्रक्रियाओं के तहत अन्य कार्यवाही भी की जाती है। वन विभाग का कहना है कि केवल वैध अनुमति प्राप्त होने पर ही किसी भी वनों या पेड़ों को हटाया या काटा जा सकता है, तथा इसके लिए पर्यावरण नीतियों और भारतीय वन अधिनियम की शर्तों का पालन आवश्यक है।आलोचना और प्रशासनिक निष्क्रियता स्थानीय किसानों, ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का आरोप है कि 🔹 प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा शिकायतों पर देरी से कार्रवाई की जा रही है। 🔹 वन कटान के मामलों में विभागीय जांच अक्सर लंबित रहती है, जिससे दोषियों को खुला अवसर मिलता है। 🔹 पुलिस और अन्य विभागों के साथ वन विभाग की कथित मिलीभगत से लोगों में भारी असंतोष है। नागरिकों ने कहा, “हमने कई बार शिकायत की, लेकिन कोई सख्त कार्रवाई नहीं हुई। हमारी हर हरियाली खतरे में है।” ?पर्यावरणीय प्रभाव और ग्रामीण चिंताएँ शाहाबाद क्षेत्र में पेड़ों के कटने से — स्थानीय जलवायु में बदलाव, — पक्षियों और छोटे जीवों के आवास में कमी, — खेती योग्य भूमि के आसपास तापमान में वृद्धि जैसी समस्याएं बताई जा रहीं हैं। सामाजिक कार्यकर्ता कहते हैं कि इन कटानों से इलाके की प्रकृति तथा जनजीवन प्रभावित हो रहा है, और प्रशासन को तुरंत प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है। कानूनी पृष्ठभूमि से जिम्मेदार नहीं रखते सरोकार भारतीय वन अधिनियम तथा पर्यावरण संरक्षण कानूनों के तहत 🔸 पेड़ काटने से पहले वैध अनुमति लेना अनिवार्य है, 🔸बिना अनुमति के कटान पर जुर्माना/सीधे दंडनीय कार्रवाई संभव है। उत्तर प्रदेश में सुप्रीम कोर्ट और राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (NGT) भी हाल ही में अवैध कटान और पर्यावरण सुरक्षा के मामलों में सख्त रुख अपनाये हैं, जिसमें क़ानूनी जुर्माना और वृक्षों की गिनती सहित अन्य कदम उठाने के आदेश भी दिए गए हैं! स्थानीय लोगों ने कहा कि वह लोग सोंच रहे हैं कि — अब👇 ➡️ प्रशासन के खिलाफ लिखित शिकायतें दर्ज करवाएँ , ➡️ उच्च अधिकारियों से मामले की सुनवाई कराने का प्रयास करें , ➡️ सामाजिक अभियानों और न्यायालय में याचिका दायर करने जैसे कदम उठाने की तैयारी की जाए ताकि वन कटान पर कानून के तहत नियंत्रण तथा जिम्मेदार अधिकारियों से जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।
चिंताजनक:**शाहाबाद में हरे वृक्षों का तेजी से हो रहा बेखौफ कटान, लेकिन रोकने वाला कोई नहीं हरदोई जिले के शाहाबाद क्षेत्र में स्थानीय लोगों और ग्रामीणों ने बड़े पैमाने पर हरे वृक्षों के अवैध कटान और वन विभाग तथा प्रशासन की कथित नर्म प्रतिक्रिया को लेकर गंभीर चिंता जताई है। ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग और स्थानीय पुलिस विभाग की मिलीभगत से कई जगहों पर बिना वैध अनुमति या शिकायत पर काम किये बिना पेड़ों का बेखौफ कटान हो रहा है, जबकि प्रशासनिक अधिकारी शिकायतों के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहे है। स्थानीय आरोप — अवैध कटान पर रोक नहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र के कई हिस्सों में लगातार पेड़ों का अवैध रूप से कटान जारी है और विभागीय अधिकारियों द्वारा उचित परमिट जारी किये जा रहे हैं या अवैध कटान को किसी भी तरह नियंत्रण में नहीं रखा जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि बिना वैध अनुमति के पेड़ों को काटा जा रहा है। अवैध कटान की कई शिकायतें थाना और वन विभाग से की जाने की जानकारी मिलने के बाबजूद प्रशासनिक स्तर से ठोस कार्रवाई न हो पाने के कारण कटान जारी है। कटान से स्थानीय पर्यावरण और
भूमि के स्वास्थ्य को भारी नुकसान हो रहा है, खासकर बरसाती सीज़न में नमी और जैव विविधता पर असर पड़ रहा है। फिर भी वन विभाग के प्रभागीय वनाधिकारी एवं वन क्षेत्राधिकारी, शाहाबाद का फिर वही बयान कि ✔️ “अगर बिना वैध परमिट के कोई पेड़ काटा जाता है, तो उस लकड़ी को जब्त कर लिया जाता है।” ✔️ साथ ही उचित जुर्माना लगाया जाता है और वैधानिक प्रक्रियाओं के तहत अन्य कार्यवाही भी की जाती है। वन विभाग का कहना है कि केवल वैध अनुमति प्राप्त होने पर ही किसी भी वनों या पेड़ों को हटाया या काटा जा सकता है, तथा इसके लिए पर्यावरण नीतियों और भारतीय वन अधिनियम की शर्तों का पालन आवश्यक है।आलोचना और प्रशासनिक निष्क्रियता स्थानीय किसानों, ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का आरोप है कि 🔹 प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा शिकायतों पर देरी से कार्रवाई की जा रही है। 🔹 वन कटान के मामलों में विभागीय जांच अक्सर लंबित रहती है, जिससे दोषियों को खुला अवसर मिलता है। 🔹 पुलिस और अन्य विभागों के साथ वन विभाग की कथित मिलीभगत से लोगों में भारी असंतोष है। नागरिकों ने कहा, “हमने कई बार शिकायत की, लेकिन कोई सख्त कार्रवाई नहीं हुई। हमारी हर हरियाली खतरे में है।” ?पर्यावरणीय प्रभाव और ग्रामीण
चिंताएँ शाहाबाद क्षेत्र में पेड़ों के कटने से — स्थानीय जलवायु में बदलाव, — पक्षियों और छोटे जीवों के आवास में कमी, — खेती योग्य भूमि के आसपास तापमान में वृद्धि जैसी समस्याएं बताई जा रहीं हैं। सामाजिक कार्यकर्ता कहते हैं कि इन कटानों से इलाके की प्रकृति तथा जनजीवन प्रभावित हो रहा है, और प्रशासन को तुरंत प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है। कानूनी पृष्ठभूमि से जिम्मेदार नहीं रखते सरोकार भारतीय वन अधिनियम तथा पर्यावरण संरक्षण कानूनों के तहत 🔸 पेड़ काटने से पहले वैध अनुमति लेना अनिवार्य है, 🔸बिना अनुमति के कटान पर जुर्माना/सीधे दंडनीय कार्रवाई संभव है। उत्तर प्रदेश में सुप्रीम कोर्ट और राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (NGT) भी हाल ही में अवैध कटान और पर्यावरण सुरक्षा के मामलों में सख्त रुख अपनाये हैं, जिसमें क़ानूनी जुर्माना और वृक्षों की गिनती सहित अन्य कदम उठाने के आदेश भी दिए गए हैं! स्थानीय लोगों ने कहा कि वह लोग सोंच रहे हैं कि — अब👇 ➡️ प्रशासन के खिलाफ लिखित शिकायतें दर्ज करवाएँ , ➡️ उच्च अधिकारियों से मामले की सुनवाई कराने का प्रयास करें , ➡️ सामाजिक अभियानों और न्यायालय में याचिका दायर करने जैसे कदम उठाने की तैयारी की जाए ताकि वन कटान पर कानून के तहत नियंत्रण तथा जिम्मेदार अधिकारियों से जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।
- हरदोई: प्रताप नगर चौराहा स्थित बेनीगंज सड़क मार्ग पर ओम शिव एजेंसी का क्षेत्रीय विधायक रामपाल वर्मा ने फीता काटकर किया उद्घाटन।और अपनी शुभकामनाएं भी दी। इस मौके पर उमेश चन्द्र,देवसेन अवस्थी, नरेंद्र शुक्ला,ज्योति,सतीश त्रिपाठी, बुद्धसेन सोनी प्रदीप वैश्य,पुनीत मिश्रा राजीव रंजन त्रिपाठी व गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।1
- Post by Rahul Kumar1
- उत्तर प्रदेश में जब से यूजीसी बिल लागू करने की बात आई सामने उसके बाद लगातार स्वर्ण समाज के लोगों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति दिख रहा विरोध दूसरी तरफ भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद यूजीसी बिल को लागू करने के लिए प्रदेश में कर रहे लगातार आंदोलन इसके बाद कई दलों के नेताओं में बढ़ रहा आक्रोश वही चंद्रशेखर आजाद को दी जा रही जान सामान्य की धमकी व जाति सूचक गालियां1
- Post by Ragini rai4
- महाशिवरात्रि के अवसर पर दिव्य दर्शन मेरे फेसबुक पर देखें लाईव नजारा https://www.facebook.com/share/v/1CMYThYFcJ/2
- शाहाबाद थाना क्षेत्र में महिला की दिनदहाड़े हुई हत्या का पुलिस ने किया खुलासा, आरोपी को किया गिरफ्तार1
- न्यूज़ | ग्राम पुरवा पिपरिया ग्राम पुरवा पिपरिया में आयोजित पावन श्रीमद्भागवत कथा में व्यासपीठ पर विराजमान कथावाचक द्वारा सुनाई जा रही कथा का वीडियो वायरल— आयोजक पूर्व ग्राम प्रधान प्रतिनिधि रंजीत सिंह राजपूत द्वारा कराए गए आयोजन से क्षेत्र में धर्म, ज्ञान और भक्ति की अविरल धारा प्रवाहित हो रही है। यह आयोजन उन्होंने अपने स्मृतिशेष चाचा गुड्डू राजपूत की पुण्य स्मृति में किया है।1
- Post by Ragini rai2
- थाना पाली क्षेत्रांतर्गत एक व्यक्ति की उपचार के दौरान मृत्यु होने के संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी श्री मार्तंड प्रकाश सिंह द्वारा दी गई बाइट।1